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  • 2 years ago
Teray Janay Kay Baad Episode 3 1 August 2024 (English Subtitles) ARY Digital

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Transcript
00:00बाजी से बात कर लो, एक बाद बात तैर हो गई, रिष्टा पका हो गया तो सारे खौफ दूर हो जाएंगे।
00:12जॉब के बगएर रिष्टा माँगना, अपना केस कमजोर करना है।
00:18अगर उन्हें अपनी फैमिली में रिष्टा करना था तो, आपलों को घर बुलाने के क्या ज़रूरत थी?
00:24इस फखर से तो मैं आमने सामने बात करूँगा ठीक से.
00:27नहीं, नहीं, अशर, दफा करूँगा. फखर से इस बात पर बात करने की कोई ज़रूरत था.
00:33अगर उन्हें अपनी फैमिली में रिष्टा करना था तो, आपलों को घर बुलाने के क्या ज़रूरत थी?
00:38इस फखर से तो मैं आमने सामने बात करूँगा ठीक से.
00:41नहीं, नहीं, अशर, दफा करूँगा. फखर से इस बात पर बात करने की कोई ज़रूरत था.
00:46अगर उन्हें अपनी फैमिली में रिष्टा करने की क्या ज़रूरत था तो, आपलों को घर बुलाने के क्या ज़रूरत था तो, आपलों को घर बात करने की कोई ज़रूरत था तो, आपलों को घर बात करने की क्या ज़रूरत था तो, आपलों को घर बात करने की क्या ज़र�
01:17अम्मी, भाई ऐसा क्यूं करते है?
01:22क्या करता है?
01:24जब आपी को छोड़ने ही जाना था, तो इतनी बातें क्यों सुनाई?
01:29अरे बेटे आदत है उसकी, क्यों दिल पे ले लेते हो तुम दोनों?
01:34आपी का छेहरा देखा था आपने?
01:35अरे सझल, चला तो गया है उसे छोड़ने.
01:38तो इतनी बातें सुनाने की क्या ज़रूरत ही? मना ही कर देते?
01:42कमसकम आपी हर्ट तो ना होती.
01:44छोटी छोटी बातों को सर पे क्यों सवार्थ करते हो सझल?
01:47अम्मी, आपको भाई की बातें छोटी रहती हैं?
01:52इसलिए क्योंकि वो बेटा है और हम बेटियां.
01:55अरे कौन सी ज़रूरत पूरी नहीं होती तुम्हारी,
01:58जो तुम दोनों में इतनी मज़्लूमियत भर गई है?
02:01क्या हो गया है?
02:03आपको क्या लगता है?
02:04जिंदगी गुजारने के लिए बस चीज़ों के ज़रूरत होती है.
02:07चा, और क्या चाहिए तुम्हारी?
02:10इजद नहीं चाहिए.
02:12भेन भाई के रिश्टे में इजद कहां से आ गई?
02:15यह तो महबबद का रिश्टा होता है.
02:16इजद नहीं चाहिए.
02:18भेन भाई के रिश्टे में इजद कहां से आ गई?
02:21यह तो महबबद का रिश्टा होता है.
02:23इजद नहीं हो तो महबबद पूरी नहीं पड़ती है, अम्मी.
02:26जब मेरी उमर तक पहुंच चाहिए, तुम्हें असास हो जाएगा
02:28कि इजद तो महबबद के साथ साथ ना जिन्दगी में पैसे की भी जरूरत होती है.
02:33पता नहीं अम्मी जी, कभी कभी तो आप बहुत एजीब बाते करती हैं, समझ ही नहीं आता मुझे.
02:37दो लमे के लिए मैं यहाँ बैठी थी, तुम आगए हो आजीब फ़जूल बाते कर रहे हो, जाओ यहाँ से.
02:44सभी है.
02:49अम्मी मैं आपसे यह कह रहा था कि एजिन्ड जो यह पैसे कह रहा है, बहुत जादा कह रहा है. यह घर इतनी कीमत का नहीं लग रहा है मुझे.
02:55बेटा, इस तरह से तो हम कोई भी घर नहीं ले पाएंगे. और मैं तुम्हें बता दू एक बात अशर, अब यहाँ घरों की कीमते ना अस्मान को पहुंच गई हैं.
03:06अम्मी मुझे यहाँ आए वहे इतना अरसा नहीं हुआ, सिर्फ दो साल का अरसा हुआ है. और दो साल में इतना सब कुछ नहीं बढल जाता. वो सिर्फ ख़वातीन देखकर आपको बेबकूफ बनाने की कोशिश कर रहा है, बात को समझें.
03:15तो तुम बता दो कि क्या करूँ मैं? तुम्हारे आने का इंतिसार करूँ?
03:20मैंने ऐसा कब कहा है आपसे? मैंने एक फ्रेंड से बात की है, वो जैसे कुछ पता चलता है, मुझे अपडेट करता है और फिर मैं आपको बता दूँगा.
03:28देख लो बेटा, कहीं ऐसा ना हो कि ये घर हमारे हाथ से निकल जाए. वैसे सच बताओं, मुझे तो दूनों घर बहुत मुनासिप लगें.
03:36अम्मी, मैं यही समझाने की कोशिश कर रहा हूँ आपको कि ये बहुत बढ़ा डिसीजिन है, घर शिफ्ट करना आसान नहीं होता, बनदा यही की दोबर शिफ्ट करता है ना, मेरे दोस्त से बात हुई है, वो बताएगा मुझे, मैं आपको अपडेट कर दूँगा. और �
04:06एक चार बानों से बात किया मैंने आज,
04:11कुछ नहीं बना.
04:15आज या कल में ट्यूशन की फीस आ जाएगी भाई,
04:18आप फिकर नहीं करें, हम मैनेज कर लेंगे.
04:21बात मैनेज करने की नहीं है,
04:24स्कूल के कुछ रूल्स और रेगॉलेशन्स होते हैं.
04:28तो ठीक है,
04:30कल फिर मैं खुछ जाओंगा स्कूल,
04:32देखता हूँ कैसे नहीं बैठने देते.
