Skip to playerSkip to main content
  • 9 years ago
जमशेदपुर के आदिवासी बहुल इलाके करनडीह में मकर संक्रांति के बाद के दिनों में चिड़ी दाग की परंपरा निभाई जाती है। इसमें बच्चों का पेट गर्म सलाखों से दागा जाता है। लोगों की आस्था है कि इससे भविष्य में बच्चों की पेट की बीमारियां दूर होंगी। करनडीह में आजकल जगह-जगह यह परंपरा निभाई जा रही है।

Category

🗞
News

Recommended