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- 2 years ago
New Released South Indian Hindi Dubbed Movie 2024 | New 2024 Hindi Dubbed Action Movie
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Short filmTranscript
00:00हनारत... अदर आप आप को बाद करें को एक शक्ती रिच्का...
00:25Anarth.... Anarth...
00:27अगर अभी तुम लोग चुब बैठोगे, तो तुम्हारे दर्वाजे पर मांस ठेका हुआ मिलेगा.
00:32कुछ भी हो जाये, हमें इसका बदला लेना ही होगा.
00:35जान से ज्यादा बड़ा धर्म है. धर्म युद्ध शुरू करो.
00:57जान से ज्यादा बड़ा धर्म है. धर्म युद्ध शुरू करो.
01:27जान से ज्यादा बड़ा धर्म है. जान से ज्यादा बड़ा धर्म है.
01:32जान से ज्यादा बड़ा धर्म है. जान से ज्यादा बड़ा धर्म है.
01:36जान से ज्यादा बड़ा धर्म है. जान से ज्यादा बड़ा धर्म है.
01:39ये क्या है? अभी अभी तेरी शादी हुई है. और ये बच्चा किसका ले आई? इसे यहां क्यों ले कर आई है तु? आज नहीं तो कल तेरा भी बच्चा होगा. जा, जाकर ये बच्चा जहां था, वही छोड़ा.
02:04जा जाकर ये बच्चा जहां था वही छोड़ा
02:06नही नही इस बच्चे के कोई भी माबाब नही है
02:10अगर वो होते तो इस बच्चे को फेटते क्यों
02:12अपनी शादी की खुषिया मनाने के बदले इस बच्चे को लेकर घूमेगी
02:16तो तेरा पती क्या सोचेगा
02:18अल्ला का दिया हुआ मेरे लिए तोफा है
02:20मैं इसे नहीं छोड़ सकती
02:22मैं कह रही हूँ न
02:23जा और इस बच्चे को वही छोड़ करा
02:25दीदी जाने दो न
02:26अगर इसे खुषि मिल रही है तो मुझे भी कोई दिक्कत नहीं है
02:33आपको पसंद नहीं है क्या
02:35किसी और के बच्चे को घर लाकर ये पूछना ठीक नहीं है
02:38मैंने बस तुम्हारी बात रखी है
02:41ऐसा है तो मुझे आज ही इसका नाम करण करना है
02:44किसी मौल्वी को बुलवा लीजे न
02:49मौल्वी साहब, बच्चे का नाम करण करना है
02:51तुम तो अभी अंदर गए थे भाई, इतनी जल्दी बच्चा भी हो गया
02:56ठीक है, आये न
03:03कबीरा, कबीरा मतलब बहुत यूंदा
03:06कबीरा, कबीरा, कबीरा
03:12मीमा, हाँ दीदी, बच्चे को नीचे जमीर पर क्यों सुलाया हुआ है, अंदर लेकर आ उसे
03:18क्या हुआ बेटा, चल आ जा, मेरे साथ चल
03:27छुप छुपा कर पेट से हो गई है, मैंने आज उसे देखा हमारे कुए के पास
03:32बार बार हमारे कुए पर क्यों आती है ये, और किसली आईगी
03:35दूसरे के बच्चे से मा बनी है, इसलिए पानी लेने आती है
03:47अपनी दूसरे के बच्चे से नहीं आती है, तो बच्चे को उठा कर खिला रही है
03:51और तु खड़े खड़े देख रही है, कुछ बोलती क्यों नहीं उसे
03:54नहीं, मैं क्यों डाढू उसे
03:57वो बच्चे को उठा कर खिला रही है और तु खड़े खड़े देख रही है
04:01कुछ बोलती क्यों नहीं उसे
04:03नहीं, मैं क्यों डाढू उसे
04:05पता नहीं किसे पेच से हुई और बच्चे को रास्ते पर फेक आई
04:09यहाँ आने की हिम्मत कैसे हुई उसकी
04:11और पता नहीं किसे पेच से हुई और बच्चे को रास्ते पर फेक आई
04:17यहाँ आने की हिम्मत केसे हुई उसकी
04:19बेचारी, उसकी परिस्थिती क्या थी
04:21उस ने पैदा किया है ना उसे आने दो
04:25आसा है तो उसे घर पे ही राख लो
04:27सोच कर देख जड़ा
04:33अरे अरे अरे मेरा लंचा बेटा
04:35आजा आजा
04:37देखो
04:39मेरा बेटा
04:58आजा आजा म्झे पकड़
05:01भागो
05:03पक्रो पक्रो
05:09अरे अरे अरे अरे अरे इदर आ
05:11क्हा गया दा इतनी देर तक
05:13यही बेट
05:15हीमा
05:17मै तुमसे है बाध कर रहा हूं
05:19क्या सोच रही हो
05:23वो यही कही चुप चुप कर
05:25शुप शुप कर कबीर को देखती थी, देख कर गायब हो जाती थी, लेकिन इस बार वो कहीं नजर ही नहीं आ रही, कहां गई होगी वो, क्या हुआ होगा?
05:37अरे छोड़ो कहीं पड़ी होगी वो, और उसके जिन्दा रहने का क्या मतलब?
05:41ऐसे क्यों बोल रहे हो आप?
05:42आता हूँ रुखो
06:12कितने साल हो गए, अभी कहा होगी, क्या कर रही होगी?
06:21किसके भारे में बोल रही है तू?
06:24और किसके भारे में, उस मा के बारे में उसे यही होना चाहिए था, अपने बेटे को ऐसे जवान देखकर वो बहुत खुश हो जाती न?
06:34देखते देखते ही, कितना बड़ा हो गया न, अमारा कभीरा?
06:39वो कितना भी बड़ा हो जाये तो क्या, अमें उससे कोई मतलब नहीं है.
06:42ऐसे क्यों कह रहे हैं आप?
06:43और क्या कहूँ मैं, घर में ऐसे खाली बैटकर कुछ नहीं होता, पूरे गाओं में गाना गाते घूमता रहता है, अमारे बारे में सोचता ही नहीं.
06:51गाना गाकर ही घूमता रहता है न, कोई बुरी लग तो नहीं है न उसे, जुवा तो नहीं खिलता न?
06:58ही मा, मेरी उम्र हो गई है, और मैं ठीक से काम नहीं कर पाता, अगर उसने धन्धा नहीं सीखा, तो कल को वो क्या खाएगा?
07:06अब तुम्हारा लाड़ प्यार बहुत हो गया, कल से उसे काम सीखने दो, फाइदा और नुक्सान, इसके बारे में बता दूँगा, तो वो अच्छे से सीख जाएगा.
07:20मैंने कुछ बोला सुनाई दिया?
07:22हाँ, सुनाई दिया, कल से वो बाजार आ जाएगा.
07:25हाँ.
07:36नहीं बेटा, वो तो बाजार गया है.
07:38हाँ, मैं बाजार से ही आया हुँ दिदी, कबीरा एक नया गाना गा रहा था, लेकिन मैं यहाँ चला आया.