04:34देख रहे हैं आप,
04:35अब यह स्कूल जाके उनसे लड़ेगा.
04:38बात तो करना पढ़ेगी ना.
04:40लेकिन उमेर समस्कूल...
04:41स्कूल जाना होगा तो मैं जाओंगा.
04:45मोहिट को क्लास में बैठने से कोई नहीं रोग रहा है.
04:50उमेर, तुम्हारी टीफिन का टाइम हो रहा है ना?
04:53झी भाई.
04:56जाओ, देर हो जाएगी.
05:02ख़ुदा आफ़िस.
05:03ख़ुदा आफ़िस.
05:04आफ़िस.
05:15मैं...
05:17सोहेल से कुछ पैसे उधार ले लोगा.
05:20काम हो जाएगा.
05:22कोई जरुबत नहीं है सोहेल से पैसे उधार लेने की.
05:26पैसे मिल तो जाएगे मैं, लेकिन 10,000 दफ़ा जताएगा में वो.
05:32अम्मी ने कमेटी ढा लेये.
05:35मैं सोच रही हूँ, उनसे पैसे ले लेती हूँ.
05:3810-15 दिन बाद वापिस कर दूँगी उन्हें.
05:41और आंटी से पैसे लेना मुनासिब होगा?
05:43कह रही हूँ ना कि 10-15 दिन में वापिस कर देंगे पैसे.
05:54मगर हेरा...
05:56दिखें आप इस ममले में नहीं बोलें, सफ्याँ.
05:59मैं कह रही हूँ ना,
06:01मैं कर लूँगी मुझे जो करना है.
06:25अम्मी, मैं तयार हो गई हूँ.
06:27आप फून ले के बैठ गई हैं.
06:29फ़जार बंद हो जाएगा, जल्दी करें ना.
06:32फरहीन को फ़ौन कर रही थी, उसने उठाया ही नहीं.
06:35हैरियत?
06:37हाँ, आयास की तब्बे ठीक नहीं थी न,
06:39पहले तो मैंने फरहीन की सास को ही फ़ौन किया था.
06:42उनका फ़ौन नहीं लगा, तो फरहीन को किया.
06:44उसने भी नहीं उठाया.
06:46अल्ला, खयर करे.
06:48लगता है, आप फ़ून ले के बैठ गई हैं.
06:51आप फ़ून ले के बैठ गई हैं.
06:53वाह, भाई!
06:55आप भी और किसी की खिदमत करने हैं.
06:58तो मैंने फ़ून नहीं लगा, तो फरहीन को किया था.
07:00तो मैंने फ़ून नहीं लगा, तो फरहीन को किया था.
07:01तो मैंने फ़ून नहीं लगा, तो फरहीन को किया था.
07:02उनका फोन नहीं लगा, तो फरहीन को किया.
07:04उसने भी नहीं उठाया.
07:07अल्ला, खैर करे,
07:08लगता है आयास की तब्यों कुछ जादा ही खराब है.
07:12दोनों खिदमतों में लगी विए.
07:14शायद इसलिए फ़ून का ओश नहीं रहा होगा उनको.
07:18वाह, भाई!
07:20आप भी और किसी की खिदमत कर ले.
07:23ऐसा हिस्ट्री में हुआ तो नहीं है कभी.
07:27विटा, शादी से पहले सारी लड़किया ना ऐसी ही लापरवा होती हैं.
07:32अब तो माशाल्ला से मेरी फरहीन
07:34घर-घरस्ती वाली हो गई है.
07:37अल्ला का शुकर है.
07:39वरना मुझे तो उसकी तरफ से हर वक्ष दर ही लगा रहता था.
07:43अम्मी, आपको ठीक डर लगता था.
07:45फरीन आपई अपनी आई पर आ जाये ना,
07:47तो आयाज भाई तो क्या, उनकी अम्मा को भी ना छूड़ें.
07:51मुझे ना बढ़ा तरस आता है दोनों पर.
07:54ऐसी बात बिल्कुल भी नहीं है.
07:56मेरी बेटी जैसी बहुँ ना वो चिराग लेके भी ढूंडेगी,
07:59तब भी नहीं मिलेगी.
08:01अरे तो जब तोफ़ा मेरी शादी का है,
08:02तो मिलना भी तो मुझे चाहिए ना.
08:04अम्मा दे देंगी तुम्हें, कोई खा नहीं जाएगी तुम्हारा तोफ़ा.
08:07तुम्हारी मा का क्या बहरोसा है?
08:09देखो फरीन, अब तुम अपनी औकाद से बाहर निकल रही हो.
08:12देखो, आगे चलके लेंदेन मुझे ही करना है ना,
08:15तो जब तोफ़ा मुझे मिलेगा, तो ही मैं कुछ वापिस कर पाऊँगी हा?
08:18तो वो मिला तो था ना तुम्हें भी लिफाफा.
08:20उसमें कुछ ना कुछ तो होगा ना,
08:22जिसकी तुम्हें मुझे खबर नहीं होने दी.
08:24यकीन था मुझे कि तुम्हारी नजर मेरे लिफाफे पे ही होगी.
08:27देखो, मैं पैसों की परवा करने वाला नहीं हूँ.
08:30अच्छा, लगता तो नहीं है ऐसा.
08:34देखो वरीन, तुमने आगे जाकर जो भी लेंदेन करना है,
08:36वो मेरी ही पैसों से कर.
08:38तो जब तुम्हें चाहिए होगे, मैं तुम्हें दे दूँगा,
08:40मुझे से ले ले ना, वहाँ एक बड़ा है?
08:42अयाज, मुझे कुछ नहीं पता.
08:43अपनी माँ से बोला मेरा तोफा वापिस करे.
08:45एक बात तो तुम कान खोल कर सुनु.
08:48अपनी माँ से मैं ये गटिया बात मर कर भी नहीं करूँगा.
08:51तुम्हारी माँ?
08:54कौन से गटिया बात बेटा?
08:57कुछ नहीं, कुछ नहीं अम्मा.
09:00आप वैसे तो हर बात पर लड़ने को तयार हो जाती हैं.
