जम्मू-कश्मीर में करीब दो दशक से अधिक समय से अलगाववादी गतिविधियों की अगुवाई कर रहे हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दोनों धड़ों पर कड़े गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान स्थित संस्थानों की ओर से कश्मीरी छात्रों को एमबीबीएस सीट देने के मामले में हाल में जांच की गई है। इसमें पता चला है कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का हिस्सा रहे कुछ संगठन उम्मीदवारों से इकट्ठे किए गए पैसे का उपयोग केंद्रशासित प्रदेश में आतंकवादी संगठनों के वित्तपोषण के लिए कर रहे हैं।
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