00:00आल था अठारा सो बारा, हमारा जहास जो स्वेजरलैन से ओस्टेलिया जा रहा था, वो एक हैंकर दुखान में भस गया।
00:06ड्राइबोड्ड को बाहर निकालो, जहास चोड़ो।
00:08मैं नीचे कैबिन में गया, और मैंने अपनी बीवी और बच्चों को जगाया, और जब तक हम उपर बहुंचे, वहाँ एक भी बोल नहीं थी।
00:25पिता जी, वो हमें छोड तो चले गए।
00:28बच्चों देखो, गबराने की कोई बात नहीं है।
00:31मुझे समीद दिखाई दी रही है।
00:33अगली सुभा तुपान गजर चुका था, और समुतर साफ नजर आ रहा था।
00:37हम सच पे एक टापू के करीद थे, लेकिन पहले हमने अपना बेड़ा बनाना था।
00:42पिता जी, देखिए।
00:46बहुत बढ़िया फ्रेट्स।
00:52पिता जी, यहाँ पर जहास में कितने सारे मवेशी हैं।
00:55हम इने अकेला नहीं छोड़ सकते, और देखो मेरे साथ कौन है।
00:59हम इने बुलाएंगे टर्क और जुनो।
01:02फ्रांका, चलो बेटा।
01:04इस जहास पर जितना भी खाना बचा है, हम उने इकठा करते हैं।
01:09मेरी टबोट पूरी तरह तयार थी।
01:11फिर हमने जानवरों के लिए फ्रूट्स बनाए और बोट के साथ रसी लगा दी।
01:17एक खंटे के बाद हम किनारे पहुंच गए।
01:32अब चलो, गरमा गरम खाना खाये।
01:37विल्या, तुम ज़ंदी जाकर आग के लिए लगडिया ले आओ, तक तक मैं खाने की तयारी शुरू करती हूँ।
01:42बच्चों, हमारी मदद करो।
01:47सभी ने मदद की और थोड़ी ही देर में हमने पेट भर के खाना खाया।
01:53उसके बाद रात को ठहरने के लिए हमने घर बनाना था।
01:56हम जहास से कैन्विस का एक बड़ा टुकड़ा ले कराये थे और बच्चों की मदद से हमने एक तंबू बनाया।
02:01चलो जैक, हमें आग के लिए और लकडिया लानी होंगी ताकि रात को जंगली जानवर हमें परिशान ना करें।
02:10शाम होते ही हमने तंबू में आराम किया और इस तरह हमने टापू पर पहला दिन गुजारा।
02:15अगली सुबह फ्रिट्स, ऐस्थर और मैं टापू पर सहर के लिए निकले। जैसे ही हम थोड़ा आगे गए।
02:31टो, जुनो, यहाँ वापस आओ। उन बेचारों को डराओ मत।
02:38डरो नहीं, ये तुम्हें कुछ नहीं करेंगे, मेरा वादा है।
02:40यहाँ आओ नन्ने दोस्त, क्या बात है, अब तुम सलामत हो। पिताजी, क्या हम इसे साथ रख सकते हैं।
02:45वैसे, लगता है ये भी तुम दोनों के साथ रहने के लिए बेताब है, तो ठीक है, अगर ये हमारे साथ आना जाये तो आ सकता है।
02:51पिताजी, वहाँ देखो, करेला और गन्ना।
02:55कमाल है, गन्ना हमें गर्मी से तरो ताजा रखेगा, और मा इसे गुड बना सकती है।
03:01साथ ही करेला खाके मजा आ जाएगा। वाह, हमारी किस्मत अच्छी है।
03:07फिर हम एक उंची चोटी पर गए, जहांसे हम समुतर को देख सकते थे।
03:11एक भी जहाज या नाव दिखाय नहीं दे रहा था। उस पल शायद हम इस पूरी दुन्या में अकेले ही बचे थे।
03:15मुझे यकीन है, फ्रिट्स और एस्थर भी यही सोच रहे थे। पर हमने अपने डर को छुपाया और मुस्कुराने लगे।
03:20मा, पिता जी, फ्रिट्स और एस्थर वापस आ गए। अरे बंदर।
03:25हाँ, इसे किस नाम से बुलाएं, फ्रैंका?
