Jaan Nisar Ep 44 - [Eng Sub] - Digitally Presented by Happilac Paints - 16th Aug 2024 - Har Pal Geo
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00:00तुझे इश्क हो खुदा करे
00:04तुझे इश्क हो खुदा करे
00:08तुझे इश्क हो खुदा करे
00:12तुझे इश्क हो खुदा करे
00:16तुझे इश्क हो खुदा करे
00:20तुझे इश्क हो खुदा करे
00:24तुझे इश्क हो खुदा करे
00:28मै एक जब चेवं कहा, इससे बदुआ
00:32एइ पीसे
00:37मुझे आये चलाने करे मै
00:41इससे बदुआ
00:46पूरे से किला
00:52मुझे भूल करे
00:57ये चोटी बिवी साही के कपड़े ईस्तरी करने.
01:00काओं चोटी बिवी साही?
01:01मैं हूँ तुम्हारी बीवी, बास.
01:04जी, बेथर.
01:09ये आपको ख़ुशना चाहिए
01:12नेयाको होगा?
01:13ये, अई-उट, ये घुर्ये.
01:15कपडि इस्ट्री करने.
01:17कौन छोटी बीबी, साइन?
01:18मैं हूँ तुम्हारी बीबी, बस.
01:22जी, बेहतर.
01:26ये..
01:29ये लेकर आओ मेरी कमने में जरूर.
01:34चल्दी.
01:35जी, अच्छा.
01:45बीबी, साइम, ये क्या कर रही है?
01:47श्याइ!
01:48अतने सब्बलों को एक सुन लेका.
01:50ऐसी तो इस्ट्री को हाथ लगाने
01:52से करण्ड लग जायेगा.
01:55हाँ, ये ही जाती हूँ मैं
01:56कि करण्ड लगजाए.
01:57शू! अपने अलगोल यह सुन लेका.
02:00अइसे तो इस्तरी को हाथ लगाने से
02:02करन्ट लग जायेगा.
02:05हाँ, यही चाहती हूँ मैं
02:07कि करन्ट लग जाये.
02:10आप चाहती हैं कि मैं मर चाह़ूँ?
02:13मौत चाहती हूं.
02:15आप चाहती हैं कि मैं मर चाहूँ?
02:18मौट चाहती हूँ, पर तुम्हारी नहीं.
02:21किसी और की.
02:27अच्छा सुनो.
02:46समझ गई ना?
02:48बहुत अच्छा जी, आप फिकर ही ना करें.
02:51बस ये जाके वहाँ रख दो, ठीक है?
02:53ठीक है.
02:54और तुम हाट नहीं लगाना इसको बिलकुल.
02:55जी.
03:05आज लगता है जैसे हमारी हवेली मुकम्मल हो गई है.
03:09बस कमी है तो एक ही चीज़ की.
03:11किस चीज़ की कमी है अम्मा?
03:14अब तो मैं और दूआ भी साथ हैं आपके.
03:19आँखे तरस गई हैं हमारी?
03:22तुम्हारी ओलाद देखने के लिए.
03:24हाँ.
03:26ठीक कह रही है.
03:28तुम्हारी अम्मा साही.
03:34तुम्हारी ओलाद देखनू,
03:35तो मुझे भी मरने का कोई अफसोस नहीं होगा.
03:41बाबा से ऐसी बातें ना करें.
03:43बस आप जल्दीसे अपनी तबियों ठीक करें.
03:46इन्शाल्लाँ खुशकोबरी बहुत जल सुनाएंगे आप.
04:02पीरा.
04:03पीरा.
04:05पीरा, कपड़े पैस...
04:10पीरा.
04:15देर हो रहे है और ये...
04:25दूआ.
04:27दूआ.
04:29दूआ, क्या हुआ है?
04:31दूआ, क्या हुआ है?
04:33पीरा.
04:35दूआ.
04:36दूआ, क्या हुआ है?
04:39पीरा.
05:00शुक्र है, आपने फोन थो उठाये.
05:01मैं कब से आपको फोन कर रही थी.
05:04जब तुम्हें पता है कि मैं तुम्हें इग्नोर कर रहा हूँ,
05:06तो क्यों बार-बार कॉल करे जा रही हूँ?
05:08आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे हैं?
