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  • 7 years ago
फटी हुई चप्पलें, खून से सनी और जली हुई कार ने हमारा ठीक उसी जगह स्वागत किया, जहां कुछ घंटे पहले दिल्ली के कई नमाजियों ने सूरज ढलने के पहले नमाज पढ़ी थी.

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