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  • 6 years ago
पिछले दिनों मीडिया में वायरल हुए कुछ ऑडियो टेप चर्चा का विषय बने हुए हैं .इन ऑडियो टेप के कारण राजस्थान की सियासत गरमा गई है. इन टेप्स को आधार बनाकर कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश का आरोप लगाया. वही भाजपा ने इन आरोपों का खंडन करते हुए ऑडियो टेप की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर दिए .ऑडियो टेप में कितनी सत्यता है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा लेकिन इस तरह के टेप जब वायरल होते हैं तो भ्रष्ट नेताओं का परेशान हो जाना स्वभाविक होता है.फोन टेपिंग का हथियार राजनीति में भ्रष्ट नेताओं के लिए भारी मुसीबत का सबब बन सकता है, क्योंकि भ्रष्ट नेताओं की बातचीत सार्वजनिक होने पर उनका राजनीतिक कैरियर खतरे में पड़ सकता है. लिहाजा नेता यह जरूर चाहते होंगे कि कोई ऐसी भाषा विकसित की जाए जिससे बिना बोले ही सांकेतिक रूप में अपनी बात दूसरे तक पहुंचाई जा सके और वे बिना किसी की जानकारी में लाये अपना भ्रष्टाचार जारी रख सके. देखिये इस मसले पर कार्टूनिस्ट सुधाकर का ये कार्टून

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