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  • 4 years ago

ईडी(ED) के छापों की संख्या बढ़ी तो विपक्षी दल खासतौर से कांग्रेस(Congress) नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) की शरण लेने की कोशिश की. लेकिन सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) का जवाबसुनकर कांग्रेस (Congress) नेता जरूर सोच रहे होंगे कि ईडी(ED) के साथ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट(Prevention of Money Laundering Act) के प्रवधान नहीं जोड़ते तो शायद आज ये दिन नहीं देखना पड़ता. यही वो एक्ट(Act) है जिसने किसी जमाने से सुस्त संस्था मानी जाने वाली ईडी(ED) को इतना पावरफुल(Powerful) बना दिया. खुद सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने इस एक्ट(Act) को मिली संवैधानिक चुनौती के जवाब में कह दिया कि ईडी को किसी को गिरफ्तार करने के लिए ईसीआईआर की कॉपी देने की जरूरत नहीं. सिर्फ कारण बता देना ही काफी है. ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, छापेमारी, बयान दर्ज करने, गिरफ्तार करने और समन जारी करने अधिकारों को भी अदालत ने सही माना है.सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि अपराधियों में खौफ का दूसरा नाम बन चुकी सीबीआई भी अब ईडी के आगे कमतर ही है. जबकि सीबीआई ईडी के मुकाबले काफी पुरानी संस्था है.
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