03:27हम इसे बुलाएंगे निप्स। बहुत अच्छा नाम है। आपको यकीन नहीं होगा हमें आज क्या मिला।
03:32मा, चलो इने दिखाते हैं। आओ मेरे साथ। ठीक है, आगे बढ़ो कैप्टिन। अरे वाह।
03:38ये तो अलू के पाद है। कितना बड़ा खेथ है, साल भर बटाटा उगाएंगे, खाने की कभी कमी नहीं होगी।
03:44हाँ, हमारी किस्वत वाकई में अच्छी है बच्चों। पता है इतना ही नहीं, और भी है। मेरे साथ आओ, मुझे और भी कुछ दिखाना है।
03:49मेरी पत्नी हमें ऐसी जगा ले गई, जहां दो बड़े बड़े पेड़ थे, और उम्हें शाखाएं लटक रही थी। इतनी बड़ी शाखाएं, हम तो इन्पर सो सकते हैं। और मैं भी विल्कुल यही सोच रही थी बेटा। मतलब? मतलब, जिस बीच पर हम रह रहे हैं, �
04:19क्या हम इन शाखाओं पर घर बना सकते हैं?
04:22हम जानवरों से सुरक्षित रहेंगे, और यहां सुहावना मौसम और च्छाओं भी हैं।
04:26और कितने अच्छे जूले भी।
04:28ऊहू।
04:30मैं भी, मैं भी।
04:31यहाँ आओ, मेरे कन्धे पर बैट जाओ, कस के पकड़ना।
04:35यहाँ।
04:38फिर हम सब काम पर लग गयें।
04:39सबसे पहले हम अपनी टूटी फूटी जहास पर गयें,
04:41जहाँ से हम बच्ची पूची चीज़े लेकर आयें।
04:43सब कुछ निकालने में हमें चार दिन लग गयें।
04:45दर्वाजों से लेकर खिड़कियों तक, फर्श पर्से लकडी के पत्रे,
04:48बच्चा कुछा खाना और आजार, जैसे कुलहडी, फावड़ा,
04:51रसी, कीले और हतोडे।
04:53फिर हमने ट्री हाउस बनाना शुरू किया।
04:55आस्तर में एक सीडी बनाई, जिसमें रसी और बांस की टेहनिया थी,
04:58जिसे हम उपर नीचे जाने के लिए इस्तिमाल करते थे।
05:01मैं सोच रही थे कि इस टापू की जगाओं के हमें नाम रखने चाहिए।
05:04इस तरह ये टापू घर जैसा लगेगा।
05:06ये एक अच्छा सुझाओ है, माँ।
05:08सच में, चलो उस खाडी से शुरू करते हैं जहाँ हमने अपना टंबो बनाया।
05:12उसका नाम क्या रखेगे?
05:13टैंटो।
05:14ये तो बहुत अच्छा नाम है।
05:15हम आलू के खेद का भी नाम रखेंगे।
05:18जैसे पटेटो फिल्ड।
05:21इसके लिए ये ही सई नाम है।
05:23हम ट्री हाऊस का क्या नाम रखेंगे?
05:25ट्री हाऊस।
05:26नहीं।
05:26बहुत उपर?
