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  • 2 years ago
Teray Janay Kay Baad Episode 30 9 Sep 2024 ARY Digital Drama - 1080

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00:00आज रात का खाना आप हमारे साथ खाँगे। पर वापसी पर अपनी बीवी को भी साथ लेकर जाएँगे जिसने दो दिन से कुछ भी नहीं खाया हो।
00:31आप फिकर नहीं करें, सब कुछ ठीक हो जाएगा।
00:34आप लोगों को देखके अन्दासा हो रहा है, कुछ ठीक नहीं होने वाला।
00:38उसका मूट भी ओफ़ था, समझ नहीं आ रही, ऐसे कैसे हो सकते है, अभी सब ठीक करके आया था मैं।
00:42आप तो नहीं गई थी उनके घर, ये सब जानते हुए भी कि हम दोने एक दूसर को पसंद करते हैं।
00:52जूट मत बोलो, मेरी बेटी तुम जैसे हवारा को क्यों पसंद करेगी।
00:59देखो, तुम्हें सब को सच पताना होगा, मैं, मैं युझी नहीं आया यहाँ पर, तुम चुब क्यों हो?
01:17फरी, फरी इदर आओ, इदर आओ, बताओ, ये जो कह रहा है, सच कह रहा है क्या?
01:28भाई, वो आया था रिष्टा लेकर मेरा, लेकिन अम्मी ने मना कर दिया, शादी करवा दी नोंने मेरे हैंस किसा.
01:41सब आपका खुसूर है अम्मी.
01:44सुन लिया आप सब ने? सच सुन लिया?
01:53असीत, मैं अपने अब्बा की बेज़ती नहीं करवाँगा यहाँ पर.
01:56चलिया अपजी.
01:57चलो.
02:13चलो.
02:44भाई, मगर हम तो लड़की वाले हैं ना.
02:46बस कर दो हिरा, निकलाओ ये पुरानी सोच से.
02:49लड़की वाला होना क्या जुर्म है, गुना है कोई?
02:52कब तक इस गिल्ट में रहेंगे हम लोग?
02:56और क्या चाहते हो आप लोग?
02:57हाँ, क्या करूँ?
02:58अशर सहाब के पास जाओ, हाँ चोड़ूं, पव पोड़ो उनके
03:01कि ख़ुदा का वास्ते मेरी बेहन को वापस ले जाएं?
03:04मैंने हैसा तो हर किस नहीं कहा आप से.
03:07जो भी कहा है, गए थे ना दोनों आज वहाँ पर.
03:11हो गई इस्दत अवजाई या कोई कमी बाकी है?
03:14क्या मिला जाकर?
03:16ना घुसा क्यों कर रहे हो?
03:19जो कुछ भी है, तुम्हारी बेहन की जिंदिकी का मामला है.
03:22ठंडे दमाख से सोचो.
03:24ठंडे दमाख से उसको बुलाया था मिलने.
03:26शादी की गरंटी दे कर आया था.
03:28यहाँ पर इंवाइड किया था उसको.
03:30अपनी बेहन की खुशी के लिए किया था यह सब.
03:34सजल, तुम ही अपनी तरफ से अशर को फोन करके पूछ लो
03:38कि वो भाई की बुलाने पर खाने भी क्यों नहीं आये.
03:42कुछ तो बता सलेगा ना, फोन करो.
03:45मैं फोन करके क्या पूछूँ?
03:48हाँ, सही है ना.
03:51सजल को तो वज़ा बता देगा ना वो.
03:54ख़बदार किसी ने फोन को हाक भी लगाया.
03:57अब से हम कोई फोन नहीं करेंगे, कॉल नहीं करेंगे
03:59और उदर जाने की गलती तो हम बिलकुल भी नहीं करेंगे.
04:04कौन लोग हैं ये?
04:06इनका दमाग ठीक भी है?
04:08एक फ़जून सी बात को लेके हमारा दमाग हराब करके रखा वैं.
04:11जिनदगी अजाब करके रखी हैं लोगों ने.
04:12जिनदगी अजाब करके रखी हैं लोगों ने.
04:15जिनदगी अजाब करके रखी हैं लोगों ने.
04:17जिनदगी अजाब करके रखी हैं लोगों ने.
04:19जिनदगी अजाब करके रखी हैं लोगों ने.
04:21जिनदगी अजाब करके रखी हैं लोगों ने.
04:23यह सजजल का घर है.
04:29आज से हमें से कोई उनसे रापता नहीं करेगा.
