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  • 5 years ago
पत्रकार प्रियंका दुबे की पहली किताब 'नो नेशन फॉर वीमेन' हाल ही में आई है. इस किताब में कुल 13 चैप्टर हैं जो देश में बलात्कार और यौन हिंसा की अलग-अलग घटनाओं का ब्यौरा देते हैं. इस किताब में प्रियंका ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं के सहारे बताने की कोशिश की है कि हमारी न्यायिक और सामाजिक व्यवस्था लैंगिक अपराधों के मामलों में कैसे काम करती है.

एक लिहाज से यह किताब प्रियंका की रिपोर्टिंग के छह साल का सफरनामा है. इस दौरान प्रियंका ने बुंदेलखंड से लेकर पूर्वोत्तर तक और मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश के बेहद दुर्गम इलाकों में पहुंच कर उन स्थानों से महिलाओं के खिलाफ होने वाली यौन हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्टिंग की जहां व्यवस्था सिर्फ पुरुषों के इशारे पर काम करती है, पुरुषों के लिए काम करती है.

हमारे देश में यौन हिंसा की घटनाएं कितनी बहुपरतीय हैं, किताब इस पर भी विस्तार से चर्चा करती है. इस किताब के अलग-अलग अध्यायों में मौजूद किरदार और उनकी आपबीती बताती है कि कैसे जातिगत श्रेष्ठता से लेकर राजनीतिक रंजिशों को अंजाम देने तक के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किया जाता हैं, उनके खिलाफ अपराध किये जाते हैं.

इस किताब की लेखन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए प्रियंका कहती हैं, “भारत में बलात्कार और यौन शोषण जैसे मुद्दों पर अब काफी बात होने लगी है, लेकिन इन मुद्दों लिए ढूंढ़ने पर भी बमुश्किल कुछ ही किताबें मिलती हैं. जमीनी रिपोर्ट्स पर आधारित जो किताबें इन मुद्दों पर लिखी भी गई हैं वो बहुत पुरानी हैं. इसलिए मुझे लगा कि ऐसी किताब लिखी जानी जरूरी है जो यौन हिंसा और लैंगिक अपराधों की ज़मीनी हकीकत पर आधारित हो.” यौन हिंसा के मामलों और इनकी रिपोर्टिंग के बारे में प्रियंका ने न्यूज़लॉन्ड्री से विस्तार में चर्चा की है जिसे यहां देखा-सुना जा सकता है.

To watch this and many more videos, click on http://www.newslaundry.com/

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