00:00नमस्थे दोस्तो, वेल्कुम तो लाइफ अड्ड़ा।
00:02आज हम एक जबर्दस्थ इंजिनेरिंगी मारवेल को समझेंगे त्रीडी एनिमेशन की हेल्प से
00:07जो आपको बहुत फ्राउड फिल करवाएगा।
00:09और इस मारवेल का नाम है INS Vikrant.
00:11सबसे पहले थोड़ा बेकग्राउंड।
00:13INS Vikrant भारत का पहला साउधेशी एरक्राफ्ट केरियर है।
00:16एक ऐसी सत्रिय सक्ती जो अपने एडवांस सिस्टम और इंजिनेरिंग से दुनिया को परबावित करता है।
00:22इसका नाम विकरांथ है जो एक संस्कृत का वर्ड है और इसका मतलब है विजई।
00:262022 में कमिशन होने के बाद यह केरियर भारत की नेवल केपिबिलिटीज में एक नया चेप्टर ले आया।
00:32INS Vikrant का डीजाइन और स्ट्रक्शर देखने में काफी इंप्रेसिव है।
00:36इसकी ओरोल लेंथ 262 मीटर की है और जब यह फुल लोडेड होता है तो यह लगबग 45,000 टंस ओफ वाटर को डिस्प्लेज करता है।
00:45चलिए इसके मेजर सेक्षन को थोड़ा ओर डीटेल में समझते हैं।
00:49यह इसका फ्लाइट डेक है जो एक फुटवॉल फिल्ड से भी ज़्यादा बड़ा है। इस फ्लाइट डेक पर 30 एरक्राफ्ट एक साथ में खड़े रह सकते हैं।
00:56यह खड़ा ह.ए.ल तेजस का नेवल वेरियंट, एक और जबरदस लड़ाकू विमान मिग 29 के, कामौव के ए31 वेपन से लेस हेलिकोप्टर और एमह 60 आर हेलिकोप्टर।
01:11यहां से फाइटर जेट टेक उप और लेंड करते हैं। विकरांथ का फ्लाइट डेक इसका ही जंप रेम्प को उज़गरता है ताकि एरक्राफ्ट सोड डिस्टेंस से टेक उफ कर सके।
01:19फाइटर फ्लाइन इन दो पॉइंट से उडान भर सकता है यह वाली येलो लाइन सोड डिस्टेंस की है तो जब कोई फाइटर फ्लाइन यहां से टेक उफ करेगा तो सबसे पहले अपनी पूरी पावर के साथ में इंजन को स्टार्ट करेगा और इसके टाइर पर आप दे�
01:49इस पॉइंट से थोड़ी लंबी दूरी मिल जाती है तो ज़्यादा पावर फ्लाइन को नहीं लगानी पड़ती है
01:54ये वाली जो वाइट पट्टी आप देख रहे हो ये फाइटर फ्लाइन का लेंडिंग एरिया है
01:59ज़्यादा इन फाइटर फ्लाइन को लेंड करने के लिए 2-3 किलोमेटर का रनवे चाहिए लेकिन यहां तो हमारा एरकराफ्ट ही 262 मीटर लोंग है
02:06यहां पर दोस्तो फाइटर फ्लाइन को लेंड करवाना पाईलेट के लिए एक बहुत कुंप्लिकेटे टास्क होता है
02:11जहां फुल स्पीड में प्लेन आता है और थोड़ी सी डिस्टेंस में उसको रोकना है
02:15प्लेन को लेंड करने से पहले यहां से इस आईलेंड से कमार्ड दिये जाते हैं जिसमें विंड की स्पीड, एरकराफ्ट केरियर का एंगल
02:22क्योंकि पानी में जब इतना बड़ा सिप चलता है तो यह एकदम सीधा नहीं चलता है यह ऐसे हिलता डूलता रहता है
02:28अब लेंडिंग के टाइम, फाइटर प्लेन पूरी पावर के साथ में आता है, प्लेन के पीछे हुक लगा रहता है और रनवे के उपर ऐसे तीन वायर लगे रहते हैं
02:36जो थोड़े ऐसे उफर उठे रहते हैं, तो पाइलिट का टार्गेट होता है कि प्लेन का हुक इन किसी भी वायर में से एक में फ़सना चीए और मैली पाइलिट टार्गेट करता है बीच के वायर को
02:46तो यदी पलें इं वाइर में फ़ंस गया,
02:49तो ये वाइर कुछ हैंस्ट्रेट होगा और रनवे पूरा होने से पुले को रोक देगा।
02:53और बाई चान्स यदी प्लेइन नहीं फसता है तो पाइलेट इतनी पावर के साथ में प्लेइन को लेकर आता है कि वापस लेकर उड़ जाता है और दूसरा अटेम्ट लिया जाता है
03:08यहाँ पर डेक के निचे हाइडरूलिक सिस्टम लगा रहता है जो इस वाइर को कंट्रोल करता है एरक्राफ्ट को रोकने के लिए