04:38मिरी बेहन की दो रोटियां मुझे पर इतनी भारी नहीं होने पड़ी.
04:45अगर सजजल यहां से जाएगी,
04:48तो सिर्फ उसी सूरत में जब मुझे करता है,
04:50वो लोग यहां पर आएंगे और इजद से मिरी बेहन को लेकर जाएंगे.
04:55यह मेरा आखरी फैसल है.
04:57अमाद.
05:05सजजल, सजजल को सोचा.
05:08ऐसे नहीं रोते सजजल.
05:11सब ठीक हो जाएगे.
05:14सजजल नहीं रोते.
05:20सजजल नहीं रोते.
05:51तुम कहा अंदर गुशे चले आ रहे हूँ घर में?
05:55बाज़े, अपने घर में आ रहा हूँ,
05:56तो क्या गली में अकेला काड़े रहा हूँ?
05:58वो पेहया, इस घर के दो दफ़ा हिस्से बटोर चुका है.
06:02बाज़े, अपने घर में आ रहा हूँ,
06:03तो क्या गली में अकेला काड़े रहा हूँ?
06:05वो पेहया, इस घर के दो दफ़ा हिस्से बटोर चुका है.
06:09मुझे रिष्टे के नाम पर ले जाकर जलील करवा चुके हो.
06:11तुम्हारे भाई ने करजा उठा कर तुम्हे फ्लैट ले कर दिया,
06:14और तुम जूतों समीद घर के अंदर गुसे चले आ रहे हो.
06:17निकल जा इस घर से, अपना ये गंदा वजूद ले के.
06:20मेरे जीतों जी, मुझे जितना जलील करवा ना था करवा चुके हो.
06:23अबाजी, इसमें जलील करवाने वाली क्या बात है?
06:25अरे आप ही तो कहते हैं कि लड़की के रिष्टे के लिए जूतियां गिस जाती हैं,
06:28एक बर नहीं, दस बर जाओ रिष्टे के लिए.
06:30अरे बेहया, सुनेगा कुछ मुझसे.
06:32सुनेगा कुछ मुझसे.
06:33तुझे शादी के लिए वो तलाका नहीं मिली थी?
06:35जिसकी मा चरच चरक तुम्हे जलील कर रही थी.
06:38और वो लड़की?
06:39जिसके लिए अपने बाप को तुम जलील करवाने के लिए लेके गए था,
06:42उसने थूकर तक नहीं तुमपर.
06:43नहां तो हलात ऐसे थे न, आपके सामने तो था सब कुछ.
06:46भाई आ गिया था, वो डर गई थी बिचारी.
06:50इसमें बेज़त होने वाली क्या बात है अबजी?
06:53सभी कह रहा है तू, सभी कह रहा है.
06:55इसमें बेज़त होने वाली कौन सी बात है?
06:57निकल यहां से.
06:58अबजी मेरी...
06:59निकल यहां से.
07:00अबजी...
07:02और तुबहरा आने की ज़रूरत नहीं है.
07:08बाई जी...
07:28बाई जी...
07:52इतनी बड़ी बात...
07:54इतनी बड़ी बात छुपाई आपने मुझे?
07:57दोनें बिलकर बेबाखुब बनाती रहीं मुझे आप लोग?
07:59नहीं बेटा...
08:02मैंने तुमसे कुछ नहीं छुपाया है.
08:05मैं तुम लोगों का घलत तो नहीं चाहूँगी न?
08:07अच्छा...
08:08आप हमारा घलत नहीं चाहेंगी.
08:11इसका मतलब आप यह कह रही है कि आयास ठीक था न?
08:14मुझे उसकी बात पर यकीन कर लेना चाहिए था?
08:17तुम बताओ मुझे फरी...
08:19आयास ठीक था न?
08:20तुम भी नहीं गुज़रना चाहती थी न अपनी जिन्दगी उसके साथ?
08:23ऐसा ही है न?
08:25नहीं अशर...
08:26आयास की माँ बहुत तेड़ी औरत है...
08:29मेरे घर बसाने की बहुत खोशिश के...
08:31मेरा अल्ला जान...
08:32जूट मत बोलो...
08:34सरा सर जूट बोल रही हो तो...
08:40अगर ऐसा होता न...
08:41तो ये लड़का...
08:42आयास से जगड कर थाने में नहीं बैठा होता...
08:45अशर ऐसा नहीं...
08:47अले ज़े...
08:48तुम देखती नहीं...
08:49कि बड़े बात कर रहे हैं...
