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Teray Janay Kay Baad Episode 28 5 Sep 2024 ARY Digital Drama - 1080
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00:00जितना कोसना है कोसने कब से कम मेरी बेहन तो वच जाईगी न
00:04अब मेरी फरहीन की शादी होगी तो वच जाएगी
00:08तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो
00:12तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो
00:16तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो तो �
00:46मुझे ये रिष्टा मन्सूम है।
00:53भाई, इस बात के क्या गेरेंटी है
00:54कि आप जो फैसला करके आये
00:56उसके बाद भी सजल उस घर में खुश रहेगी।
00:58लेकिन एक बात की मैं तुम्हें गेरेंटी देता हूँ, हिरा।
01:01मेरी बेहन के साथ कुछ भी बुरा करने से पहले
01:04वो लोग हजार दफ़ा सोचेगे।
01:20आपी दर्वाजा खोले।
01:23मैं कब से खट-खटारी हूँ, आप जवाब क्यों नहीं देरीं।
01:27लीजे?
01:30आपी?
01:34जवाब क्यों नहीं देरीं आप?
01:36लीजे?
01:38क्या हुआ है, क्यों इतना शोर मचा रही हूँ?
01:39मैं कब से दर्वाजा खट-खटारी हूँ, फरीन,
01:41आपी ना दर्वाजा खोल रही है, ना जवाब दे रही है।
01:43फोन किया तुमने उसके नमबर पर?
01:45कितनी बार कॉल्स किया, उन्होंने नहीं उठायी कॉल्स.
01:47अच्छा इदर आओ, पड़ डू.
01:50फरी?
01:52फरी?
01:54फरी?
01:55फरी, दर्वाजा खोल रहे है, प्लीज.
01:57फरी?
02:02क्या हुआ है मेरी फरीन को?
02:04दर्वाजा नहीं खोल रही है, अम्मी.
02:05फरी?
02:06दर्वाजा क्यों बनकी है, खोल क्यों नहीं रही?
02:08पता नहीं, अम्मी, वो ही पूछना चाहारहम.
02:09फरी? फरी, दर्वाजा खोल रहे है, यार.
02:12ऐशे, वो कुछ करना ले अपने साथ.
02:14देख, कुल बाद दर्वाजा.
02:16रुख तो चाये ना, अम्मी, एक महिला.
02:20अलीज़े, तुम्हाँ पास इस रूम की चाबी है?
02:22मुझे परिशानी में खिया देने आया.
02:25मैं लेकिना आती हूँ.
02:26दल्दी दल्दी.
02:29फरी?
02:30यार, क्या आप... फरी?
02:32भाई?
02:33हाँ?
02:33चाबे?
02:34तुम खेर कर ना, मेरी बच्ची को अपनी अमाण में रख ना, मेरे लाव.
03:04अपनी अमाण में रख ना, मेरी बच्ची को अपनी अमाण में रख ना, मेरी लाव.
03:34अपनी अमाण में रख ना, मेरी लाव.
04:05इनकी तब्यातबहुत बहतर है.
04:17क्यो किया तोने सभीर बच्चे?
04:20हाँ?
04:22क्यो?
04:25क्यो तोने तोने सभेर बच्चे?
04:28हाँ?
04:30क्यो?
04:31हाँ?
04:33क्यों?
04:35क्यों तू अपनी माँ को जीते जी कबर में उताड़ना चाहती है?
04:38हाँ?
04:43तुझे कुछ होगे तो मेरा क्या होगा?
04:47परी, इतना बड़ा कदम उठाने से पहले
04:49अपने एक बार भी हमारे बारे में नहीं सोचो?
04:53परिसर,
04:55मेरे फोन दे ना सरा मैं.
04:59फोन का क्या करेंगी इस वक्ता आप?
05:01अपनी तबियत तो देखें.
05:03खुदाना खास्ता कुछ हो जाता आपको.
05:06क्या करते हैं?
05:08ऐसा ऐदने मत कीजेगा, प्लीज.
05:11भाई बिल्कुल ठीक कह रहे हैं, आपी.
05:14मैं जानती हूँ कि आप मुझे से इतना प्यार नहीं करती.
05:18लेकिन अम्मी और भाई का तो ख्याल कर ले थी.
05:24प्लीज, तुमसे बहुत प्यार करती हूँ.
05:29तो फिर वादा करें.
05:31वादा करें मुझे कि आप ऐंदा ऐसी कोई हर्कत नहीं करेंगी.
05:35करें वादा.
05:36अच्छा, अलीजे, अब थोड़ा उसको स्पेज दोना.
05:39दबियर ठीक नहीं है उसकी.
05:46क्या हुआ, सचल?
05:48तुम इतना दोर क्यों करही हूँ?
05:52तुम इतनी नफरत करती हूँ उतसे.