07:45अच्छा?
07:46अगर मैंने उसका पूरा गाना पुरी तरा सुन लिया हो था, तो इस अबते खाने की चिंता नहीं रहती मुझे.
07:52गाना गा रहा था?
07:53हाँ दिदी, बहुती अच्छा गाना गा रहा था अपना कबीरा.
07:57आजा, बैच जाए.
07:58अच्छा.
07:59मैं खुद तुझे चावल खिला दी हूँ.
08:01सिर्फ चावल ही क्यों?
08:02मुर्गा लेकर आता हूँ मैं. अच्छे से बना कर खिला दो इसे.
08:05छोड़ो जाने दे दिदी, मैं अब चलता हूँ.
08:09ये अंधा ऐसे बोल रहा है जैसे मेरे बेटे के गाने से इसे खाना मिल जाएगा.
08:13देरा बेटा बिना धन्दा किया ऐसे ही गाता रहा, तो हमारे खाने की चिंदा कौन करेगा?
08:38काम हो गया क्या तुम्हारा? तुम लोग अपना पराक्रा अपने घर में जाके दिखाओ, शायद कोई आरती उतार दें. तुम सबके सब इंसान हो या ढोर? ठेक किया रहा है, जाओ यहां से.
09:00यह कितने में दोगे भाईसाब? अगर आपका धन्दा ठीक चल रहा है, तो इसके ऊपर एक से डोसा मिलेगा. बस इतना ही? ठीक है, दे दो. ये मेरे भाई, नयाय से धन्दा करो, बेचारा बच्चे वाला इंसान है, इनके पेट पर लाथ क्यों मारते?
09:18मैं इसके साथ धन्दे की बात कर रहा हूँ, बीच में बोलने वाले तुम कौन हो भाई, इस तरह ब्यापार मत करना मेरे साथ. अरे तुम चुप हो जाओ कभीरा, ये कुछ नहीं करेंगे भाईजी, आप अपना धन्दा कीजे भाईजी. देखो भाई, तुम सोला साल से मा
09:48जिन्दा लाश की तरह है ये सबजीया, इस बाजार में हम जो लाय है, हम उसे दुबारा वापस घर नहीं ले जा सकते हैं कभीर भाई.
09:55एइ, धेजो इसको यहां से, नहीं तो मैं चुप नहीं बैटूँगा, मैं क्या करूँगा मुझे पता नहीं.
10:00मचली चाहिए क्या मचली?
10:08तू भी ना, तू तो इकड़म राजकुमारी के जैसी है, फिर क्यों घूम घूम के मचली बेचती है?
10:13अगली बार तो सीकडी ले कर आओगी न?
10:16पक्का ले आओगी.
10:17ये मिठाई है, घर पर ले जाओ.
10:19आ गया तेरा लाड़ेला बेटा, बता इसे क्या सही है और क्या गलत है, बिना किसी काम के पेट नहीं भरता.
10:35जो मैंने कहा है उस हिसाब से काम करे और धन्दे को आगे बढ़ाए, डान करे इतने अमीर नहीं है हम.
10:42इमान्दारी से हम धन्दा कर रहे हैं, इसलिए इतने सालों से जिन्दा हैं. इसकी तरह से अगर मैं गाना गाता रहता, कब का किसी कबर में लेट गया होता.
10:50गुस्से में ऐसी उल्टी सीधी बातें मत कीजिये.
10:52बेटे को कान पकड़कर समझाने की बजाए, मुझे पर चिला रही हो, पूछो इससे, कहां घूम रहा था अभी तक?
10:58कहां गया था बेटा?
10:59खाली हाथ घर पर नहीं जाना चाहिये, इसलिए मैंने उसे कपड़ा दिया था मा, यही सच है.
11:04और एक चिलिया आयी और उसे उड़ा कर लेगे.
11:06कपड़ा किसले रहता है? इसजत बचाने के लिए न? एक मा की इसजत बचाना गलत है? बताओ अम्मी?
11:13नहीं बेटा.
11:14बहुत बड़ा दानी है तु, बहुत बड़ा काम करके आया है, है न?
11:18अगर आप उस जगा होते अब्बू, तो आप क्या करते?
11:22अपना काम खतम करके चुपचाप चला आता.
11:24और अगर उस औरत की जगा होते तो?
11:26ऐसे ही उटकर चला आता मैं.
11:27जी आप क्या कह रहे हैं जी, पता भी है आपको?
11:29मैंने कुछ गलत किया है अम्मी.
11:31नहीं बेटा.
11:32अगर वो मेरी बैन या कोई और होती, तो मैं अपपो का गुशा समझ सकता.
11:36मुझे खाना खिलाकर, आपलोग कितनी दिनों तक भोके सोयोंगे.
11:40अगर दो दिन मैं भोखा रह जाओंगा, तो ये दुनिया डूप तो नहीं जाएगी न?
11:44फिर से हम बाजार में कपड़ा लेकर चले जाएंगे.
11:50इस घर में कपड़ा भी नहीं है और उसके लिए सूत भी नहीं है.
11:53कपड़ा लेकर जाएगा, कपड़ा.
11:56मेरे पाप ने कपड़े को लपेटने के लिए लकड़ी दी थी, वो लेकर आया है न?
12:00या वो भी किसी को दान में दे दी?
12:02हीमा अगर ये घर में रहेगा, तो हम बरबाद हो जाएंगे.
12:05अरे सुनिये तो, मेरी बात तो सुनिये.
12:09आये, गेहु ले जाये, गेहु.
12:25बड़ दे, मसाले का बियापार नहीं करने वाला है.
12:28चाहे मेरा पड़िवार भूखा ही क्यों न मर चाये.
12:30क्या रे, कहीं पर भी उगने वाली चीज़ समझ लियो हो, क्या नमक को?
12:34पर राजि को पार करके पूलिस वाले को नाके पर पैसे देने पड़ते हैं.
12:44भवा, ध्रूप, बारिष से बचा कर लाना पड़ता है.
12:47अगर तुम मसाला नहीं दोगे, तो तुम्हें क्या लगता है, कि हम तुम्हें नमक मुफ्त में दे देंगे.
12:52अगर हमने कुछ नहीं किया ना, तो हमारा धन्दा बंद हो जाएगा.
12:55क्या कहा? हमारे धन्दे को बंद करना चाते हैं वो लोग, इसका हल निकालना ही पड़ेगा.
13:02अगर हमने कुछ नहीं किया ना, तो हमारा धन्दा बंद हो जाएगा.
13:05क्या कहा? हमारे धन्दे को बंद करना चाते हैं वो लोग, इसका हल निकालना ही पड़ेगा.
13:11अगर हमने कुछ नहीं किया ना, तो हमारे धन्दे को बंद करना चाते हैं वो लोग, इसका हल निकालना ही पड़ेगा.
13:13अरे जो सबजीया उगाते हैं उनको इतना घमंड है, एक हब्ते तक बाजार बंद रहना चाहिए, तब पता चलेगा इन घमंडियो को.
13:19देखो, तुम एक काम करो.
13:38अनर्थ, अनर्थ.
