Skip to playerSkip to main content
  • 2 years ago
Teray Janay Kay Baad Episode 27 4 Sep 2024 ARY Digital Drama - 1080

Category

🎈
Fun
Transcript
00:00कल को वहाँ से इंकार आता है ना
00:03तो सज़ल और तुम्हारे दर्मियाँ हमेशा के लिए दराव आ जाएगी
00:34तुम्हें समझाना चाहिए था ना कि इस तरह एकी घर में दो रिष्टे करने से
00:38तुम दोनों की अपनी जिन्दगिया मुदासिर हो सकती हैं
00:41सोचाये कभी
00:42वैसे बाजी
00:43आप जो भी कहें आपकी बात ठीक है
00:45तीक है लेकिन मैं इस हक में नहीं कि फरीन अबी का रिष्टा हमारे घर हूँ
00:48वो भी हमार भाई के साथ कोई जोड़ ही नहीं है
00:51तुम मेरी बीटी के लिए इस तरह सुछती हो
00:54मुझे पता है हमार भाई हां कर देंगे इस रिष्टे के लिए
00:57मुझे पता है आप लोग फिकर मन ना हो
01:00सरजल, जो कुछ भी हो रहा था ना सब कुछ सामने आ चुका है
01:03तुम मजीद छुपाने की या एक्सक्यूज लेने की आपको कोई सर्वत नहीं है
01:28लाए मैं कर देती हूँ उस्री
01:31नहीं नहीं मैं कर लूँगा
01:33दर्द बेथर हुआ?
01:35बेथर है
01:40हिरा, तुम्हारी सरजल से बात हुई है?
01:45हुई है
01:46कुछ कहा है उसके सुस्राल पालों में?
01:50कल फोन पर बात की थी मैंने उससे, रात में
01:54बात ही कर रहे थे कि अचाना
01:57फोन कर गया
01:59ऐसा लग रहा था जैसे कि
02:02किसी नहीं उसकी बाते सुनने हो
02:04या फिर कोई आ गया हो
02:09अशर या फिर
02:11उसकी सास
02:16सुफ्यान मुझे तो बहुत परिशानी हो रही है
02:19वैसे इन लोगों का मुतालबा बहुत ही नामापूल था
02:23ऐसी बात करनी नहीं चाहिए थी इन लोगों
02:29और
02:31वैसे भी ये रिष्टा जोड का नहीं है
02:34अजीव ढंग बना लिया है आजकर लोगों ने सुफ्यान
02:37अपनी हर जायस और नाजायस बात बनवाने का
02:41तुम लोगों ने हमाद से बात किये इस बारे में
02:46आप तो जानते हैं ना हमाद भाई का अन्दास
02:49वो तो ये बात सुनते ही ना आपे से बाहर हो गये थे
02:53जिसका हम सबको अन्दासा था कि ऐसे ही होगा
02:57और मुझे तो अशर भी अच्छा, भला, समझदार इनसान लगता था
03:02उससे सझल से ऐसी बात करवानी नहीं चाहिए थी
03:06नहीं सुफ्यान, ये सारा का सारा किया था रणा सझल की सास का है
03:13और अशर, अशर तो उनका फर्मबदार बेटा है
03:17तो वो क्यों नहीं सुनेगा उनकी हर सझ हो गलत बात
03:23तो फिर अब क्या करना है?
