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  • 6 years ago
गांव बिछड़ौद निवासी अल्फिया पिता मोहम्मद मंजूर खां मंसुरी अपनी कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद अपनी मंजिल तक पहुंची है। अल्फिया से हुई पत्रिका की खास बातचीत में बताया की गांव के मदरसा स्कूल में पहली से तीसरी तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद गांव के निजी स्कूल में एडमिशन लिया, जहां पांचवी तक शिक्षा ग्रहण करने के साथ- साथ श्री कृष्णा कोचिंग क्लासेस में ट्यूशन में पढ़ाई के साथ शिक्षक सिद्धार्थ मंडलोई द्वारा नवोदय विद्यालय हेतू परिक्षा की जानकारी मिली तो परिजनों को परिक्षा के बारे में बताया। जिसपर पिता मोहम्मद मंजूर खां मंसुरी से मिले हौंसले और हिम्मत के बाद मैने नवोदय विद्यालय के चयन हेतू दिन- रात मेहनत कर पढ़ाई करना शूरू कर दिया। लाईट नही होने पर मोबाइल की फ्लैश लाईट तो मोमबत्ती की रोशनी में भी पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी होने के बाद 11 जनवरी को नवोदय विद्यालय की परिक्षा घट्टिया में हुई, जहां परिक्षा में मैने भी भाग लिया। परिक्षा का 19 जून को रिजल्ट आने के बाद शिक्षक सिद्धार्थ मंडलोई से जानकारी में पता चला की मैरा दुसरे स्थान पर नवोदय में चयन हुआ है। अल्फिया ने बताया कि मैरी मेहनत का सारा श्रेय मैरे माता-पिता और शिक्षक सिद्धार्थ मंडलोई को देना चाहूंगी। अल्फिया की इस उपलब्धि पर हाजी कासम मंत्री, दिपांशु जैन, सिद्धार्थ मंडलोई, मोहम्मद रईस मंसुरी, रहिम खान, इस्माईल कुरैशी, राहुल राठौर, लखन राठौर सहित अन्य ग्रामीणजनों ने बधाई दी ।

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