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Teray Janay Kay Baad Episode 26 3 Sep 2024 ARY Digital Drama - 1080
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FunTranscript
00:00देखने के लिए तुम्हारे बीटी को खुश करते हैं अमनी बीटी को खुश करते हैं
00:30मुझे कुछ नहीं कर सकता
00:32सजल और अशर गए हैं
00:34हमार की माँ से बात करने के लिए रिष्टे की
00:38तुमने अपने भाई के लिए इतनी कुर्बाणिया दे ना
00:40अब देख बदले में तेरा भाई
00:42तेरा दामण खुशियों से बढ़ देगा
00:44अब देख बदले में तेरा दामण खुशियों से बढ़ देगा
00:46उनके मूँपर उनको अचानक से
00:48मना थोड़ी कर सकती थी
00:50मेरे लिए तो कुछ इतना शौकिंग था
00:52इतने हरान हुई मैं ये सब सुनकर
00:54और आपको पता है
00:56वो तो जाने से पहले ना
00:58आपके ना
01:00निकाग करवाने का सोच रहे है
01:28आपका एकाडमिक रिकॉर्ट तो जबर्दस्त है
01:30अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
01:32आप, आपने फर्धर स्ट्रेडीज के लिए
01:34क्यों नहीं अपलाइग किया?
01:36शादि की वज़ज़
01:38मेरी शादि हो गये थी
01:40आपका एकाडमिक रिकॉर्ट तो जबर्दस्त है
01:42अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
01:44आप, आपने फर्धर स्ट्रेडीज के लिए
01:46क्यों नहीं अपलाइग किया?
01:48शादि की वज़ज़
01:50मेरी शादि हो गये थी
02:10अस्कीज़ में साथ
02:12अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
02:14अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
02:16अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
02:18अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
02:20अपने परेशाँ को नहीं परवाद है
02:22अस्कीज़ में साथ
02:25जी
02:28मुझे उतार जाएगा
02:52अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर अपर �
03:23अम्मी, आपी से बात हो गई क्या आपकी?
03:26अरे वो फोन ही नहीं उठा रही.
03:28पता नहीं फोन कहां रखे भूल जाती है.
03:35सुनो, खाना भी तक्रीबन तयार हो गया है.
03:38अशर को फोन करो, पूछो कब तक आ रहा है?
03:40जी कर रही हूँ कॉल.
03:53वैसे अम्मी, मुझे बहुत गब्राहट हो रही है.
03:56पता नहीं अशर का क्या रियाक्शन होगा
03:58आपका इनकार सुनके.
04:01मैं तो कहती हूँ, एक बार सोच लें आप.
04:06क्या दिमाग खराब है तुम्हारा?
04:08क्या सोच लें?
04:10हमाद कभी भी राजी नहीं होगा.
04:12कह दे ना उसका नाम ले कर.
04:15सचल, मन पसंद बीवी, बजोर महबब,
04:18शोहर से कुछ भी मन वा लेती और तुम...
04:23क्या, तुम्हें फरीन पसंद तो नहीं आ गई हमाद के लिए?
04:27अल्ला ना करें अम्मी.
04:28मैं तो मर के भी ऐसा नहीं सोच सकती.
04:30अल्ला ना करें अम्मी.
04:31मैं तो मर के भी ऐसा नहीं सोच सकती.
04:34और ज़िस तरह की वो है, अल्ला ना करें कभी मेरी भाभी बने.
04:39इसका रवया ठीक नहीं है तुम्हारे साथ.
04:41छोड़े अम्मी.
04:57हाँ, बोलो.
04:58कहा थी, मैं और अम्मी कब से आपको कॉल्स कर रहे हैं.
05:01क्यों, क्या हुआ? खैरियत तो है?
05:03तुम क्या अम्मी की दरफ हो?
05:05जी, यही हूँ.
05:06और आप ऐसा करें, आप भी जल्दी से आ जाएं.
05:08हमने आपसे कुछ बात करना है.
05:09मतलब, अम्मी ने आपसे कुछ मश्वरा करना है.
05:15सचल, मैं नहीं आसकती.
05:16अम्मी से कहो, कि जो भी बात है ना, मुझसे फोन पे कर ले.
05:19अम्मी कहती है, फोन पे कर ले, मैं बात करें.
05:21हिरा, ज़रूरी बात नहीं होती, तो मैं तुम्हें कभी ना बुलवाती.
05:25अम्मी, मैं छट पे गई थी, कपड़े सुखाने.
05:28सीड़ियों पे उतरते वें ना, बस मेरा पैर मुड़ गया.
05:31अब बैठ के बट्टी कर रही हूँ, आप बताएं किस तरह आ सकती हूँ मैं?
05:35पाऊं मुड़ गया उसका, जाधा चोट तो नहीं आई बेटी?
05:38सिफ पैर मुड़ा है, आप बताएं, खैर तो है, क्यों बुला रही है मुझे घर?
