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  • 5 years ago
हमारा संविधान के इस पहले स्पेशल एडिशन में अधिवक्ता अवनि बंसल गई मिलने नवरीत सिंह जी के घर, गांव दीबदीबा, जिला - रामपुर, राज्य - उत्तर प्रदेश में, उनके परिवार से मिलने।

नवरीत सिंह, एक 25 साल का युवक था, जिसकी, दो साल पहले शादी हुई थी, और वो अपनी पत्नी के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहता और पढ़ाई करता था। भारत में चल रहे किसान आंदोलन में नवरीत सिंह ने भी जाने के इच्छा जाहिर की I उनके दादाजी - हरदीप सिंह दीबदीबा, जो खुद कई आंदोलन में शामिल हो चुके है, जिन्होंने Sikhism धर्म पर 5 किताबे लिखी है, और अभी सिंघू बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में खुद भी शामिल हुए, वो अपने पौते को मना नहीं कर पाए I

26 जनवरी 2021 को नवरीत सिंह की मौत हो गई। सरकार का कहना है कि ट्रैक्टर पलटने से उनकी मौत हुई। वहां मौजूद लोगों ने कहा की पुलिस को बुलेट लगने के कारण, ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ा और वो पलटा I देश में कई पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर है गई क्यूंकि उन्होंने कहा कि मौत का कारण ट्रैक्टर पलटना नहीं, बुलेट/ गोली लगना है I

नवरीत सिंह के परिवार ने मुहैया कराई उनकी पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट - और बताया की क्या हुआ था उस दिन, और उसके बाद क्या हुआ।

अवनि बंसल ने जब उनके दादाजी से बात करी, तो उन्होंने बड़े जज्बे से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि आज कल, संविधान इस देश में कहीं है ही नहीं| उन्होंने ये भी बताया कि क्या कारण है की किसान आंदोलन इतना शांतिपूर्वक चला और कैसे किसानों को भड़काने कि कोशिश की जा रही है|

संविधान को समझने के साथ साथ, जरूरी है ये भी समझना की कानून को ज़मीन पर कैसे देखा जा रहा है, आम इन्सान कैसे देखता है संविधान को, और जरूरी है, की कानून के रक्षक भी 'हम भारत के logon' के आवाज़ सुने I

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