05:10मेरा क्या कुसूर है?
05:11कसूर तुम्हारा नहीं है.
05:13कसूर मेरा है.
05:15कि तुम्हारे भाई का निचर जानते हुए भी,
05:17मैंने तुम्हें निका किया.
05:21और देखा नहीं उस दिन तुम्हें रैस्टोरेंड में?
05:23किस कदर उसने तमाशा लगाया है?
05:26आप पशता रहे हैं?
05:28तुम्हारा भाई मजबूर कर रहा है?
05:29तुम्हारा भाई मजबूर कर रहा है?
05:31आप मुझे से तो नराज माते हूँ.
05:34तुम्हें पता है निका के बाद
05:35ये हमारा पहला ओफिशल डिनर था?
05:38चोके तुम्हारे भाई ने बत्तमेजी करके
05:39सब खराब कर दिया.
05:40उसको पता नहीं मुझे से क्या मसला है.
05:43बाबा ने भाई को बहुत डाटा है.
05:45आगे से वो दिहान रखेंगे.
05:47तुम्हारा भाई है न?
05:49तब ही तुम उसकी साइड ले रही हो
05:50और ये सब बाते कर रहे हो.
05:51तुम्हारा भाई है न?
05:53तब ही तुम उसकी साइड ले रहे हो
05:54और ये सब बाते कर रहे हो.
05:59बहुत अच्छे से जानते हो तुम्हारे भाई को.
06:02वो इनसान नहीं है.
06:04हयवान है. हयावान.
06:08मुझे तो अफसोस भाभी भी होता है
06:09मुझे तो अफ़सोस भावी भी होता है
06:10कि वो किस तन अपनी जन्दई गुजार रही है, बिचारी.
06:15अच्छा, अब आप मुझे से नराज होंगे.
06:17आप वादा करें.
06:19Depend करता है.
06:20Depend करता है तुम्हारे भाई के behavior पे.
06:23और मैं इस तरह का कोई promise नहीं करूँगा
06:25जो मैं आगे जाके ना निपा सकूँगा.
06:27तमसे कम मेरा दिल रखने के लिए कहते थे.
06:33हूं, कुशिश करूँगा.
06:40मुझे एक मार बताएं, बेटी का तो रिष्टा दे रहे हैं आप उसको
06:44साथ-साथ घर भी उसके नाम करना है.
06:48मैं बततमीजी नहीं कर रहा हूँ,
06:49मुझे सिरफ आज ये अन्दाजा हो गया
06:51कि इस घर में मेरी हैसियत क्या है.
06:52और इसे देखे जड़ा.
06:54मतलब भाई को जलील करके गया है,
06:56लेकिन आन्सू उसके लिए भाहा रही है,
07:13अब कैसा मैसूस कर रही हो?
07:15बहुत बेटर.
07:25शकर है अल्ला साहेगा
07:27कि तुम्हें जादा नुकसान नहीं पहुँचा.
07:29लेकिन हुआ क्या था?
07:38बाता नहीं,
07:40तुम्हें ज़िन्दा नहीं पहुँचा.
07:42बाता नहीं,
07:44मैंने पीरन को कपड़े दिये थे
07:46प्रेस करने के लिए.
07:53उसने प्रेस नहीं किये,
07:54तो मैं खुद करने लगी.
08:05लिए प्लग लगाते हैं,
08:07सबाग हुआ,
08:12मुझे कुछ याद नहीं उसके बाद.
08:24अल्ला साइन का करम है,
08:26हमने सदका निकाल दिया तुम्हारा.
08:33तुम्हें खुद से इस्तरी करने की ज़िरूरत क्या थी?
08:35घर में इतने मुलाजम है,
08:36किसी को भी कह दे थी.
08:42मैं ठीक हूँ.
08:48जी, साइन, आपने बुलाया?
08:50ये सब कैसे हुआ?
08:52मा.. मालूम नहीं है, साइन.
09:00जब छोटी बिवी साइन ने तुम्हें कपड़े प्रस करने के लिए काँथा,
09:02तुम कहाँ खायब हो गयी थी?
09:12मेजना बीवी ने फ्रूक लिया था.
09:22मैं उन्हें बहला के बस आने ही वाली थी,
09:24इस्त्री करने के लिए.