09:03मेरा तोफा वापिस नहीं करेंगी?
09:04तुम्हारा तोफा, कौन सा तोफा?
09:07अरे कुछ नहीं अम्मा, इसका तो दिमाँ खराब हो गया है.
09:11मेरा दिमाँ खराब नहीं हो गया है.
09:12वो ही तोफा जो आपकी दोस्ट लेकर आई थी, वो वापिस तो करें मुझे.
09:15लेकिन वो तो उसने उसी वख तुम्हारे हाथ में दे दिया था.
09:18अरे, वो तो सामने मेश में रखा वा था.
09:21लेकिन वो तो मेरा जोड़ा है.
09:23यार, शादी तो मेरी थी.
09:25हाजना तो हर दफा मेरे लिए कुछ ना कुछ ले कर आती है.
09:28आयास, बताओ बेटा, तुम्हें तो पता है ना?
09:31आपके मासूम बेटे को कुछ नहीं पता होता हूँ.
09:33क्या हर वक्त तुम लड़ने के लिए तैयार रहती हो?
09:36हर वक्त दिमाग खराब रहता है तुम्हारा?
09:39तुमसे तो बात ही करना बेकार है.
09:42ना, तुम तो जाओगे पीछे अपनी माँखे.
09:46मैं लड़ने को तैयार होती हूँ.
09:47लड़की तो ऐनको मैं दिखाऊँगे.
09:50जोड़ा तो मैं लेके रहूंगे.
09:53छुड़े ना, माँथ, इसका तो दिमाग खराब होगे.
09:57अप एक काम क्यों नहीं करती?
09:58अपनी दोस्त को अब ही फून मिलाए
09:59और लाउट स्पीकर पर फून डाले.
10:01हम सब सुनेंगे किस के लिए लाए थी वो ये जोड़ा.
10:03तो अपनी दोस्त को अब ही फून मिलाए
10:05और लाउट स्पीकर पर फून डाले.
10:07मैं अपना हाथ किसे को खाने नहीं करता हूँ.
10:09मैं अपना हाथ किसे को खाने नहीं करता हूँ.
10:10मैं अपना हाथ किसे को खाने नहीं करता हूँ.
10:11मैं अपना हाथ किसे को खाने नहीं करता हूँ.
10:12मैं अपना हाथ किसे को खाने नहीं करता हूँ.
10:14अच्छा, ठीक है, तुम्हें यह जोड़ा चाहिए ना?
10:16तुम यह रख लो.
10:17एकिन ख़ुदा के लिए घर में जगड़ा मत करो.
10:20आप एक काम क्यों नहीं करती?
10:21अपनी दोस को अब ही फून मिलाए और लाउड स्पीकर पर फून डाले.
10:24हम सब सुनेंगे किसके लिए लाए थी वो यह जोड़ा.
10:34मैं अपना हग किसे को खाने नहीं देती हूँ.
10:38वहीम!
10:44अपनी माँ का हग खाने वाले को मैं जमीन में गाड़ देता हूँ.
10:47तुम तो शुक्र आदा करो, अपने पैरों पर खड़ी हो.
10:54बेटा, बेटा दे दो तुम इसे जोड़ा, वरना यह इसी थारां जगड़ा करती रहेंगी.
10:58बस हम दे.
11:01अब तो इसने सारी हदें क्रॉस कर दिये हैं, बस.
11:05अच्छा, अच्छा तुम मेरे साथ अंदर कबड़े में चलो.
11:08अंदर तो चलो.
11:10आजा बेटा.
11:25अच्छा बेटा, गुसा मत करो, आओ यहां बैठो.
11:28बैठो तो, बैठ जो.
11:48हाँ, लेकिन जो सझल के लिए गोल्ड का सेट मैंने ओडर किया था ना, उसके पैसे देने हैं मैंने.
11:53तो अम्मी, थोड़े दिनों बाद भी तो कर सकती हैं आप.
11:57नहीं, नहीं, वो दुकांदार नहीं मानेगा, पहले ही काफी देर हो चुकी है.
12:01अम्मी, आप बाद तो करके देखें जूलर से.
12:05अरे बिटे, सझल ने तीन महीने पहले सेट पसंद किया था.
12:08कमेटी को भी दो महीने देर हो गई है, मैं अब क्या कर सकती हूँ?
12:15अच्छा सुनो, मैं हमाद से पूछो.
12:19भाई से?
12:21हाँ, तो और किसे मांगे जा सकते हैं पैसे इस वक्त?
12:24और तुम कोई फ़जूल खरची तो कर नहीं रही हो,
12:27मोहिट के नाम पर वो फ़रन मान जाएगा.
12:30लेकिन अम्मी...
12:32मारा मस्सा हल हो गया नहिरा, तुमें क्या मुसीबत है?
12:34मैं बात कर लूँगी हमाद से, दे देखा वो पैसे.
12:36अम्मी, लेकिन हमाद भाई से कहीगा कि वो पैसे उधार के हैं,
12:40कभी वो यह समझने लगें कि, हमेशा के लिए दे दिए उन्होंने पैसे.
12:44अच्छा, ठीक है, ठीक है, मैं कह दोंगी.
12:47अम्मी, आप भाई से बात करके मुझे message ज़रूर दे दीजेगा,
12:50और सचल से कहें कि, वो जो सेट है, उसकी picture मुझे message कर दे.
12:56रहा? तुम फोन बन करोगी तो मैं जाओंगी न?
13:00अच्छा, अच्छा, रख रही हूँ, रख रही हूँ, ख़ुदा आफिस, ख़ुदा आफिस.
13:05क्या मसीबत है?
13:06क्या हुआ?
13:08आगे ख़ुद देखने क्या हुआ?
13:12या लग, सेवर भी ले गई?
13:17जी दोनों तरफ का, और साथ मैंने कुछ रकम payment के लिए रखी थी, वो भी ले गई है.
13:25आप नहीं प्रशाय करते हैं, तो वो दोस्ते है.
13:27आप नहीं प्रशाय करते हैं, तो वो दोस्ते है.