03:14और हेलिकोप्टर तो अराम से उड़ जाते हैं और वापस बैट जाते हैं तो इनको तो बस दो गज जमीन चाहिए
03:19विकरान्त का अपना एक जबरदास्ट ए डिफेंच सिस्टम है सिप के चारो साइड में एके 630 रोटरी गन लगे रहते हैं जिसमें 6 बेरल होती है
03:29इस गन के बारे में आप इस वीडियो से और भी अच्छे से समझ सकते हो इसका लिंक मैं वीडियो की डिस्क्रिप्षन में डाल दूँगा
03:35यह गन एक मिनट में 4000-5000 राउंड फायर कर सकती है और 4-5 किलो मेटर तक निशाना एकदम सटीक बना सकती है
03:43दोस्तो विकरान तो बहुत एडवांस हो गया है लेकिन हमें खुद को ऐसे नहीं रहना है हमें भी अपने आपको अपग्रेट करना है इस डिजिटल दुनिया की नई स्किल्स के इसाब से
03:52और ऐसा ही 3D एनिमेशन में है जिसमें हमारा बैठरिन 3D एनिमेशन का कोर्स आपकी बहुत हेल्प करेगा जैसे आप देख रहे हो वैसा एनिमेशन तो आप सीखोगी ही
04:00इसके एलावा एनिमेशन के 8 to Z सेक्टर को हमने डीटेल से कवर किया है और साथ में हमारा सपोर्ट एनि टाइम आपको एविलेबल रहेगा
04:08डिस्क्रिप्सं में डीटेल से एविलेबल है जरूर से चेक आउट कीजिएगा आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा
04:13अब विकरांद को और ज़्यादा पावर देने के लिए 32 सेल वाली वीलेस बारक 8 सर्फेज टू एर मिसाइल लगे रहते हैं जिसकी सिप के दोनों साइड में 2 उनिट होती है
04:22इसकी रेंज आदा किलोमेटर से लेके 100 किलोमेटर तक होती है
04:25यदि दुस्मन का कोई हेलिकोटर, एरकराफ्ट या कोई मिसाइल विकरांद की तरफ आ रहा है तो ये उसको आसानी से हेंडल कर लेगी
04:32अब इतना बड़ा पावरफुल सिप है तो इसको सेप रखना भी बहुत ज़्यादा जरूरी है
04:40तो फिर विकरांद में लगाए गए सेल्प डिफेंस सिस्टम जिसको कवच बोलते हैं यह एक एंटी मिसाइल सिस्टम है
04:46यहाँ जो सिप का रडार सिस्टम लगा रहता है यह इससे कनेक्टेड रहता है और जब भी कोई मिसाइल विकरांद की तरप आती है तो कवच एक्टिवेट होता है और चाप केनिस्टर लॉंच करता है
04:55और यह कनिस्टर हवा में जाकर कुछ ऐसे बादल बना देगा मेटल कोटेड फाइबर और एलूमिनियम के
05:01जिससे मल्टिपल रडार सिगनल जनरेट होंगे और मिसाइल को समझ ही नहीं आएगा कि टारगेट है कहांपर
05:06और उसको कहीं पर गड्डे में ले जाकर डाल दिया जाता है
05:10विक्रांथ के पास में जबर्डश डी आर्डियो का बनायावा सक्ती एलेक्ट्रोनिक वारफेर एलेक्ट्रोनिक सूट है
05:15जो विक्रांथ को एनी टाइम प्रोटेक्शन प्रोवाइड करके रखता है
05:18यह एक तरीके से अपने आसपास में एक लेर बना के रखता है
05:21जिसमें दुस्मन का कोई बी रडार सिग्नल आता है
05:24या कोई भी किसी भी टाइम का एलेक्ट्रोनिक सिग्नल है
05:26तो यह उसको हाई एक्यूरेसी के साथ में पकड लेता है
05:30तो बाहर की साइड में कोई भी एलेक्ट्रोनिक सिग्नल या कोई भी डिस्टरबेंस होता है
05:34तो यह उसको आसानी से डिकोर्ड कर लेगा
05:36और फिर उसी के इसाब से एक्शन लिया जाता है
05:39कि मिसाईल लॉंज करना है या फिर गन से ही काम चल जाएगा
05:42अब यह तो बात हो गई हवा की
05:43लेकिन जो हवा के सिग्नल होते हैं
05:45वे पानी में काम नहीं करते हैं
05:47जैसे GPS, Radar, इनके सिग्नल पानी में एकदम यूजलेस है
05:50तो फिर जब कोई अंडर वाटर अटेक करता है
05:52तो उसके लिए विकरांथ यूज करता है
