कोरोना महामारी के चलते लॉकडॉउन में शहरों में परेशानियों से जूझ रहे लाखों प्रवासियों की उनके घर लौटने की दर्द भरी हजारों कहानियां सामने आई हैं. लेकिन इस बीच कई ऐसे लोग भी सामने आए, जिन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपने पैसों से प्रवासी कामगारों को उनके घरों तक पहुंचाने का काम किया है. लेकिन जो बच्चों ने किया वो काफी सराहनीय है.. महज 12 साल की निहारिका को मजदूरों को मदद करने की प्रेरणा कैसे मिली तो आप भी अपने बच्चों को यहीं शिक्षा जरुर दोगे