00:00एक रहस्य मई बूढ़े आदमी ने एक मोटे आदमी के चेहरे को छुआ और उसी पल से वो हर दिन तीन पाउंड वजन कम करने लगा
00:06खुद को पूरी तरह कमजोर होने से बचाने के लिए वो लगातार खाता रहा
00:10ये आदमी जैक 160 पाउंड का वकील था और अपने भारी शरीर के बावजूद उसकी पतनी काफी पतली थी
00:16उसका वजन काबू में रखने के लिए उसकी पतनी हर दिन उसके लिए डाइट वाला खाना बनाती थी
00:21एक दिन जैक को एक लोकल माफिया बॉस का केस मिला
00:24अपनी बहतरीन लीगल स्किल्स का इस्तिमाल करके जैक ने आसानी से माफिया बॉस को सारे आरोपों से बरी करवा दिया
00:30उसी शाम अपने साथियों के साथ डिनर के बाद जैक और उसकी पतनी घर लोट रहे थे
00:34तभी उनकी कार से एक जिपसी औरत की मौत हो गई
00:37बाद में पता चला कि वो औरत जिपसी चीफ की बेटी थी
00:40लेकिन कोर्ट में जैक के कई रसूखदार दोस्त थे
00:42जजज और पुलिस दोनों उसी के पक्ष में थे
00:44इसलिए जैक ने चालाकी से सारा इल्जाम हटा दिया
00:47और किसी भी जिम्मेदारी से बच निकला
00:49कोर्ट से बाहर निकलते ही उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था
00:52लेकिन तभी एक बूढ़े आदमी ने उसे रोक लिया
00:54जैक को अंदाजा भी नहीं था कि ये बूढ़ा आदमी उसी मरी हुई औरत का रिष्टेदार था
00:58बूढ़े आदमी ने जैक के चहरे को चुआ और कहा थोड़ा वजन कम कर लो
01:02जैक को ये बात अजीब तो लगी लेकिन उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया
01:05मगर अगले कुछ दिनों में अजीब घटनाए होने लगी
01:08जैक का वजन तेजी से गिरने लगा
01:09हर दिन तीन पाउंड
01:10उसकी पत्नी खुश थी
01:11उसे लगा कि उसका डाइट प्लान आखिरकार असर दिखा रहा है
01:14लेकिन जल्दी ही उन्हें एहसास हुआ कि कुछ गड़बड है
01:17एक दिन जैक और जजज गोल्फ खेलने गए
01:19बाद में शौवर लेते समय जज ने बताया कि हाल ही में उसकी मुलाकात जिपसी चीफ से हुई थी
01:24बूढ़े आदमी ने उसके सीने को छुआ था और अगले ही दिन से उसका सीना सडने लगा
01:28जज को लगा कि शायद उसे कोई खतरनाक बीमारी हो गई है
01:31जैक घबरा गया और उसने जल्दी से अपने चेहरे को छुआ
01:34क्या वो भी किसी बीमारी का शिकार हो गया था
01:36लेकिन उसकी चिंता के विपरीत उसका चेहरा सड़ा नहीं
01:38बलकि उसका वजन पहले से भी तेजी से घटने लगा
01:41उसकी पत्नी परेशान हो गई लेकिन उसे लगा कि ये डाइट का असर है
01:44सावधानी बरतते हुए उसने जैक को डाइट खाना बंद करने को कहा
01:48लेकिन जैक को कोई चिंता नहीं थी
01:49उल्टा वो खुद को भाग्यशाली समझ रहा था
01:52उसने गर्व से बताया कि वो काफी दिनों से डाइट वाला खाना खा ही नहीं रहा था
01:56फिर भी चाहे वो कितना भी मनपसंद खाना खा ले
01:58उसका वजन गिरता ही जा रहा था
01:59उसकी पत्नी की चिंता बढ़ती जा रही थी
02:01और उसने जैक को डॉक्टर के पास जाने के लिए मजबूर किया
02:04बड़ी मुश्किल से राजी होकर जैक ने मेडिकल चेकप करवाया
02:07लेकिन टेस्ट के नतीजे सामान निकले
02:09उसकी सेहत एकदम ठीक थी
02:10इसलिए उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया
02:12एक दिन जैक एक रेस्टोरेंट में डिनर कर रहा था
02:15तभी उसकी मुलाकात जज की पतनी से हुई
02:17तभी उसे एहसास हुआ कि उसने काफी दिनों से जज को नहीं देखा था
02:20और उसी शाम उसने जज के घर जाने का फैसला किया
02:23जैक ने उतसकता से जज की पतनी से पूछा
02:25कि क्या जज का भी वजन कम हो रहा है
02:27ये सुनते ही जज की पतनी घबरा गई और हड़ड़ा गई
02:29उसने बताया कि ये सब जिपसी का श्राफ है
02:32जैसे जैसे वो बोलती गई उसकी घबराहट बढ़ती गई
02:34Akhirkar, usne gusse me Jack kohi sari musibet ki jad bata diyya
02:38Agar Jack ne jipsi chief ki betti ko nahi mara hota
02:41To ye shrap unpare nahi aata
