पूरा इंटरव्यू यहां देखें: https://www.newslaundry.com/subscription-data/2019/12/13/trilokinath-pandey-ramlalla-virajman-ramjanmbhumi-babari-mosque-ayodhya
9 नवंबर को अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पैदा परिस्थियों का आकलन करने के लिए हमने इस वीडियो सिरीज की शुरुआत की थी. इस हिस्से में हमने त्रिलोकीनाथ पांडेय से बातचीत की है. अयोध्या विवाद में त्रिलकीनाथ पांडेय निर्विवादद विजेता बन कर उभरे है.
इस मामले में पांचवे नंबर के मुद्दई के तौर पर जुड़े रामलला विराजमान के पक्ष में ही कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. लिहाजा रामलला स्वयं तो इस मामले में अपनी पैरवी कर नहीं सकते थे लिहाजा उनके सखा के रूप में त्रिलोकीनाथ पांडेय रामलला की पैरवी कर रहे थे. 1989 में पहली बार रामलला विराजमान को अयोध्या मामले में पक्षकार बनाया गया था. उस समय एक रिटायर्ड जज देवकीनंदन अग्रवाल ने रामलला की तरफ से अदालत में याचिका दायर की थी.