05:43और फोन पे नहीं, बात कर सकती ना, एक मिन्ट,
05:47मैं करती हूँ तुम्हें, या आशिर का, बिच में फोन आ रहे हो उठाओ.
05:57फोन काट दिया, पता नहीं क्यों बुला रही है घर?
06:02क्या, क्या आप नहीं आ रहे हो यह?
06:05क्यों बुला रही है घर?
06:09क्या?
06:11क्या आप नहीं आ रहे हैं मुझे पिक करने?
06:14वो अम्मी ने खाना भी बनाया है.
06:17और...
06:18और... और क्या?
06:22और मुझे यहाँ नहीं रुकना है.
06:24मुझे आपके साथ थेना है.
06:26या तो मैं कहा चाहता हूँ
06:27तो आप जादा दिन वहाँ रुपो.
06:29ये तो तुम काफ़ी दिन से अपनी अम्मी से मिली नहीं थी तो
06:31मैंने सोचा कि उनके साथ रह लो, कुछ राइम स्पेंड कर लो.
06:34आपसे आंटी ने कहा है?
06:36आपनी क्यों कहेंगी मैंसे?
06:37मैंने तुमसे कहा था ना कि एक प्रेंट के साथ कुछ काम है,
06:39उस सिलसले में भी थी, नहीं एल्स.
06:43अच्छा मुझे ये बताओ कि आंटी से बात किया तुमना?
06:51तजल?
06:52जी, जी किया है.
06:56और क्या कहा उन्होंने?
06:57उन्होंने ये बात पसंद नहीं आयी?
06:59नहीं, नहीं, ऐसी बात नहीं है.
07:03इतना बड़ा फैसला है भाई की जिंदगी का.
07:06इतनी चल्दी तो फैसला नहीं कर सकती है ना.
07:08अमनी, भाई से, आपी से सब से मश्वरा करेंगे.
07:11फिर ये कोई फैसला कर सकेंगे.
07:14और वैसे भी क्या पढ़ा
07:15हमाद भाई ने पनी शादी के लिए क्या सोचा हो?
07:19आ, वैसे यह तो आप ठीक कहा रहे हैं.
07:21हमाद भाई ने पनी शादी के लिए क्या सोचा हो?
07:24आ, वैसे यह तो आप ठीक कहरेंगे.
07:27हमाद भाई के जैन में क्या चल रहा है,
07:29उस बारे में हमें कोई आईडिया नहीं.
07:31लेकिन एक शीस है, मुझे...
07:32मुझे लगता है कि हमारी सुसाइटी में
07:34उलाद अभी इतनी खुछ सर नहीं होई
07:36कि माबाब के फैसले से इस तरह से डारेट इनकार कर सके.
07:40अब मुझे ही देख लो,
07:41शादी का फैसला अम्मी और परी की मरजी के बग़ार तो नहीं किया.
07:45बारण, अंटी जो भी decides करती है, बता दे ना मुझे.
07:49मैं तुम से थुड़ देर में बात दू, मुझे एक call आ रही है.
07:52तुम्हारे?
08:14बारण, अंटी जो भी decides करती है, बता दे ना मुझे.
08:17मैं तुम्हारे?
08:18बारण, अंटी जो भी decides करती है, बता दे ना मुझे.
08:20मैं तुम्हारे?
08:21बारण, अंटी जो भी decides करती है, बता दे ना मुझे.
08:23मैं तुम्हारे?
08:24हमारी?
08:30क्या बात है आप? इस थेर से क्यों बैटी हो हिये?
08:32आगर हमारी बेच नहीं नहीं प्रता एक मिल्कल के लिए बेच बैटे भी.
08:37बारण, अंटी जो भी decides करती है, बारण जो भी decides करती है, बता दिन ना मुझे.
08:42मैं तुम्हारे?
08:43क्या बात है आप? इस तरह से क्यों बैठी होगी हैं?
08:47तुम आ गया?
08:50सजल कहा है?
08:51वो नहीं आई तुम्हारे साथ?
08:54नहीं, वो...
08:56सजल को उसकी अम्मी के हाँ छोड़कर आहने.
08:58कल तक आ जाएंगे.
09:01क्या बात है?
09:02तुम अम्मी के कहने पर सजल को माँ छोड़कर आयायो न?
09:06न... नहीं, तुम...
09:08भेहन हूँ तुमारी.
09:10अम्मी को तमसे कई जादा ब parity समझता इ Uncle said Mom should understand
09:12चुमसे तुम हे %.
09:18अम्मी ने कहा है कुछ आप से?
09:22खायदा थूँ?
09:23जब से उजड़ कर मैं इस घर में आके बेटी हूँ.
09:26ऊपर से अमनी, अमनी blackmail करकर
09:30तुम्हारी हुशियों और तुम्हारे घर को भी दाओ पे लगा रही हैं.
09:35फरी, इसलिए मुझे भी नहीं है.