05:55फरी.
05:57तुम्हें तो बड़ा दुख होगा कि मैं बच क्यों गई?
06:02तुम्हारे भाई के गले में भन्दा पड़ गया न, मिरा?
06:05अरी, क्या बात कर रही हैं?
06:07क्या हो गया?
06:13नहीं, नहीं, मैं ऐसा क्यों सोचूँगी?
06:18देखर तुम ऐसा नहीं सोचती हूँ, ती?
06:22तो तुम कभी भी ये सब नहीं कहती मेरे लिए?
06:25नहीं, भाई, नहीं, ये बहुत मुश्किल है.
06:28और अम्मी भी कभी नहीं मानेंगे.
06:29और मैं नहीं चाहती कि मेरी वज़ते से
06:31आप अपनी ज़िन्दिगी की कुर्बानी देखें.
06:33अपनी जिन्दिगी को मुश्किल बना लें.
06:34मैं सब कभी नहीं चाहूँगी, प्लीज़, ऐसा मत करें.
07:01अशर, आंटी, अंटी, प्लीज़.
07:06अपनी नाइबी, मेरा यह मतलब नहीं था.
07:07मैं हमाद भाई से ऐसे ही बात कर रही थी.
07:10बस उन्हें समझा रही थी कि अम्मी, अशर,
07:12प्लीज़, मेरी बात समझे, आप आंटी को..
07:14आंटी, मेरा सच में वो मतलब.. अशर..
07:17अब यह नहीं था.
07:47अशर.. अशर, प्लीज़, एक दफ़ा मेरी बात तो समझे.
07:52आप प्लीज़, घ़र मत चले.
07:53परिश्ट आप चले जाएंगे.
07:55ऐसेर, आप मुझे नराज होकर जाएंगे.
07:59अशर, एक बाह सुकूं से बैट कर आप मेरी बात समझे.
08:03अशर, एक बाह सुकूं से बैट कर आप मेरी बात समझे.
08:06मेरा वो मतलब नहीं था.
08:17सजल से बात नहीं हुई कल से.
08:19तो मैं सोच रही थी कि उसकी तरफ चले जाओ.
08:22तुम छोड़ दोगे ना रास्ते में.
08:23तुम छोड़ दोगे ना रास्ते में.
08:26छोड़ दोगे लेकिन जाकर, आप कोई बात नहीं करेंगे.
08:30नहीं, क्यों नहीं करूँगी?
08:32तुम जो बात वहाँ करके आया,
08:33उससे समेटना किसने मैंने है ना,
08:35मेरी मुसीबत है, नहीं है?
08:37आप क्यों नहीं मेरी बात समझती?
08:39आपको इनकार नहीं करना जाकर.
08:42अपना मामला और बिगड़ जाएगा.
08:44जो मैं समझाना चाहरूँ,
08:45प्लीज़ समझने की कोशिश कर लूँ.
08:50नहीं हमाद, मैं यह..
08:53सजल?
08:54आप इनकार नहीं भी करेंगे
08:55तो बात बहुत बिगड़ गई है, भाई.
08:57अम्मी, वो मुझे छोड़ कर चले गए.
09:01हमेशा के लिए.
09:13अशर, बात सुनो.
09:15देखो, बैट के बात हो सकती है.
09:16अशर.. अश.. अशर!
09:20अशर!
09:22अशर!
09:25अशर!
09:27शुकर करो, मेरी बेहन की फ़ुशियां तुमसे चुड़ी नहीं है.
09:32वरना देख लेता आज तुम्हें भी.
09:44बस करो, बेटे.
09:54अशर..
10:09अशर, चलो, अब इतनी भी बड़ी बात नहीं होगी.
10:11मैं.. मैं करता हूँ कुछ.
10:13तुम भी प्लीज बाद-बाद पर रोया मत करो.
10:15ठीक है? बड़ी हो जाओ.
10:17ये ज़रा सी बात है आप के लिए, भाई.
10:24अब तो तुम्हें पता चली गया होगा ना
10:25कि वो लड़की फरीम किस कदर खतरनाक है.
10:28जो दर्वाजों से और दिवारों से कान लगा-लगा के
10:31ना सिर्फ लोगों की बाते सुनती हैं,
10:33बलके छुप-छुप के रिकॉर्ड भी करती हैं.
10:35तोबा-तोबा ही, क्या तरबियत की है सालियाने?
10:38कितनी शातिराना तबियत है इस लड़की की.
10:41तबी, तबी उसकी तलाख होई है.
10:44ऐसी लड़कियां घर तो नहीं बसा सकतें कभी भी.
10:46मैं कह रहा हूँ ना, मैं बात करूँगा उससे.
10:49सब ठीक हो जाएगा.
10:50उसको तुम्हारी बात सुननी होती तो
10:51दो गड़ी रुक्के सुन लेता उस वक्त.