09:25इतने घर ज़िमदारी, पीरा?
09:33अगर छोटी बीवी साइन को कुछ हो जाता तो?
09:42छोटी बीवी साइन पे हमारे माबाब कुर्बान, बीवी साइन.
09:46लेकिन मुझे क्या पता था
09:48कि ये खुद इस्त्री करने लग जाएँगी?
09:55तुम्हें ये भी नहीं पता था कि तारिस पार कर रहा है?
10:01किसी को नुखसान हो सकता है?
10:11साइन, अगर मुझे पता होता
10:13तो मैं दूसरी इस्त्री नहीं ले आती.
10:15आखर मुझे खुद ही नहीं तो करनी थी इस्त्री.
10:22बीवी साइन की जगा फिर मैं भी होश पड़ी भी होती.
10:28अब ज्यादा बातें मत बनाओ.
10:30जाओ यहां से.
10:31और आएंदा ध्यान रखना.
10:33जी.
10:36तुम आराम करो बेटा, हाँ?
10:38जी.
10:40इसका ख़यान रखो.
10:41जी.
10:55फिर्जा, छोटी को जड़ा समझाओ.
10:58क्यों? हमारी साणिया तो अपनी समझदार है,
11:00इसे क्या सुमझाना?
11:02क्या खाक समझदार है, जी?
11:05उल्टी सीधी हंगती रहती है.
11:09बात क्या है?
11:11भी जब से तुम्हारी नन सुमल का खहर से निकाव हुआ है ना,
11:16तो मैंने और तुम्हारे अबबा ने भी इरादा कर लिए
11:19कि कोई अच्छा सा रिष्टा देकर साणिया का निकाव कर देते हैं.
11:30और साल, देड़ साल के बाद रुखस्ति कर देंगे.
11:38ख्याल तो अच्छा है आप लोगों का
11:40वक्ति मुनासिब ही सोचा है आप लोगों ने.
11:46क्या कोई है मुनासिब रिष्टा, अच्छा रिष्टा आपी नज़र में?
11:51अरे अच्छा रिष्टा तब होगा जब ढूंडेंगे.
11:55और ढूंडने से पहले,
11:57सानिया जी ने हमारे सरों के ऊपर टाइम बॉम लगा दिया है.
12:07क्यों? सानिया, इसी क्या बात हो गई हाँ?
12:13बहुत सानिया जी का कहना है,
12:15कि घजनवी भाई जैसा प्यार करने वाला
12:17और पैसे वाला जब मिलेगा ना, तो ये फिर शादी करेंगी.
12:21छा, सानिया, तुमने वाक़िया कहा है अम्मी उसे कह रही हैं, हूँ?
12:26चला तो ठीक है.
12:28अम्मी, वैसे मुझे लगता है सानिया बिल्कुल ठीक कह रही है.
12:31लो बही, तुम भी इसकी जबान बोलने लगी.
12:35तो हकीकत तो यही है ना,
12:37हर लड़की यही चाहती है कि उसे पैसे वाला
12:40और महबबत करने वाला शर्क्स मिले.
12:46वैसे, हर किसी को सब कुछ तो नहीं मिलता ना.
12:54ये तो दुआई खुश किस्मत थी जो उसे सब कुछ मिल गया.
13:01हाँ, आप ठीक कह रही हैं.
13:02दुआ की भी खुश किस्मती है.
13:09ये बढ़ा है, पैसे पर फिर भी कॉंप्रोमाइज कर लिया जाता है.
13:15और महबबत के बगएर
13:17इतना तवील सफर कोई और अब कैसे कर सकती है?
13:27और मुझे लगता है कि यही नहीं चाहती है कि उसे पैसे
13:31और मुझे लगता है कि मेरी सानिया कोई गलड डिमांड नहीं कर रही है.
13:37हम अपनी सानिया के लिए बहुत अच्छे घट का लड़का दूलनेंगे
13:40जो बेशक बहुत जाथा पैसों वाले ना हो.
13:43लेकिन इतना पैसा ज़रूर हो
13:45कि मेरी बेहन की सारी खाइशें पूरी कर सके
13:48इसे किसी चीज के लिए तरसना ना पड़े
13:51और इसे महवबत करे
13:54और हमेशा खुश रखे.
13:57मैं खाना लगाता हूँ.