13:39अगर अब भी तुम लोग चुब बैठोगे, तो तुम्हारे दर्वाजे पर मांस ठेका हुआ मिलेगा, कुछ भी हो जाए हमें इसका बदला लेना ही होगा.
13:47जान से ज्यादा बड़ा धर्म है, धर्म युद्ध शुरू करो.
13:51हमारे धर्म की बैज़ती हुई है, अब हम यह और नहीं सहपाएंगे.
13:57जाकर खत कर दो सबको.
14:18जाकर खत कर दो सबको.
14:19चीलूब। चीलूब।
14:30चीलूब।
14:31सब में आपको के लिए इन्मैल में निज़ी विष्णद में आपको ढराता है।
14:33वे आप जैते हैं!
14:35आप शरुएं सदते, वे महुश्यो शद जायती है।
14:37मेरे विष्णद माडकि है,
14:39જાપેટલકો पिसे પ्રાહંં...
14:41કે વહદ કાકુપૂ कીટી સ્ટ્ટાને...
14:43मसजित के समने सुवर का सर लाकर फेका है इनोने
14:45मारो इने
14:47दीपा
14:49दीपा आप किसको मार रहे हैं
14:51तुझे ही
14:53मतलब आपका
14:55कहना यह है कि इस मंदेर को गनदा करने वाला
14:57यह है
14:59मतलब की तू नहीं
15:01मुसल्मान लोग
15:03हमारे मंदेर के सामने
15:05अनर्थ किया है उन लोगोंने
15:07अरे पहले तुम लोगोंने
15:09मस्जित के सामने सुवर का कटवा सिर फेका है
15:11अगर तुम ऐसे ही एक दूसरे को मारते रहोगे
15:13तो ये जगा शम्शान बन जायेगी
15:15अगर तुम ऐसे ही एक दूसरे को मारते रहोगे
15:17तो ये जगा शम्शान बन जायेगी
15:19इस गाओं में कोई नहीं बचेगा
15:21किसी को छोड़ेंगे भी नहीं
15:23और हम मेंसे एक भी बचाना
15:25वो धर्म को आगे बढ़ाएगा
15:27रुक जाओ
15:29अजीज
15:31सच सच बताना
15:33कल रात को तुम लोग मड़ू में
15:35क्या बाते कर रहे थे
15:37मुझे माफ कर दो कभी भाई
15:39हम बोजा उठाने का काम करते हैं
15:41व्यापारी लोग जो काम बताते हैं
15:43वो हमें करना ही पड़ता है भाई
15:45अगर तुस सब को सच बताएगा
15:47तो कोई तुझे कुछ नहीं करेगा
15:49व्यापारी जिस कीमत पर माल चाहते हैं
15:51उस कीमत पर किसानों ने माल देने से मना कर दिया
15:53व्यापारी लोग नुखसान से बचने के लिए
15:55एक सबता बाजार बंद करके
15:57किसान लोगों को सबक सिखाना चाहते हैं भाई
15:59किसी और के गलती का
16:01शिकार हम लोग बन गए
16:03क्या हमें ये चाहिए
16:30काशिव जी
16:32हमें खबर मिली है कि अभी जो कुछ भी हुआ है
16:34उसके पिछे आपका ही हाथ है
16:36यहाँ पर जो कुछ भी हुआ है और जितने लोगों के बी चोटे आई है
16:38उन सब के कारण सिर्फ आप है
16:40सच बताओ वरना जेल में डाल दूँगा
16:42करने के लिए सर्कार
16:44बिना किसी कारण के व्यापारियों पर प्राहार किया जा रहा है
16:46सर्कार, पहले से ही हमारा और किसानों का बहुत अच्छा रिष्टा है
16:48उन्होंने जो धान उगाई है उसका हम अच्छा दाम देते है
16:50थोड़ा सा जादा भाव रखकर लोगों को बेचते है
16:52धन्दा ही हमारे लिए सब कुछ है
16:54अगर धन्दा चलाना है तो शान्ती चाहिए
16:56हमने शान्ती भंग करने का काम नहीं किया है सर्कार
16:58अजीज, सच बताओ
17:00तुमने ऐसा क्यों किया
17:02मैं सच कहरा हूँ सर्कार
17:04मैंने कुछ भी नहीं किया
17:06लेकिन ये लोग बोल रहे है कि तुमने कभूल किया है
17:08नहीं सर्कार, कभीर और उसके आद्मियों ने
17:10हमसे ऐसा करने के लिए बोला था
17:12इसलिए मैंने ऐसा किया
17:14कभी तुम कहते हो कि
17:16कासीफ के कहने पर ये सब किया
17:18और अब कह रहे हो कि मुसलीम लोगों ने भढकाया है
17:20सच्चायी बताओ, तुम्हे भढकाने वाला कौन था
17:22मैं अपने दोनों बच्चों की
17:24कसम खाकर कहता हूँ सर्कार
17:26ऐसा करने के लिए मुझे
17:28कबीर और उसके लोगों ने कहा था
17:30इसलिए मैंने ऐसा किया सर्कार
17:32कबीर
17:34सच बताओ
17:36तुम्हे ऐसा क्यों किया
17:38सर्कार, ये छूट बोल रहा है
17:40सच ये नहीं है
17:42और सच क्या है
17:44ये तो सिर्फ उसे पता है
17:46उपर से अपने दोनों बच्चों के कसम खा रहा है
17:48बाकि तो
17:50सब कुछ आप पर ही छोड़ा है
17:52जब तक कबीरा घिर न जाय
17:54खुडसवार कबीरा को
17:56सफ कोड़े मारेंगे
18:17गं
18:20माफ कर दिया
18:21एसा पाप मत करे है
18:22बचा ली जिसा
18:24धर्मवाले लोग हैं हूम
18:25अच्छे काम में हम लोग हाट नहीं डालते
18:27कितनी भार मुष्किल समय में हम कामं नहीं
18:28हम तुम्हारी मदत की है
18:30जब तुम भूके पड़े थे तो हमने खाना किला कर तुम्हे बचाया है
18:33नमक खराम है ये लोग
18:34इन लोगों से बात करके क्या फाइदा
18:36बहुत हुआ चलो यहासे
18:39मेरे बेटे को जिसने मारा उसका कभी बला नहीं होगा
18:42कभी नहीं होगा
18:46बेटा उसके हाथ कट जाएंगे देखना
18:48उनके हाथ नहीं कटेंगे
18:51अगर आज मैं जाकर उनके पैर नहीं पड़ता
18:54तो इसके खून से जमीन लाल हो गयी होती
18:57अगर ये ऐसे ही करता रहा तो एक दिन गाओंसे निकलना पड़ेगा
19:01ओरे चुप रहे जी
19:03गाओं के ऊपर नमक क्यों चिड़क रहे है
19:10मेरे बेटे ने कभी कोई गलत काम नहीं किया है समझे
19:13चाहो तो गाओं वालों से पूछ लो
19:16मेरे बेटे पर ऐसा हिल्जाम कैसे लगाया उस अजीज ने
19:20इंसानियती नहीं है इस गाओं में
19:22यह सारे रीती रिवाज हमारे लिए नहीं उनके लिए है
19:25हम खाने के लिए तरस्ते हैं
19:27हम गरीब लोग हैं
19:28गरीबी में ही ठीक से रहना होगा
19:30अगर यह ऐसी गल्ती करता रहा तो हम ख़त्प हो जाएँगे
19:33सम्झाओ जो लगा इसे
19:34मुझे चो सभी लगा मैंने वो कह दिया
19:36कलत क्या है इसमें हम क्या चानवर है
19:38इतने दिनों तक इस्ज़त से जिया हुँ मैं
19:40आज तक किसी ने मेरे बारे में कोई बुरी बात नहीं बोली
19:42इसकी वज़ा से सभी लोग मुझे
19:44नमक हराम कह रहे थे
19:46पता है आज जो बेज़ती हुई है
19:48इसके लिए मैं कभी इसका छेहरा नहीं देखुंगा
19:50और ना ही ये मेरा छेहरा देखेगा
19:54कभीरा
19:56कभीरा
19:58मेरे माद न संदेगा
20:00कभीरा
20:02गड़ीआ
20:04गमेल काम
20:06हरडिया
20:08प्राज़ेट जाते जेने
20:10कृपित daily
20:27वो रसूल कह रा था
20:28तुने उसे प्यार नई किया तो वो जान दे देगा
20:31अच्छा
20:32ऐसा काह क्या उसने तमसे
20:34Sakhi मे जान दे देगा क्या
20:37हा ओ रसूल
20:39तु अपनी जान देगा ये सच है क्या
20:41अगरं प्यार करने से मना किया ना
20:43यही से तोड़कर नदी में डूपकर जान दे दूँगा अपनी
20:45हाँ हाँ
20:46बहुत बड़ा कभीर है तु
20:47जान दे देगा
20:48जान
20:49ए
20:49हमारे रसूल और उस कभीर में नापतोल क्यों कर रही है तु
20:54कही तुझे प्यार तो नहीं हो गया है
20:56चोल बाती..
20:59है चोल बाटी..
21:03है टूऩ करती रही है उस जादू टूने वाले से
21:12हाँ फ़ेर
21:15मेरे अबू कहते हैं कि कभीर मतलब बोअथ हिम्मद वाला
21:19और तो कह रही है
21:21जादोतोना ये सब करता है वो
21:24अगर तुम चाहते हो कि मैं तुमसे प्यार करू
21:27तो तुम अपने पहर में पत्तर बान कर गंगा में कूदो
21:31मतलब मैं अपने जान कमादू क्या
21:38मैं आती हूँ रुही
21:49अल्ला खबीरा बेटा खबीरा
21:54खबीरा बेटा
21:59मेरा बच्चा खबीरा
22:16आओ भाईसाब
22:18आओ भाईसाब
22:20आओ भाईसाब
22:22आओ भाईसाब
22:24मैं आपका ही इंतजार कर रहा था
22:26आप पिशली बार ही आएंगे
22:28मैंने ऐसा सोचा था
22:30बेटे को घर छोड़े
22:32तीन हपते हो गए मैंने सुना है
22:34इसलिए भाभी की तबियत खराब हो गई है
22:36क्या कह रहे हो हकीम सहब
22:38इसकी हालत बहुत खराब है
22:40इसलिए आपके पास लिकर आया
22:42आपने आने में बहुत देर कर दी
22:44अगर पहले आ गए होते तो
22:46इसका इलाज बता देता मैं
22:48पहले इलाज बता देते मतलब
22:50अब इलाज नहीं हो सकता
22:53इसके लिए मेरे पास कोई इलाज नहीं है
22:55मेरे पास ही क्या?
22:56इस दुनिया में कोई हकीम
22:58इसका इलाज नहीं कर पाएगा
23:00लेकिन एक लड़का है जो इसका इलाज जानता है
23:02वही आपको दवा दे सकता है
23:04कहा रहता है?
23:06कौन सा हकीम है?
23:07और कौन है?
23:08आपका बेटा कबीरा
23:09कौन कबीरा की बात कर रहा है?
23:11मैं कर रहा हूँ
23:12हम उसे ढून रहे हैं
23:14तीन हफते से घर नहीं आया
23:16यहां ढून डोगे तो कैसे मिलेगा?
23:18अरे वो तो हिमाले में है
23:20हमाले में?
23:22वहाँ क्या कर रहे है वो?
23:23वो किसी सादु संद के साथ जगडा कर रहा था
23:33अपपो
23:40अम्मी
23:42अम्मी
23:45अराम से
23:46बेटा
23:49ही मा
23:54अम्मी
24:07कैसा है तु घबीरा?
24:13घबीरा तेरे लिए
24:14मैंने जिन्दकी में बहुत कुछ हा रहा है
24:19जो नहीं चाहिए उसके लिए क्यों तडब रहा है?
24:23छोड़ दे
24:25अगर तुझे कुछ हो गया
24:27तो मैं सेह नहीं पाऊँगी
24:32बेटा
24:33तु मेरी
24:34मेरी बात मान
24:35कुपनों का धन्दा करके
24:36शान्ती से जीले बेटा
24:39अच्छा, बुरा
24:40सब अल्ला देखेगा
24:42सब उस पर छोड़ दे
24:44अल्ला ने
24:46अम्मी को कितनी अत्पूर तरीके से बनाया है
24:49उस चांद में तुने
24:51कैसी दूआ बरती है
24:55तिन राथ
24:56मेरी ही चिन्ठा करती है
24:59अम्मी तु अगर
25:00तडब रही है तो
25:02उस तडब में भी मेरी ख्याल रखती है
25:05अगर जूर से हवा आय
25:06तु बेटी को कुछ भी ना हो
25:09इसलिए तु उस बार अपना पल्लू रखती है
25:12तेरे अंदर जो है
25:14एक प्यार नाम की रोशनी है
25:16जिसे कुई हवा नहीं बुचा सकती
25:19और उस रोशनी में ही मैंने
25:21हिम्मत रख कर ख़दम रखा
25:28कभी रहा
25:30मेरा बच्चा
25:32लगता है गुरु जी पिछले हाथ से को भूल गया है
25:37उपन्यास करते समय आप टेड़ी भाषा में बात करते हैं
25:41संस्कृत को नीचा दिखा कर आप देव भाषा का अपमान कर रहे हैं
25:47मैं लोगों के साथ
25:50उनको जो समझ आये उस भाषा में बात करता हूँ
25:52जो बोलता हूँ वो समझ आता है
25:56उनके दिल को छूता है
26:00उस दिल में रहने वाले प्रेम रूपी राम तक पहुचता है
26:06धर्मादिकारी जी
26:08सारे धर्म का रक्षन ही
26:11शुद्ध अन्तहकरन है
26:13शुद्ध आचरन है
26:14और सबसे ज़रूरी है भगवान से प्यार
26:19आपकी बातों में वो प्यार नजर नहीं आता है
26:38मुझे ये सब देखतर बहुत अच्छा लगता है
26:41मुझे ये सब देखतर बहुत अच्छा लगता है
26:44ये राजस, पसी, सेना
26:47क्या बात है चेरे पे इतनी खुशी
26:49मिल गया यार, मुझे मिल गया
26:51अरे भाई, ऐसा क्या मिल गया तुम्हे
26:53हमें भी बता कवीडा, क्या डून रहा है तू
26:55गुरू मिल गया
26:57मैं जिस गुरू को डून रहा था, वो मिल गया
27:00वेड़ शब्द के दू अकशर, हम सबकी आखें बंद किये हुए हैं
27:04इसलिए अमीर और घरीब भेद भाव है
27:07छोटा और बड़ा भेद भाव है
27:09मैं और तू कहने वाला भी भेद भाव है
27:11जब तक मैं मैं ही रहूँगा, तू तू ही रहेगा तब तक
27:15ये भेद ही हमें बचाएगा
27:18मैं तुम हूँ इस बात की दिवार को पार करके
27:21तु और मैं एक ही हैं ऐसा भाव आना चाहिए
27:25यहाँ पर किसी को भी देना नहीं है
27:27और किसी को भी कुछ मांगने की जिर्वत नहीं
27:30अगर देना ही है तो प्यार दो, और मांगना ही है तो प्यार मांगो
27:35क्योंकि प्यार जो होता है, वो आनंद है, वही आत्मा है, वही परमात्मा है
27:48अरे कभीरा, ऐसे बागते वहे कहा जा रहे हो
27:52गुरुजी से पास जाके बात करनी है क्या?