10:53लेकिन उसकी कान भरेवे हैं, बेहन ने और माने.
10:56उन्हें ही सुनेगा तुम्हारी बात.
10:58परसों वैसे भी अशेने वाप्पिस चले जाना है, अम्मी.
11:04तुम मुझे ये बताओ, अराम से, दहंमल से
11:08कि तुम्हें यहाँ ड्रॉप करने से पहले
11:10गाड़ी में उसने क्या-क्या बोला था.
11:12जो कुछ भी बोला था, मुझे बताओ.
11:16यह फिर क्यूं कि रो रही है?
11:19क्या करू मैं तुम्हारा सचल?
11:22मुझे दो लगा ना हुआ गई.
11:25यह नहीं रोगा, चेवार थी, इको पैस नहीं रोगा.
11:28पर उपमें नहीं रोगा ढेया, यह सुखुए जिन्काल
11:32अजीब लोगे, खुदा की कसम में..
11:37ये फिर क्यों रोह रही है?
11:41क्या करूँ मैं तुम्हारा सचल?
11:44मुझे तो लगता है वो लड़की
11:45तुमसे शादी करना ही नहीं चाहती थी.
11:48उसने ये खुदकुशी का ड्रामा
11:50और ये जो कोशिश की है ना
11:51सिर्फ मामला खराब करने के लिए किया
11:53और कुछ नहीं.
12:10खसकम जहाँ पाक.
12:12क्या पनी भावी को हमेशा के लिए
12:13तुम लोगों ने घट से निकाल दिया?
12:15हमेशा का तो पता नहीं,
12:17लेकिन चन दिन सुकून की सांस
12:19हमें ज़रूर नसीब होगी उनके बगए.
12:22ये तो मेरी अकलमन्दी है
12:24कि मैंने सही वक्ष्ट पर सुबूत दे दिया.
12:26वर्ना अशर तो मेरा वहाँ रिष्टा करवा के ही दम लेता.
12:33प्लीज़, फरहीम.
12:37ये तुम मुझसे अपने रिष्टे की बात ना किया कर.
12:49या, सच में समीर.
12:51फिर से कहो ना.
12:54त्रस्ट में.
12:57चितना टाइम तुम ऐयास के साथ थी ना
13:01मेरा, मेरा दिल अंगारों पर लोट ता रहा.
13:06इसलिए तो मैं, मैं कुछ भी ढङ्झ से नहीं कर सका.
13:10उक्सान ही उठाता रहा.
13:11चलो, अब तो तुम मसलसल फाइदे में हो ना.
13:15मैं तुम्हारे लिए लक्की हूँ ना.
13:17ये तुम्हारे पहले दिन से जानती हूँ.
13:21इसलिए तुम अपने रास्ते से हटा नहीं हूँ.
13:24तुम बहुत अच्छे हो, समीर.
13:26इसलिए तो मैं तुमसे इतनी महुबपत करती हूँ.
13:29तुम शो बिस की सारी चकाचोन देख चुक रहे हूँ.
13:32फिर में तुम सिर्फ मुझे से महुबपत करते हूँ.
13:34इसलिए तुम सारी दुनिया से लडने को त्यार हूँ
13:37मैं सिर्फ तुम्हारे लिए.
13:38अच्छा सोनो, वो जो मैंने तुम्हें अङ्गूटी दी थी
13:41डिजाइन तब्दील करवाने के लिए, उसका क्या बना?
13:46आ, वो..
13:48वो.. वो दे दी मैंने.
13:50अरे तो वापस कभी मिलेगी?
13:52फरीन, तुम.. तुम मिलोगी ना, मैं..
13:55ये पूरी बात नहीं सुनती मेरी.
14:00तुम?
14:02तुम कब आई?
14:04दुंसे वापस नहींरा, नहींरा.
14:07तम कभाया.
14:08तुम भी, तुम अच्छा के लिए, नहीं टूमिलोगी.
14:12तैसा चास, तो मैंच रहाँ,छास चास.
14:15ये पूरी बाद नहीं सुनती मेरी.
14:20तुम?
14:22तुम कब आई?
14:25तुम बड़ा बिल्ली के पैरों से
14:26चलती बे आती हो, पता ही नहीं चलता.
14:28ये जिस रिंग की बात हो रही थी
14:30ये वो ही है ना, जो सजल भावी की
14:32गुमी थी पिछले हाफ़ते.
14:34रिंग?
14:35कौन सी रिंग, क्या बाते कर रही हो तुम?
14:37आपी, एट लीज़ मुझे से तो सच बोले.
14:40मुझे पता है, वो रिंग आपी ने लिया है.
14:42अलीसी, मैं...
14:48मैं...
14:53तुम भी मुझे पर शब करोगी?