13:59चारा आशर मुझा रही है.
14:15तो ये सेबं आपकी कोशिश थी?
14:17हाँ.
14:19मीरी कोशिश थी.
14:23पर दिखो, तुम बच़ गई?
14:28जब आप जानती हैं कि मेरी किसमत इतनी अच्छी है
14:33तुम बचागे?
14:42बचागाँ?
14:45तो फर क्यों करती हैं ऐसी कोशिशन?
14:51हर बार नहीं बचोगी न, तुम?
14:54अगली बार मेरे निशाना चुकेगा नहीं?
14:57जान तो मैं लेके रहूँगी तुम्हार.
14:59मुझे हैरत होती है.
15:03अपने अंदर इतना जहर लेकर आप जुन्दा कैसे हैं?
15:06मैं नहीं मरूँगी द्वा.
15:11तुम्हें मारने से पहले मैं नहीं मरूँगी.
15:19किश्माला जी, इस घर में सब आप से बहुत मोहबत करते हैं.
15:24आपका इतना ख़याल रखते हैं, लेकिन आप हैं कि...
15:26सिर्फ तुम.
15:31मुझे किसी और से प्रॉबलम नहीं है.
15:36मुझे सिर्फ तुम से प्रॉबलम है.
15:41और तुम भी अगर खोशिर्मा की जिन्दगी से निकल जाओ,
15:45तो ये... ये नफरत भी खत्म हो जाएगी.
15:49आपके यह खाईश तो पूरी नहीं हो सकते हैं.
15:55सुरी.
16:19तो मैं अपे खोईस पूरी करना जानते हूं.
16:23बहुत अच्छी समय.
16:29Shiza.
16:32सर्वक्रास तमसे महापत नहीं करता.
16:37पता नहीं, अम्मी.
16:39गूवल पने शब्य वनूबास का उच्छी.
16:43गूवल पने शब्य वनूबास का उच्छी.
16:45पता नहीं, अम्मी.
16:48खमाले बही.
16:49तुम भीवी हो उसकी.
16:51तुम्हें नहीं पता, तुम किसको पता है
16:52कि तुम्हारा शौर तुमसे मावपत करता है
16:54या नहीं करता?
16:56सेवरास का गुस्सा ना उनकी हर चीज परावी रहता है.
16:59बेटी का रिष्टा करते वक्त,
17:02मौबाब तो सिर्फ उसके खानदान की शराफश नहीं देख सकतें, अनि.
17:10माँ ये तो नहीं देख सकती.
17:24जो बहुत महवपत कर रहे हैं उससे.
17:27देखे ना दुआ भी तो इसलिए इतनी खुश है के
17:30आजनवी बाही महवपत बहुत करते हैं उससे.
17:35शायद.
17:36अब वो दुआ से आद आया.
17:37है कहा, इतने दिन हो गए मुलकात ही नहीं होई.
17:40आपके तरफ भी चक्कर नहीं लगा रही क्या?
17:42अरे नहीं, आयी थी, हुई थी मुलकात.
17:44बात हुई थी हमारे.
17:45अब वो आज कल गई हुई है हवेली.
17:48अब घजनवी के बालें की तबियात कुछ ठीक नहीं है.
17:50तो आदद के लिए महां पहुंच रहे हूँ.
17:53अब वो, समक्षित के लिए मुलकात हुई हुई थी.
17:56अब वो, दूआ से आद आया.
17:58है कहा, इतने दिन हो गए मुलकात ही नहीं हुई.
18:01आपकी तरफ भी चक्कर नहीं लगा रही क्या?
18:02अरे नहीं, आयी थी, हुई थी मुलकात.
18:05बात हुई थी हमारे.
18:07वो, आज कल गई हुई है हवेली.
18:10अब असने भी कही, वालेद की तबियात कुछ ठीक नहीं है.
18:12तो आदद के लिए, वहाँ पहुंच रहे हुई.
18:14अब वो, सानिया के पास जाती हूँ न,
18:17खाने में हेल्प करने, बड़ी भूँ लग रही है, ज़िन्दी से लगागी.
18:19क्या मैं अपनी दोनों भैनों को जिन्दगी गुजारते वे नहीं देख रही हूँ?
18:23सर्फरास भाई को आपी की बिल्कुल कदर नहीं है.
