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Teray Janay Kay Baad Episode 7 7 August 2024 (English Subtitles) ARY Digital Drama - 1080
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00:00इसी बहाने तुम्हारी नाराज़गी तो ख़तब हुई सझल।
00:02भाबी...
00:04आपको उमेर और सझल के बारे में
00:06पहले से मलूम था या नहीं?
00:08ये सझल को पसंद
00:10देखने के लिए
00:12तुम्हारी नाराज़गी तो ख़तब हुई
00:14आपको उमेर और सझल के बारे में
00:16पहले से मलूम था या नहीं?
00:18ये सझल को पसंद देखने के लिए
00:20तुम्हारी नाराज़गी तो ख़तब हुई सझल।
00:22भाबी...
00:24आपको उमेर और सझल के बारे में
00:26पहले से मलूम था या नहीं?
00:28ये सझल को पसंद करता है
00:30उससे शादी करना चाहता है
00:32सझल का रिष्टा माँगने आया है
00:34उमेर के लिए
00:36हमारे लिए बहुत इज़द की बात है
00:38भाबी उमेर तो
00:40हमारे साहने...
00:41उमेरे कुछ वक्ष चाहिए सोचने के लिए
00:44मैं अम्मी के साथ अबी बजार निकलीन हूँ भाई
00:47वो वापस में मुझे ड्रॉप कर देखे
00:51फरीर
00:53तुमने क्यों मेरी जिन्दगी अजाब करके रखती है?
00:55अच्छे खासे तो है
00:57सड़क पर थोड़ी बैठे है
00:59और इतने घरीब लोग भी नहीं है
01:01अच्छे खासे तो है
01:03सड़क पर थोड़ी बैठे है
01:05अच्छे खासे तो है
01:07सड़क पर थोड़ी बैठे है
01:09सड़क पर थोड़ी बैठे है
01:11सड़क पर थोड़ी बैठे है
01:13सड़क पर थोड़ी बैठे है
01:15सड़क पर थोड़ी बैठे है
01:17सुफियान
01:41सुफियान
01:43चाय रख दी में
01:45हूँ
01:51कब तक चलेगा सब कुछ
01:56कैसा कब तक चलेगा
02:00आपका रविया जो आपने अख्टियार किया है मुझसे
02:08ये सवाल तुम अपने घरवालों से क्यों नहीं पूछती
02:13आप क्यों असास हो रहे हैं
02:15इस बात को दिल से लगा के ही बढ़ गए आप तो
02:19तूम जान्ते हो
02:21उमैर मेरी लिए कितना आहेम है
02:26उमैर जितना आपकी लिए आहेम है न
02:29उग्युसे कही जाता वो मेरे लिएहाम है
02:30वो मेरे लिए एहमें ये बात
02:31आप अच्छी तरीके से जानते हैं, सुफयान.
02:37हैं, कुछ नहीं जानते.
02:40मैं सिर्फ इतना पता है कि
02:43जब तुम्हारी अम्मी के सामने
02:44ओमेर का नाम दिया गया, तो
02:46उनके जहरे पे बहुत हगी रावेज एकस्प्रेशन थे.
02:53आप ये घलत फहमी हैं और कुछ नहीं है.
02:57अल्ला करें ऐसा ही होगा.
02:59सुफयान, बात सिर्फ ये है कि
03:01जिस तरह उमेर आप के लिए लाटला है,
03:02उसी तरह सजल अम्मी के लिए उतनी ही लाटली है.
03:05कोई भी फैसला करने से पहले
03:07वो सजल के बारे में बहुत सुझती है.
03:11थोड़ी आसास है उसके बारे लिए.
03:14हीरा, हम क्या कोई गेल उजरें?
03:17जिस तुम्हारी लाटली बहन का रिष्टा मांग कर
03:19हमने कोई गलती कर ली?
03:20सुझता मांग कर हमने कोई गलती कर ली?
03:22सुझता मांग कर हमने कोई गलती कर ली?
03:25अगर वो मना कर थी तब आप उससे शिकायट कर सकते थे.
03:30है सिर्फ इतना जानता हूँ के
03:33ओमेर की बेज़ती मेरी बेज़ती है.
03:38ये मुझसे बैठाश नहीं होगा.
03:51अच्छा आप...
03:54आप चाय तो पिएँगे ना. धन्डी हो जाएगी.
03:59के लिए.
04:21मुझे जिन्दगी में ना कोई भी खुशी
04:25वो कमल तोर पर नहीं मिली.
04:27क्या होगे आपको, अम्मी?
04:30तुम्हारे अब्बू ना बहुत अच्छे इनसान थे.
04:34बस जिन्दगी कम लिखवा कर आये.
04:36आपने तो भिर्कूल हिममा थार दिये.
04:39हमें तुम्हारी अब्बू का घंभ मत ढासे,
04:43उलथाट का घंभ कैसे बरताश करों?
04:46आपने तो बिर्कुल हिम्माथ हार दिये.
04:50समय बाहरा पीचा जाएगी नूर दाउ.
04:54आपने कैसे कहा?
04:57अपनी कैसे कहा?
05:06हाँ भी हार दी. नहीं अब मुझे महिममत.
