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  • 9 years ago
घूमते चाक पर रखी मिट्टी से 65 वर्षीय लालचंद पंडित कभी दीया गढ़ रहे हैं, तो कभी गुल्लक बना रहे हैं। इनके हाथ लगते ही जैसे गीली मिट्टी खुद व खुद आकार ले रही है।

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