09:37तुम्हारी तलाख के आफ़ता बेहन को
09:39वो अपने गएर शादि शुदा भाय destiny brother के साथ
09:41शादी में कुपूल नहीं करते तो, क्या करलोगे तुम?
09:45क्या हो गया फरी, आपको?
09:47तो, तो मुझे कभाब बहुत भी मतलब करना हैं,
09:50Fari, इसल बुच्च भी नहीं है.
09:52आप ऐसी बातें क्यों सोच रहे हैं?
09:54एक मिनिट के लिए फर्स करो.
09:57तुम्हारी तलाग के अफता बेहन को
09:59वो अपने खैर शादी शुदा भाई के साथ
10:01शादी में कुपूल नहीं करते तो,
10:03क्या कर लोगे तुम?
10:05क्या हो गया फरी आपको?
10:07मेरी बेहन को उनकार नहीं कर सकते.
10:09प्लीज ऐसा मत सोचें आप.
10:11मैं तुमसे जो पूछ रहे हूँ ना उसका जवाब दो.
10:15तुम्हारा क्या रियाक्शन होगा?
10:16मैं कोई फ़जूल बात नहीं सोचना चाहते फरी.
10:19यही, यही रियाक्शन है तुम्हारा.
10:23क्योंकि तुम बहुत अच्छी से जानते हो
10:24कि वो रिष्टा मेरे लिए घर मुनासिब है.
10:28फिर भी तुम सज़ल को उसके घर छोड़ के आ गए.
10:30अशर, कल को वहाँ से इंकार आता है ना
10:34तो सज़ल और तुम्हारे दर्मियाँ हमेशा के लिए दराव आ जाएगी.
10:41यह सब अम्मी की खुदकर्जी की वज़ज़ से होगा.
10:44जिसके लिए मैं खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाऊंगी.
10:48यह सब अम्मी की खुदकर्जी की वज़ज़ से होगा.
10:51जिसके लिए मैं खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाऊंगी.
11:17कैसे हो?
11:48तुम यहीं खड़ियों? अंदर चलो, दर्वाज़न में क्यों खड़ियों?
11:51अस्थालाम लेकुम.
11:52वालेकुम अस्थालाम.
11:54तुम क्या हर वग घर पही होते हो? काम-आम नहीं चल रहा तुम्हारा?
11:58ऑफिस में काम चल रहा है आजकर. घर से काम कर रहा है.
12:01तुम ऐसा क्यों नहीं करते हो मेर बिटे?
12:03कि लोकड़ी-बोकड़ी तलाश करो.
12:05कारोबार करना कोई असान काम नहीं होता
12:07और तुमारे बस की बात तो नहीं लग रही हूँ.
12:10छोड़े अम्मी जी, उनकी घर का मामला है, देख लेंगे वो.
12:13मेरी बेटी के घर का मामला है भाई.
12:16रहने तो सचे.
12:22बड़ी है.
12:25बड़ों को इख्तियार होता है.
12:27कुछ भी कह सकते हैं.
12:29अकल की बात कर रही हूँ, तो उसका भला ही चाह रही हूँ न मैं.
12:33चले अम्मी, आप बूल रहे हैं.
12:34सोरी ओमेड.
13:05तुम बहुत अच्छे से जानते हो, कि वो रिष्टा मेरे लिए तैर मुनासिब है.
13:09फिर भी तुम सचल को उसके घर छोड़ के आ गए.
13:12कल को वहाँ से इंकार आता है न,
13:15तो सचल और तुम्हारे दर्मियार हमेशा के लिए दराव आ जाएगी.
13:18तुम बहुत अच्छे से जानते हैं, कि वो रिष्टा मुनासिब है.
13:22फिर भी तुम सचल को उसके घर छोड़ के आ गए.
13:25कल को वहाँ से इंकार आता है न,
13:28तो सचल और तुम्हारे दर्मियार हमेशा के लिए दराव आ जाएगी.
13:31यह सब अम्मी की खुदकरजी की वज़ाँ से होगा.
14:01परिशा ठीक कह रहे हैं.
14:04मुझे सचल को वहाँ छोड़ करने याना चाहिए था.
14:15अगर इंकार की सुरत में हालात पेचीदा हो गयें तो,
14:19तो बहुत मुश्किल हो जाएगी.
14:25परिशा, तुम्हारे दर्मियार मेशा के लिए दराव आ जाएगी.
14:29परिशा, तुम्हारे दर्मियार मेशा के लिए दराव आ जायेगी.
14:49मुझे तो ये बात समझ नहीं आ रही है कि अम्मी,
14:51आपने अशर को क्यों नी ये बात बताई?
14:54समझाना चाहिए था न?
14:55बताँचा हेथा अशर को रोके?
14:57दामात को वो पहले से कोई लड़की पसतन्द है
14:59और आप लोग उसका वहाँ रिष्टा करना चाहारें.
15:01मीरा खो.
15:03और अशर को सजल के साथ बेज़ देते.
15:07तुम्हारे पेर पे छोट लगई, नहरा.