14:56मतलब मेरे अपने घरवाले मुझे चोर समझेंगे?
15:00मतलब तुम लोग मेरे साथ ऐसे कैसे कर सकते हैं?
15:03मेरी तो इस घर में कोई इज़द ही नहीं रही है.
15:07मतलब नहीं क्यों हूँ मैं इस घर में?
15:16तो अम्मी ने इस घर में किसी को तमीज ही नहीं सिखायी है.
15:19जिसका दिल चाहता है मुझे उठा कर अंदर चला आता है नोक की बगर.
15:22बाते सुनने का तो हर इनसान को शुक है यहाँ बार.
15:33नहीं भाई, नहीं, यह बहुत मुझ्किल है.
15:36और अम्मी भी कभी नहीं मानेंगे.
15:37अगर मैं नहीं चाहती कि मेरी वज़ा से आप अपनी जिंदिगी की कुर्बानी देवा,
15:41अपनी जिंदिगी को मुझ्किल बनाने मैं इसे कभी नहीं चाहूँगी.
15:44प्लीज़, इसे मत करें.
15:50प्रेज़ा,
15:52अटू,
15:53कहाँ गाए वैं आयार तू?
15:55प्रेज़ा, दस दिन हो गए कराची आयार, तेरी खबर ही नहीं है.
15:59आ, वहस.
16:01क्या हुआ? खयरियत तो है?
16:03इतना परिशान क्यों है?
16:05और भाबी कहाँ है?
16:08अपनी यह, यह अम्मी के घर.
16:10इसका मदब है कि तुम भाबी को उनकी अम्मी के घर छोड़ कर आ रहे हैं.
16:15और क्या करता है यार?
16:17फरी ने स्लीपिंग बल्स खा रही थी.
16:20उताना खास तक वो छोड़ जाता है और वो भी
16:22मेरी और सचल की वाज़ा से तो
16:25ज़िन्दगी बार सो नहीं बाता यार, क्या बात कर रही है?
16:30यार मुझे अन्दाजा है
16:32ये बेहन-बाय के रिष्टे कितने अन्भूल होते हैं.
16:36उनको छिनने के खौफ से इन्सान जी नहीं पाता था.
16:39आ, ठीक कह रहा है यार.
16:42इन दिन को सखून नहीं मिटना.
16:54यार ये ही के ये वट्टे-सट्टे की शाइधी जो है न
16:58वो एक मुस्तकिल की मुसीबत होती है.
17:01यार तुम्हें क्या अन्दाजा कि उसका बाई अपनी बेहन की विज़ासे
17:04कितना मज़बूर होकर आया हो?
17:07तुम्हें एक लमे के लिए
17:09सजल के भाई की जग़ार थोड़को रखे देखा.
17:13फिर तुम्हें फैसला करने में आसान ही होगा.
17:17मुझे कुछ समझ नहीं आगा यार, असल.
17:19Relax यार, ये सब बातें तलखियां होती रहती हैं.
17:23ये हमारे मनने भी खतव होगी, okay?
17:26आ, हाँ. ये तो सची कह रहे हो तुम.
17:31और यार, अशल, एक बात और है.
17:34बोलो.
17:37लेकिन समझ नहीं आगा कि हमें एक बात कह सका रही हूँ से.
17:40बोल ना.
17:45I am really sorry कि अगर तुम्हें बुढ़ा लगे.
17:47लेकिन यार, मुझे लगता है कि तुम्हारी बेहन
17:50हम माई से शाइधी करना चाहती ही नहीं हैं.
17:54वाना इतना सफ रियाक्शन इसान जब ही करता है
17:57जब उसकी तरफ से बिल्कुल ना हो.
18:09क्या बताओ, ईरम? बहुत परिशान रहते हैं, यार.
18:12एक तो जब से मैंने ये स्टिजिंग का काम शुरू किया है ना
18:14हर वड़ के क्लैयिंट्स ने तो परिशान ही की है.
18:17कभी कुई कस्टुमर कहता है, यह इत्तनी मेह गे ही स्टिजव काम ही है.
18:20कभी कहता है, हमें सलाई कम कर के दे देगा,
18:22हमें ये कर दे यही कर दे,
18:24मतलब इतनी महङगाई है, यार इतनी महङगाई में तुम बताओ
18:27क्या हम अगर स्लाइन्या सस्ती कर दे तो हमारा काम कैसे चलेगा?
18:30हम कैसे करेंगे?
18:33आपको नज़र नहीं आ रहा कि मैं आ गया हूँ?
18:35प्लीज जाएं यहाँ से, मुझे सोना है
18:37चुगलियें खतम नहीं हो रही है आपकी
18:39तुम्हें तमीज नहीं है?
18:40तुम्हारे हिम्मत कैसे ही मुझे से मेरा फून लेने की?
18:43और यह तुमारा कमरा नहीं है, सुना तुम ने?
