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  • 5 years ago
भोपाल। क्या प्राइवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम संचालक जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान (cm swecha anudan) से मंजूर की जाने वाली सहायता राशि में गोलमाल कर रहे हैं? यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि 523 मरीजों के इलाज के लिए मंजूर 2 करोड़ रुपए की राशि के खर्च का हिसाब-किताब न देने पर भोपाल कलेक्टर ने सरकार से शहर के तीन निजी अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट (3 Private hospital Blacklist) करने की सिफारिश की है। आपको बता दें कि पिछले साल राजधानी में मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से एक फर्जी मरीज के नाम पर 98 हजार रुपए का एस्टीमेट मंजूर कराने का केस सामने आ चुका है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद भी पुलिस अब तक आरोपी अस्पताल संचालक और दो डॉक्टर्स को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।    

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