15:09तुम्हारे जहन पे असर आ गया है.
15:12मतलब मैं अपने दामात को मुझ भाड़ के इंकार करती,
15:15उसे कहती उल्टे कदमों वापस जाओ
15:17और सजल को भी साथ लेकर जाओ.
15:19यह कहना चाहारी हो तुम?
15:20अम्मी, थी तो कह रही हूँ मैं.
15:22तो अब कौन सा अशर यहार पे लेन हा गया सजल को?
15:25और आप? आप मान जाती?
15:27आप तो कभी मानती नहीं.
15:29अम्मी, मैं आपको बता रही हूँ.
15:31यह सब आंटी का प्लान है.
15:33उन्होंने अपने दिमाग भी सब कुछ बिठा लिया है, खुछ से.
15:36और अशर को भी ना उन्होंने मजबूर किया, यह सब करने के लिए.
15:39तो तुम बेवकूफ थी?
15:40तुमने अशर को क्यों नहीं बताया?
15:43तुम्हें समझाना चाहिए था ना,
15:44कि इस तरह एकी घर में दो रिष्टे करने से
15:47तुम दोनों की अपनी जिन्दगिया मुझे दासर हो सकती है,
15:49सोचाये कभी?
15:50कैसे बाते करनी है आप?
15:52अम्मी, मुझे तो खुद अचानक से पता चला,
15:54कुछ सोचने, समझने का मौका यह नहीं मिला,
15:56क्या बात करती मैं उनसे?
15:58माँजी, अशल लेने आ जाएँगे ना मुझे?
16:05लेने आ जाएंगे, क्यों नहीं लेने आ जाएंगे अशल?
16:08तुम क्यों परिशान हो जाएंगे?
16:16अम्मी, आपने भाई से बात किये?
16:20नहीं, वो आया है, अचानक से पता चला,
16:22आईगा वापसी भी हमें साथ लेके जाएगा,
16:25उम्हारी खेरियद भी बूचेगा,
16:27सुनो, तुम उससे बात भी कर लेना ना?
16:36ये तो बताओ कि, क्या जवाब देना है उन लोगों को?
16:44तुम्हारे बारे में, तुम्हारे बारे में करते हैं,
16:47ये तो बताओ कि, क्या जवाब देना है उन लोगों को?
16:58अम्मी, अगर वो लोग इतना ही सजल की वज़ासे मजबूर कर रहे हैं,
17:01अम्मी तो फरीम को देखने में कोई बुराई तो नहीं है?
17:09अरे, कैसे बाते कर रही हैं?
17:12ये तो होई नहीं सकता,
17:13ज़मीन आस्मान का फर्क है हम लोगों में और उन में,
17:15और हमारे घर में वो एजस्ट नहीं कर सकती,
17:17अम्मी, मैं आपको बता रही हूँ,
17:18हमारे भाई के साथ तो बिल्कुल भी नहीं.
17:21अरे, क्या बुराई है उस लड़की में?
17:23ठीक तो है वो.
17:24आप ऐसा सोचिए अब ही मत.
17:26अम्मी, ये कभी नहीं हो सकता.
17:28एकलोता भाई है हमारा.
17:33अम्मी, एक तरीका और हो सकता है.
17:38क्या?
17:40आप उन्हें कहदें कि हमाद को तो पहले सी
17:43अलीजे पसंद थी.
17:44और हम तो अलीजे के रिष्टे के लिए
17:46बात करने के लिए आना चाह रहे थे.
17:51अलीजे?
17:52क्या हो गिया है, बाजी, आपको?
17:55उस घर...
18:01ये क्या बाते कह रहे हैं आप लोग?
18:14मैं तो तुम्हारे लिए कॉफी बना के लिक़ा आई थी.
18:17सोचा था हम दोरों बैट के बातें करेंगे.
18:20हमारी दोस्ती और अच्छी हो जाएगी.
18:24मुझे यखिन नहीं आरा कि आप मेरे बारे में ये सोचते हैं.
18:27आपको लगता है कि आपकी भाई की शादि
18:30सोचा था हम दोरों बैट के बातें करेंगे.
18:33हमारी दोस्ती और अच्छी हो जाएगी.
18:36मुझे यखिन नहीं आरा कि आप मेरे बारे में ये सोचते हैं.
18:39आपको लगता है कि आपकी भाई की शादि
18:41अगर मुझे से हो जाएगी
18:43तो उसकी जिन्दगी जानना मत जाएगी.
18:44ऐसे सोचते हैं आप मेरे बारे में.
19:00तुम क्या हर लग घर पर ही होते हो?
19:02काम-आम नहीं चल रहा तुम्हारा?
19:04तुम ऐसा क्यों नहीं करते हैं, मैर बिटे?
19:06कि नौक्री-बॉक्री तलाश करो.
19:09कारोबार करना कोई असान काम नहीं होता
19:11और तुम्हारे बस की बार तो नहीं लग रही है में.