02:42Jack kohu jaldi se baahar ka raastah dikha diyya gaya
02:45Merne se pehle, اس garibe admi nne khud ko
02:47Aur pillio ko eek sath bandh liya
02:49Voh chawahta tha ki pilla uske sath hi dfn ho
02:51Zanjirom mein bindhe pillio ne kX dinio se kuch khaia pia nahi tha
02:54Halanki nadi paas hihi thii
02:55Lekin wohuk gjhout pani bhi nahi pisa kita tha
02:57गरीब पिल्ला मदद के लिए रोता रहा लेकिन आसपास कोई नहीं था
03:00पानी की भारी कमी के कारण वो जमीन पर पड़ा तड़प रहा था
03:03जब उसकी जान जाने वाली थी तब पिल्ले को अपना मालिक याद आया
03:06उनके बीच एक अधूरा वादा था
03:08असल में वो कोई आवारा कुत्ता नहीं था
03:10उसका नाम बेला था
03:11जब वो पैदा हुआ तब उसकी मा को एनिमल मैनेजमेंट ब्यूरो वाले ले गए थे
03:14छोटी बेला को एक बिल्ली नेपाला था
03:16वो एक छोड़ी हुई इमारत के नीचे रहते थे
03:18और एक दयालू नौजवान अकसर उन्हें खाना खिलाने आता था
03:21उस दयालू इंसान को देखकर
03:23बेला ने तुरंत तय कर लिया कि वो उसके साथ जाएगी
03:25उसी इंसान को उसने अपनी जिंदगी का मालिक चुना
03:27उसका नाम लूकस था और वो बेला से बहुत प्यार करता था
03:30दोनों साथ खूब खेलते हर रात लूकस बेला को छोटा सा चीज का टुकड़ा खेला था
03:34ये दोनों के बीच एक अनकही आदत बन गई थी
03:37जब लूकस काम पर होता बेला उसकी मा के साथ टहलने निकलती
03:40उसे गली में गिलहरियाओं पकड़ना सबसे ज्यादा पसंद था
03:43बेला की मौजूदगी ने इस घर में बहुत खुशियाँ भर दी थी
03:45लूकस की मा बेला को अपने वृद्धा श्रम भी ले जाती
03:48वहां सभी रिटायर्ड फॉजी रहते थे
03:50वो सब बेला को बहुत पसंद करते थे
03:52क्योंकि उसकी चंचलता और मासूमियत ने सभी की तनहाई मिटा दी थी
03:55लेकिन खुशी के दिन ज्यादा नहीं चले
03:57बड़ी नसल का होने की वजह से
03:58बेला को वहां के कानून के हिसाब से
04:00एक खतरनाक बुल्डॉक माना गया
04:02शहर के नियमों के मुताबिक
04:03बेला का सडकों पर घूमना बैन कर दिया गया
04:06बेला को पकड़े जाने से बचाने के लिए
04:07लूकस ने उसे घर चलो नाम का एक खेल सिखाया
04:10मतलब चाहे बेला कहीं भी हो
04:12जैसे ही लूकस कहे घर चलो
04:13वो सब कुछ छोड़ कर सीधा घर भाग जाती
04:15लेकिन उस दिन जब बेला गिलहरी पकड़ने निकली
04:18तब पुलिस से सामना हो गया
04:19लूकस ने कहा घर चलो
04:20लेकिन बेला नहीं गई
04:21क्योंकि उसे लूकस की फिक्र थी
04:22उसे लगा अगर वो चली गई
04:24तो पुलिस लूकस को परेशान करेगी
04:26बेला ने लूकस की रक्षा करने का फैसला किया
04:28इसी तरह बेला पकड़ी गई
04:29सौभाग्य से लूकस ने तुरंत जुर्माना भर दिया और उसे छोड़ा लिया
04:33लेकिन स्टाफ ने उसे साफ कह दिया अगर अगली बार बेला पकड़ी गई तो उसे मार दिया जाएगा
04:38बेला को बचाने के लिए लूकस ने शहर छोड़ने का फैसला किया ताकि उसे इस कानून से न जूजना पड़े
04:43लेकिन जाने से पहले उसे बेला को कुछ महीनों के लिए अपने दोस्त के यहां छोड़ना पड़ा
04:47Bela کو انسانوں کے نیم سمجھ نہیں آتے تھے
04:50اسے بس اتنا پتا تھا
04:51کہ وہ Lucas سے دور ہو گئی تھی
04:53مالک کی یاد میں
04:54Bela نے ایک بڑا فیصلہ لیا
04:55مجھے گھر جانا ہے
04:56Lucas کے پاس
04:57وہ ایک سلائڈ کے سہارے دیوار
04:58پھاند کر باہر نکلی
04:59انگنت کھیتوں کو پار کیا
05:01اور سو میل دور
05:02اپنے گھر کی طرف دوڑ پڑی
05:03اسے نہیں پتا تھا
05:04کہ اسی وقت
05:05Lucas بھی اسے لینے کے لیے
05:06سفر پر نکلا تھا
05:07دونوں راستے میں
05:08ایک دوسرے کو
05:09کروس کر گئے
05:09اور اسی طرح
05:10Bela کی دو سال لمبی
05:11گھر واپسی کی
05:12یادرہ شروع ہو گئی
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