05:09ऐसे कैसे चलेगा?
05:11अभी भाई को भी बताना है.
05:13हाँ, अभी तो उसे भी बताना है.
05:15और तुम्हें पता है?
05:17उसके सुस्राल वालों ने तो बिलकुल खामुशी इख्तियार कर लिए.
05:20मेरे किसी कॉल का जवाब भी नहीं दे रहे.
05:22तो आप महाँ चली जाती ना,
05:25आमने सामने बैट के बात हो जाती.
05:28जो लोग मेरे फौन का जवाब नहीं दे रहे,
05:31वो मेरे लिए अपने घर के दरवाजे कोलेंगे.
05:33रहने दो बिटा, वैसे भी मैं ठक गई हूँ,
05:36अपनी बेज़ती करवा करवा के.
05:39लेकिन आपका क्या कुसूर है?
05:41आपको किस चीज के सजा मिल रही है?
05:47ओलाद के गुनाओं के सजा माँबाब कोई बुकत नहीं पड़ती.
05:52आप भाई से बात कर लें, समझाने के लिए.
05:55हो सकता है आपी को उनकी बात समझ में आ जाए.
05:58आज से पहले उससे किसी की बात समझ में आईए,
06:01जो अब आएगी.
06:05मगर अम्मी...
06:06नहीं भाई, नहीं.
06:08मेरे अंदर तो हिम्मत नहीं है कि मैं आशर से ये बात करूँ.
06:12मगर बताना तो पढ़ेगा?
06:15नहीं, कोई जुरत नहीं है बताने की.
06:19जैसा चल रहा है वैसे चलने तो.
06:22बात की बात में देखेंगे भाई.
06:30क्या बात है, रिष्टे की बात होने के बाद से
06:32आप तो बिलकुल गाएप हो गएँ?
06:35ऐसे कोई बात नहीं है.
06:37ऐसे ही बात है?
06:38ऐसे बात है?
06:40ची नहीं जणाब, आपको बलस सहनि होई है.
06:43अच्छा, छोड़ो ना इन बातों को.
06:46मुझे ये बताओ ना सचल के हमाद भाई
06:48और अंटी जवाब कर देंगे?
06:50मिल जाएगा जवाब, इतनी जल्दी क्या है?
06:53अई, जल्दी इसलिए है मैड़म
06:56कि ये जो जालिम समाज है ना
06:58मैं नहीं जाता कि फिर से
07:00हमारे बीच में ये एक दिवार कड़ी करते हैं.
07:05कितनी फ़जूल बाते करते हैं आप.
07:09असलो, असलो, बहुत अच्छी तरह से असलो.
07:12देखना, एक दिन मेरी बारी भी आईगी.
07:16कोई बारी-बारी नहीं आने वाली.
07:18अच्छा, और ऐसा क्यों है?
07:22मेरे भाई को जानते हैं ना आप.
07:24हाँ, हाँ, बहुत अच्छी तरह जानता हूं.
07:27देख लूँगा उन्हें भी.
07:29एइ, दिहान से. भाई है, वो मेरे.
07:35हाँ, और मेरे आदे घरवाले.
07:37मेरे और सुफियान भाई के बिल्कुल बीच में.
07:40भाई हमारे घर के तो पूरे-पूरे मालिक बन गएँ, अब वो...
07:45पता नहीं क्या बाते करते रहते हैं आप.
07:47ओहो, साला आदे घरवाला होता है, ना?
07:50भजल, भजल.
07:53अम्मी बुला रही है, तो बाद में फुर हूँ.
07:55अरे नहीं, लेकिन मेरे... बाद...
08:18अवल तो खांदानी लोग इस तरह की बातों की परवान नहीं करते.
08:22और अगर मैं अलीजे का अच्छा रिष्टा ले भी आओं,
08:24तो तुम्हें क्या लगता है कि घर को देखे कोई रिष्टे के लिए हाँ कर देगा?
08:28इस बात का क्या मतलब है?
08:29फरीन का इस तरह से घर पे आके बैठना अलीजे के रिष्टे के लिए बहुत मुझ्किल हो जाएगी.
08:34भी फरीन के मामले का अलीजे से क्या तालुक है?
08:39अरे बड़ी बहन का घर अगर तूट रहा हो, तो छोटी बहन पर उसके असरात नहीं होते क्या?
08:43ताली ना दोनों हाथों से बचती है. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
08:49तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
08:52तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
08:54तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
08:57तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:00तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:03तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:06तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:09तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:12तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:15तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:16तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:19तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी. तुम्हारी फरीन भी घर बसाद नहीं होगी.
09:23तुम्हारी संधन ने तो किसी के सामने कोई तस्करा नहीं किया.
09:26लेकिन उसकी जो बेहन है ना, जहां बैठती है, बस फरीन का किस्सा लेकर बैठ जाती है.
09:31उन्हें तो अल्ला खारत करेगा. खुद बेटियों वाली है, शरम नहीं आती.
09:38तो फरीन ने किया ही होगा ना, कुछ ऐसा?
09:41क्या किया है मेरी बीटी ने? मासूम बच्ची है मेरी. गरों में तो ऊच्छोई जाती है.
