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  • 2 years ago
Teray Janay Kay Baad Episode 5 5 August 2024 (English Subtitles) ARY Digital Drama - 1080

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00:00अगर मुझे शादी नहीं करनी तो कोई लड़का बसंद नहीं आएगा।
00:03इस किसम की बाते कर रही हो तुम।
00:06अम्मी प्लीज।
00:09शराफत से जुम्मे को तैयार हो जाना वाना मैं हमाद को बड़ना चाहता हूँ।
00:13आप और आपे घरवाले मुझे बहुत भी अच्छे लगे।
00:16आप आएं हमारे घर?
00:18मेरा मतलब है मुझे शादी नहीं करनी तो कोई लड़का बसंद नहीं आएगा।
00:22इस किसम की बाते कर रही हो तुम।
00:24अम्मी प्लीज।
00:27शराफत से जुम्मे को तैयार हो जाना वाना मैं हमाद को बड़ना चाहता हूँ।
00:31आपको पता भी है कल सजल को लड़के वाले देखने आ रहे हैं।
00:37आप और आपे घरवाले मुझे बहुत भी अच्छे लगे।
00:40आप आएं हमारे घर?
00:43मुझे यहाँ बैठने का कोई शॉक नहीं है, मैं पहली फ्लाइट लेकर वापस आ जाओं।
00:46नहीं नहीं अशर, अब ऐसी भी कोई बात नहीं है।
00:49यह तो घरेलों मसलें चलते रहते हैं बिटा, तुम्हें आने की क्या ज़रूरत है।
00:53इसका सारा समान बांद, एक एक चीज बांदना इसकी।
00:57आप मुझे घर से निकाल रहे हैं।
00:58शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:04अपने घर नहीं है, अपने घर नहीं है, फरीन अपने घर वापस गई।
01:07अपने घर नहीं है, फरीन अपने घर नहीं है, फरीन अपने घर वापस गई।
01:09शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:12शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:13शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:14शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:15शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:16शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:17शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:18शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:20शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:21शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:22शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:23शुक्कर है अल्ला का, फरीन अपने घर वापस गई।
01:24फरीन अपने घर वापस गई।
01:25फरीन अपने घर वापस गई।
01:26फरीन अपने घर वापस गई।
01:28जी, अल्ला का शुक्कर हूँ.
01:29जी, अल्ला का शुक्कर हूँ.
01:30आपने फरी को सही तरह से समझा दिया था न?
01:32आपने फरी को सही तरह से समझा दिया था न?
01:33हाँ, समझा दिया था.
01:34हाँ, समझा दिया था.
01:35माका तो काम ही समझाना है.
01:36माका तो काम ही समझाना है.
01:37पहले फरीन को समझाया,
01:38पहले फरीन को समझाया,
01:39फिर उसकी सास को समझाया,
01:40फिर उसकी सास को समझाया,
01:41उसके बाद उसके शोहर को समझाया.
01:42मुझे तो और कोई काम है नहीं, है न?
01:44मुझे तो और कोई काम है नहीं, है न?
01:45लेकिन अम्मी, जो कुछ हुआ है न,
01:46लेकिन अम्मी, जो कुछ हुआ है न,
01:47वो अच्छा नहीं हुँ.
01:48विटा, आप क्या हाँ कह सकते हैं?
01:50विटा, आप क्या हां कह सकते हैं?
01:51जो हुआ सो हुआ, जाने दो अब इस बात को.
01:54जो हुआ सो हुआ, जाने दो अब इस बात को.
01:55जो हुआ सो हुआ, जाने दो अब इस बात को.
01:56जो हुआ सो हुआ, जाने दो अब इस बात को.
01:57जो हुआ सो हुआ, जाने दो अब इस बात को.
01:58नहीं होगा.
02:02अमी, सच पूछे ना तो मुझे...
02:03मुझे फरी की तरफ से अभी भी सकून नहीं ही.
02:06अशर, तुम जानते तो हो.
02:09फरी न कितनी जजबाती है.
02:10सास ने दो बाते कही होँगी.
02:12घुसे से घर से निकल आए.
02:16बारल, अल्ला करें आँदा ऐसा ना हो.
02:29ठीक है, अल्ला आफ़िस.
02:37शास्मा, सब खेड़ी तो है ना.
02:40तुम्हों की आवाजी नीचे तद आ रही है.
02:42आप अपने काम से काम रखे.
02:44हमारे मामनात में इंटरफेर करने के ज़रुवत नहीं है आपको.
02:47शास्मा, क्या हो गया तुम्हे?
02:49क्योंकि ये सब कुछ इंका कियाब है.
02:51ये तो एक नमबर के ड्राम में बात है.
02:53इन्होंने जो मुझे पाफी मांगे तो दिल से नहीं मांगे, एक्किन कर रहे है.
02:57मुझे सब के सामने नीचा दिखाना जाती है.
03:00तो नहीं करना जाती है ये मुझे.
03:03क्या कर रहे हो?
03:07हाँ?
03:09क्या कर रहे हो?
03:12ब्रामा देख रही है.
03:15हाँ?
03:23क्या दिने की लिए?
03:25क्या तुम है?
03:27है ड्रामी के ओटोंड रहे है?
03:30द्रामा देख रही हूँ?
03:35ड्रामों के लावा और भी कुछ है तुम्हारी ज़िन्दगी में?
03:43देखो, लास्ट एपिसोड चल रही है, मेरे तंग मत करो भी.
03:53अच्छा सुनो.
03:54क्या है? क्या है, बोलो.
03:58वो...
04:01तुम रात को कोई जिकर कर रही थी.
