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  • 5 years ago
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव (District Panchayat President Elect) में अधिक से अधिक अपनों को जिताने की होड़ में एक बार सपा प्रसपा (SP -Praspa) का अघोषित तालमेल दूसरे दलों के लिए मध्य और पश्चिमी यूपी में चुनौती बन सकता है.. परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के लिए साथ आकर यह दोनों दल मुलायम बेल्ट में बीजेपी को काफी हद तक रोकने में कामयाब रहे... अगर ये अंदरखाने का तालमेल यूं जारी रहा तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election) में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और उनके चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) साथ आएं तो हैरत नहीं...

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