09:47इसका हर किस मतलब ये नहीं है, कि बहु को सारी दुनिया में बढ़नाम करते पर रहे है.
09:52तुम पूछो तो सही थारा फरीन से, उसको मसला क्या है उन लोगों से?
09:55देख समीनो, मेरी बेटी फरीन बहुत सापर लड़की है. उसने आज तक अपने सुस्राल की बात आके हमें नहीं बताई.
10:04ये भी हो सकता है कि बताने के लिए कुछ हो ही ना फरीन के पास.
10:07मतलब?
10:08देखो सॉलिहा, साइमा के सब बच्चों के रिष्टे मैंने करवाए है.
10:12बगर मजाल नहीं जो कभी कहीं से कोई शिकायत आए.
10:15तुम फरीन से पूछो तो सही कि वो घर बसाना क्यों नहीं चाहती?
10:19सच बात तो ये है कि मेरी फरीन की किसमत खराब है.
10:23पहले ही महले में ये बात मशूर है कि तुम बेटे की शादी नहीं करना चाहती.
10:27उस पर आकर बेटी तुम्हारे घर पर बैठ गई.
10:29तो अलीजे के लिए रिष्टे की मुश्किली होगी फिर.
10:32ऐसी बात बिल्कुल नहीं है.
10:34मैं तो अशर की शादी करवाना चाहती हूँ.
10:36बलके मैं तो सोच रही थी कि मैं इस सिलसले में तुम से बात भी करूँ.
10:40अच्छा?
10:41हाँ हाँ, मैं तो सोच रही थी कि तुम से कहूँ
10:43कि देखो न किसी अच्छे खानदान की लड़की.
10:46मैं तो बस इसलिए रुखी थी
10:48कि उस पुराने घर से निकलो, पुराने महुले से निकलो.
10:51अब खैर से नेया घर है, नेया महुला है.
10:55अब तो सबसे पहले मैं अशर की ही शादी करूँगी.
10:59चलो, दिखाती हूँ.
11:02हाँ, देखना शुरू कर दो मेरे बेटे के लिए लड़की अब.
11:15भाभी!
11:18भाभी, कब से आवाज़े दे रहा हूँ मैं आपको, आप सूनी नहीं रही है.
11:32भाभी, आप रो रही है?
11:38नहीं, इसी तो कोई बात नहीं है, रो तो नहीं रही हूँ.
11:44इसी बात कैसे नहीं है, मुझे बताएं क्या बात हुई है?
11:51कुछ नहीं हुआ, बस सुबह से सर में दर्श रहा हूँ.
11:56आज से पहले तो सर दर्श पर आप कभी नहीं रोई?
12:00ओमेर, तुम जाओ ना, तंग नहीं करो मुझे.
12:03मेरी ऐसी तबत ठीक नहीं है.
12:06नहीं, मैं तंग नहीं कर रहा हूँ, मैं पूछ रहा हूँ.
12:09बताएं ना मुझे क्या बात है?
12:12कुछ नहीं हुआ.
12:14नहीं पूछ रहा हूँ, मैं पूछ रहा हूँ.
12:16बताएं ना मुझे क्या बात है?
12:18कुछ नहीं हुआ.
12:21चल थीक है, मैं भाई से पूछ लेता हूँ.
12:24भाई से पूछ नहीं की कोई जरूत नहीं है.
12:28वो तो पहले ही मुझसे नराज है.
12:30भाई और आप से नराज..
12:32पर क्यों?
12:37सजल के रिष्टे की बजासे.
12:39सजल के रिष्टे की बजासे?
12:42तो इसमें नराज होने वाली क्या बात है?
12:47उनको लगता है कि अम्मी ने
12:48रिष्टे का जवाब फ़ौरण हाँ में न देके
12:50उनकी बहुत बड़ी बेज़ती कर दी हैं.
12:55क्या?
12:57ये भाई भी कभी-कभी कैसे एजीब बातें करते हैं?
13:01ख़यर आप परिशान नहीं हूँ, फिकर नहीं करें आँ.
13:04कैसे परिशान नहीं हूँ?
13:07मैया रिष्टा बनाने के चकर में न
13:09पुराना रिष्टा जद में आ रहा है.
13:10ऐसे कैसे जद में आने लगा है? कोई मज़ाग है क्या?
13:14हम्.
13:16मज़ाग ही बन गई है मेरी सिंदगी अब.
13:22जब तक आपका भाई इस घर में
13:25आपके साथ कोई स्यादती नहीं होगी, याद रखेगा इस बात हो.
13:39याद रखेगा इस बात हो.
14:10बात करनी है आप से.
14:15हाँ कहो, खेरियत है?
14:19नहीं भाई, खेरियत नहीं है.
14:24क्या हुआ है?
14:27वो हुआ है जो आज से पहले
14:30कभी नहीं हुआ और ना होना चाहिए था.
14:33उमर, क्या फिलियां मिज़वा रहे हो?
14:39आपको भावी के साथ ऐसे नहीं करना चाहिए.
14:48बैठो.
14:58हेरा ने कुछ कहा है तुमसे?
