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  • 6 years ago
बाबा महाकाल की शाही सवारी नविन मार्ग से ही निकाली जाएगी क्योंकि कोरोनावायरस महामारी के चलते नविन मार्ग से निकालना अति आवश्यक माना जा रहा है, क्योंकि शाही सवारी बाबा महाकाल की बड़े ठाट बाट से प्रशासन और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में निकाली जाएगी। जिसमें सोशल डिस्टेंस मुंह पर मास्क और एक अच्छी व्यवस्था के साथ निकलने जा रही है। जब हमारी चर्चा मंदिर विशेषज्ञ से हरिहर मिलन के लिए हुई। तब उन विशेषज्ञ द्वारा बताया गया जब राजाधिराज बाबा महाकाल की पालकी मंदिर प्रांगण से चलती है। कुछ ही दूरी पर मंदिर प्रांगण में ही गोपाल कृष्ण का मंदिर है। प्रथम हरिहर यहीं से प्रारंभ हो जाता है और हरिहर मिलन राजाधिराज और कृष्ण जी का हो जाता है। मार्ग परिवर्तन से इस बार शाही सवारी निकालना उचित है। यदि परंपरा अनुसार पूजा करना है तो राणा जी की छतरी के यहां भी पूजा अर्चना बाबा महाकाल की पालकी की जाना नियम के अंतर्गत ही और परंपरागत माना जाता है। हम इस खबर की अभी और पुष्टि नहीं करते। एक बार अवश्य आप उज्जैन जिला कलेक्टर से इस खबर को लेकर पुष्टि करें। हमारे कुछ अति विश्वसनीय सूत्र उन्हीं के बताए हुए मार्ग पर चलकर हम ने इस खबर को प्रकाशित की है।

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