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  • 9 years ago
देवी भागवत और भविष्य पुराण के अनुसार मां दुर्गा का पूजन कन्या पूजन के बिना अधूरा माना जाता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। इन दिनों में उन्हें घर में बुलाकर उनके पैर धोकर रोली अक्षत का टीका लगाएं और उन्हें खीर, पूरी, हलवा, चना प्रेम व आदरपूर्वक खिलाएं। कन्याओं को भोग और उपहार में अपनी राशि अनुसार कुछ विधान करें। अपनी राशि अनुसार कन्या पूजन में भोग और उपहार क्या रखें, इसके लिए देखें वीडियो-

(नोट : -वीडियो में दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने हैं।)

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