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  • 6 years ago

स्थानीय जरूरत को ध्यान में रखते हुए करें कोर्सेज फ्रेम किए जाने की आवश्यकता
उच्च शिक्षण संस्थाओं को अधिक स्वायत्तता दिए जाने की जरूरत

उच्च शिक्षामंत्री भंवर सिंह भाटी का कहना है कि शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है इसलिए उच्च शिक्षा का विकास इस प्रकार से होना चाहिए जिससे वह गरीब, जरूरतमंद और पिछड़े क्षेत्रों की पहुंच में हो। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर की ओर से नई शिक्षा नीति 2020 विषय पर आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित करते हुए भाटी ने स्थानीय जरूरत को ध्यान में रखते हुए करें कोर्सेज फ्रेम किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थाओं को अधिक स्वायत्ता दिए जाने की बात पर बल दिया। उनका कहना था कि
देश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ढांचागत और आधारभूत सुविधाओं के विकास की आवश्यकता है, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजीव गांधीने ही देश में सबसे पहले १९८६ में शिक्षा नीति लागू की थी। उन्होंने देश के हर जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय स्थापित किए।

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