05:27नहीं, लैडर नेस्ट।
05:29फैलकिन हर्स्ट।
05:30वाँ, ये एक बढ़िया नाम है।
05:32पर्फेक्ट।
05:35हम टापु के और अंदर गए।
05:38हमें रबड की पेड़ मिले,
05:40जिसके सार से मैं बारिश के मौसम के लिए जूते बना सकता था।
05:48फिर हमने जहास के मदवे से पाइप्स और पत्रों से एक बांध बनाया।
05:52बारिश का मौसम शुरू हुआ।
05:53बारिश ने बचने के लिए हमें पेड के नीचे एक घर बनाना पड़ा।
05:56मुझे पता था कि सर्दी और पढ़ जड के लिए
05:58वैसे भी हमें एक घर बनाना था।
06:00ये लो हो गया।
06:02पटा जि, देखो. अंडर से मधू मन्खिया आ रही है,
06:05जरूर अंडर से एक रास्था होगा।
06:07सबेन हमें मधू मन्खियों को बाहर निकाला होगा.
06:09दुने का इसते माल करके हमने मदू म निकाला
06:11हमें मदु मख्यों को बाहर निकाला।
06:13धून्य का इस्तमाल करके हमने मदु मख्यों को बाहर निकाला
06:16और उन्हें करेले में डाल दिया,
06:17और उन्हें दूर छूड़ दिया
06:18ताँकि वो नयाचःट बना साके।
06:22फिर हम गूफा के अंडर गयें,
06:25हमने उसे बाजो से काटा ताकि हम उसमें खिड़कियां और दर्वाजे बिठा सकें.
06:33वहाँ अलग-अलग कमरें और जानवरों के घर के लिए काफी जगए थी.
06:38मेरी पत्नी अपने साथ बीज लेकर आयी थी, जो हमने पोया और उसमें से फल और सबजी उगने लगे.
06:45खाना खाने का असली मज़ा तो अब आ रहा है है ना?
06:51सिर्फ खाना ही नहीं, यहां तो सबकुछ कितना सुन्दर है ना?
06:54जादू ते इस टापु की ताजी हवा का है, भीड से दूर एक जिंदगी कुदरत की गोद में, इससे जिंदगी कितनी सुन्दर और बैठर लगती है.
07:05हम उस टापु पर आराम से जिंदगी बिता रहे थे, मेरे बच्चे भी बड़े होकर सेहतमंद हुए.
07:09कुदरत के आसपास रहने के वज़े से वो अपनी सेहत का अच्छे से ख्यान रखते, कसरत करते, दिमाग तेज रहता और मिल जुल कर रहते.
07:18दस साल बीद गए, एक दिन जब एस्थर और फिर्च पहाड़ पर थे...
07:21ये तो एक समुत्री पक्षी है, ये गायल है, बेचारा...
07:29ये देखो, ये तो एक चिठी है...
07:32पिछले तीन साल से खोई हुई हुई हूँ, बचाओ...
07:35क्या सच में आसपास कोई इंसान हो सकता है?
07:37वो जो कोई भी इंसान था, हम उसे ढूनने के लिए निकल पड़े...
07:41अब पुरानी टपोर्ट की जगा एक बड़ा सा जहास था...
07:45हमने दो दिनों तक पूच किया, और हमें बहुत कुछ मिला...
07:51पिता जी वहाँ देखो, सीप कितने सारे है...
07:54उन सीपों के अंदर होती थे, जो बहुत कीम्टी थे...
07:58यहाँ पर अने पैसों की जरूत नहीं थी...
08:01पर क्या हो, किसी दिन हमें कोई ढून ले, और हम वापस अपनी पुरानी दुनिया में चले जाए...
08:05हमने उसी बीच पर रात बिटाने का फैसला किया...
08:09पथल के पीछे मैंने किसी को जाते हुए देखा...
08:13गहास की तरफ देखो, वो सरसरा रही है...
08:16हम जहास नहीं रहकर, रात होने का इंतजार करेंगे...
08:19और फिर देखेंगे, कि हम क्या कर सकते हैं...
08:22अगर कोई इस बीच पर है, तो वो रात में जरू रात जलाएगा...
08:25देखकर तो ऐसा लग रहा है, कि यहाँ एक इंसान या कोई परिवार रह रहा है...
08:30अचानक...