18:28पैसा उनके पास है नहीं,
18:30लेकिन अकड, ख़तम होने का नाम ही नहीं लेती है.
18:38जबके, नोषी भाई के लिए,
18:41पैसा भी है और आपी पे जान भी छड़कते है.
18:47बिटेत जी, ये तो सब नसीव की बात है.
18:52दुआ के नसीव में होगा ये सब.
18:55अगर ऐसा है तो, अम्मा, मैं दूआ करती हूँ,
18:57कि मेरा नसीव, आपी जासा नहीं, बच्चो जासा हो.
19:02सितारा की रसम हो रही है.
19:05सितारा की, किसे?
19:10आम तो सुनादा प्राजाई का प्राजाई का बात करती हूँ.
19:15दुआ के नसीव में होगा ये सब.
19:17अगर ऐसा है तो, अम्मा, मैं दूआ करती हूँ,
19:19कि मेरा नसीव, आपी जासा नहीं, बच्चो जासा हो.
19:31मैं सोचा था कि मस्जिद में ही निका रखना है,
19:33लेकिन फिर सोचा कि लिड़की के भी कुछ अर्मान होगे.
19:38शौकत भाई, किसका निका?
19:41हमारे माजिद का सितारा के साथ.
19:43लेकिन ये तो मेरी मंगेतर है,
19:44और मेरी मंगेतर की शादि आप किसी और के साथ कैसे कर सकते हैं?
19:49जब कोई बात हुई नहीं, कोई मंगनी हुई नहीं तो?
19:52नहीं हुई मंगनी?
19:54नहीं, हो गए.
20:08एजाज़त?
20:10खेर से जाओ.
20:14अगली बार आओगी, तो ज़्याता दिनों के लिए आना.
20:18अब आप सब लोग कराची आईएगा.
20:22इंशाल्ला.
20:24जीती रहो.
20:26ख़दाफिस.
20:30खुश रहो बेटा, खेर से जाओ.
20:31ख़दाफिस.
20:32ख़दाफिस.
20:39मैं नौशेरवान की पहली बीवी हूँ.
20:41कौन पहली बीवी है, कौन दूसरे?
20:44इस बात से क्या फर्क पड़ता है?
20:48फर्क तो इस बात से पड़ता है ना कि,
20:51घज़नवी ने ये दरजा किसे दिया है?
21:12ख़दाफिस.
21:33खिजर बेटा,
21:35बाहर क्यों ख़ड़े हो, अंदर आओ.
21:39सरफरास, रास्ता दो.
21:41आओ बेटा, बैठो.
21:55सरफरास, अंदर जाके अम्मी से कहो कि,
21:58खिजर आया है और उन्हें कहो कि चाय भी बनाते.
22:03खिजर बेटा,
22:05खिजर बेटा,
22:07खिजर बेटा,
22:09खिजर बेटा,
22:12अम्मी,
22:16अम्मी,
22:17अरे क्या हुआ, क्यों आवाजे दे रहे हो मुझे?
22:20आपको हुनार दमाद आया है भाई.
22:24अरे खिजर,
22:25सलाम वालेकुम.
22:26वालेकुम सलाम बेटा,
22:28कैसे हो,
22:29बैठो.
22:37खिजर बेटा,
22:38बहुत शुक्रिया तुम्हारा के
22:40तुम मेरे बुलाने पर आ गए.
22:59मैं तुमसे एक बात करना चाहता था,
23:02उस दिन जो कुछ भी हुआ,
23:04वो नहीं होना चाहिए था.
23:09खिजर बेटा,
23:10मैं इस बह्यस में नहीं पढ़ना चाहिए था,
23:12कि गलती तुम्हारी थी या
23:15सरफराज की थी.
23:24लेकिन जरूरिज इस बात की है,
23:26कि तुम दोनों ये समझ लो,
23:28कि
23:29सुम्बुल का रिष्टा,
23:30तुम दोनों ये समझ लो,
23:31कि
23:32लेकिन जरूरिज इस बात की है,
23:34कि तुम दोनों ये समझ लो,
23:36कि
23:37सुम्बुल का रिष्टा,
23:38तुम दोनों से जुड़ा रहेगा.