03:26मेरे पहल का मसला नहीं होता ना
03:29तो मैं आज ये सझल की सिसराल जाती, उससे पूछती कि क्या मसला है, बताओ तो सझी मुझे
03:33तुम्हें जानी की सुरुफ़ नहीं है, ये उन लोगों का मसला है, तुम इस मसले में ना पड़ो
03:42और वैसे भी हमारी अपनी जिन्दगी में कम मसले
03:45सही कह रहे हैं आप
04:03कुछ लोगों में इतना जर भी नहीं होता, कि उन्हें इस्सत, महबद या अच्छाएँ परताश था
04:25जब मुझ तलाख याफ़ता को आप लोग खैराग की तरह लोगों के सामने डालेंगे, तो फिर यही होगा न
04:33इतनी सी उमर में मेरी बेटी पर तलाख का धपा लग गया और लोगों को बाते करने का मौका मिल गया
04:39अच्छा भी नहीं आये, पढ़ा नहीं फरीन आपी के हालत क्या होगी
05:03मुझे जाकर देखना चाहिए
05:33मुझे जाकर देखना चाहिए
05:48मुझे जाकर देखना चाहिए
06:03मुझे जाकर देखना चाहिए
06:30मुझे जाकर देखना चाहिए
06:57मुझे जाकर देखना चाहिए
07:27मुझे जाकर देखना चाहिए
07:57मुझे जाकर देखना चाहिए
08:25मुझे जाकर देखना चाहिए
08:50मुझे जाकर देखना चाहिए
09:20मुझे जाकर देखना चाहिए
09:47नशर मेरे बात तो सुने
09:49नशर
10:17मुझे जाकर देखना चाहिए
10:38बेटा
10:42आप यहां क्या कर रहे हो?
10:43सफाय कर रहा हूँ
10:45इदर आओ
10:47आप कौन हो बेटा?
10:49आपके आफिस में जो गाड़ है
10:51मैं उनका बेटा हूँ
10:53अच्छा उनके बेटे हो
10:55तो आप स्कुल नहीं जाते?
10:57जाता हूँ
10:59कब जाते हैं आप स्कुल? देखो
11:01भी 9 वज़ रहे है ना सुना
11:02शाम की शिफ्ट में जाते हूँ
11:04शाम की शिफ्ट में जाते हूँ
11:06और बढ़ाई कब करते हूँ?
11:08रात में, आप यही पर सोते हैं?
11:12नहीं बेटा
11:14मैं यहाँ पर सोता नहीं हूँ
11:16लेकिन कल रात ना बहुत सारा काम था
11:18तो यही आज लग गए
11:20अच्छे आप ना यह मुझे देदो
11:22और बाबा को बोलो
11:24कि बाबा, सारा काम हो गया है
11:26ठीक है? चल
11:50सजल तो मेरा फोन ही नहीं उठा रही है
11:52हिरा से बात हुई है
11:54साले और फरीन ने बहुत हंगामा किया है
11:56अशर बहुत परिशान था
11:58सजल को कुछ भी बताए बगाए चला गया है कहीं
12:00पता नहीं कहाँ चला गया है
12:02साले और फरीन ने बहुत हंगामा किया है
12:04अशर बहुत परिशान था
12:06सजल को कुछ भी बताए बगाए चला गया है कहीं
12:08पता नहीं कहाँ चला गया है
12:10सजल को भी तो मामले की नजाकत का एहसास होना चाहिए था न?
12:12क्या जरूरत थी उसको
12:14मूँ उठाके सुस्राल वालों के खिलाख बात करने की
12:16अरे वो तो अपने कमरे में थी
12:18अब वो दिवारों से कान लगा कर ख़ड़ी थी
12:20तो इसमें सजल का तो कोई कुसूर नहीं है न?
12:22पूरी राद रोती रही है
12:24तो तो समझ में नहीं आ रहा है
12:26पूरी राद रोती रही है
12:28तो तो समझ में नहीं आ रहा है
12:30कुछ ना करे
12:32क्या मतलब है कुछ ना करे?
