पूर्व सांसद पप्पू यादव की दबंग और दगी छबि किसी से छुपी नही है लेकिन आज वो खुद को द्रोहकाल का पथिक बता रहे है.
पप्पू यादव ने एक नया राजनीतिक सगूफा छोडते हुए दावा किया है कि 2001 में एनडीए के समर्थन के लिए पैसे बांटे गए थे। यही नहीं पैसे देने की पेशकश करने के छींटे कांग्रेस के ऊपर भी पडे हैं। यादव ने यह खुलासा अपनी आत्मकथा द्रोहकाल का पथिक में किया है। इस खुलासे के बाद भाजपा और कांग्रेस सकते में है।
आख़िर ये मुद्दे चुनावों के दौरान ही क्यों उठते है? जानते है इसी मुद्दे को हमारे खास कार्यक्रम 'आज का मुद्दा' में