राजसमंद. जेष्ठ अभिषेक स्नान यात्रा के अवसर पर श्री द्वारकाधीश मंदिर में शनिवार को प्रभु द्वारकाधीश को स्नान करवाया गया। इस अवसर पर प्रात: मंगला दर्शन के बाद प्रभु को निज मंदिर में चौकी पर विराजित किया गया, जहां शुक्रवार को भर कर लाए गए जल से उन्हें स्नान करवाया गया। इस जल में केसर मोगरा इत्र आदि डाला गया। स्नान के पश्चात प्रभु श्री द्वारकाधीश को शृंगार में श्री मस्तक पर केसर की छाप की कुले, जिस पर तीन चंद्रिका का जोड़, केसर की छाप की धोती, केसर के ऊपरना, चंदनी ठाड़े वस्त्र, मोती के आभरण व वनमाला धराई गई और बाद में ग्वाल के दर्शनों में आम का भोग लगाया गया। गौरतलब है कि आज के दिन पुष्टिमार्गीय मंदिरों में प्रभु श्री को स्नान करवाया जाता है और आम का विशेष भोग लगाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि आज मौसम का सबसे गर्म दिवस होता है तो प्रभु को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से उक्त सेवा धराई जाती है। हर वर्ष इन दर्शनों को करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु द्वारकाधीश मंदिर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद है, जिसकी वजह से ये दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुले।