00:00मुरली अम्रित की धारा है धारा जो देती दुखों से किनारा
00:11ओम शान्ती आए सुनते हैं
00:28अठारह अप्रेल दोहजार पचीस दिन शुक्रवार की साकर मुरली
00:33शिव बाबा कहते हैं मीठे बच्चे अपने उपर रहम करो
00:38बाप जो मत देते हैं उस पर चलो तो अपार खुशी रहेगी
00:43माया के श्राप से बचे रहेंगी
00:46प्रश्ण
00:47माया का श्राप क्यों लगता है?
00:51श्रापित आत्मा की गति क्या होगी?
00:53उत्तर
00:54एक
00:55बाप और पढ़ाई का ग्यान रत्नों का
00:58निरादर करने से अपनी मत पर चलने से माया का श्राप लग जाता है
01:03दो
01:04आसुरी चलन है
01:06दैवीगुन धारन नहीं करते तो अपने पर बेरहमी करते हैं
01:10बुद्धी को ताला लग जाता है
01:12वह बाप की दिल पर चड़ नहीं सकते
01:14ओम शांती
01:16रुहानी बच्चों को यह तो अब निश्चे है
01:19कि हमको आत्म अभिमानी बनना है
01:22और बाप को याद करना है
01:24माया रुपी रावन जो है
01:26वह श्रापित दुखी बना देता है
01:29श्राप अक्षर ही दुख का है
01:31वर्सा अक्षर सुख का है
01:33जो बच्चे वफादार फर्मान बरदार है
01:36वह अच्छी रीती जानते है
01:39जो नाफर्मान बरदार है
01:41वह बच्चा है नहीं
01:43भल अपने को कुछ भी समझे
01:45परंतु बाप की दिल पर चड़ नहीं सकते
01:48वर्सा पा नहीं सकते
01:50जो माया के कहने पर चलते
01:52और बाप को याद भी नहीं करते
01:55किसको समझा नहीं सकते
01:57गोया अपने को आपे ही श्रापित करते है
02:00बच्चे जानते है
02:02माया बड़ी जबरदस्त है
02:04अगर बेहद के बाप की भी नहीं मानते है
02:07तो गोया माया की मानते है
02:09माया के वश हो जाते है
02:11कहावत है न?
02:13प्रभू की आग्या सिर्मात है
02:14तो बाप कहते हैं
02:17बच्चे, पुरुशार्थ कर बाप को याद करो
02:20तो माया की गोद से निकल प्रभु की गोद में आ जाएंगे
02:24बाप तो बुद्धिवानों का बुद्धिवान है
02:26बाप की नहीं मानेंगे तो बुद्धी को ताला लग जाएगा
02:29ताला खोलने वाला एक ही बाप है
02:32श्रीमत पर नहीं चलते तो उनका क्या हाल होगा
02:36माया की मत पर कुछ भी पदपा नहीं सकेंगे
02:39भल सुनते हैं परन्तु धारणा नहीं कर सकते हैं
02:43न करा सकते तो उसका क्या हाल होगा
02:45बाप तो गरीब निवाज है
02:47मनुष्य गरीबों को दान करते हैं
02:49तो बाप भी आकर कितना बेहत का दान करते है
02:53अगर श्रीमत पर नहीं चलते तो एकदम बुद्धी को ताला लग जाता है
02:57फिर क्या प्राप्ति करेंगे
02:59श्रीमत पर चलने वाले ही बाप के बच्चे ठहरे
03:03बाप तो रहम दिल है
03:04समझते हैं बाहर जाते ही माया एकदम खत्म कर देगी
03:08कोई आप घात करते हैं तो भी अपनी सत्यानाश करते है
03:12बाप तो समझाते रहते हैं अपने पर रहम करो
03:16श्रीमत पर चलो अपनी मत पर नहीं चलो
03:19श्रीमत पर चलने से खुशी का पारा चड़ेगा
03:22लक्षमी नारायन की शक्ल देखो कैसी खुशनुमा है
03:25तो पुरुशार्थ कर ऐसा उंच पद पाना चाहिए ना
03:29बाप अविनाशी ग्यान रत्न देते हैं
03:32तो उनका निरादर क्यों करना चाहिए
03:34रत्नों से जोली भरनी चाहिए
03:36सुनते तो हैं
03:38परंतु जोली नहीं भरते
03:40क्योंकि बाप को याद नहीं करते
03:42आसूरी चलन चलते हैं
03:45बाप बार बार समझाते रहते हैं
03:48अपने पर रहम करो
03:49दैवी गुण धरन करो
03:51वह है ही आसूरी संप्रदाय
03:54उनको बाप आकर परिस्तानी बनाते है
03:57परिस्तान स्वर्ग को कहा जाता है
04:00मनुष्य कितना धक्का खाते रहते है
04:03सन्यासियों आदी के पास जाते हैं
04:06समझते हैं मन को शान्ती मिलेगी
04:09वास्तव में यह अक्षर ही रौंग है
04:11इनका कोई अर्थ नहीं
04:14शान्ती तो आत्मा को चाहिए न
04:16आत्मा स्वयम शान्त स्वरूप है
04:20ऐसे भी नहीं कहते कि आत्मा को कैसे शान्ती मिले
04:24कहते हैं मन को शान्ती कैसे मिले
04:28अब मन क्या है बुद्धी क्या है आत्मा क्या है कुछ भी जानते नहीं
04:35जो कुछ कहते अत्वा करते हैं वह सब है भक्ति मार्ग
04:39भक्ति मार्ग वाले सीड़ी नीचे उतरते उतरते तमो प्रधन बनते जाते हैं
04:45भलक इसको बहुत धन, प्रॉपर्टिया दी है, परंतु हैं तो फिर भी रावन राज्य में ना।
04:51तुम बच्चों को चित्रों पर समझाने की भी बहुत अच्छी प्रेक्टिस करनी है।
04:55बाप सब सेंटर्स के बच्चों को समझाते रहते हैं।
04:59नंबरवार तो है ना, कई बच्चे राजाई पत पाने का पुरुशार्थ नहीं करते, तो प्रजा में क्या जाकर बनेंगे।
05:06सर्विस नहीं करते, अपने पर तरस नहीं आता है कि हम क्या बनेंगे फिर समझा जाता है ड्रामा में इनका पाट इतना है।
05:15अपना कल्यान करने के लिए ग्यान के साथ-साथ योग भी हो।
05:19योग में नहीं रहते तो कुछ भी कल्यान नहीं होता।
05:22योग बिगर पावन बन नहीं सकते।
05:24ग्यान तो बहुत सहज है, परन्तु अपना कल्यान भी करना है।
05:28योग में न रहने से कुछ भी कल्यान होता नहीं।
05:32योग बिगर पावन कैसे बनेंगे।
05:34ग्यान अलग चीज़ है, योग अलग चीज़ है।
05:37योग में बहुत कच्चे हैं, याद करने का अकल ही नहीं आता।
05:41तो याद बिगर विकर्म कैसे विनाश हूं।
05:44फिर सजा बहुत खानी पड़ती है, बहुत पच्चताना पड़ता है।
05:47वह अस्थूल कमाई नहीं करते तो कोई सजा नहीं खाते है।
05:51इसमें तो पापों का बोजह सिर पर है, उसकी बहुत सजा खानी पड़े।
05:55बच्चे बनकर और बेअदब होते हैं तो बहुत सजा मिल जाती है।
06:00बाप तो कहते हैं अपने पर रहम करो, योग में रहो, नहीं तो मुफ्त अपना घात करते हैं।
06:07जैसे कोई उपर से गिरता है, मरा नहीं तो हॉस्पिटल में पड़ा रहेगा, चिलाता रहेगा।
06:13नहेक अपने को धक्का दिया, मरा नहीं, बाकी क्या काम कर रहा।
06:18यहां भी ऐसे है, चड़ना है बहुत उंचा, श्रिमत पर नहीं चलते हैं तो गिर पड़ते हैं।
06:37तो दास-दासी आदी जाकर बनेंगे। फिर सजा भी बहुत कड़ी मिलेगी। उस समय दोनों जैसे धर्मराज का रूप बन जाते हैं।
06:45परन्तु बच्चे समझते नहीं हैं, भूलें करते रहते हैं। सजा तो यहां खानी पड़ेगी न? जितना जो सर्वीस करेंगे, शोभेंगे।
06:55नहीं तो कोई काम के नहीं रहेंगे
06:57बाप कहते हैं दुसरों का कल्यान नहीं कर सकते हो तो अपना कल्यान तो करो
07:03बांधेलियां भी अपना कल्यान करती रहती है
07:06बाप फिर भी बच्चों को कहते हैं खबरदार रहो
07:09नाम रूप में फसने से माया बहुत धोखा देती है
07:13कहते हैं बाबा फलानी को देखने से हमको खराब संकल्प चलते है
07:18बाब समझाते है
07:19करमेंद्रियों से कभी भी खराब काम नहीं करना है
07:23कोई भी गंदा आदमी जिसकी चलन ठीक न हो
07:27तो सेंटर पर उनको आने नहीं देना है
07:29स्कूल में कोई बदचलन चलते है तो बहुत मार खाते है
07:33टीचर्स सब के आगे बतलाते है
07:36इसने ऐसे बदचलन की है
07:39इसलिए इनको स्कूल से निकाला जाता है
07:42तुम्हारे सेंटर्स पर भी ऐसी गंदी द्रिष्टी वाले आते हैं तो उनको भगा देना चाहिए
07:48बाप कहते हैं कभी कुद्रिष्टी नहीं रहनी चाहिए
07:52सर्विस नहीं करते, बाप को याद नहीं करते, तो जरूर कुछ न कुछ गंदगी है
07:58जो अच्छी सर्विस करते हैं उनका नाम भी बाला होता है
08:02थोड़ा भी संकल पाए, कुद्रिष्टी जाए
08:05तो समझना चाहिए माया का वार होता है
08:08एकदम छोड़ देना चाहिए
08:11नहीं तो वृद्धी को पाए नुकसान कर देंगे
08:14बाप को याद करेंगे तो बच्छते रहेंगे
08:17बाबा सब बच्चों को सावधान करते है
08:20खबरदार रहो, कहां अपने कुल का नाम बदनाम नहीं करो
08:25कोई गंधरवी विवाह कर इकटे रहते हैं
08:29तो कितना नाम बाला करते हैं
08:31कोई फिर गंदे बन पड़ते हैं
08:34यहां तुम आये हो अपनी सद गती करने
08:37न कि बुरी गती करने
08:39बुरे ते बुरा है काम, फिर क्रोध
08:42आते हैं बाप से वर्सा लेने लिए
08:44परन्तु माया वार कर श्राब दे देती है
08:47तो एकदम गिर पड़ते हैं
08:49गोया अपने को श्राब दे देते हैं
08:53तो बाप समझाते हैं बड़ी संभाल रखनी है
08:55कोई ऐसा आये तो उनको एकदम रवाना कर देना चाहिए
08:59दिखाते भी है ना
09:01अमरित पीने आये फिर बाहर जाकर असुर्बन
09:05गंद किया
09:06वा फिर यह ग्यान सुनाना सके
09:09ताला बंध हो जाता है
09:11बाप कहते हैं
09:13अपनी सर्विस पर ही ततपर रहना चाहिए
09:15बाप की याद में रहते रहते
09:17पिछाडी को चले जाना है घर
09:19गित भी है ना
09:21रात के राही ठक मत जाना
09:24आत्मा को घर जाना है
09:26आत्मा ही राही है
09:28आत्मा को रोज समझाया जाता है
09:30अब तुम शान्ती धाम जाने के राही हो
09:33तो अब बाप को, घर को और वर्से को याद करते रहो
09:37अपने को देखना है माया कहां धोखा तो नहीं देती है
09:41मैं अपने बाप को याद करता हूँ
09:44उंचते उंच बाप की तरफ ही दृष्टी रहे
09:48यह है बहुत उंच पुरुशार्थ
09:50बाप कहते है बच्चे कुद्रिष्टी छोड़ दो
09:54देह अभिमान माना कुद्रिष्टी
09:57देही अभिमानी माना शुद्ध दृष्टी
10:00तो बच्चों की दृष्टी बाप की तरफ रहनी चाहिए
10:04वर्सा बहुत उंच है
10:06विश्व की बादशाही कम बात है
10:09स्वप्न में भी किसको नहीं होगा कि पढ़ाई से योग से विश्व की बादशाही मिल सकती है
10:15पढ़कर उंच पद पाएंगे तो बाप भी खुश होगा
10:19टीचर भी खुश होगा, सत्गुरु भी खुश होगा
10:22याद करते रहेंगे तो बाब भी पुछकार देते रहेंगे
10:26बाब कहते हैं
10:27बच्चे यह खामिया निकाल दो
10:30नहीं तो मुफ्त नाम बदनाम करेंगे
10:33बाब तो विश्व का मालिक बनाते
10:35सौभगय खोलते है
10:38भारतवासी ही 100% सौभगय शाली थे
