पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारेख ने बुधवार को कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ओडिशा में 2005 में दो कोयला ब्लॉक आवंटन करने का फैसला किया था, जिन पर सीबीआई ने उनके खिलाफ एफआईआर दाखिल किया है। अब सवाल ये है की क्या प्रधानमंत्री खुद पर लगे आरोपों को ग़लत साबित कर पाएँगे? प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर लगे आरोपों से वे कैसे बच पाएँगे?