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  • 6 years ago
शाजापुर। मुस्लिम समुदाय रविवार को शब ए-बरात मनाएंगे। संक्रमण के कारण शहर के 20 हजार से ज्यादा मुस्लिम समाजजन घरों में ही इबादत करते हुए दरूद शरीफ पड़ेंगे और गुनाहों की माफी मांगेंगे। इस पर्व पर समाज के लोग पूर्वजों को भी याद करते हैं। इसके लिए वह रात में कब्रिस्तान में जाकर उनकी कब्र पर दुआ करते हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी, के जिलाध्यक्ष सज्जाद अहमद कुरैशी ने बताया इस्लामी कैलेंडर के हिसाब से शाबान महीने की पंद्रह की रात शब- ए-बरात मनाते हैं। शब का अर्थ है रात और बरात का अर्थ ही छुटना अर्थात शब ए बरात मुक्ति दिलाने वाली रात है। यह रात गुनाहगारों के गुनाहों से बरी होकर जहन्नुम से छुटकारा पाने का साधन है।

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