27:55तो पंच गंगा घाट पे एकदम सुबए सुबए चले जाना, वहाँ कोई नहीं होगा, तब तुम बात कर सकते हो
28:10चल न बात करते हैं
28:13नहीं नहीं विटा रुप जा, कौन हूँ आप लोग?
28:15मैं कबीर हूँ, और ये राजस है, नमस्ते स्वामी
28:19क्या चाहिए था?
28:21जी वो, दीक्षा चाहिए थी
28:24ना दीक्षा है, ना भिक्षा है, दीक्षा, कृपा, मोक्ष, मुक्ति, इनके बारे में मुझे कुछ नहीं पता
28:32मुझे तो सिर्फ एक ही चीज़ पता है, प्यार, मैं प्यार देता हूँ, और प्यार ही पाता हूँ
28:40कबीर, कबीर
28:45ऐसा है तो वही देती जी, स्वामी जी, क्या मैं आपको गले लगा सकता हूँ?
28:53आजाओ बेटा
28:54तुम वहाँ पर क्यों रुके हो, आजाओ
29:25हाँ, वही तो मैंने उसे देती हूँ
29:29अरे देखो यहाँ गया है, अरे राजस, क्या है इसमे?
29:32गुरुजी ना हमें जो दर्शन दिया है उसके लिए यह फल लेकर जा रहा हूँ
29:35अरे हाँ, मैं तो भूली गया था, चल चलते हैं
29:43धर बर्बात करती है तुमने
29:45क्यों रुख गये? मारिये, अगर आपको शांती मिल रही है, तो मारिये ना
29:50आपके चोट खाने की शक्ति इस लड़की में नहीं है, वैसे इसने किया क्या है?
29:55ऐसी वैसी गलती नहीं की, निजली जाति की लड़के के साथ प्यार किया है इसने, कमिये
30:00इस लड़की में नहीं है, वैसे इसने किया क्या है?
30:03एसी वैसी गलती नहीं की, निचली जाती के लड़के के साथ प्यार किया है इसने.
30:07गमील, प्यार किया है?
30:09और नहीं तो क्या?
30:10जोड़ी चकारी तो नहीं की न?
30:11इसके लिए इतनी बड़ी सजा, आपके अंदर जारा सी भी दया नहीं है.
30:15गंगा जितना पवितर कुल है हमारा, ऐसे कुल में पैदा हुई हमारी लड़की, किसी और कुल के लड़के से बात भी करेगी तो, हमारा कुल खराम नहीं होगा क्या?
30:23एक मजली पूरे तालाब को भी अच्छा कर सकती है, अगर ये मुनासिब है, और एक कुल का अच्छा हो सकता है, तो होने दीजिये न. इसमें आप क्यों चिंता कर रहे हैं?
30:31क्या हुआ? मुझे क्यों बुलाया है यहां पे? और तू यहां क्यों आया है?
30:37तो आप यहां क्यों आया है?
30:38मुझे सवाल करता है? यह बता पहले तू क्यों आया है?
30:41इंसान के तकलीफ में इंसान नहीं आएगा, तो और कौन आएगा स्वामी जी?
30:44देखिये पंडि जी, हमारी जगपर आकर हमारे काम में दखल अंदाजी कर रहा है ये.
30:48ये जहाँ भी कदम रखता है, गंधगी फैला देता है.
30:51शास्त पुरान ना चानने वाला एक अंजान.
30:53आज तू हमें सिखाएगा क्या कर रहा है?
30:57पंचारी की लड़की और मुसल्मान का लड़का, दोनों में मुहबबत हो गई है.
31:01ये उमर है ही ऐसी, ये सब तो होना ही था, लेकिन बड़े बुजर्गों की नजर में ये गलत है.
31:09अगर इनकी बात को सही मान भी ले, तो इस बात को इतना बड़ा मुद्दा बना कर,
31:14आपस में लड़ना सही नहीं है, इसका कोई हल दूनना होगा.
31:18चा कहते हो?
31:19हमारे बेटे को इस लड़की से शादी करने में कोई तकलीफ नहीं है सरकार.
31:24मैंने पहले ही हमारे रिष्टेदारों में एक लड़की को देखकर, इसकी शादी तै कर दी है.
31:29अब मैं उन्हें मुआवजा देकर इसे अपना लूँगा.
31:32अगर इन लोगों को इसकी शादी करवाने में कोई तकलीफ होगी,
31:35तो मैं शादी का सारा खरचा उठाऊंगा और धूम धाम से शादी करवा दूंगा.
31:40इसके लिए मैं तयार हूँ सरकार.
31:42वा रे वा, खुब, बहुत खुब.
31:45लेकिन हमारी एक शर्द है, साहब जी.
31:48उस लड़की को हमारा धर्म अपनाना पड़ेगा.
31:51और अगर उसके माता, पिता को अपनी बेटी से प्यार है,
31:54तो उन्हें भी हमारा धर्म अपनाना पड़ेगा.
31:57हमारे समाज में रहना पड़ेगा.
31:59हमें हमारा कुल और उनका पालन जरूरी है.
32:01कैसा भी प्रस्ताब हो, लेकिन हमें मनजूर नहीं है.
32:04जाये तो उसके लिए रक्पत ही क्यों न करना पड़े.
32:06हम अपना धर्म छोड़कर दुशन धर्म में बिलकुल नहीं जाएंगे.
32:08हमारा सिर भी काट दोगे, तो भी हमीचीस को नहीं मानेंगे.
32:11नहीं माना मुझे दिया, नहीं अपनां के हम.