13:28जी दोनों तरफ का, और साथ मैंने कुछ रकम payment के लिए रखी थी, वो भी ले गई है.
13:38क्या किया है इस लड़की ने?
13:46अस्सामलेकुम आपी, कैसी हैं आप?
13:49अम्मी ने भाई से बात की?
13:51इनसान सलाम का जवाब तो दे दिता है.
13:54अच्छा भाई, वालेकुम अस्लाम.
13:57वैसे मैंने तुमसे कुछ पूछा है?
14:01कुछ बात चल तो रही है.
14:03अम्मी को फोन दो, मैं खुद पूछ लूँगी उनसे.
14:05अच्छा सबर करें, बेती हूँ.
14:06अच्छा सबर करें, बेती हूँ.
14:08उसने तो आदत ही बनाली है, अम्मी.
14:10हर दूसरे दिन कोई निया खर्चा ले आती है.
14:13मजबूर है ना बेटे, उसके बच्चे का मामला है.
14:16तो बच्चे के बाब को बोले ना.
14:18लाखोर रुपे लगवा कर शादी करवाई ये.
14:21नमाध, मगर...
14:23अम्मी, अब वो सुफयान की जिम्मदारी है.
14:27मैं कब तक इन दोनों के खर्चे अपनी जेब से पूरे करता रहूंगा.
14:31तो सुफयान के पले भी तो हम ने ही वाला था.
14:34वो कौन सा घर से भाग गए थी?
14:37अभी दूसरी की भी शादी करनी है.
14:39और यहाँ पर पहली के मसलें ख़तम नहीं हो रहे हैं.
14:42मैनों के बड़े हाक होते हैं, अमाध.
14:45इत्सान का खुद करता है.
14:46मैंने अपने बारे में कुछ नहीं सोचना किया?
14:48सोचना है. क्यों नहीं सकव?
14:51बाप के मरने के बाद दोनों भैनों के जिमदारियां तुम ने ही तो उठा इये।
14:56ता करेगा ना तुमाँरे सारे काम.
15:00यहाँ बहुत नहीं है.
15:01अम्मी, मैंने अपने बारे में कुछ नहीं सोचना क्या?
15:04सोचना है, क्यों नहीं सोचना?
15:07बाप के मरने के बाद दोनों भेनों के
15:09जिम्मेधारियां तुमने ही तो उठाई हैं.
15:12ता करेगा ना तुम्हारे सारे काम.
15:14बस ये आख़री तफ़ा है, अम्मी.
15:16आप हिरा को कहें कि इसके बाद अपनी मसले खुद देख ले.
15:45अच्छा, ये तवा वाली ज़र फेश है ना, वो एक कर दो.
15:50मटन चॉप मसाला है ना, वो भी कर देना.
15:54ओहो!
15:56किसकी कॉल है, अम्मी?
15:58वरीन की सास की कॉल है, भर जाके बाद कर देंगे.
16:02अच्छा, और...
16:05बिहारी बोटी भी कर देना.
16:11अशर की कॉल है?
16:14अशर की कॉल है इस वखत?
16:17हलो, हाँ बिटा, सब खैरियत तो है?
16:20खैरियत नहीं है, अम्मी.
16:22क्या हुआ? तुम तो ठीक हो?
16:24अम्मी, आप वहाँ शौपिंग कर रहे हैं.
16:26उदर फरी को उसकी सास ने उसके घर से निकाल दिया है.
16:29क्या? तुम्हें कैसे पता चला?
16:32मुझे कैसे पता चला? फरी ने कॉल किया है, अम्मी.
16:35अलीजे, कैंसल करो खाना और गाड़ी बुला, जल्दी से गाड़ी बुला.
16:40तुम्हें इतनी दूर उसने फार्ण कर दिया?
16:43हमें फार्ण करके नहीं बता सकती थी?
16:45अम्मी, इस सब में आपको इस चीज़ की फिकर है कि उसने मुझे पहले कॉल की है?
16:48परॉबलम यह है कि फरी को उसकी सास ने बे सरो सामान,
16:51खाली पहर घर से निकाल दिया.
16:53मैं सुबह से फरीन और उसकी सास को कॉल कर रही हूँ.
16:56दोनों ने मेरा फ़ोन नहीं उठाया.
16:58आपको यह सब कुछ मालूम है, नामी.
17:00उसके बावजूद आप शॉपिंग पर हैं,
17:02बजाये यह कि आप उसकी खबर लें कि उसके साथ हुआ क्या है?
17:06अच्छा तू अब यह तो बता ना बिटा, कि है कहाँ वो?
17:10पड़ोस में कोई खाला है, उनकी आरुकी है.
17:12हाई अल्ला, साहरा की घर चली गई?
17:15चलो, अब उस औरत ने पूरी दुनिया में नशर कर देनी है यह बात.
17:20चाबी तो थी उसके पास, तो घर क्यों नहीं गई?
17:23मैंने आपको बताया है ना कि वो किस सिच्वेशन में वहाँ से निकली है?
17:26उसमें उसको चाबीयों का होश्ट कैसे होगा?
17:29आप घर पहुंचे और मुझे बतायें कि क्या सिच्वेशन है?
17:31हाँ, हाँ, ठीक है, बताती हूँ.
17:33और हाँ, फरी को ये बता दीज़ेगा कि उसका भाई अभी जिन्दा है.
17:37अगर मुझे नौकरी छोड़ कर भी आना पढ़ा ना, तो मैं आउंगा वहाँ पर.
17:40और इस आयास को तो मैं वहाँ आकर सीधा करूँगा.
17:43ये मेरी बेन के साथ ऐसा कैसे कर सकता है, उसे घर से कैसे निकाल सकता है?
17:46अशर बेटा, अराम से.
17:49बेटियों के मामलात ना, होज से सुलजाय जाते हैं, जोज से नहीं.
17:53मैंने जो फरी की आलत देखी है, अगर आपने देखी होती ना, तब मैं आप से पूछता.
17:58अच्छा तुम मत परिशान हो, मत फिकर करो.
18:01मैं घर पहुंच के तुम्हे कॉल करती हूँ, ठीक है?