12:34सही कह रहा हूँ
12:36इस मसले का यही ख़ड़ा है
12:38तो आप प्लीज खामोश रहें
12:40बलके हिरा को भी कहें
12:42कि सजल को कॉल ना करे
12:44यह मसला सजल और अशर
12:46वैसे भी उन्होंने कुछ दिनों में चले जाना
12:48यह मामला रफा डफा हो जाएगा
12:52इतना तो मैं उन मा बेटियों को समझ चुकी हूँ
12:54कि वो चुब बेटने वाली नहीं है
13:00ऐसा करती है
13:02हम वहाँ चलते हैं
13:04क्या कह रही है अम्मी
13:06हम वहाँ जाकर क्या करेंगे
13:10अगर मैं नहीं जाओंगी ना तो उस सजल के सर पर तलवार लटकती जाएगी
13:14और अभी तो यह भी पक्का नहीं कि अशर उससे साथ लेकर जा रहा है क्या नहीं
13:16और अगर नहीं लेकर गया तो
13:18अगर नहीं लेकर गया तो
13:20और सालया ने सजल को यहाँ बेज़ दिया फिर
13:22फिर हम क्या करेंगे
13:24क्या जाती है आप हाँ
13:26मैं वहाँ जाकर खुद इंकार कर दू ताके सजल बच जाए
13:28नहीं नहीं
13:30नहीं नहीं नहीं एक सेकिन एक सेकिन
13:32हमाद
13:34हमाद
13:36हमाद
13:38हमाद
13:40हमाद
13:42हमाद
13:44हमाद
13:46हमाद
13:48हमाद
13:50हमाद
13:52हमाद
13:54हमाद
13:56हमाद
13:58हमाद
14:00हमाद
14:02हमाद
14:08हमाद
14:10हमाद
14:12हमाद
14:14हमाद
14:16हमाद
14:18हमाद
14:20हमाद
14:22हमाद
14:24हमाद
14:26हमाद
14:28हमाद
14:30हमाद
14:32हमाद
14:34हमाद
14:36हमाद
14:38हमाद
14:40हमाद
14:42हमाद
14:44हमाद
14:46अशर, प्लीज मेरी बात तो सुनने
14:48इससे मत करें मेरे साथ
14:52ऐसे मेरा कसूर क्या है
14:54अब आपको आपका कसूर
14:56भी बताना पड़ेगा
15:00अशर, प्लीज एक बार बैट कर
15:02मेरी बात तो सुनने
15:04प्लीज
15:18बैट यहाँ, बताओ
15:24अशर, आपकी कहने पर ही
15:26मैंने अम्मी और हमाद भाई से बात की थी
15:28और उसका क्या नतीजे निकला
15:30देख लिया ना आपने
15:34सजल, आपने फरी के लिए जो जबान इस्तेमाल की है न
15:36उसने मुझे बहुत तकलिफ
15:38मत्चाई
15:40आपको इस बात का अन्दाजा था उसके बावजूद
15:42आपने ये सब कुछ किया
15:44अशर, मैं जानती हूँ
15:48आपी, आंटी, सब आपके लिए कितने इंपोर्टेंट है
15:52मेरा यकीन करें, ये घर भी तो मेरा ही है न
15:56मैंने कुछ कलद नहीं किया
15:58मैं तो बस
16:00मा जी से ये बात करी थी कि
16:02बचपन से ही सुना है, देखा है
16:04अदला-बदली वाले रिष्टे नहीं चल पाते है
16:06अगर एक जोड़ा डिस्टर्ब होता है
16:08तो दुसरे पर भी उसका impact पड़ता है
16:10वो उनके लिए भी ठीक नहीं होता है
16:12मैं बस इतनी ऐसी बात करना चाहिए थी
16:14हमारे लिए ड़ह रही थी
16:16अश्रा मुझसे कसम ले ले
16:18मेरी कोई गलत नियत, कोई गलत इरादा नहीं था
16:20फरीन आपी को लेकर
16:22मैं सच कह रहे हूँ
16:24अश्रा, please
16:26अपना दिल साफ़ कर ले मेरे तरब से
16:28अश्रा मुझसे कसम ले ले
16:30मेरी कोई गलत नियत, कोई गलत इरादा नहीं था
16:32फरीन आपी को लेकर
16:34मैं सच कह रहे हूँ
16:36अश्रा, please
16:38अपना दिल साफ़ कर ले मेरे तरब से
16:58अगर मैं आपकी बात सच मान भी लूँ
17:00यकीन कर लूँ
17:02अगर आपकी बात पर
17:04तो क्या आप अम्मी और फरी को यकीन दिला पाएंगी
17:12अगर ऐसा कर सकेंगी
17:16तो चले, चलते हैं उनके पास
17:20Let's go
17:28At me
17:40ø
17:44दे कला तुमने एड?
17:46हां, दे कला मै ने
17:48लेकिन ये तो किसि remembered
17:54soon मुझे नही देखा थुमन
17:59मैं वहीं सामने तो ओरिंच शर्ट पहना खड़ा हूँ.
18:02तुम दुबारा देखो.
18:04अच्छा, रुको. एक मिनित, एक मिनित, रुको.