32:12अगर ये लोग हमारा धर्म अपनाने को तयार नहीं है
32:16तो मैं भी इनके धर्म को नहीं मानता
32:18आम नहीं मानते
32:19नहीं आम नहीं मानते
32:20उह कयहरा है
32:22क्यों आपलोग धर्म धर्म बोलकर एक दूसरे को काट रहे हैं
32:26छोड़ दीजे इन्हें
32:27ये कहीं भी जी लेंगे
32:28ये यहापे भी आक्या
32:29पर वच्चन देने है
32:30एई
32:31तु दूर ही रहे
32:33इच में मत घूस
32:36सुनो जल से जल्द इसका कोई हल ढूंडलो
32:38तुम लोग खुद कोई फैसला कर लो
32:40नहीं तो परिस्थिती और भी मिकड़ जाएगी
32:42हमने तो अपना फैसला सुना दिया
32:44हमने भी अपना फैसला सुना दिया है
32:46और हम उस से पीछे नहीं हट सकते
32:48सरकार
32:49इन दोनो से ही पुछे
32:50இல்லோ புச்சே, இல்லோ இப்டுஸ்ரே பயார கர்தே ஹै கி நேஹே
32:55லகிந ஜாத ல்நே கே பாத்மா கரே
32:57இல்லோ பயார கர்தே ஹை கர்தே பயார கர்தே பயார கர்தே பயார கர்தே பயார கர்தே பயார கர்தே பயா
33:27அல்லா हूँ அல்லா அல்லா அல்லா அல்லா
33:33அல்லா
33:34சிल்லாயे
33:35जोर से चिल्लाये
33:36वहाँ पर उस साथवे आस्वान को सुनाई देना चाहिये
33:40वहाँ पर उस साथवे आस्वान को सुनाई देना चाहियिंगर
33:42जोर से चिल्लाये
33:44चुप हो जा काफिर
33:45क्या मतलब
33:46अल्ला ताला बहरे हैं इसलिए आप लोग चिल्ला रहे हैं
33:50क्यों चुप हो गया आप लोग
33:52चिल्लाये
33:53यहाँ तक चिल्लाये
33:55इस जगह पर बैटकर अल्ला बोलकर
33:57अगर आप लोग चिल्लाएंगे
33:59तो क्या वो सुन लेंगे
34:01बच्चों के सपनी तो आप लोगों ने चीन लिये
34:04क्यों किया आप लोगों ने ऐसा
34:06वो अल्ला है
34:08एक चीटी के पहर के पाहल की भी आवास सुन सकता
34:11इतनी शक्ति है
34:13चिल्लाओ ना
34:14नहीं छोड़ेंगे
34:16ऐसे नहीं छोड़ेंगे
34:38इसके हाथ खोल कर पानी में फेट दो
34:40मरते समय मचलियों को कुछ तो खाना मिल जायह
35:03मचलियों को कुछ तो खाना मिल जायह
35:08आपको कुछ तो खाना मिल जायह
35:38दानी का पतिरा तपनी
35:50उसतरा भलो के लिलने टर्म सिपा सामढ रहे मसतक
35:54भस्तन ही यसा खो רता है
35:56सुड़ा सी, मने सुट्रा मार के लिल Heavenly sister, at this moment I swear on Heavenly god
35:58जोतस को भस्तन चाहता है सुट्रो किता करता
36:00ही मा, ही मा, कभीरा जिंदा है, उमारा कभीरा जिंदा है, जिंदा है
36:21कभीरा लो पी लो बेटा
36:30कल सुल्तान की राजस्थान में कबीर की शायरी...
36:33माश्याल्लाः
36:34मतलब उसकी शायरी क्या आपने भी सुनी है?
36:38बहुत सीधे लब्जों में
36:40अपने धर्म को स्थापित करते हुए
36:43लोगों के दिलों में उतरने वाला कवी है कबीरा
36:47अगर ऐसा है
36:49तो पक्का उन्हें हमारे रजस्थान में ही रहना चाहिए
36:52बेशक
36:53असलम्वालेकुम
36:54मालेकुम असलम्
36:56हुजूर
36:57काशी से आया है
37:01नाम कबीरा है
37:02गाना गाता है
37:03हाँ हुजूर
37:04उसकी वजेसे हमारी तकलिफे रोज बरोज बढ़ती जा रही है
37:09वो हिंदु को भी तकलिफ देता है
37:10मुसल्मानों को भी तकलिफ देता है साहेब
37:12तकलिफ देता है मतलब
37:13वो दोनों धर्मवालों को जो मुँम्या तक कहता रहता है
37:16उसकी वजेसे हमारी बेजदती हो रही है
37:18उसका सर कटवा दीजिये
37:19तभी हम शांती से चीपाएंगे
37:21लाहौल विला कुबत
37:25याल्ला
37:28सही बात है
37:29क्या या?
37:32हमेशा नहीं रहता है इससे देखने के लिए
37:34क्या बात है या?
37:35देखो कैसे टुकुर टुकुर देख रहा है
37:38तेरा भला देदे अल्ला के ना
37:44है, बंडर
37:46बेटी
37:48हा?
37:49मुझे थोड़ा सा पानी देदो बेटी
37:51पानी तो देदूँगी मैं
37:52लेकिन मेरे एक सवाल का जवाब देना होगा तुम्हे
37:55ऐसा क्या प्रशन है बेटी?
37:57उत्तर पता रहेगा तो बता दूँगा
37:59अभी तुम गाना गाते वे आ रहे थे न?
38:01किसका गाना है वो?
38:02मेरा बोले तो मेरा तेरा बोले तो तेरा
38:05अगर उसने बोला तो उसका
38:07वही? तुमने ज़ो कहा, कौन है वो?
38:09वो कौन है? हमारा खबीरा
38:12ओ... खबिरा?
38:14मतलब, तुम अमारे खबीरा को जानत portfolio, बेटी?
38:17कबीरा
38:19मतलब तुम अमारे कबीरा को जानती हो बेटी
38:21मैं पानी डालती हूँ
38:23पी लीजे
38:29बेटी तु
38:31दिलावर की बेटी है न
38:33तुमें कैसे पता
38:35तेरे अबवो सबको खाना बना कर खिलाते है न
38:37तुम बहुत अच्छे लोग हो
38:39किसी से भी डरे बिना तुमने
38:41हमारे कबीरा को बचा लिया
38:43भगवान का रूप हो तुम लोग
38:45बेटी मैं अब चलता हूँ
38:49ऐसे ही सूखे सुखे मत जाओ
38:51गाते हुए जाओ
38:53आखो की रोश्नी जैसा है तुमारा गाना
38:55उसे गाने से
38:57नामाली देख कर चले आएंगे ऐसा है वो
38:59चाहे इस जग में अन्धेरा हो
39:01चाहे जाती का अंतर हो
39:03अपने मन की आँखे खुली रखना
39:15शेर कान जी आदाप आये
39:17अचाना काना हुआ
39:19सब ठीक है न
39:21ಸವಸ ನಿದಲಾಪರ ಬಡಲಾ ಹನದ.
