00:00अलो मैं समझ सकती हूँ के इस वक तुम्हारे दिल पर क्या बीत रहे होगी
00:26लेकिन अगर तुम हिम्मत हार गए, तु पाकी लोगों को कैसे संभाल पाओगे।
00:35हाफ़ फेथ, सब ठीक हो जाएगा।
00:43अनु, कुमालिका सही कह रही है, माँ को कुछ भी नहीं होगा, कुछ भी नहीं होगा माँ को.
00:51बस, बस तुम अपना, अपना होस्या मत खो ला।
00:57डॉक्टा, वीशन बोलतो अगर खत्रय से बाहर है, लेकिन स्थिति माजुब है।
01:03आयू ट्रिकर के ने किसी भी तरह की परेशानी ना हो, और अगर आप लोग भी इससे ऐसे कोई भी बात ना करें, जिससे उन्हें परेशानी हो सकती है, तो बैठर होगा।
01:12मैं उनसे बिल सकता हूँ। अर्फिला, इन तो उन सो रही है। ठीक है, आप उन्हें देख सकते हैं।
01:22अर्फिला, इन तो उन सो रही है। ठीक है, आप उनसे बिल सकते हैं।
01:52तब मैंने सोचा था कि मैं तुम्हें खो दूँगी। और जब मैंने तुम्हारा चेहरा देखा, उस वक्त मुझे लगा कि मैं दुनिया की सबसे खुश किस्वत माहों में से एक हूँ।
02:07साड़े नो मेने के दर्द और तकलीफ मैं पल में ही भूल गई थी।
02:38संजोय, बहुत ही केम हो रहे हूँ। भालो, अंडर अबसर्वेशन है। और दादा, दादा की हालापनी की कोई इंप्रीज्मेंट नहीं है। अभी नहीं दैसे ही है।
02:54सर, मैं कमले सिंग बोल रहा हूँ। सर, वो बॉर्ड उप ड्रेक्टर्स शेर उर्डर के एक अर्जिन मीटिंग बोलाना चाहते हैं। इनने शौर्ट में इस पर? और किस वार मैं?
03:12राजिस शाब की तेथ और मॉरल शाब की कोमोडर कंडिशन से सब लोग काफ़ी परिशान हैं। आप मॉरल शाब के लिए इंडिफिनिटली बेट तो नहीं कहा जा सकता ना। इसलिए वो लोग कोई ना कोई डिशिजन लेना चाहते हैं। नीवी जीतर मैड़म और अनु�
03:42नाई अडिटर के अपउइन्मेंट के लिए बोर्ड वेटिंग बुलाना चाहते हूँ।
03:46इतनी ज़र्दी।
03:51अब उन्हें कोई ना कोई डिशिजन तो लेना ही है।
03:53दादा में कितनी मेहनत से ये सब हासिल किया।
03:57अब उनकी एक्संस में नजाने ये सब कहीं।
04:12माम.
04:22माम, कुछ बोलो सिरवर्या माम बलीज़ ।
04:24माम बलीज़ बोलो ।
04:27माम.
04:29मीशोँ.
04:31मेरे दिसिरवेंट के साथ मुझे नुम्हार है।
04:42आपना भी ख़ुद किए नहीं थे।
04:44में आपका ज़मान में कभार देखते हूं जो प्रत्तमा ने है, और में देखते हूं जो नहीं है।
04:49मैं यहाँ पाइर करने के बाद देखें।
04:52मैं भी काई ज़मान के बाद देखें।
04:55गट माल है, माती..
05:05माती कुर्यान है बहुत ज़रूरी है
05:09समय नहीं समझ रहा था कि क्या करें था
05:13वोके है, प्रिया, भाभी, आएट मैट गेश वे सीख है
05:15क्या चाहते हैं यहाँ पहले
05:17वहीश
05:19तुम्हें कतनी बार कहा है
05:21बाबुजी की शर्ट मत पहना करो, पर तो मुझे मेरी बात सुनते ही नहीं।
05:26अरे दिदी, आपको ऐसा नहीं रखता कि आप कभी कभी कुछ ज़्यादा बोलने लगती हैं।
05:31और वैसे भी बाबुजी की शर्ट मुझे कितने सूट करती है।
05:34दूसरी बाद, इसमें एक खास बाद भी है।
05:37कैसी खास बाद?
05:39आपको पता नहीं, मा ने ये शर्ट बाबुजी को उनके बिशले बर्दे पर दिदी थी।
05:44जिसे पहने के बाद बाबुजी कितने हैंसम लगते हैं।
05:48तो इसके लिए मैंने तोटा है कि मैं भी थोड़ा हैंसम लगू।
05:51अगे, बाई मिया, बाई माम।
05:56माँ, माँ, आप क्यों नहीं हो रहे थी?
05:59क्यों क्यों नहीं हो रहे थी?
06:01माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, माँ, म
06:32माँ
06:33अपने सादे मस्स
06:40कभी सोचा भी नहीं थिथा
06:43के ऐसा दाने भी देखना पढ़ेगा
06:47आप कैसी है आंटी के दिवित?