08:50बड़े बात कर रहे हैं...
08:51अले ज़े...
08:52तुम देखती नहीं...
08:53कि बड़े बात कर रहे हैं...
08:54अले ज़े...
08:55तुम देखती नहीं...
08:56कि बड़े बात कर रहे हैं...
08:57अले ज़े...
08:59आप भी...
09:00भाई ठीक कह रहे है...
09:02कोई भी बात छुपाने का...
09:03कोई फायदा नहीं है...
09:05तुम मुझे ज़रा ये बताओ...
09:07कि तुम्हें सब कुछ बता था...
09:08और तुमने भी मुझे कुछ नहीं बताया...
09:12अले ज़े...
09:13तुम देखती नहीं...
09:14तुम देखती नहीं...
09:15कि बड़े बात कर रहे हैं...
09:16बड़ों के बीचे बोलना ज़रूरी नहीं है...
09:17जाओ अपने कम्रे में...
09:18इतनी चोटी नहीं है वो...
09:23और नहीं भेवकूफ है...
09:25या आपको इस घर में भेवकूफ...
09:26सिर्फ मैं लगता हूँ...
09:28नहीं नहीं बिटा...
09:29तोपा करो...
09:30मैं तुम्हे भेवकूफ क्यों समझूँगे...
09:33अच्छो...
09:34अगर ऐसा है...
09:35तो मुझे ये बताये...
09:36कि उस लड़के में इतनी हिम्मत कैसे है...
09:38कि वो अपने बाप को लेकर...
09:39यहाँ रिष्टा लेने आगे...
09:41जानती थी ना आप उसको...
09:42बताये...
09:43जानती थी ना आप...
09:55हाँ जानती थी...
09:59क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि...
10:02ये बेवकूफ लड़की...
10:03उस लफंगे के साथ...
10:04अपनी जिन्दगी बरबात कर दे...
10:06अम्मी समझ बदल गया है...
10:08उसे अपना घर कर लिया है...
10:09बिस्सनिस कर लिया है...
10:11और सब से बढ़कि...
10:12वो मेरी उसत करता है...
10:13आप लोगों क्यों नहीं समझ वेखा रहा है...
10:15पस छूप कर चाए...
10:16अशर...
10:17तुम इसकी बातों में मत आना...
10:19ये तो पादल...
10:20बेवकूफ...
10:21नाधान है...
10:38एक बार आपने सोचा
10:40कि इसका impact मुझे पर और सजल पर क्या पड़ेगा?
10:43इस सब की वज़ए से हमारी जिन्दगी में कितनी तलगी होई
10:45क्या एक बार भी सोचा आपने?
10:48बेटा, मैं तो...
10:48अमनी, बहुत.
10:50इन्हाँ.
10:51और कुछ नहीं सुनना मुझे.
10:53जो कुछ था ना सब सामने आगे.
11:22सबा में बहुत दर्द हो रहे हैं.
11:25राद भाग पर सैसे नहीं बें आयी मुझे.
11:29तुम आज भी बहुत रूपर होा है?
11:31है बहुत सवाज़.
11:32हम्हारा ज़्यार कर सके.
11:33सह दूकार भी यां गइता है.
11:34तुम आज भी अमनी के तरफ जाओगी।
11:36कल भी तुम इतना लेट आएँ।
11:41समझ भी नहीं आगा क्या कहूँ।
11:43चली जाओगी तो
11:45बहुत सारे काम लुख जाएँगे आप।
11:47अगर समझ नहीं आगा,
11:49मुझे समझ नहीं आगा।
11:51कल भी अमनी के तरफ जाओगी।
11:53कल भी तुम इतना लेट आएँ।
11:57समझ भी नहीं आगा क्या कहूँ।
11:59चली जाओगी तो
12:01बहुत सारे काम लुख जाएँगे आप।
12:06यहाँ रहकर भी मुझे चाहिन नहीं आगा।
12:11सजल कल जिस तरह रो रही थी ना
12:13परिशानी की बात तो है।
12:20क्यों रो रह रही थी वो?
12:23क्या बात हुई है भाभी?