19:38प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-�
20:08प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-�
20:38प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-प्रस्तुत-�
21:09मैंने सोचा था बहुत देख भाल कर
21:12किसी अच्छे खान्दान से अपनी बहू लाऊँगी और
21:15देखो जरा
21:20खान्दान तो ये भी आपी की पसंद का था न
21:23वर्ना उमेर का रिष्टा तो आया था
21:25जो आपको सक्त नापसंद था
21:27कम से कम इस मसली में तो ना पड़ते
21:30तओबा करो
21:32ख़ुदाना खास्ता उस उमेर के नसीब फूट थे
21:34अगर मेरी सजल के साथ तो
21:36तुम दोनों बहनों का बोज उठारे हो थे
21:39वो निकम्मा, बेकार, फ़ुजूल आदमी
21:42सारा दिन घर में बड़ा रहता है
21:43अब क्या सोचा है आपने?
21:45हाँ?
21:46अब क्या सोचा है आपने?
21:52सर फ़टा जा रहा है मेरा तो
21:54समझ नहीं आ रहा
21:55क्या करो? करना क्या?
21:57अरे इसमें सोचना क्या है?
21:59सीधा सीधा उनको कॉल करके कहें के
22:00मैंने इंकार कर दिया
22:02बस, बात ख़तम
22:03तुम्हें क्या लगता है?
22:05साल्या ने ये जो शोशा छोड़ा है
22:08वो इतनी आसानी से जाने देगी
22:10बात ख़तम कर देगी?
22:11कोई जबर्डस्ति है क्या?
22:13और अगर उन लोगों ने जबर्डस्ति कर ली तो?
22:16हम क्या करेंगे?
22:18सजल को घर पे बढ़ा लेंगे?
22:20मेरी बात सुनो तुम
22:22कल काम पर जाओगे न
22:23सजल को इसके घर छोड़कर आना बस
22:25मैं कहीं नहीं जा रहा
22:27मैं कहीं नहीं जा रहा
22:29मैं कहीं नहीं जा रहा
22:31मैं कहीं नहीं जा रहा
22:33मैं कहीं नहीं जा रहा
22:35मैं कहीं नहीं जा रहा
22:37मैं कहीं नहीं जा रहा
22:39मैं कहीं नहीं जा रहा
22:41मैं कहीं नहीं जा रहा
22:43मैं कहीं नहीं जा रहा
22:45मैं कहीं नहीं जा रहा
22:47मैं कहीं नहीं जा रहा
22:49मैं कहीं नहीं जा रहा
22:51मैं कहीं नहीं जा रहा
22:53मैं कहीं नहीं जा रहा
22:55मैं कहीं नहीं जा रहा
22:57मैं कहीं नहीं जा रहा
23:00मेरी बेहन मुझपर भारी नहीं है
23:02ये यशर जिस तरह उसे छोड़ के गया था
23:04उस ही तरह लेकर भी जाएगा
23:06बस
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25:55बус
26:05बस
26:07बस
26:09बस
26:11बस
26:13ब्स
26:15अशली महले में एक फ़ुत्की हो गई ना, तो अम्मी वहाँ गई वें.
26:20अम्मी का इस बात से क्या तालुक है?
26:23अम्मी से पूछे बग़ार तो सज्जल को लेने नहीं जाओंगा ना.
26:35अशर.
26:37तुम शादी शुदा मर्द हो.
26:39तुम वो सब क्यों कर रहे हो जो आयास ने मेरे साथ किया था?
26:48आयास ने आपके साथ किया था, क्या मतलब?
26:52मतलब ये कि वो अगर सांस भी लेता था, तो जाकर अपनी माँ से पूछता था.
26:56तुम सब मर्द ऐसे क्यों करते हो?
26:59जब अल्ला रसूल को गवा बना कर एक लड़की को बिया कर ले कर आये हो,
27:03उसके हर छोटे बड़े अमल को अपनी माँ से क्यों मश्रूत कर देते हो?
27:08देखो, तुम मेरे बहुत प्यारे भाई हो, तुम्हें क्या हो गया है?
27:14वो लड़की कितनी परिशान बेठी भी होगी अपने घर पे.
27:18फ़ता नहीं रात को सो भी पाई होगी के नहीं.
27:26आपी आपका दिल बहुत प्यारा है.
27:29और वो आयास इंतिहाई बदनसीब आदमी.
27:32जिसने आप जैसे हीरे की कदर नहीं कि.
27:35पर आपी मैं आपसे प्रामिस करता हूँ.
27:37अगर मुझे खुद को दाव पर भी लगाना पड़ा ना
27:39मैं आपके कदमों में हर वो खुशी रखूँगा
27:41जिसकी आप अक्पार हैं.
27:43मैं प्रामिस करता हूँ.
27:44शल मेरे नसीब में जो लिखा है ना, वो हो जाएगा.
27:49लेकिन तुम मेरी काली किस्मत की विष्ट से
27:51अपना सुनेरा मुकदर खराब मत करो.