15:03और मेरी अपनी आखें है.
15:07ऐसे कोई बात नहीं.
15:09अगर ऐसा नहीं है भाई,
15:12तो भावी किचन में छुप-छुप के क्यों रो रही थी?
15:16मैंने कुछ नहीं कहा उससे.
15:18हो सकता है आपने ना कहो.
15:21लेकिन उनको रुलाने की वज़ाब,
15:24उसे अपने घरवालों से बात करनी चाहिए थी.
15:27आप छोटी सी बात को बढ़ा रहे हैं.
15:28भाई रहने दो, इसके छोटी सी बात नहीं है उम्हें.
15:32छोटी सी बात ही है,
15:34इससे बड़ी-बड़ी बातें फैमिलीज में हो जाती है,
15:36इसके कुछ भी नहीं है.
15:37वह ऐसे ही मौकों पर पता चलता है कि
15:39लोग आपकी कितनी इज़त करते हैं.
15:41आप सेंसिटिव हो रहे हैं.
15:44तुम्हारे माहले में हमेशा से सेंसिटिव हो रहे हैं.
15:47और ये सब जानते हैं.
15:49पर मुझे नहीं बुरा लगा.
15:54बगर मुझे लगा है.
15:55भाई, आप क्यों खामखा अपने घर का सुपूर बरबाद कर रहे हैं?
16:00मैं कह रहा हूँ न, रहने दे.
16:05उमेर, मैंने आज तक अपनी जाद से ना हिरा को
16:10ना उसके घरवालों को कभी दुख नहीं पोचा रहा है.
16:13इसमें हर्ट होने वाली क्या बात है?
16:15नॉर्मली फैमिली, सोचने, समझने में वक्त लेती है, यह नॉर्मल है.
16:21इसी बात का तो अफ़सोस है मैंज़े.
16:24बारल, आपने खामखा अपने घर का सुपूर बरबाद कर रहे हैं.
16:30तुम अपनी भाभी से कोंगे या वो जाकर अपने घर बाला से बात करें?
16:33बिल्कुल नहीं.
16:36मैं भाभी से ऐसा कुछ नहीं कोँगा.
16:40कि सेंगन क्या तो बात करें?
16:42मैं कुछ नहीं पोचा रहा हूँ.
16:44भाबी के साथ अपनी ये नराज़गी ख़पन करें, प्लीज.
16:49तुम अपनी भाबी से कहो
16:51कि वो जाके अपने घरवाले से बात करें.
16:53बिल्कुल नहीं.
16:56मैं भाबी से ऐसा कुछ नहीं कहूँगा.
17:01भाई, भाबी ने इस घर में
17:04बड़े दिल से जगा बनाई है, एक मुकाम बनाई है.
17:10प्लीज, आप उनको परिशान नहीं करें इस माँगे में.
17:18अगर सचल मेरी किस्मत में है, तो उसे मुझे कोई नहीं छीन सकता.
17:24और अगर वो मेरी किस्मत में नहीं है,
17:26तो आप कितर भी नराज हो जाएं, मैं उसे नहीं पास करकाँ.
17:57समिया को भी बहुत जल्दी है भाई, एक मिनट सबर नहीं करती है.
18:03इतनी सारी तस्वीरें भीज़ दियें ले के.
18:07क्या हो रहा है अम्मी?
18:09समिया की बात कह रही हूँ.
18:11कल रिश्टे की बात करके गई ये.
18:13और देखो, कितनी सारी तस्वीरें भेज दियें आज उसने.
18:21ये वाली प्यारी है ना?
18:23नीचे भी पढ़ लो बेटा.
18:25बाब डॉक्टर है, तीन तीन भाई है, दो फोज में, और एक बड़ा अफसर है.
18:31नहीं भाई, ऐसे घर की लड़की नहीं लानी मैंने.
18:33क्यों?
18:35ऐसे घर की लड़की लेकर आके, अपना बुढापा खराब कर लूँ मैं.
18:40लोग तो अच्छी फैमिलीज की तलाश में रहते हैं.
18:44बेटा, ऐसे घर की लड़की नहीं लेकर आनी,
18:47जो आते ही मेरे बेटे को अपने कामों में कर ले.
18:50आप ऐसी बातें क्यों करती हैं?
18:52तुम नहीं समझोगी बेटा, बच्ची हो भी तुम.
18:55लेकिन हमारे भाई कोई बच्चे थोड़ी हैं,
18:58जो किसी के भी कहरे पर इओं चल पड़ेंगे.
19:00कितना प्यार करते हैं वह आपसे.
19:03हुँ.
19:04शादी के बाद माँ उसे प्यार कहा रहता है?
19:08भाई ऐसे नहीं है.
19:09भाई जैसे भी हो, लड़की तो मैं सोच समझके ही लेकर आओंगी.
19:13क्या चल रहा है यहाँ पे?
19:16इसे देखके लगता है,
19:18कि यह अपना घर बार छोड़के मैखे में आके बैट गई है?
19:21ओफो, अम्मी अब आप दुबारा शुरू मत हो जाएगा.
19:24और यह क्या पुराने जमाने जैसी बातें करती रहती हैं?