18:03चलो, खयाल रखना अपना.
18:13ये सजल तो है ही बेवकूफ,
18:16कद लंबा हो गया है, लेकिन अकल तो बिल्कुल नहीं है इसमें.
18:19उसपे क्यों बिगड़ी है, अम्मी? उसका क्या कुसूर है?
18:23सारा कुसूर ही उसी का.
18:25एक बात तो मुझे पता चल गई, अम्मी.
18:30भाई की नजरों में ना, मैंने अपनी एहमियत पैचान ली.
18:35अब हमाद भी क्या करे, बेटे?
18:38इनसान है, ठक जाता है वो भी.
18:40अम्मी, एक बात बताएं,
18:42मैं क्या आप लोगों से शौकिया पैसे मांगती हूँ?
18:45खुदा ना करे, हिरा. कैसी बातें कर रही हैं?
18:48कि ना तारोबार के हालात भी तो दिन बदिन खराब होते जा रहे हैं, ना?
18:53हालात? हालात ही तो खराब है मेरे.
18:57हाँ, हाँ, जानती हूँ मैं.
18:59मजबूरी में ना, अम्मी, इन्सान भेल बाईयों से पैसे मांगता है.
19:03हाँ, तो हिरा, भाई भी कभी-कभी परिशान होते हैं.
19:07सुफियान, वो जिसन पे भी ना, अम्मी.
19:09सबसे पहले मैं भाई का गर्जा चुकाऊँगी.
19:12उसने मांगे हैं तुमसे कभी?
19:13नहीं मांगे, अम्मी.
19:15लेकिन हमेशा जलील करके पैसे दियें मुझे.
19:19चाब इस बात को छोड़ो.
19:20उसने तुमारे अकाउन में पैसे डलवा दियें.
19:22जाके अपने बच्चे की फीस अदा करो.
19:24और बाकिे बातें बाद में देखिजानेंगे.
19:27अब मोहइत की फीस का मांबला नहीं होता न,
19:30मैं कभी भी भाई से पैसे मांगे नहीं आती.
19:32हाँ, हाँ. हिरा, मैं समझती हूँ.
19:34मैं जानती हूँ सब कुछ.
19:44हाँ, तु करें शादी,
19:46आदी, शौक से शादी करें.
19:49किसने मना किया है आपको?
19:50लेकिन एक मर्तबा इससे भी पूछ लीज़ेगा.
19:53कि ये शादी करना चाहती है
19:54या आप जबरदस्ती करवा रही हैं
19:55मेरी जैसे करवा ही थी?
19:57ऐसा ना हो ये भी आके छे महीने बाद
19:58यहीं बेट़ी भी हो.
20:18शरम नहीं आई तुझे?
20:20भाई को पर्देश पर परिशान करते वे?
20:23भाई या दुक तक्रीफ में इनसान अपनों को याद करता है ना?
20:27तो हमें क्यों नी फौन किया तुने?
20:29आप लोग कौन सा घर पे थे?
20:31आप लोग तो शौपिंग करने बाहर गय वे थे.
20:33तुझे कैसे पता कि हम मजार गय वे थे?
20:35तुझे हमें फौन किया?
20:36अब तुझे बता सुस्राल में क्या हुआ है?
20:41बताया तो था मैंने आपको.
20:44मेरी सास दे मुझे धक्के मार के घर से बहार निकाल आया.
20:47और वो अयाज तमाशाई बन के खड़ा होकर देख रहा था.
20:53तो मुझे परिशान करता था,
20:55था अब बताया तो था मैंने आपको.
20:58मेरी सास दे मुझे धक्के मार के घर से बहार निकाल आया.
21:01और वो अयाज तमाशाई बन के खड़ा होकर देख रहा था.
21:06अच्छा?
21:07एसी क्या बात हुई कि तिरी सास थे तुझे धक्के देके निकाल दिया?
21:11होना क्या था?
21:13सास थी, जुल्म करती थी, जैसे सारी सासे करती हैं.
21:17घर का सारा काम मुझे से करवा रही थी, आपको पता है?
21:20साफ सफाई, जाड़ू, पोचा, खाना बनाना और खाना भी नहीं देती थी.
21:23देखी कितनी कमजोर हो गई हूँ मैं.
21:26अच्छा, जैसे तु सारा काम कर लेती थी, है ना?
21:32यह आप इतनी इंक्वाइरी क्यों कर रहे हैं मुझसे?
21:34मा हूं मैं तेरी, तफसील तो मालूम करूँगी ना?
21:38बजाय इसके कि आप मुझसे हमदर्दी करें,
21:41मेरे सुस्राल वालों का जाके गिरबान पकड़ें,
21:43आप मुझे ही कठेरे में खड़ा कर रहे हैं?
21:55बंद कर इसको.
21:58अशर नहीं हूँ मैं,
22:00इसलिए अब सथ-सथ बता दे, कि क्या गुल खिला कर आए है वहाँ पर?
22:04यह सब किया धरा आपका है.
22:06मेरा? मैंने करवाई है तेरी लड़ाईया?
22:09आपने मेरी मरजी के ख़िलाफ वहाँ शादी करवाई है मेरी.
22:12है?
22:15अब इस बात का क्या मतलब है?
22:17इसका मतलब यह है, कि मैं वहाँ वापस नहीं जाओंगी.
22:22तेरा तो बाब भी जाएगा बेटा.
22:24अल्ला, अल्ला करके ना मैंने तुझे अपने सर से उतारा है.
22:27अब मैंने अपनी दूसरी बेटी के शादी करनी है.
22:30इसलिए यह अजाब मैं दुबारा नहीं रख सकती.
22:32तू तो वापस जाएगी, बस.
22:35हाँ, तू करे शादी, शौक से शादी करे.
22:38किसने मना किया है आपको?
22:40लेकिन एक मर्तबा इससे भी पूश लीज़ेगा.
22:42कि यह शादी करना चाहती है
22:43यह आप जबरदस्ती कर वा रही हैं,
22:45मेरी जैसे कर वा थी.
22:46ऐसा ना हो, यह भी आकर छे महीने बाद
22:48यहीं बैठी भी हो.
