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  • 9 years ago
सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड (AIMPLB) ने नया हलफनामा दाखिल करके कहा कि तीन तलाक शरीयत के तहत एक अवांछिनीय परंपरा है और निकाहनामे में इसकी अनुमति देने का कोई प्रावधान नहीं होना चाहिए। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कोर्ट में दाखिल 13 पेज के हलफनामे में कहा है कि हम काजियों को परामर्श जारी कर कहेंगे कि वह निकाह के वक्त दुल्हों को तीन तलाक का रास्ता नहीं अपनाने की सलाह दें।

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