18:14नज़र आ गया है तुम.
18:16लेकिन समीर, ये तो बहुत एहमी सी एंट्री है.
18:18मैं तो समझ रही थी, तुम किसी में मॉडल के साथ खड़े हो गए.
18:21अरे, में लीट पर तो मैं ही था.
18:24बस, पहुचने में लेट हो गया.
18:27अच्छा, वो दूसरे लड़के ने शॉट दे दिया.
18:29लेकिन सबसे चीज़ी बात पता है क्या है?
18:31कि उसी कमफनी ने मुझे दो आड्स के लिए बुक कर लिया है.
18:35और वो भी में डेट है.
18:38चलो, अच्छी बात है.
18:40लेकिन यह बताओ, पैसे कितने मिले तुम्हे?
18:43इससे बताओंगा कि चार आजार हैं, तो क्या सोचेगी?
18:47तुम यह समझ लो कि तीन आड्स के मिला कर लगबाग कुछ एक लाग रुपा मिल जाएँगे.
18:55फिर तुम देखना, फरीन, कितनी तेजी से मैं शौरत की सेड़ियों पर चड़ता हूँ.
19:02सही है.
19:04अच्छा, सुनो, एक बात मैं सोच रही थी.
19:07वो जो तुम्हारा दोस्त है, जो तुम्हारा बिस्निस पार्टनर भी है,
19:10तुम जाके सरे दुखान पर चक्कर तो लगाओ.
19:13इतनी बड़ी रखम लगाई है तुमने, ऐसा ना हो कहीं वो पैसे ही खड़ाप कर बैठ जाए.
19:17और फरेइन, मैं सारा दिन वहीं पर थो ओता हूँ.
19:21और वैसे भी ये मॉडलिंग तो सिर्फ पार्ट टाइम ही है, बढ़ा एकस्ट्रा पैसे बन जाते हैं.
19:27तुम्हें तो पता है ना कि शादी के बाद एखराजात कितने बढ़ जाते हैं.
19:31और मैंने तो सोच लिया है कि हर महीने पचास हिसार तुम्हारी पोकेट में.
19:36तुम्हारे जो जी में आये तुम खरीट लेना.
19:40सुनु, मैं तुम्हें कॉल बैक करते हूँ, रखो, रखो.
19:43ओके, ओके, बाई, अलाफ़ि.
19:45फरे?
19:48आज नहीं?
20:01आज नहीं?
20:02आज नहीं?
20:03आज नहीं?
20:04आज नहीं?
20:05आज नहीं?
20:06आज नहीं?
20:07आज नहीं?
20:08आज नहीं?
20:09आज नहीं?
20:10आज नहीं?
20:11आज नहीं?
20:12आज नहीं?
20:13आज नहीं?
20:14आज नहीं?
20:15आज नहीं?
20:16आज नहीं?
20:17आज नहीं?
20:18आज नहीं?
20:19अगर मैं नहीं जाओंगी ना तो
20:31सजल के सथ पे तलवार लटकती जाएँगी?
20:39अभी तो ये भी पक्का नहीं कि
20:40अश्र उसे साथ लेके जा रहा है के नहीं
20:42और अगर नहीं लेकर गया तो?
20:44और सालया ने सजल को यहां बेज़ दिया फेर?
20:47तो अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:13मैं यहाँ पर सजल को लेने नहीं आया
21:15पलके यह बताने आओं कि मुझे
21:19मुझे यह रिष्टा मनसूब है
21:45अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:47अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:49अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:51अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:53अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:55अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:57अगर नहीं लेकर क्या करेंगे?
21:59रजा! बेटा क्या करेंगे?
22:25बेटा क्या करेंगे?
22:27तो ड्रॉइंग बल्मारी में करते हैं.
22:30बुक्स नहीं है न, बेटे.
22:32अब इसके बिशान कैसे लिखने हैं?
22:34कहाँ है तुम्हारी ममा?
22:36भाबी!
22:38भाबी, please अधर आएए.
22:41फिर बड़ गई इन दोनों को मुसीबत.
22:43आ रही हूँ, माहं.
22:45अब क्या हुआ है? हर वक शोर मचाती रहती हो.
22:49सरासी देर जो इन दोनों की बन जाये.