27:53चलो जाओ तुम अभी जाओ.
27:55कहा?
27:55सजजल को लिका राओ.
27:57तुम्हारे चाहने में वैसे भी चन दिन बचें.
27:59तुम्हारे चाहने में वैसे भी चन दिन बचें.
28:02तुम्हें तो हर पल उसके साथ गुजारना चाहिए.
28:04उसको ख़ुद से दूर नहीं करना चाहिए.
28:07भी लेकिन, अम्मी...
28:08अम्मी को मैं समहालूँगी, मैं बात करूँगी अम्मी से.
28:10कुछ नहीं कहेंगी वो.
28:11बलके तुम जाए रहे हो ना, मेरा एक काम भी कर दो.
28:14हाँ, हाँ, बताए.
28:16वो...
28:18मेरी एक दोस्त है, वो 3-4 महीने से पीछे पड़ी रही है.
28:21सर खायव है उसने मेरा, कि उससे मैं मिलने चल जाऊँ.
28:23तो रास्ते में बस मुझे ड्रॉप कर देना.
28:25हाँ, कर दूँगा, नो इशू.
28:26हाँ, मैं अपना बैग लेकर आती हूँ.
28:29वापस से खुद आजाँगी, तुम परिशान मत हो ना, ठीक है?
28:52तो तुम्हारा भाई तो तुम्हारा मुरीद हो गया होगा.
28:55इतने जजबाती जुमले तुमने कहे उसपर.
28:59जब मैं आयाज जैसे काट के उल्लो को पागल कर सकती हूँ,
29:03तो पिर ये तो मेरा मासूम भाई है.
29:05और पिर तुम्हें पता नहीं है,
29:07ये जो बाहर रहने वाले मर्द होते हैं न,
29:09इनको मनाना दुनिया का असान तरीन काम होता है घर की औरतों के लिए.
29:14अब मैं तुम्हें क्या बताओ, इन मर्दों की तो...
29:21भाईर छोड़ो, तुम और बताओ.
29:29फिर तुम मेरे बारे में भी ये सोचती होगी,
29:32काट का उल्लो.
29:37तो क्या तुम नहीं?
29:40तुम तो वो काट के उल्लो हो, जिसके पीछे मैं पागड हूँ.
29:46पर फरहीन, तुम अपने इस मकसद में कितनी काम्याब होगी?
29:52अपनी अम्मा का प्लान फेल करने के लिए?
29:54सौफीसत काम्याब होगी.
29:56जिस तरहां मैंने अशर को समझाया है न,
29:59तुम देखना, वो तो शायद जाके अम्मी के सामने भी खड़ा हो जाएँ.
30:07वैसे मुझे न, जादा कोई फिकर है भी न,
30:10क्योंके अगले हाथे तो वैसे भी अशर वापस जा रहा है,
30:13बस उससे पहले-पहले मुझे उसके सामने न अच्छा बनना है.
30:15तुम्हारा भाई अगर चला गिया तो पता नहीं कब आएगा.
30:19क्या हमारी शादी का सेइन नहीं है?
30:22मैं, मैं कितना इंतिसार की सूली पर लटको, फरिय.
30:27कितना.
30:29तुम बिल्कुल फिकर मत करो.
30:32मैंने सब कुछ सोचा वाई.
30:34तुम बिल्कुल फिकर मत करो.
30:37मैंने सब कुछ सोचा वाई.
30:39थोड़ा सा और इन्तिजार कर।
30:42एक दफ़ा ये हमार के रिष्टे वाली टेंजिन
30:44मेरे सर से उतर जाये.
30:47फिर तुम देखना.
30:49मैं हम दोरों के बीच कभी किसी को नहीं आउगेतुले.
30:53अच्छा तुम फिकर नहीं करो, सजल.
30:55तुम ऐसा करो, अशर से कहो कि तुम्हे लेने आजाए.
30:58और अगर कुछ पूछेगा ना तो
31:00कह दे ना कि अम्मी आंटी से खुरी बात कर लेंगे.
31:03अम्मी, मैंने रात कॉल कियी थी.
31:05बिटे, मिया बीवी के रिष्टे में
31:08छोटी छोटी बातों को अना का मसला नहीं बनाना चाहिए, ना?
31:12अगर तुमने फोन किया है, वो नहीं उठा रहा है,
31:15तो दुबारा फोन कर लो, और तुम्हे नहीं आउगेतुले.
31:19अम्मी, मैंने रात कॉल कियी थी.
31:21उन्होंने फोन ही नहीं उठाया.
31:24बिटे, मिया बीवी के रिष्टे में
31:26छोटी छोटी बातों को अना का मसला नहीं बनाना चाहिए, ना?
31:30अगर तुमने फोन किया है, वो नहीं उठा रहा है,
31:33तो दुबारा फोन कर लो.
31:35फिर नहीं उठाया, तो मेसेज कर लो.
31:37ऐसी क्या बात है?
31:47अम्मी, अशर की कॉल है.
