00:00सबका लोके ख़ता है
00:05राजकुमारी शिवांगी
00:08जैसे साप के काटने का असर
00:10साप के जहर से ही ख़तम करना है
00:14वैसे ये तुम्हारे वीरसा की दवा
00:17और मर्ज
00:19दोनों इस लोकेट में दुखते हैं
00:22अब तुम्हारे वीरसा को कोई बचा नहीं पाएगा
00:25कोई याई
00:56सब को जानते बूचते हुए भी मुझसे गलती हो गए
01:00तुम्हारे लाग समझाने के बाद भी मैं उसकी चाल में आ गई
01:03और मंत्र पढ़ना बंद कर दिया
01:05ना मैं ऐसा करती ना वो वहाँ से बाहर निकल पाती
01:07और ना ही तुम्हारे पर हमला करके तुम्हें चोट पहुंचाती
01:10मुझे अपनी चोट की परवा नहीं है शिवानी
01:13मैं तो बस तुम्हारे पती के वारे में सोच रहा था
01:17अफसोस इस बात का नहीं है कि हम काम्याब नहीं हुए
01:19अफसोस इस बात का है कि काम्याबी बस एक हाथ के फासले पर आके चली गये
01:23इतनी है इतनी सी गलती हुई हमसे और सब कुछ हाथ से निकल गया
01:29अगर ऐसा नहीं होता तो तुम्हारे पती हमेशा हमेशा के लिए बच जाते
01:35मुझे तुम पर पूरा भरोसा है जै
01:37कि तुम कोई ना कोई उपाई जरूर निकल लोगे और वीर्सा को अभी बचा लोगे
01:43उपाई तो बस अब एक ही समझ आ रहा है शिवांगी
01:48अब पेड़ को बीच से काटने से काम नहीं चलेगा
01:51पेड़ को जड़ से ही उखाडना होगा
01:54और उसके लिए हमें पता लगाना होगा कि ये दुष्ट आत्मा आयी कहां से
02:07आत्माये बुरी होती है और अच्छी भी
02:11अगर हम ये जानना चाहते है कि उस दायन का नाम क्या है या वो कहां से आयी है
02:16तो हमें किसी अच्छी आत्मा से समझ करना होगा
02:18ये नीबु वहीं जाकर रुकेगा जान उसे एक एसी आत्मा मिलेगी जो हमारी मदद कर सके
02:25मैं इस नीबु को इस दर्वाजे से बार भेगूंगा और तुम्हें जाकर उसे ढूंढना है
02:30ये काम सुनने में आसान लगता है पर है नहीं
02:33क्योंकि वो डाएन हर मौके पर तुम परवार करेगी और अपनी सच्चायित छिपाने की कोशिश करेगी
02:38और अगर तुम खाली आत लौटी तो ये समझ लेना कि हम उसे कभी पैचान नहीं पाएगे
02:43तुम तयार हो
02:45हम
02:59शिवांगी
03:03अपना ध्यान रखना
03:05और जब भी तुम्हें डर लगे बस इतना याद रखना
03:08कि तुम्हारा ये दोस्त हर वक्त तुम्हारे साथ है
03:14अगर तुम खाली आत लौटी तो ये समझ लेना कि हम उसे कभी पैचान नहीं पाएगे
03:19तुम्हारा ये दोस्त हर वक्त तुम्हारे साथ है
03:22कि तुम्हारा ये दोस्त हर वक्त तुम्हारे साथ है
03:25तुम्हारा ये दोस्त हर वक्त तुम्हारे साथ है
03:26कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत
03:56कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत कहत
04:27आप करी बहती हैं
04:29मा Kazuya को हिलांती के लिए असून चीफ़्य समझाती हूँ,
04:31अलाली समझ चीफ़्य को खेल दाईया,
04:33प्राक्रोता नतालेया मुझके वहर मख्चार तो ही
04:35समोल खेल बाच नहींरहती की फरूर मा।
04:37दर्डीये,integrity
04:40वो जब है...
04:48अब वो क्योंकि जो पता है और जो पता है...
04:53वो जब गई शाल है...
04:55तो पता है, और गाए हूं...
04:56तो बमफा...
04:58तो देखा नहीं चुक्प के लिए, तो गाए जो वरत्वी पेर कहुंगे...
05:01कर सकती है।
05:31हहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह
06:01अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर
06:31अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर
07:01अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर
07:31अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर
08:02सचन गल?
08:04हाँ!
08:07जो हम पहले से ही जानते थे, जवाब में वही मिला.
08:12क्या मतलब?
08:13मतलब ये, ये इस रूप के जड़े शिवांगी के ससुराल वालों के घर से चुड़ी हुई हैं.
08:21यह नहीं है, वह नहीं है.
08:24यह नहीं है, वह नहीं है.
08:26ज़रूप के जड़े शिवांगी के ससुराल वालों के घर से चुड़ी हुई हैं.
08:31केसर मा, अब हमें क्या करना चाहिए?
08:34अब भी हमें चुप रहना चाहिए?