22:49ऐये अल्ला ना करे, बनपूस!
22:52यहाँ मनूस अलफास दिकाल रही है
22:53अपनी छोटी बैण के लिए,
22:54शरम नहीं आरही तुझे?
22:55छोड़े ना अम्मी, जाने दें, क्या हो गया?
22:57क्या छोड़ू?
22:58तु उसको नहीं देख रही है?
22:59एक तो सुस्राथ से लड़ कर आई,
23:01उपर से इसकी बातें सुनो.
23:05अपनी, आप अभी कमरे में चली जाया.
23:22अम्मी, आप आंटी से बात कर लें.
23:25नहीं. अशार खुद ही बात कर लेगा.
23:29मेरी तो हिम्मत नहीं है, कि मैं इसकी सास की बातें सुनो.
23:42जी, तो फिर कहां है आपकी वालिदा महतरमा?
23:45नमास पढ़ रहे हैं.
23:49और आपका मुझ क्यों लटका हो आई?
23:52अम्मी की तबद खराब हो गई थे.
23:55क्या हुआ उन्हें?
23:56प्रट पेशर हाई हो गया था.
23:59लेकिन वो तो बहुत परेज करती है, सजल.
24:04टेंशन से हो गया था.
24:06टेंशन?
24:08मैं समझा नहीं किस बात की टेंशन?
24:10पता नहीं, कुछ खास बात नहीं है.
24:12कहीं तुम्हारे रिश्टे की बाज़ा से
24:14तुम परिशान नहीं हो रही थो?
24:17मेरे रिश्टे के लिए?
24:19हाँ.
24:22नहीं भाई.
24:24तुम चिड क्यों रही हो?
24:27मैं चिड नहीं रही हूँ, आप बाल की खाल निकाल रहे हैं.
24:30इसलिए भाभी भी आज परिशान थी, न?
24:32कुछ न कुछ तो हुआ है, जो तुम मुझसे चुपा रही हो.
24:35मैं आपसे कुछ चुपा भी नहीं रही.
24:37मुझे धोके में मत रखना.
24:39इनसान को अपनी भी कुछ प्रॉबलम्स हो सकती है.
24:42अब, सचल, तुम मुझे एरिटेट कर रही हो?
24:45सुफयान भाई के काम कब ठीक होगा, उमेर?
24:49चाँ, तो...
24:54भाभी की वज़ासे परिशान है, अंटी.
24:57अगर सुफयान भाई के काम ठीक नहीं हुआ ना,
25:00तो मुझे परिशान होगा, अंटी.
25:02भाभी काम कर रहे हैं, ऐसा नहीं है कि वो काम ही नहीं कर रहा है.
25:06मैं भी लगा वह उसे चुली.
25:09जानती हूँ.
25:12अभी, कल ही मैंने एक नए टूशन स्टार्ट किया है,
25:17मोहित के फीस के लिए.
25:20मोहित के फीस के लिए?
25:22मुझे परिशान कर रहा है, अंटी.
25:24अभी, कल ही मैंने एक नए टूशन स्टार्ट किया है,
25:30मोहित के फीस के लिए.
25:32बागी सब भी हो जाएगा.
25:34और सजल, तुम ही तो कहती हो कि बुरे हालात में,
25:39अच्छे वक्का इंदजार करना चाहिए.
25:42दूआ करें कि हालात बदल जाए.
25:44दूआ और दवा दोनों कर रहा हूँ.
25:49बात में बात करते हूँ.
25:51दाफिस.
26:14आयाज भाई, मेरी बहन यतीम जरूर है.
26:18लावारिश नहीं है.
26:20आप ऐसा कैसे कर सकते हैं उसके साथ?
26:22भाई, तुम्हारी बहन तो किसी की भी पेरों के नीचे से जमीन खींच ले.
26:26आप लोगों ने उसे धक्के दे कर घर से निकाल दिया उसके बावजूत.
26:28तुम्हारी बहन ना सफैग जूड बोल रही है.
26:31और आप सच कह रहे हैं.
26:33मुझे बात करने दे अम्मा.
26:35देखो अशर, मुझे तुम से या तुम्हारी फैमिली से कोई प्राब्लूम नहीं है.
26:40लेकिन आज जो हरकत तुम्हारी बहन ने की है ना,
26:42पिशते के वक्त तो कितने मासूम लगते थे तुम.
26:45मासूम सुरत तुम्हारी बहन की भी है,
26:47जिस पर हमने धोका खा लिया.
26:49धोका हम लोगों ने खाया है.
26:51किस किसम के लोगों तुम,
26:53अकेली लड़की को नंगे दे रहे हैं.
26:55आप पर बचा नहीं है.
26:56पहले तो मुझे लगता था कि फरहीन ऐसी है.
26:58बगर अब मुझे यकीन हो गया है कि
27:00पूरा का पूरा खांदान ही फ्रॉड है.
27:02हम फ्रॉड हैं, तुम लोग फ्रॉड हो.
27:04ख़ुदा की कसम अगर इस वक्त मैं पर प्रता था,
27:05मैं तुम्हें बता था.
27:07हाँ, हाँ, आजाओ.
27:09वेसे भी तुम लोगों को फसाद फ़ेलाने के लाएँ हो
27:10और आता क्या है?
27:11तुम जैसे लोग होते हैं
27:12जिनकी वज़ाएँ से बेटियां, माबाब को भूश लगते हैं.
27:15अगर तुम लोग फ्रॉड होते हैं,
27:17पहले तो मुझे लगता था कि फरहीन ऐसी है,
27:19बगर अब मुझे यकीन हो गया है कि
27:21पूरा का पूरा खानदान ही फ्रॉड है.
27:23हम फ्रॉड हैं, तुम लोग फ्रॉड हो।
27:25खुदा की कसम, अगर इस वक्त मैं पाकिस्तान में होता था
27:27मैं तुम्हें बता था.
27:29हाँ, हाँ, आ जाओ.
27:30वेसे भी तुम लोगों को फसाथ फैलाने के लाएँ हो
27:32और आता क्या है?