04:03कोई तुम्हारा फेवरिट प्रांट है कपणों का, जिसके उपर कोई सेल लगे हुई है.
04:08तो...
04:10मैं सोच रहा था कि तुम्हें शॉपिंग करवा दू.
04:14शॉपिंग?
04:18क्या सोच रही हो?
04:19अच्छा, ठीक है, अगर तुम नहीं चाहिए, तुम ठीक है, कॉंटिन्यू करो.
04:23हम फिर कभी चले जाएंगे.
04:24नहीं, नहीं, नहीं, ये तो... ये तो यूट्यूब पर है, बाद में देख लेंगे.
04:27चलो, शॉपिंग पर चलते हैं.
04:29तुम, तुम जब पर चिप्स खाओ, मैं आती हूँ.
04:34जल्दी तेयार हो के आना, मैंने जस्ट कपड़े चेंज करने हैं.
04:45तुमने क्यों मूँ लटकाया है?
04:48कुछ नहीं अम्मी.
04:49इसी क्या मुसीबत पड़ गई, जो तुम ये रोनी सूरत बनाए फिर रहे हो?
04:54तनी बार समझाया है, कि अभी सिर्फ रिष्टा आया है.
04:58तुमारी मर्जी के खलाफ तो कुछ नहीं होगा न, बेटे?
05:01मेरी मर्जी तो शादी की भी नहीं है.
05:03तुमारी शादी की उम्र हो गई है सजल.
05:06अभी से रिष्टे देखना शुरू करेंगे, तो वक्त पर अपना फर्ज निभाँ सकेंगे.
05:11मैंने आपसे नहीं कहा, कि मैं शादी के लिए जहणी तोर्प तयार हुँ ही नहीं.
05:17लड़का आपकी मरजी का, रिष्टा आपने ओके कर दिया.
05:21हर दिन याद में आप को ख्यागा, आप मैंने ख़या गया.
05:27याद मैं मैं कोई सभी लाइस हुआ थी, जब मैं विच्चमाला मुखार्थ वालना दिया हूँ.
05:32तुमने कितनी बार कहा है तुमने वक्त मिल जाएगा
05:34जैनी तोर पर त्यार होने के लिए
05:36फ़ौरण तो शादी नहीं कर रहे हैं ना हम
05:40लड़का आपकी मरजी का
05:42रिष्टा आपने ओके कर दिया
05:44हर चीज में तो आपकी मरजी है
05:46तो मेरी मरजी कहा है इस सब में
05:48सजल तुमसे यह ना समझी के उमीद नहीं थी मुझे
05:54ना समझी ठीक हूँ
05:57मेरे सर पर मेरा बाब जो नहीं है
06:04हमाद ने तुम्हारे लिए कभी कोई कमी छोड़ी है
06:09नहीं, भाई ने तो कोई कमी नहीं छोड़ी
06:14तो शाद नहीं जाएगा
06:16हमाद ने कोई कमी नहीं छोड़ी
06:19उनकी कुर्बानी और एहसान इतने है कि अब अपने वुजूद पर भारी लगते है
06:26तो उसके एहसानों का ही लिहाज कर लो तुम ज़रा
06:30अगर मेरा बाब जिन्दा होता ना तो वो मुझे पर एहसान ना करता
06:33पलके मेरी मरजी पूछता
06:36हमाद ने भी कभी एहसान नहीं जताया तुम पर
06:41उसके लिए अम्मी जी आप है ना जो बाद-बाद पर एहसान जता देती है
06:46तो और क्या करो? तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हे प्यार से पाल रहा है
06:51तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर्चे उठाता है तुम्हारे खर
07:22हाम बस रिश्टे के लिए दरासा गबरा रहे थी
07:31इसलिए कहा था आपको कि इसको इतना हसास ना बनाएं
07:35अगर ये इस तरह बाद बाद पर आँखों में आँसू लियाएगी तो सुस्राल में कैसे मैनेज करेगी
07:40बात सुनो यह रोने दोने की कोई ज़रूरत नहीं है तुम
07:44अभी वहाँ पर जाना है उन लोगों से बादचीत करनी है फिर पढ़ा चलेगा कोई बाद बनती भी है के नहीं
07:50तुम फ़जूल में जजबाती हुई पढ़ी हो
07:52सुनो सजल एक कप चाय का मेरे कमरे में ले आना
08:09अरे चलो
08:13मौसम किता अच्छा हो रहा है ना
08:14हाँ काफी दिन बाद
08:23या अल्ला खैर ये सब कैसे हो गया
08:27आयास रुखो बेटा रुख जाओ
08:30अच्छा अच्छा तुम रो तो मत
08:32बेटा बस ये बताओ तुम कौन से हॉस्पिटल में हो हम आ रहे हैं
08:36चलो चलो चलो नेट हो रहा है
08:38वो एक सिकेंड पर
08:39अच्छा अच्छा अल्ला अफिस
08:41वो सबीका की छोटी सीड़ियों से गिर गये
08:44अम्मा आया
08:48क्या कैसे गिर गये
08:50एे कैसे वैसे छोड़ो वो बहुत परिशान है
08:53उसके बहुत शदी छोट लगाए
08:56कहाँ
08:57कहाँ
08:58हॉस्पिटल और कहाँ
09:00कहहा?
09:01कहहा?
09:02Hospital? और कहहा?
09:04अरे उस बच्ची के बहुत शदी चोट लगगी है.
09:07खुन नहीं रुक रहा है उसका.
09:09तो बच्ची का बाप कहाई?
09:11बच्ची का बाप भी वही है.