08:36अब भी हमें इजद और आबरो का ख्याल रखते हुई?
08:39अपनी आक्ये नीचे करके?
08:40वीरसा के मरने का इंतजार करना चाहिए?
08:43तो क्या करेंगे आप?
08:44उनसे अपने पती की जिंदिगी की कीमत पूछेंगे.
08:47और अगर उसके लिए हमें अपनी जान भी देनी पड़े,
08:49तो जान देकर वो कीमत अदा करेंगे.
08:52सत्ता के लालच में अपनी घरवाले ऐसी हरकते करते?
08:56हमने ऐसा कभी सोचा भी नहीं था.
08:59हम उन्हें कभी नहीं छोड़ेंगे जै.
09:02कैसे नादानों जैसी पाते कर रही हो शिवांगी?
09:04तुम्हें लगता है कि तुम उनपर एलजाम लगाओगी,
09:06कि वो तुम्हारे पती ये बिमारी का कारण है, और वो तुम्हारी बात माननेंगे?
09:09उन्हें मानना ही होगा.
09:10बागल मत बढ़ो शिवांगी.
09:12तुम्हारे ससुराल वाले इतने चाला के कि वो साफ साफ बोल देंगे,
09:15तुम किसी तोफे या सुवेदार के ख़त के बारे में नहीं जानते.
09:17शिवांगी, ये वग तुम लोगों से तू तू मैमे करने का नहीं है, पलकि तुम्हारे पती की जान बचाने का है.
09:22इस नीबू से हमें ये तो पता चल गया है कि उस दायन आत्मा की जड़े सजनगड में चुड़ी हुए है.
09:27और इसका ये मतलब नहीं है कि तुम उन जड़ों को जाकर काट सकती हूँ.
09:31तुम क्या करें जै? सब कुछ जानते हुए भी चुप चाप बेटके तमाशा देखते रहें?
09:36नहीं, तुम सिर्फ यहां रहके अपने पती की देखवाल कर. और मैं, मैं वहाँ जाकर उन जड़ों को काटने की कोशिश करूँगा.
09:47तुम जो मेरे लिए कर रहे हो, उससे मैं कभी नहीं बोल पाऊंगी.
09:53यह क्या है? अपना वादा पूरा कर रहे हूँ. पर मेरा काम तो अभी अधूर है.
09:59काम पूरा हो गया, तो जड़ों को काटने की कोशिश करूँगा.
10:03तुम जो मेरे लिए कर रहे हो, उससे मैं कभी नहीं बोल पाऊंगी.
10:08यह क्या है? अपना वादा पूरा कर रहे हूँ. पर मेरा काम तो अभी अधूर है.
10:14काम पूरा हो गया, तो पैसे भी ले लूगा.
10:18जै, तान्क यू सो मच.
10:22मैं यह सब तुम्हारे लिए नहीं, अपने लिए कर रहा हूँ.
10:26मतलब, तुम्हारे लिए यह सब कर के, मुझे तुम से भी साथा खुशी मिल रही हूँ.
10:33चलता हूँ.
10:52चलता हूँ.
11:22चलता हूँ.
11:52चलता हूँ.
11:55चलता हूँ.
11:57चलता हूँ.
11:59चलता हूँ.
12:01चलता हूँ.
12:03चलता हूँ.
12:05चलता हूँ.
12:07चलता हूँ.
12:09चलता हूँ.
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12:19चलता हूँ.
12:20चलता हूँ.
12:22चलता हूँ.
12:24चलता हूँ.
12:26चलता हूँ.
12:28चलता हूँ.
12:30चलता हूँ.
12:32चलता हूँ.
12:34चलता हूँ.
12:36चलता हूँ.
12:38चलता हूँ.
12:40चलता हूँ.
12:42चलता हूँ.
12:44चलता हूँ.
12:46चलता हूँ.
12:48चलता हूँ.
12:50चलता हूँ.
12:52चलता हूँ.