18:45अब आप मुझे बताएंगी कि मेरा कमरा नहीं है?
18:47क्या मजाक है यार?
18:48कान खोल के सुनो, ये कमरा तो क्या?
18:51इस घर में भी कोई तिंखे का हथ नहीं है तुम्हारा?
18:53पूरा हथ है मेरा क्योंकि मेरे पाप का घर है
18:57यार मुझे आप से कोई बह्यस नहीं करनीं है,
18:59प्लीज आप जाएं यहां से,
19:00मैं बहुत ठका हुआ हूँ, और हम्जा को भी लेकर जाएं.
19:03तो मैं तमें मज़ा चका के रहूंगी,
19:06हम्जा, उठो!
19:10तमें तमें चकाऊंगी, मज़ा चकाऊंगी तमें.
19:26क्या हुआ सचल, तुम इतना दोर क्यों करही हूँ?
19:30इतनी नफरत करती हूँ तुम मुझे से.
19:34तुम्हें तो बढ़ा दुख होगा, कि मैं बच क्यों गई?
19:38तुम्हारे भाई के गले में अंदा पड़ गया ना मिरा?
19:42नहीं भाई नहीं, ये बहुत मुझ्किल है और अम्मी भी कभी नहीं मानेंगे.
19:45और मैं नहीं चाहती, कि मेरी वज़ा से आप अपनी जिंदिगी की कुर्बाणी देखें.
19:49तुम्हारे भाई के गले में अंदा पड़ गया ना मिरा?
19:52नहीं, मैं ऐसा क्यों सोचूँगी?
19:55अगर तुम ऐसा नहीं सोच रही होती
19:59तो तुम कभी भी ये सब नहीं कहती मिरे लिए.
20:02नहीं भाई, नहीं, ये बहुत मुश्किल है.
20:05और अम्मी भी कभी नहीं मानेंगे.
20:06और मैं नहीं चाहती कि मेरी वज़ा से
20:08आप अपनी जिंदिगी की कुर्बाणी देखें.
20:10आप अपनी जिंदिगी को मुश्किल बनाने के लिए
20:12मुझे कभी नहीं चाहती, प्लीज़े इससे मत करें।
20:18मुझे क्या पता था
20:21वो ये सब मेरे फिलाफ इस्तमाल करेंगे।
20:29तेरे बिना सिंघार अधूरों
20:34आईना मुझ पर हस्ता है।
20:41अशिर, आपको भी मेरी याद नहीं आई।
20:55तुझो चाहती है ना वो तो मैं मरते इकड़म तक नहीं होने दूँगी।
21:00और जो आप चाहती हैं ना, वो मैं भी नहीं होने दूँगी।
21:02और अगर आप ने मेरे साथ ज़बरदस्ति की ना
21:04तो वो ही होगा जो मैंने आयास के साथ की है.
21:06फरी, अगर आप ते अपनी जिद नहीं छोड़ी ना अम्मी
21:09तो मैं भी अपनी मर्जी से पीछे नहीं अटूँगी.
21:22बस अबजी, बस.
21:23बहुत हो गया हमारी बरदाश का इम्तिहान.
21:26आपके इस निकमे नाकरा बेटे का आज फैसला होकर रहेगा.
21:29एक तो हमारी खाता है, उपर ते हमें ही आँखे दिखाता है.
21:33किरन को बच्चा समेद कमरे से भार निकाल दिया.
21:35इससे ज़िधी और बेशरम होगा कोई भला?
21:39मैं समझाओंगा उससे.
21:40बात करूँगा उससे बेटा.
21:42बैठो.
21:44आपने समझा लिया बात भी कर लिया.
21:46बैठार होगा इससे मैं अपने तरीके से बात कर लूँ.
21:49खजब खुदा का, अपने हिस्सी से जादा रखम
21:52हमारे गले पर अंगुटा रख कर निकल वाया
21:54और कहा के मुझे मेरा हिस्सा देदो घर में थे
21:56फिर मैं शकल भी नहीं दिखाऊँगा.
21:58हिस्सा भी ले गया, डकार भी गया,
22:00बैठा बेशर्मों की तरह अपने हग जताने.
22:02बेटा, उसने एक दोस्त के साथ काम शुरु किया है.
22:06यहाँ से चला जाएगा, मुझे से कह रहा था.
22:08अपबजी, आपने उसकी बखवास पर इतमार कर लिया.
22:12मुझे से जादा उमर है आपकी, और तज़रबा भी.
22:15आप तो घर के बच्चे भी समझने लगें,
22:17और आप भोले बन रहें.
22:19अपबजी, वो कुछ नहीं करेगा, यह आप भी जानते हैं.
22:23सिर्फ मुफ्त के खाने के आदत है उसकी.
