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  • 5 years ago
शेखर सुमन बुधवार को ज्ञान गुद्डी स्थित मां तुलसी पीठ में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्दे भले ही सिमट जाएं लेकिन भावनाएं नहीं सिमटनी चाहिए। पहले बड़ा पर्दा सिमटा तो टीवी पर आया और टीवी से सिमटकर मोबाइल पर आ गया। इससे सिमटकर कहां जाएगा। हो सकता कि आगे सिमटकर आपकी आखों तक सिमट जाए। दुनिया आज छोटी होती जा रही है, इसीलिए पर्दा भी छोटा होता जा रहा है। साथ-साथ लोगों की सोच और दिल भी छोटे होते जा रहे हैं।

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