09:12अरे बेटा, किन बातों में लगे हैं वो चलो, वो बहुत परिशान है, चलो, चलदी चलो, धानी मेरी बच्ची किस हाल में होगी।
09:16अरे बेटा, किन बातों में लगे हैं वो चलो, वो बहुत परिशान है, चलो, चलदी चलो, धानी मेरी बच्ची किस हाल में होगी।
09:46अरे बेटा, किन बातों में लगे हैं वो चलो, वो बहुत परिशान है, चलो, धानी मेरी बच्ची किस हाल में होगी।
10:17विक्रें, तानें, मेडें भी, मैंनों सारी असंखियां
10:26तेरा रस्ता देख देख के पत्थर हो रहे है
10:34तो मैंनों सारी असंखियां
10:40तो मैंनों सारी असंखियां
10:46तो मैंनों सारी असंखियां
10:54तेरी और कैसे जाओ, कैसे खुद को समझाओ
10:59जो तेरे दिल तक पहुँचे, वो लब्स कहां से लाओ
11:05जल्लेया, जल्लेया, हुए, मेरे दिल
11:13जल्लेया
11:43मुझे नहीं रखता कि वो फर्णेचर लेंगे
11:46आजकल अच्छे खांडालों में यह बात कोई अच्छी तो नहीं समझी जाता है
11:59अशर, मैंने तुम्हें सारी लिस्ट जो है न वोटसैब कर दी है
12:03हाँ
12:05लेकिन तुम बस इस चीज़ का खयाल रखना कि मुझे टाइम पर हर चीज़ मिल जाए
12:09मुझे न लेटिस कलेक्शन पहनना है
12:11क्योंकि जब चीज़ पुरानी हो जाती है न
12:13तो मुझे जहर लगना शुरू कर देती है
12:18हाँ, नहीं, नहीं, तुम खाना खालो
12:21हाँ, ओके, ओके, अपना खयाल रखना, लाफिस, लाफिस
12:30क्या ज़रूरत थी आशर को इतनी लंभी फर्माईशी लिस्ट भिज़वाने की
12:34क्यों, अब तुम्हें इसमें भी मसला है
12:39तुम्हारी कौन सी ज़रूरत है जो मैं पूरी नहीं करता
12:42हुआ! क्या सोचता होगई हूँ इसे मेरे बारे में
12:45कोई सोचता है जो ह़ाकीकत है
12:48अब इस भाद का क्या मतलब था, क्या हाकीकत है
12:54जब भी मुझे कोई चीज चाए होती है, तो इस घर में कोई, या कोई stands दोग्तन करती है,
12:57मुसीबत आ जाती हूँ और मेरी ज़रूरत पीछे रह जाती हूँ।
13:00देखो फरीन, तुम जानती हो वो एक emergency थी।
13:04मेरे मामले में तो हमेशे इस घर में emergency ही आ पड़ती है ना।
13:10आइदा तुम अपने भाई से कोई फर्माईशे नहीं करोगी।
13:13ये मेरा और मेरे भाई का मामल है।
13:16तुम बीच में ना पढ़ो तो ही भेतर होगा।
13:21बीच में तो मैं पढ़ूँगा।
13:22क्योंकि ये मेरी इजद का सवाल है।
13:27बड़ी इजद है तुमारी।
13:43सजल, आज की तारीख में ये चावल साफ हो जाएँगे न?
13:49करें उम्मी।
13:52स्लाम लिए केम एहमेंट साहब।
13:55जी जी बिलकुल।
13:57नहीं मुझे कोई अतराज नहीं।
14:00एहमेंट साहब ये बातें तो उर्टों के करनी वाली हैं।
14:03जी जी बिलकुल।
14:04जी जी बिलकुल।
14:06नहीं मुझे कोई अतराज नहीं।
14:09एहमेंट साहब ये बातें तो उर्टों के करनी वाली हैं।
14:12आप एक काम करें आप आंटी को कहें के अम्मी से राप्ता कर ले।
14:16चलें ओके, अलाफस।
14:20क्या कह रहे थे ऐहमेंट साहब?
14:21क्या कह रहे थे ऐहमेंट साहब?
14:23रिष्टा फाइनलाइस करने की बात कर रहे थे।
14:26मैंने उनको कह दिया के आंटी को कहें के आप से राप्ता कर ले
14:29मजीद मालुमात के लिए।
14:31शुक्कर ये अलाफ़ा।
14:33शुक्कर तो है, लेकिन खयाल रहे।
14:35हमने अपनी तरवसे जादा एकसाइटमेंट शो नहीं करनी।
14:39नहीं, नहीं, बिल्कुल भी नहीं।
14:41मैंने कही ये ना लगे के हम अपनी तरवसे तयार बैठे।
14:44तुम फिकर ही नहीं करो।
14:47हमें कोई जल्दी नहीं है, अम्मी.
14:49बात यतनी आहिस्ता बढ़े, उतना अच्छा है।
14:52जैसे तुम कहोगे ना वैसा ही होगा।
14:59मैं निकलते हूँ।
15:00ठीक, ख़दाफिस।
15:06जल्दी कर लो।
15:17शुक्कर ए अल्ला का, घर का मसला तो हल हो गया।
15:23वैसे तो अम्मी हर वक्त आपका पैसों का रोना चलता रहता है।
15:26अब अच्छानक आपने इतना बड़ा घर पसंद कर लिया है।
15:30तो?
15:31सब कुछ, मेरे अशर ने किया है सारा इंतिज़ाम।
15:35हाँ तो भाई ने जो भी किया है, सोच समझ के किया है ना।
15:39आपको क्या परिशानी है?