39:23ಬಡಲಾ ಹನದ.
39:25ಅವನದ ತಗಾ ಘಟಿತಾನ ಪರಿಕಡಾ ಕಶಿ ನಗರ ಘರನಗರ ಪನಕಡರತ ಕರಕಲಕಂ.
39:27आईये, आईये शेरखान जी, बैठ़िये।
39:32यह है शेरखान जी, आज तो यह काशी नगर के नए कोटवाल है।
39:37नारामा, मुझे खान साहब के साथ थोड़ी गुफ्तगू करनी है।
39:41मैं आप सबसे कल मिलूंगा।
39:44हुदा हाफिस।
39:46आईये शेरखान जी।
39:58चंडरसेन कायस्त जी, यह सब क्या है?
40:03कुरुक शित्र के स्वामी यहाँ आये है।
40:10हाँ, यह साधु संत लोग अपने माथे पर सफेद रंग क्यों लगाये हैं?
40:16उसे सफेद रंग नहीं कहते हैं, साहब।
40:18उसे माथे पर लगा तिलक कहते हैं।
40:20तिलक? कुछ लोग पीला, कुछ लोग लाल, और कुछ लोग तो दोनों मिला कर लगाते हैं।
40:27जी हाँ?
40:28तो उसे भी तिलक कहते हैं।
40:29जी हाँ, तिलक कहते हैं।
40:30और आलग आलग तिलक, आलग आलग लोगों की पहचान बताता है।
40:35तो हम चान्डाल है क्या?
40:37नहीं साहब, मेरा मतलब वो नहीं था, आप गलत समझ रहे हैं।
40:40इसके हाथ में अधिकार का डंडा होता है, वो लोग जाक पाद को पार करके आये वे होते हैं।
40:46उनकी महिमाई काफी होती है।
40:48आप कोई ऐसे वैसे नहीं हैं।
40:50कायस जी, जो साद़ू यहाइ stocks या पर आते हैं। वो अच्छा कराते क plugs या पर नुक्स करते हैं.
40:56है गंदि अपने अपने मठ में में रहते हैं।
41:00तो क्या सारे मतः के सादु एक एक साथ के यहाए हैं?
41:05।।।।।。 यो साद्हू यहापराते हे ।।। वो रहते क,.
41:08लोग अपने-अपने मठे मे रेथे हैं।। तो क्या सारे मठ के साधु एक साथ हाते हैं।
41:15नहीं-नहीं, एक को देख्ते है तो दूसरा नहीं आता। बनिती नही ना।
41:22नहीं बनती मतलब आपस में लड़ते हैं क्या आप ये कहना चाहते हैं
41:26हो सकता है गए साल हमें हवा में तोपे उड़ानी पड़ी थी
41:33अगर ऐसा है तो यहाँ पर हमारा रहना ठीक नहीं है
41:37कुछ जगडा हुआ तो तुरंत हमें खाबर भेज देना
41:40जी हां जरम
41:54dagger of Carl
41:55आभी, हमारे लिये रास्ता चोड़ो. ishta to स्रेष्टके लिये रास्ता चोड़ना चाहिए
41:58हम सब लोग भी वही कर रहे हैं
42:00अमरलिये रास्ता चोड़ दो
42:01हम महान हैं
42:02अमरलिये रास्ता चोड़ो
42:03अरे तुम लोग काई के महान हो
42:05हम लोग महान हैं
42:06अमरे भगबान महान है
42:08अगर तुम लोगने रास्ता नहीन चॉधा
42:09तो भगबाण विश्नु सुधर्शन चकरच लोग देंगे
42:11आकर तुमलोने रास्ता नहीन चोढा
42:13तो तिसरी आक खोल देंगे
42:14मारे भगबान स्विषा
42:19लोको
42:20अड़े उठा, उठा ये
42:22महिन्दर जी, तीलग लगाकर, जोटी बड़ाकर,
42:26क्यूं आप अनदर ये अनदर खुद को खाराये हो?
42:29किसके मूसे किसका नाम लेते हो?
42:31अरे वो भगवान है, रोष्नी देने वाला,
42:34वो सबको पसंद करेगा.
42:36वाश्णी देने वाला, वो सबको पसंद करेगा
42:40क्यों स्वामे जी, इस बच्चे को मार कर, इसकी जान निकालने से क्या हासिल होगा?
42:45मतलब, देवी मा की पालकी जारी है, तो दूर जाके खड़ा नहीं हो सकता है यह चांडाल
42:49स्वामे जी, कौन जान डाल है, और कौन ब्रामन है, उसकी पहचान कैसे होगी?
42:56माते पर तिलग देखकर समझ में नहीं आ रहा है, तो हमारे कपनों को देख, हम लोग महान है
43:01अगर आप लोग महान हैं, तो आपके शरीर से अमरित बाहर आना चाहिए न? और अमरित पाने बाले लोग, किसी बच्चे के उपर हाथ कैसे उठा सकते है?
43:13बहुत बोल रहे हो तुम, इस शास्त्र को लेकर तुमारी चाथी में खुशा दूँगा
43:17मुह से शास्त्र, और हाथों में शास्त्र? नहीं कभीरा तुम चाहिए, ऐसे लोगों के साथ जटला करना अच्छा नहीं होता, चल चलते है
43:27चल कभीरा, बच्चे को दवाई दिला देते है, चल
43:29कहा है तेरा प्यारा बेटा? उसके बारे में आप बिना कुछ से के बात नहीं कर सकते क्या? राम और विभूती आपस वे लड रहे थे कि इन दोनों को नयाय किसने दिलाया? तेरा प्यारा बेटा?
43:45क्यों? वो आपका बेटा नहीं है? नहीं बोलूंगा तो नराज हो जाएगी न? रास्ते में पड़े हुए को पाला और आज सामके काटे जैसा लग रहा है? चुक बैठे जी, कुछ भी मत बोली आप, उसके आने का समय हो गया है, अगर उसने ये सब सुन लिया तो? याल्ल
44:16अगर आपको कुछ देना है तो, मेरे सवाल का जवाब दीजिये
44:21अरे अभी अभी तो आया है तू, थोड़ा आराम करले, सवाल पाद में पूछे
44:28अरे, ये किस ने मारा? किस ने मारा तुझे? दर्द हो रहा है क्या? दर्द हो रहा है
44:36शरीर का क्या दर्द है? ये कोई दर्द नहीं है, लेकिन दिल के दर्द का आपको जवाब देना होगा
44:44बताईये ना अमी, बताईये ना
44:47क्या पूछना चाहता है तू? पूछ बेटा
44:52मैं तेरे कोख से पैदावा बच्चा नहीं हूँ ना अमी
44:56तेरे अबू तो बस ऐसे ही कहते है, पितल उनकी बाते मत सुन बिटा, सब जुट है, बेकार की बाते है, ये सब जुट है
45:07नहीं, ये जुट नहीं है, ये तो सच ही होगा, दूसरों के मुझ से मैंने ये बात कई बार सुनी है
45:17कई लोगों के मुझ से आने वाली बात जुट ही नहीं हो सकती, सच बोलना बहुत ही आसान है, लेकिन जुट बोलना बहुत ही मुश्किल काम है, बोल तो ना अमी जान, सच क्या है बोल तीजे
45:34हाँ बेटा, तुम्हे जो सुना वो सच है
45:38अइसा है तो मुझे जन देने वाली कौन थी अमी, जिनोंने मुझे कच्रे में फेक डाला, फिर आप मुझे उठा कर ले आई, अगर आपने मुझे वही पर छोड़ दिया होता, तो इतनी तकलीफ नहीं होती आपको
46:04किस तकलीफ की बात कर रहा है तु?