22:52बस, बस, बस, बस, बस, बस, हो गया.
22:55यार!
22:58बिटा, यह है, यह है कलिरिंग बुक.
23:00इसके ऊपर करो न, सारी अपनी ड्रॉइंग.
23:03जैसे समेट हुई है यह सब?
23:05क्या मुश्किल है?
23:07पहले, इसकी कलिरिंग.
23:13क्या हो गया माहम, इतना शोर कर रही हो?
23:15मम्मा, मम्मा.
23:17भाभी, ये देखिया से क्या किया मेरे कमरे का हर्षा?
23:19ये देखिया, मेरी अलमारी.
23:21रजा, मैं आपको आपके कलिरिंग देखे गई थी, न?
23:23बुक में करते हैं न, कलिरिंग?
23:26और दिखाओ जड़ा.
23:29कितने डर्टी कर लिया है अपने हाथ.
23:31चलो, इसको वाश कर किया है.
23:32भाभी, मैं ये सब कैसे साफ करूँगी?
23:35अब इतना तो फैलाया भी नहीं है मासुम बच्चे न,
23:37जितना वाविला मचा रही हो तो, दो मिनट में हो जाएगा.
23:40चल बेटा.
23:54मचा रही जो इस घर में मुझे सुकून मिल जाए.
23:58नहीं कहो तो हल्फ उठा लूँ,
24:00कि मैंने कबी भी तुम में और अपनी दोनों बेटियों में
24:03फ़र्ट नहीं रखा.
24:05मैं जानती हूँ, आनु.
24:06हाँ, तो फिर तुमने ऐसा सूचा क्यूं?
24:08अपने दिल पर हाथ रख के बोलो न.
24:10कोहो, कि जब से शादी हुई है,
24:13मेरा बेटा तुम्हारा दिवाना नहीं है,
24:15तुम्हे भूलों की सेच में बिठाके नहीं रखता,
24:18तुम्हारा भाई, मेरी बेटी के साथ बरा सलूग क्यूं करेगा?
24:22जवाब दो.
24:25अम्मी, बस कर दो.
24:27एक मिनट, बात करने दो मुझे.
24:30यह जो इतनी बड़ी बात लेकर आई है,
24:32कि अदले-बदले की शादी में,
24:33एक घट तूटता है, तो दूसरा भी नहीं बचता.
24:36मैं पूशती हूँ, ऐसा क्यों होगा?
24:38अंटी, सच मैं,
24:40इसमें सिर्फ हम सबकी बरजी नहीं है,
24:43बल्के हमाद भाई भी ऐसा नहीं चाहते,
24:46इसलिए...
24:47बस कर दो, बीबी.
24:48तुम्हारी नियत पर खोड था.
24:51अब भाई की कंदों पर बंदू करके,
24:52क्यों निशार लगा रही हो?
24:54एब तो तुमने मेरी बेटी पर ही निकाला, न?
24:57मैं, पुछा का वास्ता है, क्या कर रहे हैं आप?
24:59सजल ने कहा न, कि उनका कोई गसूर नहीं है.
25:02और किस वज़ाँ से वो फ़ोन पर बात कर रही थी,
25:04उन्होंने वो भी बता दिया, तो बस कर दे अबाप.
25:06अशर, तुम चुप रहो.
25:08तुम तो हमेशा अपनी बीबी की साइड लोगे, न?
25:11इतना सब कुछ सुनने के बाद भी,
25:13अगर तुम भेरे बन जाओगे,
25:32भाई, आप मना क्यों नहीं कर रहे हैं अम्मी को?
25:35मेरी कोई इज़द नहीं है क्या इस घर में?
25:38इन्हों मना करें, यहीं सब नहीं करें मिर्जा.
25:42नहीं,
25:44अब तो यह मेरी ज़िद है.
25:51अब मेरी फरहीन की शादी होगी,
25:53यह होगी, तो सिर्फ हमाद से होगी, वर्ना...
26:02वर्ना, वर्ना क्या अम्मी?
26:05वर्ना ये भी जाए अपनी माँ के घर हमेशा के लिए.
26:09अम्मी, क्या हो गया आपको?