15:41एक तो तुम हर मामले में चोच मत लड़ाया करो।
15:44ठीक ही तो कह रही है।
15:47मैं यह सोच रही हूँ, कि अशर ने पैसों का रोना चलता रहता है।
15:52एक तो तुम हर मामले में चोच मत लड़ाया करो।
15:55ठीक ही तो कह रही है।
15:58मैं यह सोच रही हूँ, कि अशर ने पैसों का रोना चलता है।
16:03उसके दोस का भी शुक्रिया वैसे है।
16:05जो उसने सारा काम इतनी आसानी से कर दिया।
16:07उसके दोस्त का भी शुक्रिया वैसे हाँ।
16:10जो उसने सारा काम इतनी असानी से कर दिया।
16:13अच्छा हाँ, अशर ने ना मुझे घर के लावा भी पैसे भेजे गाड़ी के लिए।
16:19घर तो आईस्था आईस्था सैट हुई जाएगा।
16:23अम्मी, यहां से कोई भी समान वहाँ लेकर जाने की ज़रूरत नहीं है।
16:28उस घर में अलड़ी है ना समान।
16:30तो? अब यहां पे इतना सारा समान है, उससे इस तरह फेक तो नहीं सकती ना मैं।
16:36क्यों नहीं फेक सकती?
16:37मैं तो कहती हूँ सारा समान उठा के टीन डबे वाले को दे दे, कुछ पैसे ही आ जाएंगे।
16:41और अगर आपको नहीं चाहिए हो तो मुझे दे दीजेगा पैसे।
16:44नहीं पापा, बाद मैं देख लूँगी उसके बारे में।
16:47तो मुझे ये बता, कि आयाज खाने के लिए रुखेगा न,
16:54मैंने उसके पसंद का पुलाओ बनाया है।
16:57वो मैं सोच रही हूँ कि आयाज को मना कर गूँ।
17:02क्यों?
17:03मैं मुझे भी तो घर देखने जाना है न, तुम नहीं के साथ।
17:06कोई ज़ूरत नहीं है तुम्हें हमारे साथ जाने की।
17:08आयाज आएगा न, तो तुम उसके साथ जाओगी।
17:11बगी के काम हम खुद देख लेंगे।
17:13क्यों? क्यों?
17:16क्या शादी के बाद मेरे सारे हख खतम हो गए?
17:18सारे फिसलें बस आप दोनों ही करेंगे।
17:20देख फरी, बड़ी मुश्किलों से तेरा यह जगडा खतम हुआ है।
17:24मैं नहीं चाहती कि तेरी सास को या आयाज को कोई शिकायत का मौका मिले।
17:28अम्मी, मैं कुछ भी कर लूँ, उन्हें हमेशा मुझे कोई न कोई शिकायत रहेगी।
17:32ना शुक्रापन मत कर।
17:35लड़कियों को न अपने सुस्वाल में बहुत कुछ बढ़ाश करना पड़ता है।
17:38तो तो शुकर कर, तेरे सुस्वाल में कोई कुछ कहने वाला नहीं है।
17:43एक बात बताएं, आप मेरी माई हैं और उस आयाज की।
17:48तेरी माई हूँ इसलिए तुझे समझा रही हूँ।
17:51देख फरी, घर बसाने के लिए ना लड़कियों को बहुत कुछ सहना पड़ता है।
17:56हाँ आपी, और वैसे भी अभी तो हम सिर्फ घर देखने जा रहे हैं।
18:00क्या सेटिंग करनी है, कौन सा समान कहा रखना है, तो बाद में डिसाइट करेंगे ना।
18:05नहीं ना, मुझे तो अपना कमरा पसंद करना है भाई।
18:09आपको क्या ज़रूरत है कमरे की?
18:10शादी हुई है मेरी, मर नहीं गई हूँ, मैखे वापस आओंगी तो कहा रहूंगी तुम्हारे सर पे।
18:17ओहो, तुम दोनों ने फिर लड़ना शुरू कर दिया।
18:21तुम ज़ाओ, आयास को फ़ौन करो और पूछो कि कब आएगा।
18:24मैं तो हैरानी हो गई लड़की की माँ की बात सुनकर,
18:28हमाद को बता चलेगा तो हंगामा करतेगा वो तो।
18:32अम्मी, आपको हमाद भाई को बताने की क्या स्वक्ति है?
18:37नहीं वो अगर हमाद भाई के लिए जाना तो क्या स्वक्ति आएगा?
18:40मै तो हैरानी हुगई लडकी मा की बात सुनकर
18:44हमाद को बता चलेगा तो हंगामां कडा कर देगा वो तो
18:48अम्मी आपको हमाद भाई को बटाने की क्या जरूत है?
18:52तो ऐसा कैसे उसक्का है कि उसको बात ही ना बताय जाये
18:55तो ऐसा कैसे हो सकता है कि उसको बात ही ना बताय जाए?
19:01अमीर तो आपने ना हर छोटी छोटी बात हमाद भाई को बताने की आदर डाली भी है.
19:05ये कोई छोटी बात है रहा?
19:07तो बड़ी बात भी तो नहीं है. आशकल ऐसा ही होता है, रिवाज है ये.
19:12क्या हुआ आप लोग परिशान लग रहे हैं? कोई बात हुई है क्या?
19:17कोई ऐसी बात नहीं है, बस तुम्हारे रिश्टे की बातचीत कर रहे थे.
19:20अमीर आपने कहा था कि भगए मुझे पूछे कोई फैस्टा नहीं करेंगे आप.
19:26एक तो इस लड़की ने मेरा दिमाँ खराब किया बाई.
19:28अमी, सजल, तुम भी ना बच्चों वाली बाते करना शुरू कर देती हूँ.
19:34क्या? कभी आप लोग कहते हैं कि बच्चों वाली बाते करते हैं,
19:38तो कभी कहते हैं कि बड़ी हो गई अब इसके शादी कर दो.