19:27अब कोई नहीं सोचता ऐसे.
19:30शरीफ घरानों में ना ऐसी बातों पे लोग ढूप के मर जाते हैं.
19:35चाँ, छोड़े ना यह बातें.
19:36क्या कर रहे थे आप दोनों?
19:38तस्वीरें कोई देख रहे थे?
19:42लड़की की तस्वीरें देख रहे थे आप दोनों भाई के लिए?
19:45हाँ, मुझे बताया भी नहीं.
19:47मैं देखोंगे अपने भाई के लिए तस्वीरें.
19:50और ये समया अंटी ने भेजी है.
19:52मेरी तरह कोई फुजूल सा रिष्टा तैमत कर दीजेगा भाई का.
20:00चाय पकड़ा दो मुझे, सर फट जाएगा मेरा.
20:04ये कुछ मुनासिव है.
20:07ये अच्छी है.
20:10ये तस्वीर भेज़ दी?
20:12किसको? अक्शर को?
20:14क्यों?
20:15ये देखो, देखो लड़की के तस्वीर.
20:17देखो, कितनी खुप सूरत है.
20:20तो?
20:21तो मैं अपनी शामत बुलवालूँ.
20:23इतनी खुप सूरत लड़की की शादी अश्वर्च से करके?
20:45आने की क्या जरूरत थी?
20:46हम फोन पर भी तो बात कर सकते थे.
20:51मिलके बात करना चाहता था.
20:53आबने सामना है.
21:04सजल, सुफयान का फोन है.
21:06मैं कॉल सुनकी आती हूँ.
21:24इतनी क्या जल्दी पड़ गई थे कि ऐसे आना पड़ा?
21:28अब भी जल्दी ना होती.
21:33आखिर हुआ क्या है?
21:37सजल, मुझे सच-सच बताओ.
21:41सिट्वाइशन क्या है अभी?
21:44उम्हेथ, अगर अभी अम्मी आगई ना
21:45तो हम थीनों को बहुत अच्छा से सिट्वाइशन समझाएंगी.
21:47ज़्या बताए, वो मिलाद में गई है.
21:49भाभी मुझे बता चुकी है.
21:52ये भाजी को क्या होगी?
21:53क्यों कर रही हैं वो ये सब?
21:54क्या मतलबे क्यों कर रही है?
21:56और वो मेरी भाभी नहीं है, मेहन जैसी है मेरी.
21:58खयाल रखती है,
22:00फिकर करती है मेरी, तुमसे ज़्यादे ही.
22:03और मैं तो दुश्मन हूँ न?
22:05सचल, थोड़ा सा वक्त है, अभी बस हमारे पास.
22:08वो भी लड़, जगड कर जाये कर दोगी क्या?
22:10मैं कहा लड़ें.
22:14एक बात मेरी सुन लो सचल,
22:17मुझे कभी धोके में मत रखना.
22:20क्या मतलब इस बात का?
22:22हर वक्त ये खोफ क्यूं रहता है तुम्हें?
22:24क्यूं इसी बाते करते हो?
22:28परिशान हूँ यार, मैं
22:30हैरत हो रही है,
22:32मैं सोच भी नहीं सकता था,
22:35उससे तो लग रहा था कि
22:36शायद हमाद भाई कोई प्रॉप्लम करें,
22:38लेकिन, अंटी का सोचा भी नहीं था मैं.
22:43सोचा तो मैंने भी नहीं था
22:44कि अम्मी को कोई मसला होगा.
22:48उनको आखर इशू क्या है,
22:51क्या मसला है उनको?
22:56बाजी के लिए,
22:57उनके हलाद से वो डर गई है.
23:01लेकिन सचल,
23:03ये हालाद हमेशा तो ऐसे नहीं थे न?
23:06मगर कितने अर्से से चल तो रहे है न,
23:08और ख़तम होने का नाम भी नहीं ले रहा है.
23:11अभी मुश्किल है,
23:14असानी भी आ जाएगी.
23:15यही तो मैं भी अममी को समझाना चाहती हूँ,
23:18और भी उनके ख़याला कुछ और ही है.
23:21और क्या खयाल है उनका?
23:24क्या सोच रही है?
23:27वही,
23:29जो हर आम मा अपनी बेटी के लिए सोचती है.
23:32वो नहीं चाहती मेरी जिनदकी में कोई तकलीफ आपको बाते.
23:35वो चाहती है मुझे जिनदकी के सारी खुशियां मिले,
23:37मुझे किसी चीज के लिए सिसकना ना पड़े.
23:40सचल, क्या ये खुशियां पैसों से मिलती हैं क्या?
23:45वो मैं, यही तो मैं उन्हें समझाना चाहती हूँ.
23:48और वो समझ ही नहीं पारें.
23:55मैं,
23:57मैं,
23:58मैं,
24:04मैं,
24:14मैं,
24:23क्या जान भाई को नराज होने की क्या ज़रूरत है?
24:25उनको नहीं पता, पहले से हम कितने परिशान है.
24:29चल ठीक है, तुम उनको लेकर परिशान मत हो.
24:32उनकी फिकर मत करो, मैं उनने हेड़ गी कर लूगा.