27:33तुम जैसे लोग होते हैं जिनकी वज़ासे बेटियां,
27:35माबाब को भोष्ट लगने लगती हैं.
27:38देखो बेटा, तुम्हें अगर लगता है ना कि
27:41हमने तुम्हारी बेहन को धक्के देखे घर से निकाला है,
27:43तो ज़राएँ एक फून करके अपनी बेहन से पूछो,
27:46कि जब उसे धक्के देखे घर से निकाल रहे थे,
27:48तो घर का सारा नकदी और जेवर मैंने उसके हाथ में दिया था
27:51या आयाज ने दिया था?
27:54सबको यही लगता है कि बस लड़के वाले ही जालिम होते हैं,
27:59बाद वक्त लड़की वाले भी ऐसी ऐसी बाते कर जाते हैं,
28:01कि जिनने सुनके अकल दंग रह जाती है,
28:04मेरी तो अल्ला से दूआ है कि बस सारी हकीकत जो है न,
28:07वो खुलकर तुम्हारे सामने आ जाए,
28:09तुम अभी बहुत घुसे में हो,
28:11जब तुम्हारा घुसा ठंड़ा हो जाए न,
28:13फिर हमें फोन करना,
28:15तो हम जरूर इस मसले का हल निकालेंगे,
28:17अल्ला हाफिस.
28:19हल आप...
28:23सेवर...
28:25भाई मुझे भी तो कोई बताये कि हो क्या रहा है,
28:28अखिर क्या ढूंढ रहे है अशर, बताओ क्या मसला है?
28:30दो मिनेट रुके भाई, हम चेक कर रहे हैं,
28:32समाने में खुले.
28:33क्या है इसमें?
28:35क्या है ये?
28:51इसमें भी देखे.
28:56आंटी ठीक कह रही थी,
28:58पैसे भी और सेवर भी.
29:02तुम्हारी हिम्मत कैसे हो,
29:03मेरे बैट की तलाशी लेने की?
29:08अलीजे, फरी को फोन दो.
29:12बात करें.
29:14आशर, मुझे नहीं बालूँ कि
29:17ये सब चीज़े हैं, इस बैग में कैसे आए?
29:20ये उन सब की मुझे भसाने की साज़िश है.
29:25फरी, तुमने मुझसे कहा था
29:28कि तुम्हें वहाँ इतनी फुरसत भी नहीं मिली,
29:30कि तुम चपल पहनकर निकल सकती वहाँ से.
29:32तुम मुझे जरह ये समझाओ, कि इतना टाइम कैसे मिला तुम्हें
29:34कि ये हैंड बैग भी उठाओ, और ये सारा समान भी ख़टा करो तुम.
29:39वो मैंने शायद स्ट्रेस में कह दिया होगा.
29:43इसका मतलब है कि आंटी बिलकोड ठीक कह रहे थी.
29:46कि आशर, आशर बटा मेरी बात सुनो तुम.
29:49अशर, एलो.
29:51फाल मेरे बाद पर अनुतवाक करो.
29:53मैंने इसे कुछ नहीं किया है, मैं पर तो..
29:57अशर.. अशर बीटा, मेरी बाद सुनो तुम, अशर.. हलो.
30:01अशर, इसी बात नहीं है.
30:03तुम मेरी बात पे भरोसा करो.
30:04मैंने ऐसा कुछ नहीं किया.
30:06मैं ये तो..
30:07मैं..
30:08अशर.
30:10अशर, बिटा.
30:11मेरी बात सुनो तुम.
30:12अशर, हलो.
30:14फ़ऩन बन कर दिया उसने.
30:16तुम ये सब करने से पहले मर क्यों नहीं गई?
30:19हाँ?
30:21पता नहीं कौन से गुनाओं की सजा ना
30:23मुझे तेरी सुरथ में मिली है.
30:25ये क्या कर रही है?
30:26छोड़े से.
30:27इसको क्या हाथ लगा रही है?
30:28निकल यहाँ से.
30:29अमनी, निकल.
30:30निकल, हाथ नहीं लगा रहा है इस बैट को.
30:44ये इसके जैस का जेवर है,
30:46दोनों तरफ से जो दिया गया था.
30:51खाखी लेकर आगे पहले बता है,
30:52वो तो यहीं समझेंगे ना.
30:54छोड़ी की है उस तो.
31:01मेरे कमरी के एलमारी मेरा किस को
31:04और ताले वाले में रखना.
31:10फिर पैसे में समालने.
31:20ये लो बेटा.
31:25खाना खाओ, खाना क्यों नहीं खा रहे हैं?
31:30बाता नहीं किस किसम की फैमिली में फ़स गए है, आमं?
31:32जो तो कुछ समझ नहीं आ रहा.
31:34अशर, देहन की बातों में आ जरूर गया है.
31:37लेकर मुझे नहीं लगता कि वो ऐसा है.
31:39तुम देखना जरूर वो इस मसले का कोई ना कोई हल निकालेगा.
31:43पढ़ा नहीं कहाल निकालेगा.
31:45विश्ले छे महीने से मेरी जिन्दगी तो आजाब बन गयी है.
31:49यही मैं भी सोचा हूँ कि आकर इस लड़की के साथ मसला क्या है?
31:52दुनिया की हर चीज़ चाही है उसे, लेकर जिम्मेधारी उसने एक नहीं उठानी.
31:56मैंने तो इसे कभी सीधे मुझे बात करते नहीं सुना.
31:59अब दिखो ना, शादी के शुरू दिनों में लड़कियां बहुत लिहास करती हैं.
32:03हर वक्त कोशिशों में रहती हैं कि अपने शोहर को खुश रखें.
32:06यह लड़की तो...
32:08यह तो पहले दिन से ही ऐसी है.
32:11तो कह रही हूँ कि...
32:12ऐसा लगता है कि यह लड़की तो पहले दिन से ही इस घर से जान चुड़ाने के चक्करों में लगगी हुई थी.
32:18बता नहीं.
32:20मिसला क्या है इसके साथ?
32:23चाँ, सुनो बिटा.
32:25मैंने इसे ना...