05:54जिसको डी आर्डियो ने बनाया है
05:56इसमें सोनार टेकनोलोजी होती है
05:58जो पानी के अंदर सिग्नल को भेज भी सकती है
06:00और सिग्नल आ रहे हैं उनको रीड भी कर सकती है
06:02अब पानी में आपको पता है सब्मरीन होती है
06:05और सब्मरीन लॉन्ज करती है टॉर्पिडो
06:07जो अंडर वाटर मिसाईल होते हैं
06:09तो विकरांथ का मारिच एडवांस टॉर्पिडो डिफेंस सिस्टम
06:11पहले तो अपने सोनार सिग्नल से दूर से ही टॉर्पिडो को डिटेक्ट कर लेगा
06:14और विकरांथ अपने आसपास में जेमर्स की हेल्ब से सभी सिग्नल को ब्लोक कर देगा
06:18जैसे यहाँ पर कुछ है ही नहीं
06:20यदि आपको पता है तो विकरांथ का मारिच एडवांस टॉर्पिडो डिफेंस सिस्टम
06:22यदि आपको पता हो तो कुछ एकजाम सेंटर में एकजाम से पहले जेमर लगाये जाते हैं
06:26जेमर सभी एर सिग्नल को ब्लोक कर देते हैं
06:28और इस कंडिशन में यदि आप मॉबाईल टावर के नीचे भी खड़े होते हैं
06:32और फिर इस पोजिशन से सोनार वेव क्रियेट करता है जैसे सिप यहीं पे कड़ा है
06:36और विकरांथ अपने आसपास में जेमर की हेल्ब से सभी सिग्नल को ब्लोक कर देगा
06:40जैसे यहां पर कुछ है ही नहीं
06:42यदि आपको पता हो तो कुछ एकजाम सेंटर में एकजाम से पहले जेमर लगाए जाते हैं
06:46जेमर सभी एर सिग्नल को ब्लोक कर देते हैं
06:49और इस कंडिशन में यदि आप मॉबाईल टावर के नीचे भी खड़े हो
06:52तो आपके फोन में कोई सिग्नल नहीं आएगा
06:54कुछ ऐसा ही सिस्टम विकरांथ यूज़ गरता है
06:57अब आप खुद सोचो कि विकरांथ को अपने खुद के गंस, मिसाईल, कवच सिस्टम, हेलिकोपटर, फाइटर प्लेन
07:03इन सब से तो अपना कनेक्शन बना कर रखना ही है
07:07तो फिर विकरांथ पर यह जो आईलेंड बना हुआ है, यह बहुत ही एडवांस टेकनोलोजी यूज़ गरता है
07:14जिसमें बहुत सारे सेंसर और रडार सिस्टम होते हैं
07:17यह जो आप रडार देख रहे हो, इसका नाम आप यहाँ पर देख सकते हो
07:20यह एक मल्टी फंक्षन रडार सिस्टम है, जो दोनों तरप लगी रहते हैं
07:24यह अपनी आँखें एकडम खोल के रखता है
07:26और हवा और सर्फेस से यदि कोई मिसाईल या फाइटर प्लेन विकरांथ की तरप आता है
07:30तो पहले तो यह उसको रेगुलरली ट्रेक करता है बहुत हाई रिफ्रेस रेट के साथ में
07:34और इसकी खास बात है, हंडरेट सोप टारगेट को यह एक साथ में ट्रेक कर सकता है पूरे 360 डिग्री में
07:40और फिर उब्जक्ट के हिसाब से या तो मिसाईल को फाइर किया जाता है या फिर गन से फाइरिंग की जाती है
07:46और इस फाइरिंग के मेकनिजम को भी गाइड करता है कि आपको कहांपर फाइरिंग करनी है
07:51यहाँ पर यह जो रडार देख रहे हो जो गोमता रहता है यह लोंग रेंज रडार होता है जो 400 किलोमेटर की रेंज तक एरक्राफ्ट या ड्रोन को ट्रेक कर सकता है
08:00तो सबसे पहले यह अर्ली वोर्णिंग दे देता है कि भाईया कुछ आ रहा है अपने सिस्टम को एक्टिवेट कर लो
08:06इस रडार का नाम टेकन है यह बेसिकली जो हेलिकोप्टर और फाइटर प्लेइन है उनको विकरांथ पर लेंड करने में हेल्ब करता है
08:12क्योंकि सिप पानी में एकडम सीधा नहीं चलता है ऐसे हिलता डूलता रहता है
08:16तो यह एरक्राफ्ट और फाइटर प्लेइन के बीच में दूरी बताता है और एंगल बताता रहता है ताकि पाइलेट सही से लेंड कर सके
08:23यह जो चोटा सा रडार है जो गोल गोल गूम रहा है यह मरीन रडार होते हैं जो सिप में एक्यूरेट रास्ता दिखाते हैं चलने के लिए