12:28वो ही हमान भाई और फरीम की रिष्टे को लेकर
12:32आशर उसे घर पे छूड़ के चला गया था।
12:35मैं और अम्मी गए थे
12:37सुस्राल उसकी ताके कोई बीच का रास्ता निकालें
12:40बात को सुलज़ाएं लेकर
12:43बाता नहीं
12:45उनकी सास ने क्या आशर के मिर्च पसाला लगाकर कान भरें के
12:49वो उसे लेने ही नहीं आया
12:51डिनर पे आना था उसने
12:57सरजल इंदिजार करती रह गए
13:00इसलिए तो परिशान हो रही थी बिचारो
13:02सीधी सीधी blackmailing है ये
13:04सबरदसती रिष्टा करना चाहते है अपनी भेन का हमाद भाई से
13:11थी कह रहे है
13:14इस तरह तुम लोग कब तक blackmail होते रहे होगे उन लोगों से
13:19पता नहीं मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा
13:22तुम क्यों खड़े हो गयो office जा रहो अरे तो नाशा तो कलो अपना दिल नहीं जा रहा है बाबी अरे तो चाय तो पिलो
13:31पहने दे अफिस के लिए देर हो रही है मीटिंग एक important पुदाफिस
13:51तेरे कर्टोटों पे पर्दे डाल डाल के मैं ठक गई हूँ और तेरी इतनी जुरत हो गई कि तुने उसे घर बुला लिया ये धंकियां दे के क्या साबिट करना चाहती है तुम
14:13अम्मी अगर मुझे यही करना होता ना तो मैं बहुत पहले भाई के सामने समीर को बुला चुकी होती जब आप मेरी हमाद से शादी की बातें कर रही थी
14:22मेरी एक बात यादर ना फरीन हमाद से तुम्हारी शादी भले ना हो लेकिन उस लफंगे समीर से कभी नहीं होने दूँगी मैं तुम्हारी शादी
14:33भूल है आपकी आपकी इसी जित की वज़ासे आज मेरे माथे के उपर तलाक का दाग लगाबा है
14:41उस वक्त आप मेरी शादी कर देतीं समीर से तो आज मैं हसी खुशी उसके साथ रह रही थी
14:46क्या तकलीफ थी तुझे याज के घर में हाँ कोई परिशानी नहीं थी हर तरहां का एशो अराम दिया थो
14:54महिने का खर्चा देता था वो तुझे लेकिन तेरी नियत नहीं भरती थी और ये समीर छोटा मोटा आदाकार जिसके अपने पास खाने के पैसे नहीं है
15:06जो तुझे दो वक्त का खाना नहीं खिला सकता उसके साथ तुझे हसी खुशी जिन्दगी गुज़ानने की बाते कर रही है
15:14अम्मी देखिये ये ही तो मसला है आप जो ये ना डेर साल पहले वाले समीर को जानती है अब समीर बहुत बदल गिया है अम्मी आपको पता है उसने अपने दोस्ट के साथ मिलकर पार्टनर्शिप कर लिया है बिस्निस कर रहा है और मेरे लिए आपकी बेटी के लिए उसने
15:45खोईश होती है वो फ़ोरण पूरा करना चाहता है मुझे अतने समीर पर पूरा बरूसा है हाँ अच्छा
15:55ठीक है तो फिर तू एक काम कर उससे कॉल मिला और उससे कहे के मॉलवी और चार गवाओं को लेकर आ जाए आशिर के सामने
16:06चार जोड़ों में भेश देती है उसके साथ बोल मन्जूर है न तुझे
16:13जहस के नाम पर एक फूटी कोड़ी नहीं दूँगी मैं तुझे बस यही शर्ट है मेरी
16:19बता लेके जाएगा हिम्मत है बुला बुला बुला अभी बुला न
16:26देखो न कितनी हिम्मत है बातें सुन लो इनकी
16:56सजल बेटे उठ जाओ तुपहर हो गई है नाश्टा भी नहीं किया उठो पच खा लो बेटे
17:17भूग नहीं है अम्मी क्यों मा को परिशान कर रही है खाली पेट रात भर कमरे में बंद रही हो
17:26दाना खासता किस किसम की बातें कर रही है हई तभी तो बुखार ओरे बेटे थी कोई सर में बस
17:46अपने अच्छा दर्द है.
17:48नहीं, बेटे. बहुत तेज़ वुखार हो रहे हैं.
17:51उठो, शाबाश.
17:52मैं तुम्हें डॉक्टर की पास लेके चलती हूँ.
17:54उठो.
17:55कहा रहा है, अम्मी. ठीक हूँ.
17:57आप परिशान नाओ मेरे लिए.
17:59दे, सजल, तुम रोह रहे हैं?
18:04क्यों रोह रही है मेरी बेटी?
18:07अम्मी.
18:10आशराँ चले जाएंगे ना.