26:15कोई बात थोड़ी है करने वाली, अम्मी,
26:17कुछ तो सोचा करें.
26:18इसके भाई को फ़ौन करो, और कहो के लेके जाए इसको.
26:21जब तक हान ही हो जाती न, ये इस घर में वापस नहीं आईगी.
26:25अम्मी, बस कर दें, बस, बहुत हो गया.
26:35इसके लिए सजल को घर भेजने की ज़रूरत नहीं है.
26:49मैं यहाँ पर सजल को लेने नहीं आया,
26:50बलके यह बताने आओं कि मुझे,
26:55मुझे यह रिष्टा मनसूर.
27:18फरी.
27:48अमा।, इस तो फौन भी नहीं उठा राइँ.
27:52बतये इंजा के लिए कैसे बाता?
27:56इस सगते इलहाँ क्यों?
27:57वो चाहिए नहीं सजल को, बन चाहिए नहीं.
28:00यह बताती मैं पर सजल को घरता हूँ.
28:02मैं छोटा वाला.
28:18सजल के लिए क्या नई मुसीबत खडी कर देगा?
28:21मुझसे तो इन्तिजार नहीं हो रहा है.
28:23तुम ऐसा करो कि सुफयान को फोन करो.
28:25उसे को फोरण आये, मुझे वहाँ लेकर जाए.
28:27आप क्यों जिद कर रहे हैं?
28:28आपका इस वाग वहाँ जाना बिल्कुल मनासब नहीं है.
28:31मैं कह रही हूँ न, सुफयान को फोन करो.
28:33आये, मुझे लेकर जाए. मुझे जाना है वहाँ पर.
28:47फोन किया है सुफयान को?
28:48हमार भाई का मेंसेज है.
28:50हाँ, क्या कह रहे है?
28:51अम्मी, बस वो ये कहरे थे कि
28:53अम्मी से कहो कि परिशान नहीं हो,
28:57वो इतने ना समझ नहीं है
28:58कि सजल के घर जाके कोई ऐसी बात कह दे
29:02कि सजल कोई परिशानी का सामना करना पड़े.
29:05आ, तो कोई तफसेल तो बताए.
29:07अम्मी, आप हमाद भाई पे थोड़ा सा तो भरोसा रखे.
29:12वो कहतो रहे हैं आपके सामने
29:13कि वो नासमझ नहीं है
29:15कि सजल के घर जाके कोई ऐसी बात कर दे
29:17तिसे सजल को परिशानी हो बाद में.
29:20कहा ये था कि मुझे साथ ले जाए
29:21लेकिन ना जिद दी है, कोई बात सुनता भी थो नहीं है वो.
29:26अच्छा अम्मी, आप बैठे हैं.
29:28बैठे हैं आप.
29:29आप बैठे हैं.
29:31आप आप रिलाक्स करें, अल्लाह से दुआ करें
29:34कि अल्लाह में जो करें बस अच्छा करें, इन्शाला.
29:38बेटे तुम भी दूआ करो.
29:39मैं आपके लिए पाने लेकर आती हूँ.
29:58अच्छा पगली, अपसे उन्हां बंद करतो.
30:02अमाध भाई, ये सब...
30:06सजल, इधर देखो मुझे.
30:10संभालो खुद को.
30:14नहीं अमाध भाई, आप समझने की कोशिश करें.
30:18मैं आपको ये सब नहीं करने दूँगे
30:20और मेरी खातर इतनी बड़ी कुर्बानी
30:22कोई ज़रूरत नहीं है, सच मैं.
30:23एक भाई अपनी बेहन के लिए कुर्बानी नहीं देखा,
30:26तो फिर कौन देखा?
30:27और जब तुम अच्छे से चानती हूँ
30:29कि मैं तुम्हारी खुशी के लिए कुछ भी कर सकता हूँ,
30:31तो फिर ये क्या है?
30:33लेकिन ये नहीं भाई.
30:34आप नहीं समझ रहे हैं, ये बहुत मुश्किल है.
30:38और तुम याद करने की कोशिश कर.
30:41जब बच्पन में मैं तुम्हें किसी बात से डान्ट देता था,
30:44और तुम भागी-भागी अम्मी के पास चली जाती थी,
30:47शिकायत करने,
30:48क्या कहती थी वो आगे से?