06:50फिलाल तब ठीक है
06:53पर बता नहीं कल क्या होगा था
06:57आनु, तुम तो क्यों बेकार के बाते सुछतो थे?
07:01पुर अगर अपने अलशा शरी रहता है।
07:06अगर सच्छों चोड़ना तो मैं धद क्या हूँ।
07:10आगे चल नहीं पाड़ा हूँ।
07:14मेरे कदम दर्भगाने लगे प्रेणा।
07:17मैं हूँ ना। तुम्हें दर्भगाने लेतूँ।
07:21अगर सपर अकेले काटना मुझ्किल हो रहा है।
07:24तो हम दोनों साथ में मिलकर काट लेंगे।
07:34अनु, ये तो पुरी तरह से हो गई।
07:37पर ये ऐसा ही हो गई।
07:39मैं उम्हों नहीं उठाव दावा।
07:41प्रेणा, अगर मत मगों प्रीस।
07:43तो तुम्हों में साथ के इस एसास को उठाव दावा तुम्हों नहीं उठाव दावा।
07:47मैं उम्हों नहीं उठाव दावा।
08:07हाँ, दिवी.
08:09अनुराक आफिस पहुँच जो तुम्हों.
08:10अबी इस ही बRh.
08:12जी जी दीदी, आया आया.
08:15प्रेणा, उम्हों जी आफिस जाचा होगा.
08:17दिवी बहुत पहुच चाम करे दीदी.
08:25इसे सीजा है, शाप।
08:27मुझें सोचने का बख चाहीं है.
08:29नहीं होंगा.
08:31हमारेका सोचने का बख नहीं है.
08:32हमारे पारे का सोचने का बख नहीं है।
08:35हम अपने पारे का पहने 20 लिलिये पर हैं।
08:57देख देख वैसे
08:58ओवारे पारे का हावा भी पाम हो जाते है.
09:25क्योंकि करका टोंटटा नहीं मैंकराउल है
09:27और इस पूर्स टेपर को हैलिट करने के लिए
09:30किसी ले किसी को तुम लोग करना ही पड़ा है
09:33यह आप लोग आज क्या होगी
09:35बार बार आप लोग मुझे से कह रहे हैं
09:37हमारे बार बार बार
09:39कहीं नहीं जा रहे हैं आप
09:41आपको बहुत मुझे मेरे साथ नहीं है
09:45और फिर मैं ही थी
09:47मुझे से इस बुद्निस को निवेदीता दीडी के लिए थी
09:50आप उन्हें भी नहीं की थी
09:52अगर हम निवेदीता को एडिटर बनना ना होता तो
09:56निवेदीता और नहीं नहीं
09:58बहुत बहुत
10:00ये बाद बाद यही चाहिए
10:02बाद बाद
10:06बाबा भी शायद यही चाहिए थे
10:08एडिटर की कुरसी समाल नहीं पड़ेगी मुझे
10:24ठीक है क्या
10:27जब तक बाबा ठीक ही हो जाता है
10:29उनकी जिवितारी का इसा समझना पहुँँ।
10:53गागा बाबा वो...
10:59कुछ बाबां आरे देते हैं...
11:26गागा पड़ा...
11:29मुझसे राने गया, इसलिए मैं काका बाब को देखने चली आये।
11:36डॉक्टर ने और कुछ कहा?
11:39वो लोग कुछ नहीं कहते, बस अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।
11:47और फिर भागवान ने चाहा, तो मुलायों को बहुत चल ठीक हो जाये।
11:54इन्हें खामुश देखकर अच्छा नहीं लगता।
11:59इतनी संदिकी थी नहीं है।
12:03और आप एक तम चुप चाहो।
12:11अच्छा, मैं चलते हूँ।
12:14मोहिनी आंटी से नहीं मिलोगे।
12:19उनसे मैं बाद मिलोगे।
12:21प्रिहुरे मामा, अगर मोहिनी आंटी को पता चला, तो उन्हें बहुत बुरा लगेगी।
12:28और इस वक्त वो भी बहुत दिमार है।
12:31ऐसे में तो आज बड़ोस वाले भी आते हैं आलचाल कुछने पे।
12:36मेरी मामा, तो उनसे एक बार मिलने।
12:40और क्या बता, अन्वाग भी इसे एक्रिशेट कर रहे है।
12:45अगर वो, उसने भी तो सुक्तुत में तुम्हारा काफी साथ दिया है।
12:50है न?
13:00ये लोग, तक तक खा था।
13:03मामा, प्लीज खा लेगे।
13:06मामा, प्लीज खा लेगे।
13:07प्लीज खा लेगे।
13:09प्लीज खा लेगे।
13:14हालो, आंटी.
13:16तुम?
13:18तुमारी हिमद कैसे हो यहाँ आणिकी?
13:21वो बाद, आंटी, मैं काफ़ा बाबा से मिलना आए।
13:25सोचा, आपसे भी मिलते चल चल।
13:28गलल सोचा, गलल सोचा चल चल.