18:12उन्होंने मुझे से दो दिन से बात भी नहीं किया.
18:16वो मुझे अपने पास नहीं बुलाएंगे ना.
18:19मैं हवेशा यही रहूँगी.
18:21क्यों अतना उल्टा सीधा सोच रही हो, सजल?
18:23मिया-बीवी का रिष्टा तो बहुत मस्बूत होता है, बिटे.
18:27एक कच्छा धागा तो नहीं होता
18:29कि छोटी सी रञ्जिश पर तूट जाएंगे.
18:32अइसा नहीं सोचते.
18:35मुझे पता है, तुम बेचान हो.
18:38लेकिन वो भी सुकून से नहीं बैठा वाई.
18:42मुझे रखीन है कि वो तुम्हें मिले बगाएर तो नहीं जाएगा.
18:47देख ना.
18:49आप ये बाते करके मेरा दिन बहला रही है ना.
18:51मुझे रखीन है कि ऐसा ही होगा, तुम देखने.
18:56जीते रहो, खुश रहो.
19:22कब तक नराज रहोगे अपनी माँ से बेटा?
19:25नराज नहीं हूँ अम्मी, दुख हैं, अपसोच हैं.
19:30इस बात का कि मेरे अपने घरवालों ने मच से वो बाते चुपने, जो उन्हें नहीं चुपने चाहिए थी.
19:35ऐसी बात बिल्कुल भी नहीं है बेटा.
19:37अपने दिल में घलस थैंग में मत पालो, माँ हूँ मैं तुम्हारी,
19:43बस तुम्हें परिशान नहीं करना चाहती थी,
19:45इसलिए घर के जो भी मसले मसाईल थे,
19:48मैं उसे अपने तरीके से हल कर रही थी,
19:54जो शायद मैं कर ही नहीं सकी.
20:08इसलिए शर्मिंदा हूँ,
20:11हाँ जोड के तुमसे माफ़ी मांगती हूँ बेटा.
20:13आपसे कितनी दफ़ों कहा हैं,
20:14कि शर्मिंदगी, माफ़ी इस तरह की बातें मुझे से मत किया कीजी,
20:17बेटा हूँ मैं आपका, बुरा लगता है मुझे.
20:20बात तरह से यह है अम्मी,
20:22कि मैं सजल और उसके घरवालों को मुझे देखाने के काबिल नहीं रहा हूँ.
20:25जी सक्ती से मैंने उसके बात किया है,
20:27इसके बाद वो लोग मेरी शकल भी देखना नहीं चाहते.
20:31अरे, वो ऐसा कैसे कर सकते हैं?
20:32अरे, वो ऐसा कैसे कर सकते हैं?
20:34बल्के एक काम करती हूँ न,
20:35मैं खुद उनके घर जाके उसके घरवालों से बात करूँगी, सजल को बनाओ.
20:40यहां से, अब सजल के यहां कोई नहीं जाएगा.
20:42यह क्या कह रहे हो बिटा, बीवी है वो तुम्हारी.
20:45मैं यही कह रहा हूँ अम्मी, कि वो मेरी बीवी है.
20:48और मेरे यहां ना होने पर उसको जो हलाद फेस्ट करने पड़ सकते हैं न,
20:51उसका ऐडिया है मुझे.
20:53इसलिए, यहां से कोई नहीं जाएगा.
20:55वो जहां है, ठीक है. उसे वही रहने तीजी.
21:05भाई!
21:06हम क्या इतने बुरे हैं?
21:13फरी, ये सवाल आपको मुझे से नहीं, अपने आप से पूछना चाहिए.
21:17आप लोगों ने मेरी इज़द तो मेरी नज़रों में दो कौड़ी की छोड़ी नहीं.
21:20मैं क्या किसी को बताओं कि कौन अच्छा है और कौन बड़ा?
21:36आ गया सकोड तुझे? हाँ?
21:39तेरी वज़ासे तेरे भाई के दिल में नफरत पैदा हो गई है.
21:44पता है न तुझे?
21:46अच्छे से जानती कि उसका दिल एक दफ़ा मत दिल हो जाये,
21:49तो वो किसी की नहीं सुनता.
21:51ये सारे फसाद के जड़ना तू है तू.
21:54तुम जानते हूँ ना कि तुम्हें वाह नहीं जाना चाहिए था?
21:57अभी मैं सिर्फ उसको होसना देने गया था.
21:59उसे ना ही तो तुम्हारे होसने की ज़रूरत है, ना ही साथ की.
22:02उसके साथ उसका शौर है.
