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  • 6 years ago
हर साल आज के दिन यानी सात जुलाई को वर्ल्ड चॉकलेट डे मनाया जाता है. हालांकि इस साल इस दिन की चमक कोरोना वायरस की वजह से फीकी पड़ती नजर आ रही है. सन 1550 में सात जुलाई को पहली बार यूरोप में चॉकलेट डे मनाया गया था. जिसके बाद ये पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा.
ऐसी मान्यता है कि चॉकलेट संसार में कोई चार हजार साल पहले आई थी. दुनिया में सबसे पहले अमेरिका और मैक्सिको ने चॉकलेट पर प्रयोग किया था. बताया जाता है कि सन 1528 में स्पेन के राजा ने मैक्सिको पर कब्जा कर लिया. राजा को यहां का कोको बहुत अच्छा लगा. इसके बाद राजा कोको के बीज को मैक्सिको से स्पेन ले गया और वहां चॉकलेट चलन में आ गई. चॉकलेट बच्चों और बूढ़ों सभी को पसंद होती है. चॉकलेट तनाव दूर करने में भी मददगार होती है. चॉकलेट खाने से आदमी का मूड अच्छा होता है. लेकिन जब राजनीति की बात आती है तो नेता लोग चुनाव नजदीक आते ही वोटरों में लुभावने और मीठे वादों की चॉकलेट्स बांटना शुरु कर देते हैं .ऐसी चॉकलेट जो दिखने में बहुत अच्छी लगती है लेकिन चुनाव के बाद वोटर्स का जायका बिगाड़ देती है. देखिए नेताओं की इस प्रवृत्ति को दर्शाता कार्टूनिस्ट सुधाकर का यह कार्टून

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