00:00किसानों की नाराज़ ghee थी अवशिघ किसान दूस्री पारेट्रिव में नहीं गयी
00:15किसान सब जगह गए हैं जो खित्ति करने वाले लोग हैं
00:22किसानों की नाराज़ की हैं जो लोग आंधोलन में शामिल हुए
00:25उनकी नाराज़ की हैं जो आंधोलन में शामिल नहीं हुए
00:29वे सरकारों के साथ मरें
00:31चुनाव पारिट्री वेसिज पर धरम वेसिज पर जाती वेसिज पर इन पर चुनाव होते हैं
00:42जो जिस पारिट्री का वेवसायिक होगा वो इसे पारिट्री को ओट देगा
00:48जो किसान हैं मजदूर हैं दुकांदार हैं जिसकी आस्था जिस पारिट्री में वही रहता है
01:01संगठन के लोगों को कोई आदमी अपने पक्स में मानने लगे तो वो गलत है
01:08क्योंकि जब दिली का आंधोलन चला तो सब पारिट्री की विचार धारा के लोग उसा आंधोलन में शामील थे
01:14मैं थोड़ा गणित समझ में नहीं आया ओट जनता ने दीने जितते हैं यही
01:20जैसे उपी में हैं अभी चुनाव चल रहे हैं इसके गन्णा समीतियों के
01:27यहाँ पर सिद्धा खेल उनका है कि दूसरे का पर्चे कैंसिल कर दो और बगेर ओट के ही जीत जा
01:35तो वहाँ भी कोई न कोई फार्मुला लगाया होगा क्योंकि एक सवाल को निकालने के बहुत फार्मुले हैं
01:41एक फार्मुला वो भी हो सकता है जहां सरकार रहती है एंटी गॉर्मेंट महुल बनता है
01:5236 गड में पहले कोंग्रेस की सरकार थी उसके खिलाफ आंदोलन चला तो बीजेपी आगी बीजेपी वाले मास्टर हो गए इस अलखसन के वे सब वे डेंडे से बुद्धी से लडा के अपने आप डाट के वो अलखसन जितेंगे
02:18यह उनका फार्मूला है कि हमको अलखसन जीतना है हमको सत्ता नहीं छोड़नी वो उनका अफ़्यार कर लिया कि जैसे EBM अब रखेगे फेर चुना होगे कहीं
02:31बूत तक EBM जाने से पहले वे क्या किसी पाल्टी को दिखाये जा उसको इंजिनियर तहे करता है उसमें क्या प्रोग्राम भरना है वो सब इंजिनियर तहे करें वो सब सेटिंग पहले ही हो जाती है
02:46सब बटन है सब खेंद EBM का है यहाँ BJP की मौसी है EBM मा मरगी लेकिन मौसी जिंदा है यहाँ काम करती रहेगी मा जैसी है वो काम करेगी नका