22:04मत मुश्किल खड़ी करो उसके लिए भी और अपने लिए भी, उमेर.
22:35सर्व वो, ये कुछ प्राड़ट की लिस्ट है,
22:39जो मैंने चेक की थी, तो इसमें से...
22:43ये मैं देखते रहाँगा, आपने लंच की है?
22:47नहीं सर्व, वो मैं नाश्टा सब देल में करती हूँ ना,
22:51तो इस टाइम में मुझे भूँक नहीं लगती.
22:53गलत बात, अम्मी कहती है कि
22:55लंच टाइम पर थोड़ा बो तो लंच कर लेना चाहिए.
22:59आईए, बैठिये.
23:00नहीं नहीं सर्व, वाकिर, मुझे भूँक नहीं लग रही है.
23:05माहम, ये एक प्राड़ट है.
23:09बैठिये.
23:18ये ले, पकड़िये.
23:23बैठिये.
23:45थोड़ा जादा स्पैसी होगा शैदा आपके लिए.
23:53मैं जब भी आपको बुलाता हूँ, आप मज़ियद गबरा क्यों जाती हैं?
23:56क्या मेरी शकल इतनी होफनाक है?
23:59नहीं नहीं सर्व, आप बहुत गुड़े हैं.
24:06अच्छा.
24:13वैसे आपकी मुस्कराहट भी बहुत मासूम है आपकी शकल की तरह.
24:16शायद इस वाज़ा से आप थोड़ी बहुत कंजुसी करती हैं मुस्कराहट में.
24:26घर में कौन-कौन है आपके?
24:29भाई है, भाभी है, और उनका बेटा है.
24:34और?
24:37और मैं?
24:39लेकिन ज़्यान तक मुझे याद है, आप तो कह रही थी कि
24:43आपके भाई कोई एतराज है आपका यहाँ पर काम करना?
24:50जी सर, वो तो कल भी बजद हो रहे थे कि मैं ये जॉब छोड़ रहा हूँ.
24:57तो अब?
25:01दो-थीन ज़्यां आपलाय किया है, देखते हैं,
25:05मिल ही जाएगी ये इजद की जॉब.
25:09तो आप कहना चाह रही हैं कि ये इजद की जॉब नहीं है?
25:17हमारे इजद का प्रामाना घर के मर्द तर करते हैं.
25:28मैं चलती हूँ, बंज के लिए थेंकियू.
25:32रुख ये, घर के मर्द जरूर इजद का प्रामाना करते हैं.
25:39लेकिन जहां तक मुझे याद है, आपने कहा था कि आपकी शादी हो चुकी हैं.
25:44तो आप अपने शोहर के साथ क्यों नहीं रहती हैं?
25:52हुई थी मेरी शादी.
25:56हुई थी मेरी शादी.
25:58जी, मतलब, मतलब अब नहीं है.
26:04हाथसा था, जो मेरी खुश्यों वो खाँगे.
26:09मतलब?
26:14मेरे शोहर की एक एक्स रिफ में डेथ हो गयी है.
26:34मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतलब, मतल
27:04आपके साथ एक घर बनाना चाहता हूँ इसमें सिर्फ पुछी हो, सिर्फ सुपूर, और कुछ भी नहीं
27:18आपके घरवालों की हमेशार रिस्पेट करूँगा, उनकी हमेशार कियर करूँगा
27:35सचल
27:57तरवासा खुला था तो मैं अदर आ गया, सौरी अगर बुरा लगाया था
28:02हाँ वो अम्मी पास फ़िल मेडिकल स्टोर तक गई है, बस आती ही हुँगी
28:10मैं आफिस जा रहा था, इन फ़िल चला गया था, वहाँ कब बैठे बैठे कैसे यहाँ चला आया समझ नहीं आया मुझे
28:21किसलिये
28:25सचल हमारे दर्मियान...
28:26हमारे दर्मियान अब कुछ भी नहीं है, जो कुछ भी था वो खतम हो चुका है, तुम्हारी मरजी और वाहिश पर
28:36हम मेरे पास जो बच्चा है, मैं उसे समेटने की पोशिश कर रही हूँ
28:40मैं यही कहना...