19:40एक बार फैट कर फैस्टा क्यों नहीं कर लेते?
19:42कि बच्ची हूँ कि बड़ी हो गई हूँ और मैं.
19:44देखा तुमने? सारा दिन इस कसब की बाते करती हैं,
19:47मेरा दिमाँ खराब करती रहती हैं.
20:08देखा तुमने? सारा दिन इस कसब की बाते करती हैं,
20:10मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:12मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:14मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:16मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:18मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:20मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:22मेरा दिमाँ खराब करती हैं,
20:46सजल।
20:48मुझे तुमसे जोरूरी बात करने थी.
20:50जी, अम्मी.
20:52लड़के की माँ का फोन आया था, वो..
20:57लड़का तुमसे मिलना चाहता है.
21:01किसे मिलना चाहता है?
21:04तुमसे? और किसे?
21:08मुझसे मगर क्यूं?
21:12वो, बाचीत करना चाहता है
21:14मिलकर कुछ शादी से पहले.
21:17अम्मी, मैंने आपसे कहा था, ये सब शुरू मत के लिए,
21:19मैं इसके लिए तयार नहीं हूँ.
21:20हाँ, सुन ली मैंने तुमारे सारी बातें,
21:22अब मेरी बात भी सुन लो.
21:28भाई से पूचा है आपने?
21:30नहीं, भाई से पूचने की क्या जरूरत है?
21:34अच्छा, तो हम दोनों अकेली उस लड़के से मिलने जाएंगे,
21:36कमस कम भाई को तो साथ होना चाहिए.
21:40मैं नहीं मिलूँगी लड़के से,
21:42सिर्फ तुम मिलोगी.
21:44मैं अकेली?
21:46अइस्था बोलो, सुन लेगा हमाद.
21:50अम्मी, कैसी बातें कर रही हैं?
21:53भाई को पता चल गया तो मेरी जिन्दगी में एक अलग कयामत आ जाएगी.
21:57भाई को बताएगा कौन?
22:01बहुत गलत बात कर रही हैं, बहुत ही गलत बात है.
22:06वैसे भी गलत बात नहीं है कोई.
22:08वह आजकल रिश्टे ऐसे ही होते हैं.
22:10जो भी है, मैं नहीं मिलूँगी उस लड़के से अकेले में.
22:14अरे अकेले में क्यों मिलोगी?
22:16किसी होटल में ले जाके मिलवाएंगे तुम्हें?
22:23अल्लाँम्मी, मुझे तो यकीन ही नहीं आ रहा.
22:26हिरान कर दिया आपने मुझे.
22:28आप तो पहले कभी इतनी मॉटरन नहीं थी.
22:32करना पड़ता है ऐसा मजबूरी में.
22:36अल्लाँम्मी, ऐसे क्या मजबूरी आ गई है?
22:38अच्छा, बस अपनी बहस बंद करो.
22:40और मेरी बात घौर से सुनो.
22:42कल दुपहर में तयार हो जाना.
22:43और मुझे कुछ नहीं सुनना है.
22:44समझ में आ रही है मेरी बात?
23:12अम्मी, ये सब चीज़े लेने की इतनी भी क्या जल्दी है?
23:14भाई को तो आ लेने दे.
23:16भाई, अशर अब ही नहीं आ रहा.
23:19क्यों?
23:21कैसी बाते करती हो तुम?
23:22अशर का आना इतना असान थोड़ी है?
23:24इतने सारे पैसे भेजे हैं उसने करजा लेके.
23:27भाई, उसका काम तो सिर्फ पैसे भेजना है ना.
23:30शिफ्टिंग करना तो हमारा काम है.
23:32वो हम कर रहे हैं.
23:34अच्छा भला प्रोग्राम था उनका आना.
23:37अच्छा भला प्रोग्राम था उनका आना.
23:39अच्छा भला प्रोग्राम था उनका आना.
23:41तो भेर भाई के बगाएँ शिफ्टिंग का क्या ही मज़ा आएगा?
23:44लोग, अच्छा भला प्रोग्राम था उनका आना.
23:47भाई, उसका काम तो सिर्फ पैसे भेजना है ना.
23:50शिफ्टिंग करना तो हमारा काम है.
23:53वो हम कर रहे हैं.
23:55अच्छा भला प्रोग्राम था उनका आने का.
23:58अब वो वहाँ पर अकेले रहेंगे.
24:00क्या कह सकते हैं बिटा?
24:03घर के मर्दों को घर समभालने के लिए ना
24:07इस तरह के हलास से गुजरना पड़ता है.
24:09कुर्बानियां देनी पड़ती है.
24:12वो वाला दिखाएगा ज़रा.
24:14अम्मी ये घर, ये फर्नीचर, ये सब कुछ अभी लेना जरूरी थोड़ी है.
24:19बिल्कुल जरूरी. क्यों जरूरी नहीं?
24:22नेया घर, नहीं गारी, नेया फर्नीचर,
24:25हर चीज नहीं तुम्हारे रिष्टे के लिए ना बहुत जरूरी है, बुद्धू गेंगे.
24:31वैसे रिष्टा तो अभी भाई का भी होना है.
24:33नहीं भाई, अशर की शादी का तो मेरा अभी कोई इरादा नहीं है,
24:37बस तुम अपने घर की हो जाओ, मेरे सर से भोज उतरें.
24:42लेकिन अम्मी, भाई का तो इरादा है शादी करने का,
24:45और वैसे भी वो महाँ पर्देस में अकेले रहते हैं.
24:48अच्छा है न, शादी हो जाएगी, तो उनकी फैमिली उनके साथ रहेगी.