22:25क्या करूँ, समझा, समझा के थद गिया हूँ.
22:29कटा तालूग कर ले, निकाल दे घर से.
22:31हाथ पकल के बार निकाल दे उसे.
22:32मैं बाप हूँ उसका.
22:35नलाएग बेटा, हाथ की उस छटी उंगली की तरह होता है,
22:38जिसे रखो तो एब बनता है, काटो तो तकलीफ होती है.
22:42तो ठीक है फिर, अपनी छटी उंगली का एब
22:44और तकलीफ को अपने सीने से लगा के रखे हैं.
22:46मगर मुझे अपनी जान छोड़ानी है इससे.
23:04कि आप उससे हर तरह का ताल्लुग तोड़ लेंगे.
23:28यार तुम्हें क्या अन्दाजा कि उसका बाई
23:30अपनी बेहन की एज़ा से कितना मज़बूर होकर आया?
23:35तुम्हें एक लमगे के लिए
23:37सजल के भाई की ज़गार थोड़ को रखे देख.
23:40फिर तुम्हें फैसला करने में आसान ही होगा.
23:47मैं बहुत बहुत बहुत हुआ कि तुम्हें बुढ़ा लगे.
23:49लेकिन यार मुझे लगता है कि तुम्हारी बेहन
23:53हम माई से शाड़ी करना चाहती नहीं है.
23:55वना इतना सक्ष वियाक्शन
23:58इसान जब ही करता है जब उसकी तरफ से बिल्बुल ना हो.
24:02बेटा, यहां क्यों बैटे हो?
24:04सोई नहीं अब बितक?
24:06वो मा... अम्मी, येइ... इमेल को बेट कर रहा था.
24:13अपनी पे साथ नहीं बेटे हैं.
24:15बेट नहीं बेटा.
24:16मैं उसका जबराक नहीं बेटा था.
24:18वो अम्मी एमेल को बेट कर रहा था।
24:28फ़ओन आया सज्जल का?
24:32नहीं।
24:37घर के अंदर छोड़ने गय थे उसे?
24:41अगर उसमें करते हैं
24:44उसे करते हैं.
24:45घर के अंदर छोड़ने गय थे उसे?
24:49नहीं अम्मी, उसे मैंने बाहरी ड्रॉप कर दिया।
25:01तुम्हें लगता है कि सज्जल के साथ घलत किया है हमने?
25:07तुम्हारी बैन मौत के मूथ से बाहर आयी है।
25:10उसे कुछ हो जाता तो?
25:15तो यह सोचके ही दिल डूपने लगता है।
25:20ठीक कह रहे हैं अम्मी, आप.
25:23लेकिन जो फरी ने किया, वो भी तो ठीक नहीं है ना.
25:31बैन बाही की बात सुनने की अधिक ठीक था, लेकिन...
25:35लेकिन उन दोनों पर एक और करना है ना, अम्मी.
25:38अशर!
25:40तुम सब को जानते हुए भी कैसे कह सकते हुए?
25:44तुम्हें विलत क्या कह रहा हूँ, अम्मी?
25:46फरीन मर जाती तब भी तुम्हें यह ठीक लगता.
25:49हाँ, हाँ, करे, कैसी बात कर रहे हैं, मर जाती.
25:51यानि तुम यह कहना चाह रहे हो,
25:54कि इसमें फरीन की मरजी नहीं है,
25:56फरीन की मरजी कहीं और है?
26:02शक कर रहे हो अपनी बेहन पे?
26:05नहीं, अम्मी, ख़ला चाहती हुआ.
26:06बस!
26:09अब मुझे कोई सफाय देने की जुरुफ़ नहीं है तुम.
26:11अब मुझे कोई सफाय देने की जुरुफ़ नहीं है तुम.
26:14मेरी बात समझने की कोई शुरू...
26:15आज शरम आ रही है मुझे तुम्हे अपना बेटा कहते वे,
26:19जिसकी सोच अपनी बेहन के लिए इतनी गिरीव ही है,
26:22मैं सोच भी नहीं सकते.
26:23अम्मी, मैं...
26:24आज शरम आ रही है मुझे तुम्हे अपना बेटा कहते वे,
26:26जिसकी सोच अपनी बेहन के लिए इतनी गिरीव ही है,
26:29मैं सोच भी नहीं सकते.
26:30अम्मी, मैं...
26:31बस अम्मी नहीं.
26:55स्लामने कुम.
26:56भाभी, ये इस महीने के खरसे के पैसे है.
27:01और वो आप बता रही थी न,
27:02कि ये सोफो के गबर पुराने हो गए,
27:05ये भी चेंज करवा लीजेगा.
27:25भाभी,
27:27सब ठीक है न?
27:28हूँ.
27:33और मैं ये...
27:35मेरे ख्याल से,
27:36ये पैसे तुमने जादा दे दी हैं मुझे विलटी से,
27:39ये लोग...