28:44जा रहा था कि सचल, यह जो टैंशन है तुम्हारी ज़िन्दगी में, यह इस्था इस्था खतम हो जाएगी, तुम परिशान नहीं होगी
28:52आपकी तसलिए और दिलासे बहुत कीम्त है, मैं समझाल कर रखूंगे
28:56तुम्हारी ज़िन्दगी में, यह इस्था खतम हो जाएगी, तुम परिशान नहीं होगी
29:00आपकी तसलिए और दिलासे बहुत कीम्त है, मैं समझाल कर रखूंगे
29:05लेकिन यू बार-बार मेरे सामने आकर मेरे होसले का मज़ाग मत उड़ाये आप
29:09तुम्हारी ज़िन्दगी में, यह इस्था खतम हो जाएगी, तुम परिशान नहीं होगी, तुम परिशान नहीं होगी, तुम परिशान नहीं होगी, तुम परिशान नहीं होगी, तुम परिशान नहीं होगी, तुम परिशान नहीं होगी, तुम परिशान नहीं हो
29:39जाएगी जो आपकी फिकर करेंगी और आप उसकी फिकर करेंगी
29:42मिला मुझकलात और मत बढ़ाओ।
29:45प्लीज जाओ यहाँ से
30:09बिन तेरे जो बीती है कैसे बताऊं
30:15याद में तेरी कहीं मर ही न जाओं
30:25छुप रहना अब सीख लिया है
30:31दर्द भी मुझ पे है रहा है
30:41मेरी जाद में बस उसकी कमी है
30:47मेरी जाद में बस उसकी कमी है
31:17मेरी जाद में बस उसकी कमी है
31:27मेरी जाद में बच़ना थे
31:37मेरी जाद में बस उसकी कमी है
31:43तो मनूज बात ही निकालना मेरे लिए तो.
31:45और मेरे बादू तो छोड़ो.
31:46ज़्यादा शोर मचाने की ज़रुबत नहीं है यहाँ पर.
31:48वर्णा सबके सामने तुम्हारा तमाशा लगा दूँगी.
31:51इस्था बूलो ना.
31:53अच्छा हुआ क्या है?
31:54इतने खुसी में क्यो ?
31:55मैं खुसे में कुझ हूँ ?
31:57मुरे हाट तूट गय,
31:58तुम्हे कॉल कर करके, मैसेज कर करके लगिन collisions,
32:09जे तूमरे घर्वलों ने मेरे हुआलप की बेसती की.
32:13उसका कुछ नहीं ?
32:14ओ ओ ,
32:15किसने कहा था कि अपने बाप को मेरे घर लेकर आओ?
32:18समीर, मैंने तुम्हें कहा था ना.
32:20थोड़ा सबर कर लो.
32:23अशर चला जाता, मैं सब कुछ सेटिंग करतो रही थी.
32:26कुछ ना कुछ हो जाता, लेकिन नहीं.
32:27तुम्हें तुम्हें तो अपनी जलबाजी पड़ी थी बस.
32:31मैंने कबी भी अशर को इतना शदीत घुस्दे में नहीं दिखा इससे पड़ा.
32:34थीन साल हुगा है मुझे तुम्हारा इंतिजार करते हुए.
32:37तुम्हारे पीछे खुआर होते हुए.
32:39तुम क्या कर रही हो?
32:41सिर्फ मुझे इंतिजार करने का लॉली पॉप देकर भेलाई जा रही हो.
32:43बस और कुछ नहीं.
32:46मैं भी शादी करना चाहता हूँ, यार.
32:49मैं भी चाहता हूँ, मेरा अपना घ़र हो.
32:52कब तक भाई भाभी के आँगा रोटी कहओंगा मैं?
32:56जा तो हमारी शादी हो जाये, तुम दिल से मेरे लिए
32:59खाना बनाओं, हम साथ में बैठ के खायें.
33:02अब ये खाईश करना क्या गुना है?
33:08क्या ऐसे ही देखती रहोगी? जवाब दो ना.
33:10आज से तुम्हारा इंतिजार खतम.
33:15क्या?
33:20बाकड़ी?
33:24चलो, मैं तुम्हें मदानती हूँ.
33:25हाँ.
33:27अम्मी, आप क्या कह रही हैं?
33:29ओमेर ऐसा क्यूं चाहेगा?
33:31हिरा, मैं नहीं जानती कि वो क्या चाहता है
33:33और क्या नहीं चाहता है.
33:34मैं सिफ ये जानती हूँ
33:36कि सजल अपनी शादी की वज़ासे परिशान है.
33:39उसे मजीद परिशान मत करो.
33:45शादी सिफ एक बार ही होती है.
33:47और सजल की हो चुकी है.
33:49खुश है वो अपने शोहर के साथ.
