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  • 6 years ago
संगमनगरी में एक बेटे ने अपने 90 वर्षीय पिता का मान रखने के लिए मंगलवार को लकड़ी के पुतले से अपना ब्याह रचा लिया। ये अनोखी शादी यमुनापार को घूरपुर थानांतर्गत मनकवार ग्रामसभा के राजस्व गांव भैदपुर में हुई, जो चर्चा का विषय बनी हुई है। घूरपुर के मनकवार के भैदपुर निवासी बुजुर्ग शिवमोहन के नौ लड़के हैं। सबसे छोटे लड़के पंचराज कि की उम्र 32 वर्ष है। पंचराज के बाकी सभी भाइयों की शादी हो चुकी है सब के लड़के बच्चे हैं लेकिन कुछ कारणों से पंचराज की शादी नहीं हो पाई थी। लगभग 90 वर्ष पार कर चुके शिवमोहन की इच्छा थी कि उसके जीते जी उसके छोटे बेटे की भी शादी हो जाए, इसके लिए परिवार के लोगों ने काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली तो पुरोहित से राय लेकर बेटे की शादी पुतले से कराने का निश्चय किया। पहले तो पंचराज ने इसका विरोध किया लेकिन पिता का मान रखने के लिए पुतले से शादी की हामी भर दी। शुभ मुहूर्त निकलवाया गया और मंगलवार को पूरे रस्मो रिवाज के साथ धूमधाम से पंचराज की पुतले से शादी कर दी गई। इस अवसर पर भोज भी आयोजित किया गया। अपनी तरह की यह अनोखी शादी क्षेत्र में लोगों में चर्चा का विषय बनी है। इस शादी के साक्षी बने मनकवार गांव के पूर्व प्रधान राजेश कुमार खन्ना, मंगला प्रसाद आदि ने बताया कि बेटे ने अपने पिता का मान रखने के लिये और अपने सिर से कुँवारापन दूर करने के लिए वैदिक पुरोहितों से सलाह मश्वरे के बाद ये कदम उठाया है।

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