24:36तुम आंटी को देख लो, यार.
24:39उनका क्या करना है, यह सोचो.
24:44मैं कर लूगी.
24:46कैसे?
24:50हमाद भाई, उनको तो कोई अतराज नहीं है इस तिश्तिसे.
24:56और मुझे यकीन है, अमी उनकी बात नहीं टालेंगी.
25:00उन्हें मना नहीं कर सकता.
25:05बस यही बात मुझे भी कुछ तसली देती है.
25:09कुछ वक्ष खमोँश रहते हैं.
25:12सब ठीक होई जाएगा.
25:14और मुझे यकीन है कि अमी मान जाएगी.
25:38कैसे खुद को समझाओं जो तेरे दिल तक पहुँचे
25:44वो लब्स कहाँ से लाओं जले आ, जले आ
25:51वे मेरे दिल कले आ
26:01अच्छा हम चलते हैं.
26:04परिशान मत थो ना.
26:08मैं परिशान नहीं हूँ.
26:11लेकिन इस situation को लेकर भाई और भाभी बहुत संजीत हैं.
26:22बाजी, आप सुफयान भाई से बात करें ना.
26:33समझाऊंगी सुफयान को.
26:36अगर आगे देखो क्या होता है.
26:40अच्छा चलो ओमेर हमें देर हो रही है.
26:42पता है, सुफयान को पता नहीं है कि हम दोनों यहाँ पर हैं.
26:45इनतिजार कर रहे होंगे वो.
26:48चल.
26:57चल.
27:03चल.
27:19अच्छा, मुझे तो यही लड़की ठीक लग रही है.
27:24हाँ, हाँ.
27:26नहीं भाई देखो, बड़ी फैमिली नहीं चाहिए हमें.
27:30तुम इनी लोगों से बात करो और मुलाकात करवा दो.
27:35यह क्या कह रही हो तुम?
27:37अच्छे से जानती हूँ, मैं खुद जाके देखने के काईल हूँ.
27:42चलो, ठीक है.
27:44अब भेज दो तुम तस्वीर हैं.
27:46ठीक, बाइ.
27:47सम्या अंटी ना ऐसा कौन सा रिष्टा बता दिया है?
27:49जो आप बगएर दे के ओके कर रही हैं?
27:51है एक लड़की, जिसका सिर्फ एक ही भाई और एक ही बहन है.
27:57बहन के तो शादी हो गई है.
27:59और भाई का कोई छोटा सा स्टोर है.
28:02अच्छा बिटा?
28:04तो जो लोग सर के बल रिष्टा देंगे ना,
28:07कुछ अर्से के बाद तुम्हारे सर पर जूतें मार के ना भाई सा एलक कर देंगे.
28:12अच्छा बिटा?
28:14तो जो लोग सर के बल रिष्टा देंगे ना,
28:17अच्छा बिटा?
28:19तो जो लोग सर के बल रिष्टा देंगे ना,
28:22कुछ अर्से के बाद तुम्हारे सर पर जूतें मार के ना भाई सा एलक कर देंगे.
28:28तुम दोनों बहनों की वज़ासे मैं ऐसी फैमिली ढून रही हूँ.
28:31किस की वज़ासे ढून रही हैं और क्या ढूना जा रहा हैं?
28:34हम दोनों बहनों की वज़ासे, अम्मी भीकहुंगो में भाई की शादी करवाना चाते हैं.
28:39भीखनुगे लोग? इसका क्या मतलब हुँ?
28:43शरीफ, खानदानी लोग हैं वो.
28:45इसका क्या मतलब हुआ?
28:47शरीफ खान्दानी लोग हैं वो.
28:49हाँ बस जादा पैसे वाले नहीं है.
28:52हाँ आपे, आप इतनी कड़वी बातें क्यों करती हैं?
28:56मैं कोई कड़वी बातें नहीं करती हूँ.
28:58सच कहरी हूँ मैं.
28:59जब भाई को इतना अच्छा रिश्टा मिल सकता है, तो आप फिर कहकर ऐसा रिश्टा कर...
29:02फरीन, तुम तो चुप ही रहा करो.
29:04उपर वाली मनजल तो तुमारी खाली है.
29:07सारी तेजी बस जबान में है.
29:10मैं क्या आपकी सोतेली बेटी हूँ?
29:13कभी किसी माँ को देखा है इस तरह अपनी बेटी को कोसते है हर वक्त?
29:18कभी अपने गिरे बान में जाका है तुम्हें?
29:21मैंने ऐसा क्या कर दिया है?
29:24अफसूस तो इसी बात का है, कि तुम्हें पता ही नहीं है कि तुमने क्या किया है.
29:29मैं एक काम करती हूँ, ये घर छोड़ के जाकर किसी हॉस्टेल में रहना शुरू कर देती हूँ.
29:33आपका भी मसला हल होगा और मेरी भी टेंशन उतरेगी हर वक्की.
29:37अब हॉस्टेल में कौन रखेगा तुम्हें?
29:40पैसे दोंगी ना सब रखेंगे.
29:43बेकार इंसान को ना हॉस्टेल वाले भी नहीं रखेंगे.