33:51ठीक है, वक्ती मसायल आते हैं,
33:53जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं है
33:56कि अमेर उसके रास्ते में
33:58गांटे बिचाने की कोशिश करें.
33:59क्या बोले जा रही है आप? ऐसा कुछ नहीं है.
34:02हाँ, और ऐसा होना भी नहीं चाहिए हिरा.
34:04उसे समझा देना, इस घर से दूर रहे हो.
34:16तुम सजल से मिलने इसके घर गय थे?
34:23मैं तुमसे कुछ पूछ रही हूँ, अमेर.
34:25सजल से मिलने गय थे या नहीं?
34:28क्यों? तुम जानते हूँ ना कि तुम्हें वहाँ नहीं जाना चाहिए था?
34:31भाभी, मैं सिर्फ उसको होसला देने गया था.
34:33उसे नहीं तो तुम्हारे होसले के ज़रूरत है, नहीं साथ की.
34:37उसके साथ उसका शौर है.
34:39तुम भी अपनी ज़िन्दगी में आगे बढ़ चूँगी.
34:41तुम भी अपनी जिन्दगी में आगे बढ़ चूँगी.
34:44तुमारी बेतरी इसी में.
35:09समस्यों के लिए ज़िन्दगी में आगे बढ़ चूँगी नहीं करने के लिए ज़िन्दगी में आगे बढ़ चूँगी नहीं करने के लिए जिन्दगी में आगे बढ़ चूँगी नहीं करने के लिए जिन्दगी में आगे बढ़ �
35:39आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज आज �
36:09माहाम, आप समझ नहीं रहे
36:11मैंने आपसे एक बहुत ज्णूरी बात करणा
36:13अब इस त्याँ रहा जाते आप बात करेंगी तो गुरा लगेगा, लोग देख रहें
36:19आप बैठ जाए, आज़ये
36:22आी ये, आी ये, आई ये
36:39प्रस्तुस्प सिर्फर मुधी लिए नेज़र है।
36:46अग बन केमादे्स भी...
36:51तर इक बुलांय है भी जानलें...
36:55इपने जाउन जामादला था तहाँकि, जाउन दाएन भी पड़ें जाने के लिए नेजर है।
36:58आपके अजबन का सुनके बहुत अफसॉस हुआ।
37:13क्या बात है आप इतनी खामोश क्यों रहती हैं?
37:16इन्सान को थोड़ा वोद बोलना तो चाहिए है न?
37:20अदर पोल रहती हैं.
37:24क्या बात आई बात है?
37:25इन्सान को थोड़ा-थोड़ बोलना तो चाहिए है नागर अपने दिल का बोच हलका करना चाहती हैं
37:31तो ये खामोशी तोड़नी पड़ीगी मार।
37:39जब बाते खतम हो जाये तो अंदर बाहर सिर्फ खामोशी रह जाती है
37:43इसान जाकर भी कुछ नहीं कहता है
37:47तो आप मझे पर बरोसा कर सकते हैं
37:56आसिफ के जाने के बाद मेरा सब कुछ छिन गया था
37:59मेरी जिनदिगी, मेरी खुशी, मेरा बरोसा, सब
38:05वो होता है न, जब कोई जिनदिगी में आता है तो
38:09साथ जिनदिगी भी छीन कर लो जाते हैं
38:18बस यहीं पर गारी रोती जाये
38:20ना त्में नज़दी के मैं चली जाओंगे
38:22गली में गारी जाने पायें
38:25शुक्पियं आप, आप से
38:34अब आप से
38:54शुक्पियं आप, आप से
39:14सिजन, सिजन मत रूँगा प्लीज़
39:20तो और क्या करूँ बाजी
39:23दो तीन घंटे में अशर की फ्लाइट है
39:25अगर वो मुझे नराज होकर चले गए
39:27तो मैं क्या करूँगी
39:28ऐसे कैसे चले जाएंगे वो
39:31मैं, मैं हमाद भाईये से कहूँगे
39:33ना वो तुम्हे एपरो छोड़ कराएंगे
39:35इस भारे तो हम अशर से भी मिल लोगी
39:39मैं जानती हुँ हमाद भाई ओ वो ऐसे कब ही नहीं करेंगे
39:43सजल हमाद भाईय ना एकमें सका स दिल नहीं है
39:46मैं और अम्मी बात करेंगे ना तो फूरण मान जाएंगे
39:49हमाढी बात तो वो टालते भी नहीं है
40:05खुदो रस्ता देख देख के पत्थर हो गई अगियाँ
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