08:31तो वो रात में जरू रात जलाएगा... दूमे से हमें पता चल जाएगा...
08:43देखकर तो ऐसा लग रहा है, कि यहाँ एक इंसान या कोई परिवार रह रहा है...
08:49अचानक...
08:55कौन हो तुम लोग, और यहाँ पर क्यों आए हो...
08:58समुद्र के पक्षी पर एक चिठी...
09:01ओ...
09:04शुक्रिया, मैं हूँ जैनी...
09:06मेरे पिताजी प्रितिश सेना में नौ सेना पती है...
09:09मैं इंग्लिंड चा रही थी जब ये तुफान आ गया...
09:11पता नहीं पिताजी मुझे अभी ढून रहे हैं या नहीं...
09:15और ये है मेरा घर...
09:18तुमने ये सब कुछ खुद बनाया...
09:23मानना पड़ेगा...
09:28हम जैनी को अपने टापु ले आए...
09:33मेरी पत्नी तुरंत इस पहातुर महन्ती लड़की को पसंद करने लगी...
09:37और पता चला कि उसके पिता अभी भी उसे ढून रहे थे...
09:42कुछ दिनों बाद...
09:43पिता जी, एक जहास इसी तरफ आ रहा है...
09:46चल्दी, स्मोक गन लाओ, चल्दी करो फ्रेट्स...
09:55हम पहाड़ी पर गए फोज्च टावर के यहाँ, और हमें खोली जिनाई...
10:03उन्होंने हमें सुना पिता जी, उन्होंने जवाब दिया...
10:14मिस मॉन्ट्रोस, आप सोच भी नहीं सकती, कि मुझे कितनी खुशी होगी...
10:18आपके पिता को यह ख़बर देने में, कि आप सलामत है...
10:22और मिस्टर रॉबिनसर, आपको भी आपके घर पहचाकर, मुझे अच्छा लगेगा...
10:27तुम्हारा पता नहीं विल्यम, पर मुझे अपनी बाकी जिन्दिगी यही गुजार नहीं है...
10:31ओ, मुझे भी यही पर रहना है...
10:34तुम लोगों का क्या बच्चो?
10:36मुझे यहां रहना पसंद है, पर मुझे बाहर की दुनिया में भी कुछ करना है...
10:39मुझे भी यही पर रहना है।
10:41तुम लोगों का क्या बच्चो?
10:43मुझे यहां रहना पसंद है, पर मुझे बाहर की दुनिया में भी कुछ करना है।
10:46मैं यहां से नहीं जाना चाहता हूँ पिता जी.
10:49मुझे भी यही रहना है, और मुझे भी.
10:52बेटा, इस टापु पर जो हमने 10 साल बिदाये है, उसके बारे में इस जर्नल में सब कुछ लिखा है.
10:56देखो अगर तुम इसे चपवा सकते हो तो.
10:58बिलकुल पिता जी.
11:02अच्छे से रहना और मल लगा कर मेहनत करना,
11:04सरूरत मंदों की मदद करना,
11:06और सभी जीवचन्तूल से प्यार से पेशाना,
11:08जिन्दगी में हमेशे एक इमानदार इनसान बन कर रहना.
11:10जी मा.
11:16मेरे पास आपके लिए एक संदेश है, रोबिंसन.
11:20इंग्लैंड के राज द्वारा जो अधिकार उन्हें दिया गया है,
11:22नो सेना पती मौन्ट रोज आपको इस टापु का राज पाल गोशित करते हैं.
11:24सच में, शुक्रिया.
11:26आप सबको शान्ती और सम्रिद्धी प्राप्थ हो.
11:28ये कहानी है इनसानी जस्वेक्य जीद की.
11:30ये हमें सिखाती है,
11:32कि इनसान किसी भी मुसीवत या परिशानी का सामना कर सकता है.
11:34याद रखना,
11:36हम इतने मजबूत हैं,
11:38कि कुई भी चीज हमें तोड नहीं सकती.
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