30:50ये तो पड़ा.
30:51यहें सोचो, अगर मेरी जगा अप्पो होता है,
30:54तो तुम्हारी खुशी के लिए क्या-क्या ना करते?
30:57ये तो कुछ भी नहीं.
31:00और इसमें तुम्हारा फायद है,
31:02सोचो, कितना अप्पो यहाँ नहीं होता है,
31:05तो वो तुम्हारी खुशी के लिए क्या-क्या ना करते हैं।
31:08ये तो कुछ भी नहीं है।
31:11अरे इसमें तुम्हारा फाइद है।
31:13सोचो, कितना तब-तबा होगा तुम्हारा सुस्राल।
31:16भाई, अगर किसी न यहाँ पर तुम्हे कुछ कहा
31:19तुम मुझे बताना, मैं तुम्हारी नंद के ऐसे जाके कान खिंचुँगा
31:22और यहाँ पर सारे सीदे हो जाओ।
31:24सोचो तो सही।
31:26भाई, नहीं, ये बहुत मुश्किल है।
31:28और अम्मी भी कभी नहीं मानेंगे।
31:31जब हम दोनों जानते हैं
31:33कि मैं तुम्हे मुश्किल में केला नहीं छोड़ सकता
31:35तो क्यों बहईस कर रही हूँ?
31:38चलो, मैं निकलता हूँ और एक सबके टीट.
31:44ये देखो, अम्मी नहीं चोड़ सकता
31:46तुम्हारी नंद के ऐसे जाके कान खिंचुगा
31:48शाये देखिए
32:19बादा करो
32:25सबाश
32:27वेस्त्मा
32:46फरि
32:48अब ये कासर रहा गया थी
32:50कि तू मेरे सरपे हाँक दाले
32:52क्या चाहती है तुम
32:53आकचाती है तुम?
32:54हमारी इज़दों का जनाजा लिकाना चाती है क्या?
33:06तीरी तो मैं...
33:08अरे!
33:08उस ओपाश का नाम मत लेना तुम.
33:11मैं मड़ जाओंगी.
33:12लेकिन उससे तेरी शादी नहीं कराओंगी.
33:19अब मेरी फरहीन की शादी होगी
33:22तो सिर्फ हमाद से होगी.
33:38सारा गेम उनट किया.
33:42सचल के अम्मी की आख का तारा बन गई
33:44और अम्मी ने समीर से भी
33:45मेरा पीछे चुराने का इंदिजाम कर दिया है.
33:48इससे तो अच्छा था
33:50कि उस आयास को ही मैं बिवाकूफ बनाती थी.
33:54अब क्या करों?
34:14क्या बखुत है?
34:16क्या बख़वास कर रहे हो, अमाद?
34:21पागल तो नहीं हो गया हो तो?
34:23या लगा!
34:27भाई, आप अपने रिश्टे की बात वहाँ खुद कर किया गए?
34:31आपको पता भी आपने क्या किया है?
34:34तो और क्या कर था?
34:36जो लोग वो सचल के साथ कर रहे हैं
34:38वो होने देता, अपनी बेहन का घर बरबाद कर देता मैं
34:43भाई, बात उस लड़की के तलाख याफ़ता होने की हरगिस नहीं है
34:47बात यह है कि वो लड़की बहुत शातिर और मकार है
34:51आपके पूरी ज़िन्दिगी का मामला है यह
34:53बात, देखो तुम एक बार फैमिली से डिसकस कर लेते हैं
34:58हम सब यही हैं, हम से डिसकस करने में क्या जाता
35:01लेकिन तुम आजा कर फैसला कर रहे हैं
35:07और अशर से भी तो बात की जा सकती थी ना
35:10अशर को अगर समझना ओता तो वहाँ पर चुप करके बैठा ना रहता
35:14बोलता अपनी बीवी के लिए
35:16मैं अपनी बेहन को नहीं देख सकता
35:18उनके सामने हाथ जोड़के, गिरगिराके, माफी मांगते वे
35:22पूछो अमी से, पूछो, बैठी हैं यहाँ पर
35:25क्या करने गया था मैं वहाँ पर?
