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  • 6 years ago
कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन ने कालिया नाम के एक बंदर को आजीवन कारावास की सजा दी है। कालिया नाम का बंदर जब तक जिंदा रहेगा तब तक वह अपनी आखिरी सांस पिंजरे में ही काटता रहेगा। चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि 3 साल पहले हम इस बंदर को मिर्जापुर से लेकर आए थे 3 साल से हम लोग इस बंदर को सुधारने की लाख कोशिश कर रहे थे कि उसका काटने का स्वभाव बदल जाए लेकिन इसका स्वभाव नहीं बदला जिस कारण चिड़ियाघर चिकित्सा अधिकारी द्वारा इसको आखरी सांस तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है। आपको बताते चलें इस बंदर को मिर्जापुर से पकड़ा गया था मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार 250 से अधिक महिलाओं और बच्चों को अपना शिकार बना चुका था। यहां तक की काटने से एक बच्चे की मौत भी हो गई थी सूत्रों की माने तो इस बंदर को एक तांत्रिक ने पाला था तांत्रिक ने इस बंदर को शराब और मांस का आदि बना दिया था। इसी कारण यह बंदर महिलाओं और बच्चों के साथ खून करावे से खेलता हुआ नजर आता था जिसके बाद प्रशासन द्वारा इसको पकड़ कर कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया और इसके काटने के स्वभाव को लगातार तीन साल से बदलने की कोशिश की जा रही थी लेकिन कालिया बंदर का स्वभाव नहीं बदला तो चिड़ियाघर प्रशासन द्वारा इस को आजीवन कारावास की सजा दी गई। 

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