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Mere Nabi Ki Shan New Bayan Ajmal Raza Qadri || Islamic Video || Muslim Forever

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Transcript
00:00પાભ્યત interference
00:03યંડર્ ખંમરੁલે
00:05ચે સೄવ્ત ઓપ્પ�ân
00:07કೇ ઇ઱ં તાનવન તાં કરलા
00:08તા નકણूં મે મૂરવેં
00:09इन्शाल्ला बादे पर दे देंगे।
00:11मैंने जो मज्मून चेड़ा है
00:13वो मैंने मुकमल करना है
00:15आप मेरी बात पर तवज़ो करना
00:17मैं कह चुका हूँ कि
00:18हुदूर को दादा से बड़ा ही प्यार है
00:20अब वो यहूदियों का आलिम
00:22क्या कहता है नभी पाक को?
00:23ताना किस तरह देता है?
00:25माजल्ला सुम्मा माजल्ला
00:26नकले कुफर कुफर नबाशर
00:27जब उजूर ने कह ना अभी तीन दिन बाकी है
00:29तो कहने लगा जी
00:31माजल्ला सुम्मा माजल्ला
00:33फिर माजल्ला करोर दफ़ा माजल्ला
00:35कहने लगा जी
00:37अबदल मुतलब की उलाद का तरीका ये है
00:39पैसे ले लेते हैं
00:41फिर वापस नहीं करते है
00:43है ना इश्टियाल वाली बात
00:45वैसे ही आप किसी को कहें
00:47कि तिरे दादे की उलाद
00:49सारी का तरीका ही गरम हो जाएगा
00:51और अगर ये कह दिया जाए
00:53उस जाद के बारे में
00:55जिसे आप प्यार भी इश्ट की आता करते हूं
00:57तो अब थपड तो बनते हैं न
00:59चार
01:01अब डंडा तो बनते हैं न
01:03लेकिन मेरे नभी पाक इश्टियाल भी नहीं आते थे
01:05मिजाज नहीं था रसूल करीम का
01:07नभी करीम सलललाः तालाः सललम
01:09इतनी बड़ी बात कर दी कि
01:11अजरत उमर कहते हैं मैंने यूं कर के तलवार पे आत
01:13रखा और निकाल ली नियाम से बाहर
01:15गर्दन उड़ाओंगा इस गुस्ताक की
01:17रसूल करीम ने परमाय
01:19उमर ये तू क्या कर
01:21तेरे तो जिम्मे ये था कि तू उसे नर्मी का
01:23कहता और मुझे पैसे देने का कहता
01:25अब इस तरह कर
01:27इसे फुलां जगा ले जा वहाँ
01:29खुजूरें पड़ी हैं तोल के दे दे चल
01:31दो किलो जैदा भी दे दे ना
01:33उमरे फारूग रदी अल्ला उताला नो कहते हैं
01:35मैंने कहा उजूर जैदा किस बात की
01:37मैं तो पूरी भी जरह नाब तोल के दूँगा
01:39वह इत्यास है
01:41किस बात की जैदा इस ना लाइक को
01:43जैदा दूँ तो उजूर फर्मान है
01:45किस बात की जैदा इस लिए देनी है कि तूने इसे डांटा है
01:47तूने तलवार दिखाई है
01:49अब दो तीन किलो जैदा देनी है
01:51हजरत उमर कहते हैं मैं ले गया
01:53और मैंने दो तीन किलो खुजूरे
01:55जैदा दी पर वह मेरे अंदर
01:57जो उसके बारे में कोफ्त थी
02:00मेरा दिल करता था काट डालो इसे
02:02और जब मैंने दे ली ना
02:04तो मेरे करीब आया
02:06मेरे गुटने पर हाथ रखा
02:08अन्सु बड़े कीमती होते हैं
02:10एक कभी निकलते हैं
02:12कहते हैं जब मेरे गुटने पर उसने हाथ रखा
02:14तो वो जहूदियों का आलिम रो पढ़ा
02:16कहने लगा उमर तेरा क्या ख्याल है
02:18कि मैं बिला वज़ा
02:20ये मैंने बात कर दी
02:22कहा नहीं तु रोता क्यों है
02:24पहले बेद भी करता है अब रोता है
02:26तो कहने लगा उमर
02:28मैं कोई मामूली आदमी नहीं
02:30मैं पढ़ा लिखा बनदा हूँ
02:32मामूली होता तो जल्दी मान जाता
02:34मैं तुरात का, इंजील का, जबूर का
02:36आलिम हूँ
02:38मैंने आखरी नभी की सारी सिफ्तें
02:40अपनी किताबों में पढ़ी है
02:42मैंने सारी बातें चुप चुप के
02:44नभी पाक में देख ली थी
03:00मैंने ना आज वो आजमाना था
03:02और मैंने ना साधश करके बिलाल को
03:04पैसे दिये थे
03:06और मैंने साधश करके तीन दिन पहले
03:08मांगे थे
03:10पर उमर, तुझे मुबारक हो
03:12मैंने तो आजमा के माना है
03:14तु बगयर आजमाई मुहम्मद एरबी का
03:16गुलाम बन गया है
03:18अब ले जा मुझे माफ़िय भी दिला
03:20और नभी पाक सललला अलि सल्लम की गुलामी भी
03:22मेरे लिए

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