08:29यहाँ पर सेटेलाइट कम्यूनिकेशन के लिए सेट कॉम लगे रहते हैं इंटरनेट कनेक्टिविटी और कम्यूनिकेशन के लिए इसके बाद में यहाँ पर एक और फावरफुल कम्यूनिकेशन सिस्टम लगा रहता है बी एल एसी सी एस जो मुल्टिवल फ्रिक्वेंसी
09:00अब जो विकरान्त आपको बाहर से दिकरा है उससे ज़्यादा है पानी में इसकी टोटल हाइट 62 मीटर की है और इसके अंदर आप ऐसा समझो पूरा सहर बसा हुआ है
09:09यहाँ पर लगबग 1700 क्रियू मेंबर्ज एक साथ में काम कर सकते हैं हमें एक्जेक्टली तो नहीं पता लेकिन इसमें टोटल 15 से भी ज़्यादा डेक हो सकते हैं
09:17फ्लाइट डेक के नीचे में डेक होती है जहांसे कमांड एंड कंट्रोल किया जाता है इसमें नेविगेशन सिस्टम, स्टेरिंग कंट्रोल, पूरी सिप का कम्यूनिकेशन सिस्टम और रडार सिस्टम यही से कंट्रोल किया जाता है
09:27इस डेक के नीचे कुछ ऐसे ही कंट्रोल और कमांड ओपरेशन के डेक होते हैं जिनमें किसी में रियल टाइम डेटा मोनेटर किया जाता है, किसी में फ्लाइट और एर ट्रेपिक कंट्रोल किया जाता है, किसी में पूरे वेपन सिस्टम का लॉंचिंग सिस्टम संभाला ज
09:57पाकी के यापर नीचे हेंगर डेक में होते हैं
09:59तो हेंगर डेक से लेंडिंग डेक पर फाइटर पलेन को लाने के लिए लिप्ट लगे रहते हैं
10:03अब हमें exactly तो नहीं पता कि लिप्ट की चोड़ाई कितनी है, लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि 14 मीटर के अरांड इसकी चोड़ाई है
10:10अभी इसमें साइद रफाल फिट नहीं होगा, लेकिन आने वाले टाइम में इस लिप्ट को बड़ा करके रफाल को भी यहां पे रखा जा सकता है
10:26अब इस डेक के नीचे आता है सबसे important डेक, जिसको heart of the Vikrant बोल सकते हैं और इस डेक का नाम है engineering डेक
10:33आपने देखा होगा कि इस पूरे एरकराफ्ट केरियर में कितनी जादा टेकनोलोजी यूज हुई है, तो क्या आप सोच सकते हो कि इसको कितनी power की जरूरत है
10:41और इसका power house इसका engineering डेक ही है
10:44यहां पर super powerful engine लगे रहते हैं जो बहुत जादा advanced technology यूज करते हैं
10:49जिसमें इसके powerful engine, electricity generate करने के लिए powerful generator और propeller system को run करने के लिए एक advanced system भी यूज होता है
10:57और इस system को समझने के लिए एक separate video की जरूरत होगी, यहां पर discuss करेंगे तो काफी जादा lengthy video हो जाएगा
11:04लेकिन एक fun facts मा आपको विकरांथ के बारे में बचाना चाहूँगा, विकरांथ की technology इतने advanced और powerful है कि इसकी manufacturing start हुई थी 2009 में
11:13इसको पूरे 13 साल लगे एंडियन आर्मी की जरूरत के इसाबसे बनाने के लिए
11:17अब इसका आदा कारनामा तो हमने देख लिया, आदा हम discuss करेंगे next वीडियो में, यदि आप भी ऐसा 3D animation सीखना चाते हो तो description में details available है, हमारे बैठरीन 3D animation को जरूर से check out कीजियेगा
11:29चैनल के members का बहुत बहुत धन्यवाद जिनों ने membership जोएं की जिससे हम ऐसे 3D वीडियो बना पा रहे हैं, आप भी हमें जरूर support कीजियेगा, चैनल को subscribe कीजियेगा और comment section में हमें जरूर से बताईएगा कि आपका favourite section कौन सा था, मिलते हैं next वीडियो में, जैहिंद जैवार