32:26नहीं बार किसी से फोन पर बाते करते सुना है.
32:30और ऐसा बहुत बार हुआ है.
32:33क्या सुना आपने?
32:36अभी कुछ दिन पहले की बात है.
32:38रात में बात कर रही थी.
32:39मैं आयी तो उसने बत नहीं कर दिया फोन.
32:43वो कहने की बस मेरी दोस्त का फोन था.
32:45मुझे तो समझ नहीं आ रही इस बड़की की.
33:15समझ नहीं आ रही इस बड़की की.
33:46भाबी!
33:48एक कप चाय तो बना दे.
33:50हाँ, बन गी चाय तो. मैं भी ला रही हूँ बस.
33:52ओके.
34:06ये लो.
34:08Thank you.
34:16ये...
34:18ये क्या है?
34:20मोहिट की फीस.
34:22Sorry, थोड़ा लेट हो गया है.
34:25मोहिट की फीस?
34:28याला तेरे लाग-लाग शुकर है.
34:31अब मोहिट की admission का मसला तो हल हो जाएगा.
34:34आप बिला वज़ए ही गबरा रही थी.
34:36कहा तो था कि सब हो जाएगा मैंने.
34:38मैं बस वो...
34:39वैसे ही गबरा रही थी.
34:41मैंने कहा पता नहीं admission का क्या होगा.
34:43मेरे होते हुए आप tension नहीं लिया करें.
34:46सुफ्यार भाई की job का मसला चल रहा है.
34:49सेर लेट हो गया है, जानता हूँ.
34:51पर मैं तो हूँ न.
34:56जानती हूँ.
34:58चाए तो पूरी पी के जाओ.
35:00भाभी अभी time नहीं है,
35:02लेकिन मैंने पी लिया इसमी भी नहीं थी, okay?
35:05अच्छा, उमेर?
35:07जी?
35:11वो...
35:16उमेर, वो मैं...
35:18तुम्हारा शुक्रिया दा करना चाहा रही थी.
35:21अब आप ऐसे शरमिंदा के लिए,
35:22नहीं, मैं बुलकोल शर्मिंदा नहीं कररई,
35:24मैं तो बस बता रही थी.
35:26अच्छा, बता रही थी, कि शर्म्विंदा कया केसे करते हैं रहा?
35:30नहीं, नहीं, ऐसे कोई बात नहीं है.
35:34ऐसे ही हस्तिः हा करे, अच्छी दगती है.
35:37चिक है.
35:52अप्पी!
35:54हाँ!
35:56क्या हुआ?
35:58अम्मी बुला रही है आप से.
36:00क्यों?
36:02पता नहीं, खुदी आके पूछ लेना.
36:04तुम्हारी बड़ी जबान चल रहे है.
36:06टेबल पर बेट रही है, बुला रही है आप को.
36:08आजा लेना.
36:10बहुत नहीं सुबा सुबा क्या आदालत लगाना चाहती है.
36:18जी अम्मी, आपने बुलाया?
36:20बैठो
36:22बैठो
36:24बैठो
36:26बैठो
36:28बैठो
36:30बैठो
36:32बैठो
36:34बैठो
36:36बैठो
36:38तेरा दिमाग जगा पर आया है क्या नहीं?
36:40मेरा दिमाग तो सदा से जगा, फरीर.
36:42फरीर, तुछे अथेलाज है कि
36:44तु कर्या बैठी है?
36:54जबर्डस्ती के रिश्टों का
36:56यही आनजाम होता है.
36:58जबर्डस्ती?
37:00अब वर कोल से मुच महक्աղ देया
37:01तो स्युतो में गी।
37:03पर में ढेती आण्जाम मेंिको लग है।
37:06जरूरी?
37:08किसे कीआ तेरी साथ जरूरी?
37:10आपने के ड़री?
37:12मैंं ऩो एयासते फाल शादि नहीं करना चाहती
37:14आपको तो खामाखा शोक चड़ा था
37:15मुझे सर से उतारने का.
37:17शादी की जल्दी मुझे नहीं, आपको थी.
37:19जिन और्तों के सर पर
37:21शोहरों का साया नहीं होता है ना
37:23उन्हें ऐसी ही जल्दी होती है
37:25अपनी बेटियों की शादी करने की.
37:27आप किस किसम की बातें करती हैं?
37:29तुम चुब करो, मेरी माँ वनने की ज़रुबत नहीं है ज़ाधा.
37:33हाँ जैसे तू तो माँ की बड़ी इज़ज़त करती है ना.
37:37अम्मी यार, प्लीज मिना दिमा खराब मत करें.
37:39बैसी मैंने कुछ नहीं खाया अभी.
37:41तुझे मेरा ख्याल नहीं है ना, तो ठीक है.
37:45लेकिन अपने छूटी बेहन का ही ख्याल कर ले.
37:48तो तुम ख्याल नहीं है, तो तुम ख्याल नहीं है, तो तुम ख्याल नहीं है.
37:48या लाँ, आप लोग कैसी छूटी-छूटी ख्याल नहीं है, तो तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल नहीं है ना, तुम ख्याल न
38:18चूटी बाग पर कितना बड़ा ड्रामा कर देते हैं!
38:20आपलग ड्रामों में ही काम करना क्यू नहीं शुरू कर देते हा??
38:24सब सब दिबाँ खराब कर दिया है, कुछ खाया भी नहीं है मैंने।
38:31हैँ ममी,
38:34आप दिल छोटा न करें,
38:36आपी को थोड़ा टाइम दे।
38:38सब ठीक हो जाएगा।
38:40कैसे ठीक हो जाएगा सब?
38:44कुछ ठीक नहीं होगा।
38:47जिन्दकी भव मैंने इतनी मुश्किले काटी, तङ्गिया काटी।
38:51अब जाएके सकून का टाइम आया है,
38:53तो इस तह ये बखेडा कटा कर दिया है।
38:58अच्छा न रोना तो बन करें, तबियाद खराब हो जाएगा आपके।
39:03अल्लाँ मेरी बच्ची को इतायत दे।
39:06क्या करें गूँ।

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