23:49अगर तुम दोनों
23:52अपनी इस गलत फहमी को दूर नहीं करोगे,
23:54तो इस
23:56बढ़ाई का सबसे ज्यादा असर
23:58सुम्बुल पर ही पड़ेगा.
24:09अंकल, मैं मानता हूँ.
24:11सुम्बुल इस गलत की बेहन है और बेटी.
24:15लेकिन अब वो एक नए रिष्टे में जुड़ गई.
24:22आपकी वो बेटी है
24:24और आपकी बेहन.
24:26और अब वो मेरी बीवी भी है.
24:37अंकल, मुझे कोई शेक नहीं है
24:38कि आप लोग सुम्बुल से
24:39बेनतेहां महबबत करते होंगे.
24:40अकीन
24:41करते होंगे.
24:42और करनी भी चाहिए.
24:44लेकिन किसी को हक नहीं है
24:45कि कोई मेरी बेज़ती करे.
24:46और मेरी इसत्ता की धजीहोड़ा.
24:59उस दिन सर्फराज ने मेरी बहुत बेज़ती करे.
25:02उस पक तुम्हें पीज़े.
25:09अंकल, मैं आपसे
25:10एक छोटी सी बात करता हूँ.
25:11क्या मेरा इतना भी हक नहीं है अपनी बीबी पर?
25:15कि मैं उसको बाहर रेस्टॉन्ट लेके जा सकूं,
25:17खाना किलाने ले जा सकूं.
25:18इतना भी हक नहीं है मुझे.
25:24ठीक कह रहे हो बेटा.
25:25निकाख के बाद
25:27सुम्बुल पर यकीनन तुम्हारा हक है.
25:29लेकिन यूँ विखसती से पहले
25:31आजादाना, घूमना, फिरना
25:35लोगों को पसंद नहीं आता.
25:37खटकता है उनकी नजरों में
25:39और लोग उंग्लियां भी उठाते हैं.
25:49यह भी मैं मानता हूँ
25:50कि मैंने तुम्हे इजाजत जाता हूँ.
25:53यह भी मैं मानता हूँ
25:54कि मैंने तुम्हे इजाजत ज़रूर दी थी
25:56उसको बाहर ले जाने की.
25:58लेकिन इस सिल्सरे में
25:59इजाजत देने के बाद
26:01मैंने सोचा और
26:03मैं चाहता था
26:04कि तुम्हे से दुबारा बात भी करूँ.
26:06मैंने लगता है बेटा कि
26:08आएंदा मैं तुम्हे शायद इजाजत ना दे पाओ.
26:11अंकल आप याकीन करें
26:12मेरा ऐसा कोई भी हिरादा नहीं था
26:14कि मैं सुंबुल को यूँ बार बार लेके जाओ बाहर.
26:21और सुंबुल पर कोई उंगली उठाए
26:23ये मुझे गवारा नहीं होगा.
26:25माशाल्ला, बड़ा समझदार है हमारा दामाद.
26:29माशाल्ला.
26:39ते भी मुझे तुमसे ऐसी ही समझदारी की उमिद.
26:43आज मैं प्रावावार करता हूँ.
26:46तो मैं अपने स्वार्था के काफ्य मुझे प्रावार करता हूँ.
26:51और मैं सेन पर बढ़ा इस सिधा कोई गाधरार लोगों
26:55पर यहें काम नहीं होती हैं.
26:58जाएं प्रावार.
27:04लोगों, जाएं.
27:05आपने चाय बना भीली?
27:06हूँ, बना लिए.
27:09मैंने सोचा था
27:11आज अपने हाथों से चाय बना की पिलाओंगी खिजर को.
27:14अरे, पहले बता देती मुझे.
27:17आप भी तो पहले पूछ सकती थी, ना?
27:27अगर मुझे पता होता तुम्हारा इरादा है
27:29तुम्हें ना बनाती.
27:30अरे, फिजा.
27:32जी, लाई.
27:37अपने शोहर के आगे नमबर बनाने का मौक़ा मुझे भी दीजे.
28:00बस करें. कितना काम करेंगे थक जाएंगे.
28:04लीजे जणाब, और कोई हुकुम?
28:08अरे, इतनी फर्मावरदारी?
28:11आप कहके तो देखें.
28:13जान भी इतनी तेजी साई देधेंगे आपके लिए.