31:48अच्छा, उठाओ और उससे कोई, फौरण आजाए तुम्हें लेने.
31:53अस्लामने कम.
31:54सजल, मैं बाहर हूँ गाड़ी में, आप आजें.
31:56अच्छा, तो अंदर आजें, अम्मी से भी मिलने.
31:58सजल, मैं जल्दी में हूँ, बस दो मिन्ट में आजाए.
32:00बाहर ही हूँ, वेट कर लो.
32:02जी, जी, मैं आ रही हूँ, आ रही हूँ.
32:04अम्मी, वो बाहर है, कह रहें जल्दी से बाहर आजो,
32:07अम्मी, वो बाहर है, कह रहें जल्दी से बाहर आजो,
32:09टाइम नहीं, अंदर नहीं आ सकता.
32:10हाँ, ठीक है, ठीक है, तुम जाओ, जाओ.
32:12मैं बैग ले आती हूँ.
32:13हाँ, हाँ, हाँ, जाओ, शाबश.
32:25मैं रात आपको कॉल करी थी, आप जब पिक नहीं की.
32:28हाँ, वो मैं, मैं ठका हुआ था, तो जल्दी से हो गया.
32:32सुभाँ उठ था, तब आपकी कॉल देखी.
32:36फिर भी कॉल बैग नहीं की.
32:39आपको पिक करने आ ही रहा था, तो सोचा के,
32:41कॉल करने का तो कोई पायता नहीं.
32:44अशिर, जब तक खुद फरेन और हमाद वाला जिक्कत ना चहेए,
32:48तुमने खुद से वात नहीं करनी है.
32:53आप कुछ कह रही थी?
32:56नहीं, नहीं, कुछ भी तो नहीं.
33:14बीवी और सास की नजर में,
33:16तुमने अपनी माँ की इतनी सी बिजदत नहीं रखी?
33:19मुझसे पूछे बगए, तुम इसे किस तरहां लेकर आ सकते हूँ?
33:24अम्मी, इतनी सी बात है, उसे इतना बड़ा क्यों मना रहे हैं?
33:29और उन्होंने इनकार तो नहीं किया ना, फिर?
33:31तो क्या हां करती है?
33:35तुमने मुझे बताया क्यों नहीं?
33:37अम्मी, मैंने अभी सजल से कोई बात ही नहीं किया,
33:40उससे कुछ पूछा ही नहीं है, जा रहा था पूछने के आपने...
33:43अशर, एक बात कान खोल के सुन लो तुम.
33:46अगर उन्होंने इनकार किया ना,
33:49तो मैं तुम्हारी बीवी को हमेशा के लिए उसकी मा के पास भिज़वा दूँगे.
33:54ठीक है.
34:04ये सजल सब को पागल बना रही है.
34:08मा इतनी चलाक है, तो क्या बेटी कम होगी?
34:13नहीं हिरा बाजी, अभी तो किसीने मुझसे कोई बात नहीं की.
34:18मुझसे अशरट नहीं भी कूई बात नहीं कीये.
34:21हेरत है?
34:22तुम्हारी सास ने भी तमइं इस बारे में कुछ नहीं बताया.
34:25नहीं, किसींे भी नहीं.
34:27फलकि अम्मी तो मुझे से कह रही थी
34:29कि अगर आंटी या फरीन मुझे कोई भी पूछेगा
34:32तो मैं कहदू कि अम्मी या हिरा बाजी
34:34कुछ बात कर लेंगे.
34:35वो ही आपको कॉरल करेंगे.
34:38बैसे हिरा बाजी, मैं बहुत परिशान रहा हूँ
34:40इन सब चीज़ों को लेकर.
34:42बैसे बाजी, आप जो भी कहें आपकी बात ठीक है
34:45लेकिन मैं इस हक में नहीं हूँ
34:46कि फरीन आपी का रिष्टा हमारे घर हो.
34:48वो भी हमाद भाई के साथ, कोई जोड़ ही नहीं है.
34:51बैसे भी मुझे तो लगता है
34:52हमारी जिन्दिगें जहन्म हो जाएंगी.
34:55और ऐसे रिष्टे कहाँ जलते हैं?
34:57यदला बदली वेले पता नहीं क्या.
34:59होना ही नहीं चाहिए.
35:00यदली वेले पता नहीं क्या.
35:01होना ही नहीं चाहिए.
35:02आप जो भी करें, आप अमीश्ट से कहें ना कर दें.
35:16हेलो, चज़न.
35:26हैं तो तुम्हार लिए कॉफ़ी बना के लिक़ा राइथी.
35:29सोचा था हम दोरों बैट के बातें करेंगे.
35:32हमारी दोस्ती और अच्छी हो जाएगी.
35:36मुझे यखिन नहीं आरा कि आप मेरे बारे में ये सोचती हैं.
35:44आपको लगता है कि आपकी भाई की शादि
35:46अगर मुझसे हो जाएगी,
35:48तो उसके ज़िन्दगी जाहनों मत जाएगी.