13:30नहीं, कि तुम मेरे निर्मे हां आया.
13:33नहीं, मैं नहीं.
13:35केपो इसे यहां सोचा, चिंचु चल.
13:37मुझे इस चकल से मिलना आए।
13:39काबाबाव को कोई क्यों देखने हैं आये?
13:41ये यहां आये क्यों हैं?
13:42लोगों सारा पने टा दिये?
13:44म्ऩाद पनी, लोगाइं न
13:47मुझे मुझे मैंकिलिसी खरेंगे
13:51मैं अब आता होँगा
13:55मैं परता हूँगा
13:58मैं होगा
14:03अन्दर अहाँ है
14:10प्रेना तुम जानती हूं
14:12तुमने देखाती हूं
14:13कि मा तुमें देखाती हूं, अगरं वो जाती हूँ
14:17जिसके बेदर यही हुगा कि
14:18में तुम जाहन करता हूं
14:20दूसा
14:29अगरकी जिम्मेधारियां
14:31मुझे समान लिया होगी, मा और पूरे परिवार का ख्याल मुझे ही रखना होगा.
14:49कोई लेगा अपना? तुम कोई?
14:53जब तुम अपने वर्कारों में खोय रहे थे तब.
14:58मुझे कोई काम था?
15:00नहीं.
15:02तो तुम था.
15:04आपके लिए खाना ले कर जाने थी, तो तुम चाए तुम से ले कर जाने थी.
15:14कमलिका, जो भी तुम मा के लिए कर रहे हो, उसके लिए मैं बहुत धैनिक फुल हूँ.
15:21तुम्हारे बहुत बात फुल है.
15:23एसी दिफिकल्टी में, जिस तरह तुम मा की लेख भाल कर रहे हो, तुम्हारे बहुत बात फुल हूँ. तुम्हारे बहुत बात फुल हूँ.
15:35कमलिका, अपने बाते करके मुझे एक ही चरके में पराया तो ना करो.
15:42बालोगे, एक्सरसाइस करते वग तुम्हारे बुवमिंस काफी गेसा लगती है. जैसे पोईंट्री पूच.
15:59देशे, कुछ जाएँ नहीं तो एक चीज़ को कॉमन है यही हमारे बाड़े.
16:08कॉमन?
16:13फिट रहने की इच्छा? अब देखो, फिट रहने के लिए तुम एक्सरसाइस करते हूं और मैं डान्स.
16:26पर मैं सुप्राइस नहीं आ रहा है कि तुम हर चीज़ के लिए वक्त कैसे निकान लेते हूं?
16:33कमालिक आप इसके लिए सुरुब दो ही चीज़ों के ज़रुब हैं.
16:40एक तो वक्त की कीमत का अंदाजा और दूसरा अपने काम से प्यार है. वक्त अपने आप निकलाता है.
16:49हरिदा, ये काका बाब का कुछ हमाल है. इसे संभाल के रख दीजे.
16:55आपने चिंता कर बिड़ना मेंसार, मैं रख दोता हूं.
17:01हरिदा, एक ग्लास पानी मिलेगा?
17:05निश्चु, अभी लाता हूं.
17:25हाँ, फेरना. हाँ, कमालिका. तुम कहीं वाल्रा का इंतिज़ास नहीं कर रहे हूं?
17:48नहीं, मैं तो वो...
17:52फेरना, तुम इतनी चॉंक क्यों गए?
17:56मैं तो बस मज़ाग कर रहे थे.
17:59बैसे फेरना, आजकल अनुराख को देकर मुझे काफ़ी फिक्र होने लगे.
18:04काफ़ी टेंशन में रहने लगा हूं.
18:07क्यों? ऐसा क्यों लगता है?
18:11अब फेरना...
18:16तुम तो जानते हैं, अनुराख भी तो एक नॉर्मल इंसान ही है.
18:22इतनी सारी जिम्मदारियां हैं उस पर.
18:26घर, कॉलेज, आफिस.
18:31अब जब इन्सान इतनी सारी जिम्मदारियां उठाने की गलती करता है, तो...
18:41कॉलेज, फिर तुम्हें इतना ही कहूँगे...
18:48कि अनुराख को इतनी सारी उससे जानने के बल्जूद, तुम उससे जाननी सके.
18:54वो जिम्मदारियां उठाता है, उन्हें मिभाता है.
18:59जानती हो क्यों?
19:01क्योंकि वो अपना काम जलतबासी में नहीं करता.
19:04वो अपना हर काम पर्फेक्ली करता है.
19:07वो अपना काम पर्फेक्ली करता है, कॉलेगा.
19:11इसलिए उसके बाद में फिक्र करने की तुम्हें कोई सुरूत नहीं है.
19:24वाह, थोड़े ही दिन में काफी जान रहे हैं तुम्हें.
19:34वाह, थोड़े ही दिन में काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हें काफी जान रहे हैं तुम्हे
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