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  • 6 years ago
जयपुर। 21 जून को लगने वाले सूर्यग्रहण का सूतक काल एक दिन पहले शनिवार की रात से लगेगा। सूतक काल 12 घंटे पहले लग जाएगा। इस काल में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और कोई शुभ कार्य नहीं किया जा सकेगा। सूतक काल 20 जून रात 9 बजकर 25 मिनट से ही लग जाएगा. ज्योतिषियों के अनुसार ग्रहण से 12 घंटे पहले से लेकर खत्म होने के 12 घंटे बाद तक सूतक रहता है. पंडित सुरेश शासत्री के अनुसार सूतक चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों के समय लगता है। ऐसे समय में सावधान रहना चाहिए और ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। वहीं सूतक काल में हमें कुछ खास बातों का ध्यान रखाना चाहिए।

सनातक मान्यता के अनुसार ग्रहण लगने से पहले ही सूतक शुरू हो जाते हैं। जिस प्रकार किसी बच्चे के जन्म लेने के बाद भी उस घर के सदस्यों को सूतक की स्थिति में बिताने होते हैं, उसी प्रकार ग्रहण के सूतक काल में किसी भी तरह का कोई शुभ काम नहीं किया जाता, यहां तक की कई मंदिरों के कपाट भी सूतक के दौरान बंद कर दिये जाते हैं।

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