24:52क्या मतलब फैमिली? अशर की फैमिली हम है न, हम है उसके साथ.
24:56और अशर कौन सा अनोखा आदमी है, जो अपना घर चोड़ के पर्देस गया है?
25:00दुनिया के सारे मर्ग पर्देस में जाके इसी तरह रहते हैं.
25:03लेकिन फिर भी शादी...
25:05खबर्दार अगर तुमने ऐसी वैसी कोई बात न अशर के कान में डाली, जोन ले लूगी मैं तुम्हारी.
25:11चल, करवा हूँ मेरे साथ सारा समान.
25:15बहुत नाइस.
25:19माशाल्ला यार, तुम्हारी शादी के एविंट्स कितने जबरदस्ट हुए हैं.
25:22और यार, अल्ला का शुकर है, सब बहुत अच्छा होगी.
25:25और यार, काम कर क्या? काम तो सारी सिंदगी चलते रहते हैं.
25:30लेकिन शादी तो वक्त पर होना चाहिए है न?
25:32हाँ, कहते तुम ठीक ही रहे हो.
25:34लेकिन खास तोरपे परदेस में, यहाँ पर कोई आपका अपना होना बहुत जरूरी है.
25:39अल्ला हम तो यहां काम कर करके बिल्कुल मशीन बन जाएंगे.
25:42हाँ, लेकिन हमारी अपनी मजबूरी हैं यार.
25:45कैसी मजबूरी हैं यार?
25:47एक बेहन की तुमने शादी कर दी है.
25:49इंशाला छोटी बेहन की भी शादी हो जाएगी.
25:51अब तुम अपने बारे में सोचो यार.
25:54अभी कहाँ यार, अभी तो बहुत वक्त है, लंबे सिलसलें.
25:59बेहन की शादी के बाद वो माजी के कुछ कर्ज हैं, वो उतारने है.
26:03अपनी शादी के बारे में नहीं सोच सकता अभी.
26:06अगर तुमने ज़र्रा बराबर ही मुझसे इन मसलों के बारे में डिसकस किया होता ना,
26:10तो मैं तुम्हें ये बेवकुफी कभी नहीं करने देता.
26:12अब तो हो गई ना बेवकुफी, क्या कर सकता है?
26:15शादी कुछ अर्से बाद सही है यार, नो प्राप्लूम्ल.
26:27चुब क्यों गया भाई, बोल ना.
26:29अगर बक निकल जाएगा, तो फिर क्या करेगा पश्टा कर?
26:33नहीं, क्या बोलो यार, बोलने का कुछ आयी नहीं.
26:40ये पलवशा की बच्पंगी दोस्त है, बहुत अच्छी लड़की है.
26:44इसकी फैमिल भी बहुत अच्छी है यार,
26:46और तुम्हारे घर में, किसी ऐसी ही समझदार लड़की की दुरूमत है, सोच ले.
26:54तुम ठीक कह रहे हो यार, लेकिन अम्मी नहीं मानेंगी.
26:58जिनदेगी तुम्हें गजाना है तुम्हारी अम्मा को, मरद बन यार.
27:03देखो मैं जो तुमसे कहना...
27:04बहुत सहल लगते हैं मुझे ऐसे मुल्द,
27:07जो अपनी लगामे घर की और्टों के हाथ में पकड़ाते हैं.
27:09ऐसा नहीं है भाई, मेरा केस थोड़ा से डिफरिंट है.
27:12अम्मी ने सारी उमर लगाती है हमारे साथ.
27:14देफ़गी में बच्चे पालना इतना असान काम नहीं है,
27:16तुम क्यों नहीं समझते हो यह बात?
27:18तो ठीक है फिर,
27:20उतारो अपनी अम्मा के एसानात का बदला,
27:22जिनदाई की भर शादी नहीं करना,
27:25अपनी बेहनों की शादी कराओ,
27:26फिर बाद उनके बच्चे पालना,
27:28अपनी फैमिली बनाने के बारे में सोचना भी मत.
27:31ओ भाई, इतने एमोशनल क्यों हो रहे हो?
27:33उस्सा क्यों आ रहा है तो मैं?
27:34अजीब यार.
27:36यार तुने कभी अपनी बातें सुनी भी है?
27:38माई भी कभी गलती कर सकती है यार,
27:40मगर इनसान को अपनी अकल तो इसत्माल करनी चाहिए है ना?
27:43अच्छा ठीक है, करते हैं अकल इस्तमाल.
27:47करो इनसे बात, देखे अपनी बेटी,
27:49बियाएंगे अपनी बेटी किसी और मुल की?
27:51कैसे नहीं मानेंगे?
27:52कैसे नहीं मानेंगे?
27:53लाखों में एक हो तुम.
27:55क्या क्यमी हो तुम में हाँ?
27:57अब तुम देखो कैसे मैं तुम्हारी चादी एक मिने में करवाता हूँ.
28:13बड़े अफसोस की बात है एहमत सहाब.
28:15मुझे लगा था कि आपको अच्छे से पता है हमारा खानदान किस किसम कर.
28:19मगर अफसोस मैं घलत था.
28:22ये किस किसम के लोगों से रिष्टा करवा रहे थे आप हमारा?
28:26नहीं, एहमत सहाब हमारी तरव से आप ये रिष्टा खतम समझिए.
28:32औरों के होंगे ये रिवाज इस तरह की बातों के.
28:35हमारे हाँ नहीं है, हमारे लिए इस्जट सबसे बढ़कर है.
28:41ख़ुदा अफिस.
28:43क्या हुआ एहमत?
28:46मैंने लड़के वालों को मना कर दिया.
28:48मगर क्यों?