10:40सो फिर सो प्रतिशत दुर्भग के शाली बने हैं
10:44फिर तुमको सौभग के शाली बनाने के लिए पढ़ाया जाता है
10:47बाबा ने समझाया है धर्म के जो बड़े-बड़े हैं
10:51वह भी तुम्हारे पास आएंगे
10:52योग सीख कर जाएंगे
10:54म्यूजियम में जो टूरिस्ट आते हैं
10:57उनको भी तुम समझा सकते हो
10:58अब स्वर्ग के गेट्स खुलने हैं
11:01जाट पर समझाओ
11:02देखो तुम फलाने समय पर आते हो
11:05भारत वासियों का पार्ट फलाने समय पर है
11:08तुम यह नौलेज सुनते हो
11:10फिर अपने देश में जाकर बताओ
11:12कि बाप को याद करो
11:14तो तमो प्रधान से सतो प्रधान बन जाएंगे
11:17योग के लिए तो वह चाहना रखते हैं
11:21हट योगी
11:21सन्यासी तो उन्हों को योग सिखला न सकी
11:24तुमारी मिशन भी बाहर जाएगी
11:26समझाने की बड़ी युक्ती चाहिए
11:29धर्म के जो बड़े-बड़े हैं
11:31उन्हों को आना तो है
11:32तुमसे कोई एक भी अच्छी रीतियन नौलेज ले जाए
11:35तो एक से कितने धेर समझ जाएंगे
11:38एक की बुद्धी में आ गया
11:40तो फिर अखबारों आदी में भी डालेंगे
11:43यह भी ड्रामा में नूध है
11:45नहीं तो बाप को याद करना कैसे सीखे
11:48बाप का परिचे तो सबको मिलना है
11:51कोई न कोई निकलेंगी
11:52म्यूजियम में बहुत पुरानी चीजें देखने जाते है
11:56यहाँ फिर तुमारी पुरानी नौलेज सुनेंगे
11:59धेर आएंगे
12:00उनसे कोई अच्छी रीती समझेंगे
12:03यहाँ से ही द्रिष्टी मिलेगी
12:05या तो मिशन बाहर जाएगी
12:07तुम कहेंगे बाप को याद करो
12:09तो अपने धर्म में उच्च पद पाएंगे
12:12पुनर्जन्म लेते लेते
12:14सब नीचे आ गए है
12:15नीचे उतरना माना तमो प्रधान बनना
12:18पोप आदी ऐसे कह न सके
12:21कि बाप को याद करो
12:22बाप को जानते ही नहीं
12:25तुमारे पास बहुत अच्छी नौलेज है
12:27चित्र भी सुन्दर बनते रहते है
12:29सुन्दर चीज होगी
12:31तो म्यूजियम और ही सुन्दर होगा
12:33बहुत आएंगे देखने के लिए
12:35जितने बड़े चित्र होंगे
12:37उतना अच्छी रीती समझा सकेंगे
12:39शौक रहना चाहिए
12:41हम ऐसे समझाए
12:42सदा तुमारी बुद्धि में रहे कि
12:45हम ब्रामन बने हैं
12:46तो जितनी सर्विस करेंगे
12:48उतना बहुत मान होगा
12:49यहां भी मान तो वहां भी मान होगा
12:52तुम पूज्य बनेंगे
12:54ये ईश्वर ये नौलेज धारन करनी है
12:56बाप तो कहते हैं
12:58सर्विस पर दोड़ते रहो
12:59बाप कहां भी सर्विस पर भेजे
13:02इसमें कल्यान है
13:04सारा दिन बुद्धि में सर्विस के खयाल चलने चाहिए
13:08फॉरेनर्स को भी बाप का परिचे देना है
13:11Most Beloved बाप को याद करो
13:14कोई भी देहधारी को गुरु नहीं बनाओ
13:17सबका सद्गति दाता वह एक बाप है
13:29वर्सा भी हुलसेल देते है
13:3121 जन्म के लिए विश्व की राजाई लो
13:34मुख्य चित्र हैं ही त्रिमूर्ती, गोला, ज्जाड, सीढ़ी, विराट रूप का चित्र
13:40और गीता का भगवान कौन
13:43यह चित्र तो फर्स्ट क्लास है
13:46इसमें बाप की महिमा पूरी है
13:48बाप नहीं कृष्ण को ऐसा बनाया है
13:51यह वर्सा गौड फादर ने दिया
13:53कल्यूग में इतने धेर मनुष्य है
13:56सत्यूग में थोड़े है
13:57यह फेर घेर, अदली बदली
14:00किसने की?
