दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर उर्दू बाजार में आजादी से पहले की दुकाने है जहां आज भी उर्दू की किताबें मिलती है और शहर के कोने कोने से लोग उर्दू की किताबें खरीदने आते हैं। हालांकि ये जान कर हैरानी होगी कि नई पीढ़ी के लोग उर्दू की किताबों में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं साथ ही हर धर्म के युवा युवतियां आते हैं।