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  • 6 years ago
केंद्र और राज्य सरकारें इन प्रवासी मजदूरों के प्रबंध के कितने ही दावे करें, लेकिन जमीनी हकीकत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें बयां कर रही हैं। कसारा घाट पर गाड़ियों का एक बड़ा रैला नजर दिख रहा है। इसमें टैक्सी, ट्रक, छोटी गाड़ियां और दोपहिया वाहन शामिल हैं। इन गाड़ियों के कारण घाट पर 10 से 15 किलोमीटर तक का लंबा जाम लग गया है। 70 प्रतिशत गाड़ियों में प्रवासी मजदूर दिखाई दे रहे हैं, जिनके आगे लॉकडाउन के कारण रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इनमें वे टैक्सियां भी दिखाई दे रहे हैं, जो महाराष्ट्र की सड़कों पर दौड़ती हैं। कोरोना काल में इनके आगे भी संकट खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र में कोरोना के संक्रमितों की संख्या 20 हजार को पार कर चुकी है, ऐसे में एक खतरा यह भी है कि कहीं इन मजदूरों में कोरोना कैरियर न हो, जो अपने शहर और गांव में जाकर कोरोना को फैला दें।
वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सड़क पर चल रहे मजदूरों के भोजन के प्रबंध के निर्देश दिए हैं। सिंह ने कहा कि जिलों के मुख्य मार्गों में कुछ पॉइंट्स बनाए जहां उनके भोजन की व्यवस्था की गई है। सामाजिक संस्थाओं के साथ ही पेट्रोल पंप मालिक भी ऐसे मजदूरों को भोजन आदि की सहायता दें।

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