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  • 6 years ago
महिला समानता दिवस (Women's Equality Day 26 अगस्त को हर साल मनाया जाता है। सबसे पहले न्यूजीलैंड ने वर्ष 1893 में महिला समानता दिवस मनाने की शुरुआत की। इसके बाद पूरे विश्व का इस समस्या की ओर ध्यान गया। भारत में आजादी के बाद से ही महिलाओं को मतदान का अधिकार तो था। मगर पंचायतों तथा नगर निकायों में चुनाव लड़ने का कानूनी हक़ 73 वें संविधान संशोधन के माध्यम से ही हो पाया । ये पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की कोशिशों का ही नतीजा था.वर्तमान दौर में देश की पंचायतों में महिलाओं की 50 प्रतिशत से अधिक भागीदारी है. मगर वास्तविक समानता का सवाल उठता है तो देश में अभी भी महिलाओं की स्थिति चिंताजनक है। खास तौर से छोटे शहरों में तो महिलाएं भेद भाव की ज्यादा शिकार हैं. मगर भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस की तस्वीर अलग नज़र आती है.पार्टी की कमान कई वर्षों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सोनिया गांधी के हाथों में है. पिछले दिनों नया अध्यक्ष चुनने के लिए आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कोई फैसला नहीं हो पाया और सोनिया गांधी का अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल कुछ महीनों के लिए बढ़ा दिया गया. देखिए इस मुद्दे पर कार्टूनिस्ट सुधाकर का नजरिया

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