28:52आपको नहीं पता क्यों?
28:54अम्मी, कोई भी एरा घेरा मेरी बेहन से अकेला मिलने को कहेगा,
28:57तो क्या मैं मिलने दूँगा उसको?
29:01पर ये तो रिवाज है ना, ये तो...
29:03रिवाज गए है भाड में अम्मी.
29:07मेरी बेहन मेरे पर इतनी भारी नहीं है.
29:10मेरे पर इतनी भारी नहीं है.
29:13जब तक मेरे घर में है, उसे मेरे असूलों पर चलना पड़ेगा.
29:19और हाँ, बेतर यही होगा कि मैं इस तरह की बात फिर ना सुनूँ.
29:35तुमने देखे अपनी बेहन के काम?
29:38अम्मी, मैं तो भोद हरान हूँ.
29:41इस लड़की में इतनी जूरत कैसे आ गई?
29:44इससे तो भाई का नाम सुनके पाप जाती है.
29:49मुझसे एक लफस नहीं निकलता था.
29:51और देखो किस किसम की बातें उसके कानों में फूकती.
29:59सजल, क्या किया तुमने यह?
30:04सुन रही हो ना, मैं तुमसे कुछ कह रही हूँ.
30:11जो किया है, ठीक ही तो किया है.
30:14मेरा दिल चाहता है तुम्हारे मूँपे दो थपड मारूं मैं.
30:17तुम्हें यह नहीं करना चाहिए था.
30:18सुन रही हो तुम?
30:19अगर मगर छोड़ें अम्मी, बेटी का रिष्टा करना है, तो इजदसे करना है.
30:25वो लोग तो खांदानी लोग हैं.
30:27इस तरह के नाम निहाथ खांदान के लोगों के साथ
30:30रिष्टा करने की कोई ज़रूरत नहीं है हमें.
30:33भाई?
30:34एक और चीज़, सजल को इस बारे में अब डांटेंगी नहीं.
30:39सभी कर रही है वो, जो भी कर रही है.
30:45मैं पहले कि यह तो पहले भी पहले कर रही है.
30:47अगर में आपको पत्ति वाला, आपको पत्ति करता है,
30:51अब इस बारे में हम नजीद बहस नहीं करेंगे.
30:56एक ओर चीज़, सजजल को इस बारे में अब डांटेंगी नहीं.
31:01सही कर रही है वो, जो भी कर रही है.
31:06कभी कोई मुझे लगते हैं, इन दोनों से ज़ादा समझदार तो तुम हैं.
31:21मैं तुम्हें बाद मैं कौल करता हूँ, अकेर.
31:24मैं, वो मेरी दोस का फोन था.
31:28हा...
31:29यह कौन सी दोस थे तुम्हें?
31:32अगर आप वो टीक से जाती हो रहे होँ,
31:34तो तुम वीडियो के बाद में सर्फ में परिवार करता हूंगे।
31:36मैं तुम्हें बाद में कॉल करते हूँ, ओकयरा.
31:39वो मेरी दोस्त का फोन था.
31:43ये कौन सी दोस्त है तुम्हारी?
31:44वो आप नहीं जानती.
31:48च्या?
31:50तो उससे बातें दिन में भी हो सकते हैं?
31:55अब मैं आपसे जाज़त लेकर फोन पर बात करूँगे.
32:07भयास क्या कर रहा है?
32:10सो रहा है वो.
32:14वैसे ये वक्स सोने का ही है.
32:18जी.
32:21पिर सोई ना आप जाकर.
32:36पिर सोई ना आप जाकर.
32:38पिर सोई ना आप जाकर.
32:40पिर सोई ना आप जाकर.
32:41पिर सोई ना आप जाकर.
32:42पिर सोई ना आप जाकर.
32:43पिर सोई ना आप जाकर.
32:44पिर सोई ना आप जाकर.
32:45पिर सोई ना आप जाकर.
32:46पिर सोई ना आप जाकर.
32:47पिर सोई ना आप जाकर.
32:48पिर सोई ना आप जाकर.
32:49पिर सोई ना आप जाकर.
32:50पिर सोई ना आप जाकर.
32:51पिर सोई ना आप जाकर.
32:52पिर सोई ना आप जाकर.
32:53पिर सोई ना आप जाकर.
32:54पिर सोई ना आप जाकर.
32:55पिर सोई ना आप जाकर.
32:57इससे बात नहीं बंगेगा.
32:59कोई ना कोई idea लगा रहे परेगा बॉस.
33:02कैसे खुद को समझाओ
33:05जो तीरे दिल तक पहुँचे
33:08वो लब्स कहां से लाओ
33:11जले आओ
33:14जले आओ वहे मेरे दिल
33:17ऐसे बात नहीं बढ़ेगा
33:19कोई ना कोई आइडिया लड़ा रहा पाएगा बॉस
33:29अरे बाबी आप
33:32क्या बात है?
33:34आज तो तुम बड़े खुश दिखाई दे रहा है
33:36खुश तो मैं हमेशे ही रहता हूँ
33:38अच्छा?
33:39पिछले दो चार दिनों से आपका मुँ न अतना सा हुआ हुआ था
33:43वो हाँ तब कुछ प्रॉबलम थी
33:46प्रॉबलम? तब हो गई सॉल्फ?
33:49हाँ यही समझा थी
33:52चलो अच्छी बात है
33:54एसे क्या प्रॉबलम थी?