29:47वो भी तुम्हें सवाल करेंगे, के बीबी काम क्या करती हो, क्या कमाती हो?
29:52ऐसी कौन सी मुश्किल पड़ गई, के तुम्हें हॉस्टेल में आके रहना पढ़ रहा है?
29:56क्या जवाब दोगी तुम?
29:57आप हर वग बस मेरे ही पीछे पढ़ी रहती हैं.
30:00यह देखो, घर में नाकर नहीं है, यह देखो कैसा कच्छा किया इसने.
30:05अम्मी, क्यों उलचती हैं आप आपी से? अच्छी तरह से पता तो है आपको उनकी तबियत का.
30:12यह देखो.
30:17यह तो प्यारी है बहुत.
30:23अब इतनी भी खास नहीं है.
30:25चला, आप कहने के लिए कहने के लिए कहने के लिए चला.
30:28अब इतनी भी खास नहीं है.
30:30चला, आप कहने के लिए कहने के लिए चला.
30:33मारी बेहन ने सर में दर्द कर दिया है मेरे.
30:59चावल ले आओ.
31:06ये क्या है?
31:08पैसे है. आपको बताया था ना कि कमेटी डाल लिया सजल के लिए.
31:13अरे हाँ, बताया तो था तुमने.
31:20इससे सजल के लिए जेवर ले लिजेगा.
31:28हाँ, एक दू दिन में जाओंगी मैं.
31:31वैसे भी सोना जड़ा सस्ता हुआ हुआ है, ये ना हो कि एक हीमत ही बढ़ जाए.
31:36सलमलिकम भाई.
31:38सलमलिकम सलाम.
31:43पानी लियाती हूँ.
31:46जिसको भी साथ ले जाएगा, अपनी पसंद की चुल्री ले दे.
31:50इसको क्या पता है, तो बिल्कुल ही बेवकुफ है.
31:53पहनना तो उसनी है ना अमी.
31:59जी भाई, मैं सारे जीवर अपनी पसंद से बनमाऊंगी, कड़े बनमाने हैं मुझे.
32:05तुम्हें जो पसंद आए, तुम ले ले ना.
32:07इसकी पसंद कुछ खास अच्छी नहीं है बेटे.
32:10ये पैसे जाय करबाईगी तुम्हारे.
32:13पसंद तो वाकिए खास नहीं.
32:16लेकिन कोई बात, पहनना उसनी है, तो पसंद भी उसी की होनी चाहिए.
32:24चलो तुम, खाना तो निकाल.
32:36पराजाया चेल.
32:54क्या कर रहे हो?
32:56हम्मी, मैंने ना भाई को ये तस्वीर भेज दिया.
33:00ये तस्वीर भेज दी? किसको? अक्शर को?
33:04क्यों?
33:06इतनी नाईलायक ओलाद मेरे ही पढले पड़ी है
33:10या सबके बच्चे ऐसे ही होते हैं?
33:12आपने तो कहा था कि अच्छे लोग हैं ये.
33:14बख़वास की थी मैंने.
33:16क्या हो गया, अम्मी?
33:17आपने खुदी कहा था कि इनके घरवाले बहुत अच्छे हैं.
33:20तुम लोग कुछ करने से पहले मुझे से पूछते क्यों नहीं हो, हाँ?
33:25अब क्या हो गया?
33:27अभी कुछ दिन पहले तो आप उनकी तारीफों के पूलबान भी नहीं ठक रही थी?
33:32ये देखो, देखो लड़की के तस्वीर.
33:34देखो, कितनी खुप सूरत है.
33:35तो मैं अपनी शामत बुलवा लूँ?
33:37इतनी खुप सूरत लड़की की शादी अशर्च से करके?
33:40क्या मतलब है आपकी इस बात का?
33:42मतलब, मतलब को तुम छोड़ दो.
33:44तुम्हारी समझ से न उपर की बात है यह.
33:46देखा तो मुझे, अम्मी बहुत समझदार है.
33:48हम दोनों तो पहुची नहीं है.
33:50अपनी खुप सूरत लड़की की शादी नहीं करेंगे.
33:52अपनी खुप सूरत लड़की की शादी नहीं करेंगे.
33:54देखा तो मुझे, अम्मी बहुत समझदार है.
33:57हम दोनों तो पहुची नहीं सकते इनकी सोच तक.
33:59अगर ये भाई की शादी की सी खुप सूरत लड़की से करवा देंगी,
34:02तो भाई तो हाथ से निकल जाएगा.
34:03और?
34:06बहुत समझदार है, अगर ये भाई की शादी की सी खुप सूरत लड़की से करवा देंगी,
34:09तो भाई तो हाथ से निकल जाएगा.
34:11इसलिए मुझे यकीन है, किसी काली-पीली लड़की के साथ शादी करवाएंगी भाई की.
34:14पिर ऐसा क्यों?
34:16बहुत समझदार है, अगर ये भाई की शादी की सी खुप सूरत लड़की से करवा देंगी,
34:20तो भाई तो हाथ से निकल जाएगा.
34:21इसलिए मुझे याइना है, किसी काली-पीली लड़की के साथ शादी करवाएंगी भाई की.
