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  • 6 years ago
शाजापुर। हमारे आंगन हो रही गौरेया के संरक्षण के लिए प्रतिवर्ष 20 मार्च को विश्व गौरेया संरक्षण दिवस मनाया जाता है।  इस दिवस को यादगार मनाने के लिए उत्कृष्ट विद्यालय शाजापुर के 1000 से अधिक छात्र छात्राओं अपने घर पर 20 मार्च से 20 जून मिट्टी के बर्तन, प्लास्टिक के डिब्बे आदि में पीने की व्यवस्था करेंगे। कार्यक्रम समन्वयक व इको क्लब प्रभारी ओम प्रकाश पाटीदार तथा आशीष जोशी ने बताया  कि हमारी छोटी-सी कोशिश गौरैया को जीवनदान दे सकती है। सबसे पहली बात कि अगर वह हमारे घर में घोंसला बनाए, तो उसे बनाने दें. हम नियमित रूप से अपने आंगन, खिड़कियों और घर की बाहरी दीवारों पर उनके लिए दाना-पानी रखें. गर्मियों में न जाने कितनी गौरैया प्यास से मर जाती हैं. इसके अलावा उनके लिए कृत्रिम घर बनाना भी बहुत आसान है और इसमें खर्च भी न के बराबर होता है. जूते के डिब्बों, प्लास्टिक की बड़ी बोतलों और मटकियों में छेद करके इनका घर बना कर उन्हें उचित स्थानों पर लगाया जा सकता है।

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