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  • 7 years ago
तिलोई,अमेठी-पुलिस कब किस पर कौन सी कार्यवाही कर दे। ये समय रहते जान पाना बहुत कठिन है।पुलिस के लिए एक बहुत ही प्रचलित कहावत है। कि पुलिस रस्सी को सांप और सांप को रस्सी बना देती है।ऐसा ही एक मामला कोतवाली शिवरतनगंज क्षेत्र के वतिया गाँव निवासी मोहम्मद जसीम उर्फ जस्सू से जुड़ा है।जिसको पुलिस 16 मार्च 2019 को घर से गिरफ्तार कर ले गई।और रायबरेली जनपद के अन्तर्गत कोतवाली थाने के पास पुलिस ने युवक को असलहा के साथ मुठभेड़ दिखाकर जेल भेज दिया था।मामले में उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेकर मामला संदिग्ध मानते हुए मानवाधिकार आयोग को 2 माह में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।मामला शिवरतनगंज थाना के वतिया निवासी जसीम अहमद को रायबरेली एसओजी टीम घर से लेकर पूछताछ करने के बहाने लेकर गयी जब तक कोई कुछ समझ पाता अगले दिन रायबरेली पुलिस व एसओजी टीम ने पुलिस मुठभेड़ में असलहा के साथ जसीम  उर्फ जस्सू व 4 अन्य को जेल भेज दिया।घर ले जाने से लेकर जेल भेजने तक जसीम के भाई व पुलिस अधिकारियों की हुई बातचीत का ऑडियो जिसमे उसे छोड़ देंगे कहते हुए कई आडियो रिकार्डिंग है।जसीम का  मोबाइल साथ था तो उसका रूट मैप,लोकेशन काल डिटेल की कॉपी को उच्च न्यायालय के सामने पेश किया गया।जिसमें उच्च न्यायालय लखनऊ के जज अनिल कुमार व जज वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस की कार्यवाही को संदिग्ध मानते हुए 2 माह में मानवाधिकार आयोग को जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया।न्यायालय के आदेश के बाद एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे है।

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