35:27मैं इनकार करने गया था इस रिष्टे से
35:36लेकिन जब मैंने अपनी बेहन को
35:38उनके घर की यदालत के कटेरे में देखा
35:41तो मुझसे नहीं रहा किया, और मैं
35:44मैं आ करके आ गया
35:46भाई, इस बात की क्या गरेंटी है
35:48कि आप जो फैसला करके आये
35:50उसके बाद भी सजल उस घर में खुश रहेगी
35:52बताए?
35:53गरंटी तो किसी चीज़ की नहीं
35:55लेकिन एक बात की मैं तुम्हें गरंटी देताँ, हिरा
35:58मेरी बेहन के साथ कुछ भी बुरा करने से पहले
36:01वो लोग हजार दफ़ा सोचेंगे
36:06क्योंकि जहरी बात
36:07वो क्यों चाहेंगे कि उनकी बेटी का घर
36:09दुसरी बात तबाओ?
36:13नहीं करो, यहाँ मात
36:15सुना, मैं किसी तरीके से अंकार करतूंगी
36:18मैं समाल लूगी, मत करो ऐसे
36:21यह अंकार सजल को कहीं का नहीं छोड़ेगा, अमनी
36:29हम अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगे
36:32भाई
36:51कहने करने के लिए
36:58मैं अन्दाजा नहीं था, सजल, कि
37:00हम आद भाई इतनी मिशूरोटी दिखाएंगे
37:02इतना जिम्मिदाराना फैसल करें
37:08मेरे पे दिल का बोज हलका हो गया
37:13सच पूछोना तो, मुझे बहुत टेंशन थी
37:16मैं अपने जाने से पहले ये मामला हल करके जाना चाहता था
37:19पर आब, मैं बहुत फ्री माइन से जाओंगी
37:27और इसी बाने मैं, आपको भी चल्दी बुला सको
37:34वो क्या है ना, कि
37:35आपके साथ की आदत हो गई
37:46अच्छा, मैं सोच रहा था कि
37:47इनी तीन चार दिनों में निका की डेट रख लेते हैं
37:49तो, इस बाहने जो टाइम बचेगा
37:52वो हम लोग साथ कुछ जा सकेगी
37:56एक भाई अपनी बेहन के लिए कुर्बाणी नहीं देगा
37:58तो फिर कौन देगा
38:00तज़...
38:03क्या सोच रहे हैं?
38:06कुछ नहीं
38:09इसलिए एक बात पूछो
38:12आप... आप फउश तो है ना कि
38:14तो अपने पैसे था जाएँ
38:15तो, तो तो जाया था
38:16जाया था कि शुक्ष दाएं
38:17तो, तो तो तो बात को नहीं हो
38:20क्या सोच रहे हैं?
38:22कुछ नहीं.
38:26इसे एक बात पूछो.
38:28आप.. आप फुष्ट तो है न, इस वयस्थे से?
38:32नाँखुष होने की कोई रजा ही नहीं है.
38:35बस सोच रहि हूँ के
38:37ये सब इतनी जल्दी कैसे होगा?
38:40हो जाएगा. Don't worry.
38:44Coffee.
38:50इसके भाई को फ़ोर्ण करो, और कोहो के लेके जाए इसको.
38:53जब तक हाण ही हो जाती न, ये इस घर में वापस नहीं आईगी.
38:58इसके लिए सजल को घर भेजने की ज़रूरत नहीं है.
39:01मैं यहाँ पर सजल को लेने नहीं आया, बलके ये वताने आओं के मुझे,
39:04ये मैने क्या कर दिया,
39:08इतना पड़ा फेस्लाइट पल में कर दिया?
39:11मैं यहाँ पर सजल को लेने नहीं आया
39:13पलके यह वताने आओं कि मुझे
39:15मुझे यह रिष्टा मन्सूँगा।
39:25यह मैने क्या कर दिया?
39:29इतना पड़ा फैस्लाइट
39:31पल में कर दिया?
39:41इंतजार करता भी तो आखर किस शीज का?
39:46मुझे दल को पसंद आई थी वो तो
39:49वो तो पहली किसी और की हिमानत है।
40:11वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी वो तो पहली किसी आई थी �
Comments

Recommended