27:40जादा नहीं है भाभी,
27:41अब से इतने ही दिया करूँगा.
27:43Actually,
27:44काम चल पड़ी.
27:47आपने और
27:48महुत के लिए कुछ शौपिंग भी कर दीज़ेगा आप.
27:56ओमैन,
27:57तुम क्यों मुझे शर्मिंदा कर रहे हैं?
27:59हमारा खर्चा उठाना,
28:01तुम्हारी नहीं,
28:02बलकि सुफयान की ज़िमदारी है,
28:04तो उन्हें उठाने दो.
28:05शौमिंदा तो मैं हूँ भाभी आपसे.
28:08अब तक आपके सेवर का कर्च नहीं लोटा पाया.
28:14तुमने कर दी ना घरो वाली बात.
28:17मुझे यह बात बिलकुल भी नहीं अच्छी लगी तुम्हारी.
28:19आएंदा अगर ऐसी बात की ना,
28:21तो उच्छा नहीं होगा.
28:23अच्छा थीक है, नहीं करूँगा ऐसी कुई भी बात.
28:27पर आप मुझे एक बात बता है.
28:30आप क्यों परिशान है?
28:32क्या बात हुई है?
28:33नहीं, मैं तो नहीं परिशान है.
28:35मुझे क्या होना है?
28:39सुफ्यान भाई ने कुछ कहा है.
28:40है ना?
28:42नहीं.
28:43तो फिर क्या बात में मुझे बता है?
28:47वो...
28:50सजल...
28:52सजल की बजासे कुछ परिशान हुए.
28:56क्यों?
28:59क्या होगा सजल को?
29:04अश्वर सजल को अम्मी के घर छोड़के चला गया.
29:07इस वाज़ा से मैं...
29:09मुझे परिशान हुई है.
29:10लेकिन क्यूं?
29:12क्या हुआ है उन दोनों के बीच?
29:13जगडा हुआ है क्या?
29:14क्या बात हुई है भावी?
29:15जगडा तो हुआ ही है.
29:17और भी बहुत कुछ...
29:19मैं तुमसे क्या बात करूँ मैं?
29:22तुम रात को इतना देर से आते हो.
29:25तुम्हें पूरी बात का पता भी तो नहीं है.
29:29कौन सी बात?
29:54कौन सी बात?
30:25अम्मी...
30:27अम्मी लगता है भाई रात भर जागता रहा है.
30:30अभी भी अपने कमरे में बंद है.
30:32तो तुझे क्यों परिशानी हो रही है?
30:37अम्मी, कल अशर वापस जा रहा है.
30:40हाँ तो खैर से जाये मेरा बच्चा.
30:43मर्द काम पे ही अच्छे लगते हैं.
30:54चार दिन मा के घर बैठी रहेगी न,
30:57तो दोनों मा बेटी का दिमाग ठिकाने आ जाएगा.
31:03मैंने तुझे कहा था न,
31:06नाक रगडती भी आएगी तेरा हाथ मांगने.
31:09मैंने भी नाक से लकीरे न खिचवा दीना,
31:13तो मेरा नाम भी सालया नहीं.
31:15चाहे वो मुझे अपने दिल में जहर भरके ही क्यों न कबूल करें,
31:19पर आप मुझे वही उनके सर पर ही थोपना चाहती हैं.
31:22वो जहर भरेंगी न,
31:25तो वो ही जहर उनकी बेटी को गुण भोग पीना पड़ेगा.
31:29यार अम्मी क्या मसला है, आप क्यों उस फ़ुजूर बात के पीछे पड़ गई हैं,
31:34आप क्यों अशर का घर बरबात करना चाहती हैं?
31:36तो तेरी मुरादें पूरी होने दू, ये चाहती है तू?
31:40अम्मी?
31:42क्या अम्मी?