34:25देखेंगी भाई की.
34:26पर ऐसा क्यों?
34:28अरे ताके भाई उसको पूरी जनदये मूँ न लगा है.
34:31और?
34:34और इनकी हुकूमत कहीं खतम न ओ चाहें.
34:39मुझे नहीं समझ में आती ऐसी बाते हैं.
34:44तुम नहीं समझोगे.
34:47हमाद.
34:51बेटे, मुझे तुम से जरा ज़रूरी बात करनी थी एक.
34:56जी बोल ये.
34:59वो, समिया है न?
35:03उसने एक रिष्टा भेजबाया है.
35:08किसके लिए?
35:11सजल के लिए.
35:12अम्मी, आप सजल को लेके इतनी जल्दी क्यूं कर रही हैं?
35:16क्योंकि लड़कियां जितनी जल्दी अपने घरों की हो जायें तो अच्छा होता है न, बेटे?
35:23हूँ. तो अभी कुछ दिन पहले, हिरा अपने देवर का रिष्टा लेकर आयी थी.
35:28तो अभी कुछ दिन पहले, हिरा अपने देवर का रिष्टा लेकर आयी थी.
35:34और अब आपने ये निया सिल्सला शुरू कर दिया है.
35:37हिरा की बात तो तुम जाने ही दो न, बेटे? बेवकूफ है वो तो बिल्कुल.
35:42वो बेवकूफ हो या अकल मत, रिष्टा तो डाल गए न, वो?
35:46उससे क्या होता है?
35:48लड़की हमारी है, जहां मनासब समझेंगे, वही रिष्टा करेंगे न?
35:54आप हिरा के सुसराल को बहुत हलका ले रही हैं, मी.
35:57तुम उन लोगों को मुझे पर छोड़ दो, रहने दो नहीं.
36:03मुझे समझ नहीं आरही कि आप भेकार में बात को इतना क्यों बढ़ा रही हैं?
36:08मेरी बाव से, उमेर एक बहुत अच्छा लड़का है,
36:13थोड़ा सा इंतजार करने में कोई हर्ज नहीं है.
36:16एक अच्छा रिष्टा आया बेटे, उसको देखने में भी कोई हर्ज नहीं.
36:22और अगर नहीं समझ आया, तो उमेर तो है ना.
36:25लेकिन कमिट्मेंट, कमिट्मेंट भी तो किसी चीज़ का नाम है ना.
36:29इनसान की जबान की भी कोई बुकत है, कोई वैलियू है के नहीं है?
36:33तो हमने तो कोई जबान नहीं दिए, और शायद इसलिए नहीं दिए.
36:38आप अपनी मरजी की है बग़्यार नहीं मानेंगी.
36:41लेकिन एक बात बता दो, मेरा वोट उमेर के साथ है.
36:46वो तो रिष्टा देख कर ही इल्म होगा ना, कि दोनों में से कौन बेतर है?
36:52आप एक अनजान रिष्टे को हेरा के सुस्राल पर फोकियत कैसे दे सकती है, अमी?
36:58बेटी, इनसान दो रुपे की चीज भी लेने जाता है ना, तो दस दुकानों में फिरता है.
37:04ये मेरी बेटी के मुस्तक्बिल का सवाल है, तुम समझ क्यों नहीं रहे हो?
37:10रिष्टे सोधे होते हैं, अमी?
37:19आप जो कुछ भी कर रही है, अपनी जिम्मेदारी पर कर रही है, मेरी एक भी नहीं सुन रही है, आप.
37:23अरे हमने हाँ थोड़ी की है, अभी तो वो लोग आएंगे, हम लोग वहाँ जाएंगे, वक तो लगेगा न, बेटे?
37:29तो बेकार में, नए नए ज्मेलों में क्यों पाड़ रही है, अमी?
37:53हाँ, हलो, समिया? हाँ, सुनो, जुम्मे को ले आना उन लोगों को. हाँ, हाँ, हाँ, बिल्कुल. अच्छा, धावफिस.
38:23एक तो मेरे घर में फ़ोन कोई नहीं उठाता, सेव उबर्टम.
38:45सामने कुम भाई.
38:47अलिजी, अमी कहा है? मैं कब से कॉल कर रहा हूँ, फ़ोन ही नहीं उठा रहा है.
38:52हाँ, मैं देखती हूँ.
39:03वशर का फोन है न? हलो, हाँ, कैसे हो वशर?
39:09फरी, फरी, तुम भी आये भी हो वहाँ पर?
39:11हाँ, वो मैं यहाँ, तुम्हें अम्मी से बात करनी थी न?
39:16मैं तुम्हारी बात कराती हूँ, यह सामने ही तो बैटी नहीं है.
39:18ये ले अम्मी, वशर का फोन है.
39:21ले न?
39:28हाँ बेटा?
39:29अस्लामने कुम अम्मी, क्या हाल है?
39:32बस ठेक हूँ.
39:34अच्छा अम्मी, ये अलीजे ने जिस लड़की की पिक्चर भेजी है न,
39:38ये मुझे पसंद है, आप ओके कर दें.
40:03सम्माल्यों करते हैं.