यूरिया और खाद की कालाबाजारी को लेकर समितियों के संचालक पर दर्ज मुकदमे के विरोध में उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ के 45 कर्मियों ने सहायक आयुक्त व सहायक निबंधन सहकारिता बस्ती को सामूहिक इस्तीफा सौप दिया। कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि समिति संचालक का उत्पीड़न किया गया है और जिला कृषि अधिकारी ने एक पछिए करवाही करते हुए थानों में मुकदमा दर्ज कराया है।
उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ के कई सचिवों के ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज करने पर गुस्साए 45 कर्मियो ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधन सहकारिता बस्ती को इस्तीफा देकर विरोध प्रदर्शन किया है। कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने खाद वितरण में अनियमितता पाए जाने के कारण सहकारिता समिति के कर्मचारियों को ऊपर मुकदमा दर्ज कराया था,
सहकारिता के कर्मचारियों द्वारा एक किसान को 100 बोरी खाद देने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया, जिसमें उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ द्वारा 4 सितंबर 2020 को इस मामले को लेकर गुस्साए कर्मियों द्वारा पत्र दिया गया था जिसमें इस मामले में कोई हल नहीं दिखा तो कर्मचारियों द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया गया।
कर्मचरियों के संघ ने आरोप लगाया है कि जिला कृषि अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को भ्रमित कर भारत सरकार द्वारा उर्वरक वितरण नियम एवं निर्धारित मानक को छुपाकर प्राथमिकी दर्ज कराया है और यह भी आरोप लगाया है कि समिति कर्मचारियों के शोषण एवं उत्पीड़न को देखते हुए विकास भवन में सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता के समक्ष इस्तीफा प्रस्तुत किया गया है और अगर अगले महीने 9 अक्टूबर तक मुकदमा वापस नहीं लिया गया जो पूरे जनपद में सभी कर्मचारी मिलकर इस्तीफा देंगे और एक जुट होकर आंदोलन भी करेंगे।
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