12:53सहरी आप जोड़।
13:23आप जोड़।
13:54तुम्हारे ससुराल वाले इतने चालाक है कि
13:56वो साफ साफ बोल देंगे कि वो किसी तोफे
13:58या सुबेदार के खत के बारे में नहीं चानते।
14:16मैं यही सोचती रही कि
14:18मेरे ससुराल वाले मुझसे दुश्मनी निभा रहे हैं
14:22पर मुझे क्या पता था कि जिस इनसान पर
14:25मैंने सबसे ज्यादा विश्वास किया वही मेरा
14:28सबसे बड़ा दुश्मन है।
14:31जिस आत्मा को तुमने कुछ मेरे पास भेजा
14:34मैं उसी से पीछा चुडाने के लिए
14:36तुम ही से मिनते करती रही।
14:38मैंने बचने के लिए तुमारा हात धामा
15:04मेरे प्यार का मज़ाक उड़ा के, मुझे मेरी आउकात दिखा के
15:09जेल मुझे पाथ सालों के लिए हुई थी शिवांगी, पर सजा मैं आज तक काट रहो
15:15उस दिन वो जड़ ने तुमारी गवाई सुनी, अपना फैसला सुनाया
15:18और मुझे से मेरी सारी खुशिया छीन ले
15:22और मैं, मैंने अपने दिल की गवाई सुनी
15:26और तुमसे तुमारी हर खुशी छीनने का फैसला कर लिया
15:30तुमारे पती की मौत का फैसला तो मैंने सरजनगड में ही सुना दिया था
15:34यहाँ तो बस मैं अपने फैसले पर पक्का महर लगाने आया था
15:38और वो मैंने उस लोकेट को पानी में बाहा करकर दिया
15:44तुमारी आखों से बैठा एक एक आश्य शिवांगी
15:47मेरे दिल को इतना सुकुं पोचाता है मैं तुमें बता नहीं सिखता
15:52बड़ा मंधा मैं भी तुमारी आखों में वो ही तडब देखो
15:56जो कभी मेरी आखों ने मैसूस की थी
16:00किसी अपने को खोने की तडब
16:02तुमें क्या लगता है वो तडब सिर्फ तुम ही ने पर्टाश की थी
16:07यार सिर्फ तुम ही ने किया था
16:10सजा सिर्फ तुम ही को सुनाई गई थी
16:14जानना चाहते हो उस दिन मैंने कोट में छूटी कवाई क्यों दी थी
16:23एरो ये क्या कर रहे हैं जीज़स हाम
16:25इतने बड़े मुझ्रिम की बस इतनी चोटी सजा
16:27हमारे खांदान की इस्ज़त पर हाँट डालने वाले को तडबा तडबा के मारना चुली
16:31कुलहाली से चोटे चोटे टुकले करके जपने पाला देने चुली उस मीच कटरिया के
16:35करते तो हम कुछ ऐसा ही आपके साथ पर क्या करे हमारी इस्ज़त पर हाँट डालने वाला और कोई नहीं
16:45हमारी बेहन का सुहाग है आपका खोन बहा तो हमारी बेहन का सुहाग उजर जाएगा
16:57रुत्रा जा ख़दम करतो उसे ये जैन लेगा जाते sentiments वो क्या है तो अगर उसने गुना कीए to
17:08कुछ हमें गीया है सजा हमें दीजे भाईसा प्लीज जैको कुछ मत गीजे भाईसा प्लीज ये जैचन दिये हाती है हमारे रास्ते से
17:15बाबासार रोख ये नहीं, बाबासार रोख ये, बात मारे जै को
17:22हम उसे कहतेंगे कि वो यहाँ से कहीं बहुत दूर चला जाये
17:32बाबासार, बाबासार हमने आप से अज तक कुछ नहीं मांगा
17:37लेकिन आज पहली और आखरी बार हमारी बात मान वीज़े
17:39उसकी बास हम जो मुलेंगे हsmithi हम यही करेंगे
17:42पुरिएद complex to चाने देजे, जैको जोर देजे पाबासार
17:45हमारे जैको जोर देजे, किया माने Business
17:48Please ठीक है. आगर आप जाँती हैं कि आबने जानसे ना मारें
17:59और हमारे खानदान के इजद बनी रहे, तो आप वही करेंगे, जो हम कहेंगे।
18:12तुमने मुझे मताया क्यों नहीं?
18:18तुम दिल से सोचते थे, और हमारे घरवाले सोचने के लिए भी बंदूग का इस्तमाल करते थे.
18:25ऐसे में किसी को तो थंदे दिमाग से काम लेने की जरुब थी, हमारा जूट सिफ कुछ सालों तक तुम्हें जेल की चार दिवारी की अंदर बंद रखता, लेकिन हमारा सच, हमारा सच तुम्हारी जान ले लेता, बस इसी लिए, उस वक्त मुझे जो ठीक लगा, मैंने वही क
18:55अपनी वक्त करता, तुम्हें वही जान करना चाहता, मैंने भी चाहाँ नहीं, मैंने पड़ा खुछ से खिलाइड करता, आपने आपने आपने, हमें हन्यर शुआद के करता थोगा, नुम्हारा फिल गिली मिधार.
19:08तुम्हारे पती की चाल.
19:12नहीं शिवांगी, नहीं.
19:15अब जाय मुझे डायन से लड़ना पड़े या भगवान से.
19:18मैं तुमसे वादा करता हूँ शिवांगी कि तुम्हारे पती को कुछ नहीं होगा.
19:22कुछ नहीं.
19:39उन ताथ कब कुछ ःएगई सही
19:46परवारत को खोई है सुखान गानके पक्ष्टी heavy
19:55सुखान को है क्या।
20:08पड़पटर पड़पटर
20:10पड़पटर पड़पटर
20:12पड़पटर पड़पटर
20:14पड़पटर पड़पटर
20:16पड़पटर पड़पटर
20:18पड़पटर पड़पटर
20:20पड़पटर पड़पटर
20:22पड़पटर पड़पटर
20:24पड़पटर पड़पटर
20:26पड़पटर पड़पटर
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