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  • 6 years ago
सरकारी गली में अवैध निर्माण को ध्वस्त करने गयी नगर पालिका परिषद् फर्रुखाबाद व पुलिस टीम से मकान मालिक से नोकझोंक हो गयी ।जिसके बाद नगर पालिका कर्मियों नें मकान का कुछ ध्वस्त भी किया और बाद में उसे तोड़ लेनें की चेतावनी देकर छोड़ दिया ।
दरअसल शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पल्ला जटवारा निवासी अहिबरन सिंह पुत्र रामपाल नें जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी थी ।जिसमे कहा कि मोहल्ले के ही विनय कुमार दीक्षित पुत्र ज्वाला प्रसाद दीक्षित सरकारी गली में लोहे का फाटक लगाकर गली में अबैध कब्जा किये है । शिकायत की जाँच में सर्वेयर-सम्पत्ति लिपिक नें अपनी जाँच आख्या ईओ को भेजी।जिसमे भी अतिक्रमण किये जाने की पुष्टि हुई।
नगर पालिका परिषद् की तरफ से विनय कुमार दीक्षित को अभिलेखों के साथ तलब किया गया ।लेकिन वह अपनें अभिलेख दिखानें नही पंहुचे।जिसके बाद ईओ रविन्द्र कुमार ने मामले से नगर मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य को अवगत कराया। उसके बाद राजस्व निरीक्षक योगेन्द्र यादव, वीरेंद्र पटेल, सम्पत्ति लिपिक धर्मेन्द्र पाण्डेय व सर्वेयर भवानी शंकर दीक्षित नें पुलिस फोर्स के साथ आकर अतिक्रमण तोड्नें की कार्यवाही शुरू की । तभी विनय के परिजनों से नगर पालिका कर्मियों की नोकझोंक हो गयी। जिससे नगर पालिका कर्मी हथौड़े से अतिक्रमण को नही तोड़ सके।गली पतली होनें के कारण जेसीबी नही पंहुच सकी।
लेकिन मौके पर जब हमारी टीम पहुंची तो मामला अलग ही नजर आया वहां पर नगर पालिका के कर्मचारी भवानी शंकर दीक्षित की दवंगई साफ नजर आयी ।जो नगर पालिका कर्मचारियों के बीच हमेशा चर्चा में रहता है। और जब हमारी टीम आमना सामना हुआ नगर पालिका के कर्मचारी मौके से खिसक लिए वहीँ मकान मालिक की पत्नी ने बताया की अचानक से घर में कई लोग घुस आये और बिना सूचना दिए घर में तोड़फोड़ करने लगे। जबकि उन्हें नहीं करना नहीं चाहिए था ।क्योकि नगर पालिका को 15 दिन पूर्व नोटिस दिया जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं किया गया।

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