46:08अब्बु के मुझे डाट खाने की तकलीफ, लोगों की बाते सुनने की तकलीफ, और मुझसे, मुझसे रोस होने बाली तकलीफ अमी
46:21नहीं बेटा
46:22यही बार पोल दीजे अमी, जिसने मुझे कचरे में फेक दिया था, वो पुन्ने आत्मा कौन थी, पता चल जाएगा, तो थोड़ी शांती मिलेगी
46:33तुझे पैदा करने वाली कोई घरीब ब्रामन औरत थी बेटा
46:37वो कोई घरीब ब्रामन औरत थी, लेकिन तुने तु, किसी अमीर इनसान से निकाख किया है, अमी तु, तु सच में अमीर है, कचरे के डिबे में गिरेवे मास के शरीर को उठाकर, अपने जिगर का टुकड़ा बना कर रखा, इसलिए तु सच में अमीर है
47:07अमी, तुने दुबारा उस आरत को देखा है कभी
47:11हाँ बेटा, आती थी वो, रोज तुझे देखने के लिए आती थी और आकर तुझे देखती, तुझे प्यार करती, दूर खड़े होकर, आकों के आसु पोजकर वो चली जाती थी
47:30तु पाँच साल का था तब तक, वो रोज बाजार आया करती थी, उसके बाद वो कभी नहीं दिखी, बेचारी
47:40आपने अभी कहा कि वो ब्रामन थी, इसका मतलब, मैं तो बहुत बड़े चात का हूँ, मैं ब्रामन का बेटा हूँ
47:51अम्मी, आपने घर मिला कर एक सच को दबाया है, लेकिन अब्बू जानने गुस्से पे आकर, उस सच को बता कर वो दिवार ही दोड़ डाली, अब हम तीनों में क्या क्या देखना चाहिए
48:08उस कबीर को अकेला जोड़ कर, क्या क्या देखा होगा उस आरत में
48:14मतलब तू अब मुझे अम्मी जान नहीं बुलाएगा बेटा
48:44कुरुख शेतर के बहुत बड़े पंडित है आप, तो फिर इस घरीब के पास कैसे आना हुआ आपका?
48:50चीचीचीचीची, आप गरीब नहीं हैं, हम गरीब हैं, इस काशी नगरी के कोतवाल हैं आप
48:58हम? बोलिये, मैं आपकी क्या खिदमत कर सकता हूँ?
49:01हमारे कुरुख शेतर के मठ के लिए काशी नगरी में एक जगह चाहिए थी, ये हमने अपनी इच्छा आपसे जाहिर की
49:10आपके पुराने कोतवाल ने उस इच्छा को आपके...
49:13उसके बारे में मुझे सब कुछ पता है, आपको मुझसे क्या चाहिए, ये बताईए?
49:19आपके पुराने कोतवाल ने वो जगह दे भी दी, वहाँ पर मठ भी बन गया, लेकिन वहाँ एक चोटी सी समस्या है.
49:27समस्या मतलब?
49:28मतलब, वहाँ मठ के अंदर पालकी उच्छो के लिए, रत उच्छो के लिए, भक्तों के खाने पिने की व्यवस्था के लिए एक विशाल जगह की आवश्यक्ता है.
49:40अच्छा, बेफिक्र रही है, वो भी हो जाएगा.
49:43लेकिन वो जगह उतनी अच्छी नहीं है.
49:47मतलब?
49:48उस जगह पर कोई भी आकर रहने लगता है.
49:51ओ, बहुत सुत्र लोग है क्या वहाँ पर?
49:54हाँ, इसलिए उस जगह का शुद्धी करण करना होगा.
49:59जो वहाँ पर बसे हैं उन्हें, आप भगाने के लिए बोल रहे हैं?
50:04आप क्या करेंगे मुझे पता नहीं, पर बस शुद्धी ओनी चाई ये.
50:08हो जाएगा, मैं खुद जाकर उस जगह कुछ देख कर आऊगा.
50:12हरा शंकरा, शम्भो शंकरा..
50:15शंभो शंकरा, शम्भो शंकरा..
50:18शंभो शंकरा, हरा शंकरा..
50:20जानूर भाई, सब ख़ैरियत तो है?
50:24ऐसे ही कट रही है जिन्दिकी, आप कैसा चल रहा है?
50:27खाने पीने की तकलिफ नहीं है, सब ठीक है भाई.
50:30भाबी, आप कैसी है?
50:32एकडम बड़िया हूँ.
50:35अरे, ये तो रूही बेटी है न?
50:38रूही बेटी है.
50:39देखे तो कितनी बड़ी हो गई है.
50:43हमेशा खुश रहो बेटी.
50:47जब पहली बार इसे देखा था, तब ये इतनी से थी है न?
50:51घर में देन भर यहां महां दोड़ती रहती थी.
50:55अरे, चान का टुकड़ा है ये.
50:58ये खुदा हाजा, हम सताए हुए हैं.
51:03आई सूने जग को आके जगमग कर दे.
51:09अरे गाओ ना.
51:12इलावर भाई भी यहीं पर है.
51:15शक्कर की गुढिया भी यहीं पर है.
51:18अपने बाप की दिल की तरा गुढिया भी बड़ी है.
51:21मा जी, ये जो शक्कर की गुढिया है न,
51:24ये न, हमारे कबीर के साथ इसकी जोड़ी बहुत अच्छी लगेगी.
51:32हमारे कबीरा का नाम लेते ही इसका चेहरा कैसे शरम से लाल हो गया, देखो जड़ा.
51:37अब्बू.
51:40भाई.
51:42भाभी.
51:43खुदा हामस.
51:45ये मुन्ना, तु अन्धा बोलता है खुद को, तो तुने कैसे मेरे मन की बात पढ़ ली?
51:52वो क्या है न, मुझे महसूस हो जाता है.
51:55बहुत बड़ा खिलाड़ी है तु.
51:57अगर उपर वाले की दया से, अगर ये दोनों एक हो जाएंगे, तो उसका रंग दुनिया से अलग ही होगा.
52:07बहुत बड़ा खिलाड़ी है तु.
52:09अच्छा सुन, तुने उसे शक्कर की गुढिया कहा, तु उसका रंग कैसा है बता जड़ा?
52:16बहुत बड़ा खिलाड़ी है तु. अगर उपर वाले की दया से, अगर ये दोनों एक हो जाएंगे, तो उसका रंग दुनिया से अलग ही होगा.
52:46चल्दी, चल्दी.