28:17अरे, तो पहले नहीं करेंगे, नहीं करेंगे.
28:20अरे, इतनी फर्मावरदारी?
28:23आप कहके तो देखें.
28:26जान भी इतनी तेजी साई देधेंगे आपके लिए.
28:30जान नहीं चाहिए, आपका साथ चाहिए.
28:37वो भी हमेशा के लिए.
28:39वो तो है ना हमेशा के लिए.
28:41इन्शाल्ला.
28:42इन्शाल्ला.
28:44अच्छा मुझे ये बताएं, हवेली से कुई कॉल आए?
28:51आपकी बात होई किसी से?
28:53बाबा साहीं की तबित कैसी है?
28:55आबी थोड़ी दिर पहले ही बात होई है.
28:57अब ठीक है.
28:58अलहम्द रहना.
29:00मेरे भी अम्मा साहीं से बात होई थी.
29:02ऐसे मुझे लग रहा था
29:03कि हवेली से वापस आके तुम थोड़ा सा डिस्टर्प होगी.
29:06इंकेन शुकर ऐसा होगा नहीं.
29:09डिस्टर्प क्यों?
29:11वही आइरन वाले इंसिडेंट के बाद.
29:16होने वाले चीज थी, हो गई.
29:18नहीं जाने कि मुझे लगता है
29:20कि किसी ने जान्बोज के किया था वो.
29:26मुझे ऐसा नहीं लगता.
29:30मेरा शब कश्माला पर है.
29:41मुझे तो मुझे नहीं कश्माला पर है.
29:44मैं बहुत समना जाना ख़िए.
29:46अगली बार मेरे निशाला चुकेगा नहीं।
29:48जान तो मैं लेके रहूँगी तुम्हार।
29:51मुझे हैरत होती है।
29:54अपने अंदर इतना जहर लेकर आप जुन्दा कैसे हैं?
29:58मैं नहीं मरूँगी, दौब।
30:01तुम्हें मारने से पहले, मैं नहीं मरूँगी।
30:05शैत पीरां के साथ सखती करता तो, मुझे नाम बता देती।
30:15ऐसा नहीं है।
30:20लेकिन अगर, फ़र्स करें।
30:25तो मुझे नहीं मरूँगी, मैं नहीं मरूँगी।
30:35अगर, कश्माला का नाम सामने आ भी जाता तो, आप क्या करते हैं?
30:51सखती से पेशाओंगा उसके साथ।
30:55सखती के साथ?
30:57नहीं, नहीं।
30:59मुझे वैसे उस पे तरसाता है, और आप और सखती करते हैं उसके साथ।
31:06तरस और कश्माला बे, तुम ऐसी औरत पर तरस खा रही हो कि अगर उसे मौका मिले ना,
31:18तो वो तुम्हारी जान भी ले लेगी।
31:20लेने दे, सिंदगी और मौत तो अल्ला के हाथ में है, और फिर वक्ष से पहले तो नहीं मरती मैं।
31:27वैसे तुम बाकी औरतों से काफी मुखतलिफ हो।
31:36किसी औरत के साथ में उसकी सोटन की बात की जाये ना, तो वो फुजूल बाते करने लगती है अक्सर। तुम तो साइड ले रही हो याँ।
31:46यह तरफा महबद का दुख बहुत गहरा होता है।
31:58वो बहुत महबद करती है आपसे।
32:07वो जब भी आपकी तरफ देखती है, मुझे ऐसा लगता है जैसे उसका दिल बड़ा हो।
32:17तो क्या चाहती हो तुम? मैं भी देखना शुरू करदूं उसकी तरफ।
32:27परदाश कर सकोगी तुम? नहीं।
32:32अगर परदाश नहीं कर सकती, तो फिर ऐसी बातें ना करो जिन से तुम्हें तकलीफ हो।
32:38एक न एक दिन, कुछ मालों का हिसास होगा कि उसने टाम जाय किया है अपना।
32:47और शायद वो किसी और से शादी भी कर लेगी।
32:50इससे मुझे लगता है।
33:04क्या सोच रही हूँ?
33:08यही कि आपको मुझे तंग करने में बहुत मज़ाद था।
33:13तुमने ही मौंका दिया।
33:19आपको बहुत मज़ाद था।
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