31:45मा हूँ मैं तेरी,
31:46तूझे क्या लगता है, मुझे उनका मतलब नहीं समझ मैं आता,
31:51सब समझती हूँ मैं,
31:56लेकिन एक बात कान खोल के सुन ले तू,
31:59तू जो चाहती है न, वो तो मैं मरते इंदम तक नहीं होने दूगी,
32:04और जो आप चाहती है न, वो मैं भी नहीं होने दूँगी,
32:07फरी, अगर आप ते अपनी जिद नहीं छोड़ी न, अम्मी,
32:10तो मैं भी अपनी मर्जी से पीछे नहीं आटूँगी,
32:18फरी, क्या मर्जी है आपकी,
32:20मुझे खुल कर बताए,
32:22बेटा, इसकी भी वो ही मर्जी है, जो तुम्हारी है,
32:26कोई नहीं ठीक हो जाएगी, अभी सखम ताज़ा है न,
32:32मैं भी खुल कर बताए,
32:34बेटा, इसकी भी वो ही मर्जी है, जो तुम्हारी है,
32:37बस सझल ने जो इसकी तोहीन की है न,
32:40उससे ही दिल पर लगा के बैठी भी है,
32:43भूल जा, भाभी है तेरी,
32:45कोई नहीं ठीक हो जाएगी, अभी सखम ताज़ा है न,
33:15मिस माहम, बात सुनिये,
33:42बात सुनिये, जी सर, आप रोह रही है,
33:55आप जूद बोल रही है, बताएं, इन मेंसे किसी ने कुछ बोला है आपको,
34:00रुकें एक सेकिन में, सर, किसी ने कुछ नहीं बोला है,
34:04अगर घर में कोई मसला है, कोई परिशानी है,
34:08तो आप मुझे बता सकती है, क्या बता मैं आपकी मदद कर सको,
34:13इसलिए मैं एक दफ़ा फिर पूछता हूँ,
34:15कि आपके घर में से, किसी ने आपसे क्या कहा है,
34:19सर, मेहनत करना गुना है क्या,
34:21अपना बोच खुद उठाना, किसी पर बोच नहीं बनना बुरी बात है क्या,
34:25बिल्कुल भी नहीं, पलिए काम में तो बहुत अजमत है,
34:29और जो लोग अपना बोच खुद उठाते हैं, अपने काम खुद करते हैं,
34:32जो लोग अपना बोच खुद उठाते हैं, अपने काम खुद करते हैं,
34:38इनसे उपर कोई लोग हो, इससे बड़ा क्या ही काम होगा,
34:44इस वज़़ारा से रूरी हैं आप,
34:47मेरे घर्वालों को लगता है, कि मेरे इस त्राउं,
34:50मेरे घर्वालों को लगता है
34:52कि मेरे इस तरह स्टोर में काम करने से
34:55उनकी नाग कर जाएगी.
34:58मेरी वाज़से उनको बहुत बाते सुननी पड़ेंगी.
35:01मेरी दो रोटिया उनपर भारी है.
35:06मैं स्टोर में जाके मर्दों के साथ काम करती हूँ, तो
35:09इससे बड़ी बे आई है और क्या होगी?
35:15ये आपके शोहर ने बोला है?
35:19हमारे माश्या में मर्द, शोहर हो, भाई हो या बाप
35:24उनकी सोच और सोचने का अन्दास एक जैसा ही होता है.
35:29उनको ये परताश नहीं होता
35:30कि उनकी सल्तनत में रहने वाली औरत
35:33वहाँ निकल कर काम करे, अब ख़ुद को मन वाए
35:39उनकी गवालती गवाला नहीं करती.
35:45मैं नहीं.
35:46नहीं, मैं नहीं.
36:03मैं लेट हो रहा हूँ, मुझे निकलना है.
36:07अबजी बताएंगे किसलिए बुलाया है?
36:10अबजी नहीं, मैंने बुलाया तुम्हें.
36:13और तुम ज़ेसे बेकार इनसान को भी लेट होने का पता है?
36:16हैरत.
36:17यह क्या है?
36:18फ्लैट की चाइबियां, जिसका दो महिना के रेंड मैंने अबजी की कहनी के वाज़े पे कर दिया है.
36:23यह उठाओ और चलते बनों यहाँ से.
36:25इससे नहीं करता है, अबजी नहीं करता है.
36:28आप लोग ऐसा कैसे कर सकते हैं मेरे साथ?
36:31अबजी, आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप करते हैं.
36:36अबजी, आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप करते हैं.
36:40आप लोग ऐसा कैसे कर सकते हैं मेरे साथ?
36:43अबजी, आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप करते हैं.
36:46वो खामोश ही रहेंगे.
36:48और मैं क्या कर सकता हूँ, मुझे बतानी की जूरत नहीं है.
36:51सामान उठाओ और निकलते बनो यहां से.
36:52ये क्या आ गई?
37:22आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं, खामोश कि आप कुछ बोल क्य
37:52कोई अवबात चाहती है demo
37:55कोई अवबात चाहती है demo
38:22अगर आपने अपनी जिद नहीं छोड़ी ना अम्मी,
38:36तो मैं भी अपनी मर्जी से पीछी नहीं अटूँगी.
38:47बिटा, इसकी भी वो ही मर्जी है,
38:49जो तुम्हारी है.
38:51बस सजल ने जो इसकी तोहीं की है ना,
38:53उससे ही दिल पर लगा के बैठी गई है.
38:58कहे ऐसा तो नहीं कि फर्य आपके किसी और को पिसंद हो,
39:03और अम्मी ऐसा नहीं छोड़ी?
39:20कहे ऐसा तो नहीं कि फर्य आपके किसी और किसी और किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपके किसी आपक
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