35:50अइसे सोचती हैं आप मेरे बारे में.
35:53नहीं, मेरा वो मतलब नहीं था.
35:55मैं तो हिरा बाजी से बस...
35:56सज्जल, छूट नहीं.
36:00छूट मत बोलें आप.
36:01हम दोनों ने अबी खुछ सुना है
36:03आपको फ़ोन पर बात करते हुए.
36:04जो भी कुछ आपने अपनी बेहन से कहा है.
36:07अशित, मेरा वो मतलब नहीं था.
36:09मैं हिरा बाजी से बस बात करी थी...
36:11देख लिया?
36:15देख लिया ना?
36:16इस लड़की का असली छेहरा यही है.
36:27अच्छा हुआ बिटा.
36:29आज तुमने अपनी आखों से खुद देख लिया.
36:37सचन, मैंने तुम्हें हमेशा अपनी बेटियों की तरह समझा हैं.
36:43कभी अशर की बीवी नहीं.
36:45अपनी बेटि माना.
36:48और तुम मेरी बेटी के लिए इस तरह सुझती हो?
36:52नहीं, अंटी.
36:53शित, प्लीज मेरी बात सुने.
36:56मेरा वो मतलब नहीं था.
36:57मेरी बात सुन ले, आप लोग मेरे...
36:59बस... बस करता हूँ.
37:09आपको मना किया था ना, अम्मी, मैंने.
37:11मत करें ये सब कुछ. ये ठीक नहीं रहेगा.
37:18कुछ लोगों में इतना जर्फ ही नहीं होता
37:21कि उन्हें इस्दत, महबद या अच्छाई परदाश तो.
37:24शर, अम्मी ने... अम्मी ने रिष्टे से इंकार्थ नहीं किया.
37:28वो तो बस कह रही थी कि हमाद भाई को थोड़ा वक्ष चाहिए.
37:31लेकिन मुझे पता है, हमाद भाई हां कर देंगे इस रिष्टे के लिए.
37:36शर, अम्मी ने... अम्मी ने रिष्टे से इङकार्थ नहीं किया.
37:39वो तो बस कह रही थी कि हमाद भाई को थोड़ा वक्ष चाहिए.
37:43लेकिन मुझे पता है, हमाद भाई हां कर देंगे इस रिष्टे के लिए.
37:46मुझे पता है, आप लोग फिकर मन नहों.
37:49सरजल, जो कुछ भी हो रहा था, सब कुछ सामने आ चुका है.
37:52तो मसिध छुपाने की या एक्सक्यूज देने की आपको कोई सर्वत नहीं है.
37:55क्यों नहीं करेंगी, वजाहते?
37:57क्यों नहीं करेंगी, वजाहते?
37:59क्यों नहीं छुपाएंगी बात को?
38:02जब मुझ तलाक याफ़ता को आप लोग खैराक की तरह लोगों के सामने डालेंगे
38:05तो फिर यही होगा, नहाँ?
38:15आप लोग क्या चाहते हैं?
38:16लोग तो बाते करेंगे, जहर उगलेंगे,
38:19किस-किस समानों को मत करेंगे आप लोग?
38:21फरी, किसी की मजाल नहीं है, जो आपके साथ इस तरह से करेंगे.
38:29इतनी सी उमर में मेरी बेटी पर तलाक का धपा लग गया
38:34और लोगों को बाते करने का मौका मिल गया.
38:38दुनिया तो यही सोचेंगी न, आशार?
38:40जब तुम अपने सर से मुझे इस तरह उतारने की कोशिश करोगे,
38:42तो दुनिया वाले तो तरह-तरह की बाते करेंगे.
38:47अपने मेरी बात तो सुने.
38:48तुम रहने दो.
38:50तुमसे और तुम्हारे घरवालों से क्या बोलूँ मैं?
38:54मेरा तो अपना सगा भाई, मेरी मा,
38:56मेरी बेहन, मेरी बात का याखीन नहीं कर रहें.
38:58वो मुझे बोत समशते हैं,
39:00अपने सर से इस तरह उतार के फेकना चाते हैं.
39:03इससे भेथर था कि मैं मर जाती.
39:05कैसे समझलें तुमने नहीं सना?
39:07वो क्या कह रही है?
39:08उसके भाई के घर में जाओंगी,
39:10तो मैं जंदगी परबात कर दूगी उसकी.
39:13क्या करूं मैं?
39:15अल्लाधाला?
39:17कैसा धिन देखने को मिल रहा है?
39:19फरी, पीस.
39:21भाई, मैंसे दूर होजाओ.
39:22देखने को मिल रहा है.
39:23फरी, पिस.
39:25भाई, मैंसे दूर हो जाओ.
39:28अब भू, आप देख रहे हैं नहीं
39:29मेरे साथ क्या हो रहा है इस घर में?
39:30मुझे बहुत समझा जा रहा है, आपे.
39:32बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस
40:02देख देख के पत्थर हो गई अगियां
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