33:59अरे तुम रहने दो मैं उतार लूगी कपड़े
34:01अरे हेल्ब कर रहा हूँ मैं आपकी
34:03बताओ भला
34:04भलाही का जमान है ही नहीं रहा है
34:06अच्छा जल्दी दो मुझे कपड़े
34:07ये लीजी
34:13वैसे तुम जो ये भप्पे कुट्नियों के ज़िना
34:15बाते कर रहे हो आज
34:17सभी बता दो बात क्या थी
34:19अरे छोड़े ना जो हो गया सो हो गया
34:21गुजरे में बग को याद करने का क्या फायदा
34:23आगे की सोचते हैं हम
34:24आप बैठे आप से बात करनी है
34:26अरे बैठे है ना
34:28अच्छा भाई बैठ गई अब बताओ
34:30भावी
34:32मैं क्या सुच रहा था के
34:34आपकी और सुफियान भाई की
34:36एनिवर्सरी आने बादी है न
34:38एनिवर्सरी
34:40एनिवर्सरी कहाँ से आगे
34:42बीच में ओमेर
34:44आती है अनिवर्सरी हर साल में एक तफा आती है
34:46तुम्हें पता है न घर के
34:48हलात और इन हलात
34:50में अगर हम एनिवर्सरी सेलिबरेट करेंगे तो
34:52भाफी खरचा नहीं हो जाएगा
34:54अरे भावी एनिवर्सरी को
34:56कौन सी फुजूल खरची होती है बहुत जादा
34:58और फिर देख ले
35:00भाई का दिल तूट जाएगा
35:02भाई का दिल तूट जाएगा
35:04अरे भाई की फिकर मत करो
35:06भाई को तो पता भी नहीं होगा कब एनिवर्सरी आई
35:08और कब चली गई
35:10आप छोड़े न इन सब बातों को
35:12अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:14और फिकर मत करो
35:16भाई का दिल तूट जाएगा
35:18अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:20अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:22अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:24अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:26अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:28अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:30अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:32अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:34अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:36अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:38अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:40अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:42अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:44अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:46अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:48अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:50अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:52अरे भाई का दिल तूट जाएगा
35:54अच्छा ठीके मैं बात करती हूँ
35:56नहीं पलके सोच के बताते हूँ
35:58ये भाभी पूछ के, सोच के, देख के
36:00सब को छोड़े ना
36:02आप करें फोन आंटी को
36:04और उन्हें बताएं के एनिवर्सरी में आना है
36:06उमेर ऐसी क्या एमरजन्सी आ गई भई?
36:08अब आपको कैसे बताओं कि
36:10कितनी सक्त एमरजन्सी है?
36:38मैड़म, आपके लिए अर्ज ये है
36:40कि सीधी शराफत से मान जाए
36:42और ये नराज़गी खतम कर ले
36:44वरना ऐसा जादू चलाऊंगा
36:46कि आपको खबर भी नहीं होगी
36:48और आप अपने कदमों से चलके
36:50इस घर पे आएंगी मुझसे मिल
37:09ये देखो, दो घंटे लग गया इसे बनाते बनाते
37:12अब पढ़ा नहीं कि मिसिस को प्रूफ करेंगी भी या नहीं
37:16सोचना हूँ कि यहाँ पर न इसको थोड़े से
37:19मुझे तुमसे एक important बात करना हूँ
37:22क्या बात करनी है?
37:24तीक तो है, क्या मसला इसमें?
37:27मसला यह है कि इस दफा मेरी जगापे आपका रिष्टा है
37:34तो तुमसे एक important बात करना हूँ
37:36क्या बात करनी है?
37:37अब ये मत कहना तुमारे लिए पिर कोई ओंगा-बॉंगा सा रिष्टा आ गया है
37:40ये देखो
37:46तीक तो है, क्या मसला इसमें?
37:49मसला यह है कि इस दफा मेरी जगापे आपका रिष्टा है
37:55क्या कह रहे हो, मैं कुछ समझी नहीं
37:58मतलब यह कि कल असथ भाई का फोन आय था
38:01तो?
38:03तो असथ भाई का एक बहुत अच्छा दोस्त है
38:05जो उनके साथ चार्टर में जॉब करता है
38:08तुम सब कुछ जानते बुशते भी मुझे ये सब कुछ दिखा रहे हो
38:11हाँ, इसलिए कि तुम्हें मुझे उमेर भाई की तुम्हें साथ कोई बात बनते भी नजर नहीं आ रही सर्चन
38:17अच्छा, तो तुमने महाल बताना भी शुरू कर दिया
38:20तो मेरी बात को मजाप में ताल दो
38:23लेकिन रोज रोज अच्छे रिष्टे नहीं मिलते
38:26हाँ, तो अच्छे रिष्टे चाहिए किसको है?
38:30उमेर भाई को सैटल होने में अभी कई साथ लगेंगे अब
38:33हाँ, तो क्या हुआ? लग जाएं, मैं इंतजार कर लूँगी
38:36तो तुम्हारे घरवाले मान जाएंगे?
38:38अंटी कितनी मर्दबा अम्मी से बोल चुके है
38:41कि वो तुम्हारी शादी कहीं बार तै करवाना चाहते है
38:44मैं दो प्रहाँ चाहता है, अंटी नुझे देते है
38:47जब उम्हारे की नौकरी लग जाएगी नाand if Umair gets a job
38:49तो वो फोरं से रिशता लेकर आ जाएगा, तुम्हारे अम्मी मान जाएँगे?
38:53मुझे मना लूँगी उन्हें
38:55तुम्हारे अम्मी मान चाहिए।
38:59मैं मना लूँगी उन्हें।
39:03ठीक है फिर जो मरजी में है तुम्हारे तुम वो कर।
39:07आज के बाद मैं तुम्हें किसी चीज़ के लिए नहीं कहूँ।
39:25तुम्हारे अम्मी मान चाहिए।
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