14:02जरा भी कोई नहीं जानते है
14:03तो टूरिस्ट बहुत करके
14:05बड़े-बड़े शेहरों में जाते है
14:07वह भी आकर बाप का परीचे पाएंगे
14:10पॉइंट्स तो सर्विस की बहुत मिलती रहती है
14:12विलायत में भी जाना है
14:14एक तरफ तुम बाप का परीचे देते रहेंगे
14:17दूसरे तरफ मारा-मारी चलती रहेगी
14:20सत्यूग में थोड़े मनुष्य होंगे
14:22तो जरूर बाकी का विनाश होगा न
14:24वर्ल्ड की हिस्ट्री जोग्राफी रिपीट होती है
14:27जो हो गया वो फिर रिपीट होगा
14:30परंतु किसको समझाने का भी अकले चाहिए
14:33अच्छा
14:35मीठे मीठे सिकील्धे बच्चों
14:39प्रती मात पिता बाप दादा का याद प्यार
14:42और गुड मॉर्निंग
14:44रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते
14:46हम रूहानी बच्चों की रूहानी मात पिता बाप दादा को
14:51याद प्यार, गुड मॉर्निंग और नमस्ते
14:54धारणा के लिए मुख्य सार
14:571. सदा एक बाप की तरफ ही द्रिष्टी रखनी है
15:03देही अभिमानी बनने का पुरुशार्थ कर माया के धोखे से बचना है
15:09कभी कुद्रिष्टी रख अपने कुल का नाम बदनाम नहीं करना है
15:132. सर्विस के लिए भाग दोड करते रहना है
15:19सर्विसेबल और आज्याकारी बनना है
15:23अपना और दूसरों का कल्यान करना है
15:26कोई भी बच्चलन नहीं चलनी है
15:28वर्दान
15:30फुल स्टॉप की स्टेज द्वारा प्रकृतिक की हल्चल को स्टॉप करने वाले
15:34मास्टर प्रकृति पतिभव
15:37वर्तमान समय हल्चल बढ़ने का समय है
15:40फाइनल पेपर में एक तरफ प्रकृति का और दूसरी तरफ पांच विकारों का विक्राल रूप होगा
15:46तमोगुणी आत्माओं का वार और पुराने संसकार, सब लास्ट समय पर अपना चांस लेगे।
15:54ऐसे समय पर समेटने की शक्ति द्वारा अभी-भी साकारी, अभी-भी आकारी और अभी-भी निराकारी स्थिती में स्थित होने का अभ्यास चाहिए।
16:04देखते हुए न देखो, सुनते हुए न सुनो, जब ऐसी फुल स्टॉप की स्टेज हो, तब प्रकृती पती बन, प्रकृती की हल्चल को स्टॉप कर सकेंगे।
16:15स्लोगन
16:16निर्विग्न राज्य अधिकारी बनने के लिए निर्विग्न सेवाधारी बनो।
16:20अव्यक्त इशारे
16:22कंबाइंड रूप की स्मृति से सदा विजई बनो
16:26सदा यही स्मृति रहे
16:28कि मैं रूप उस सुप्रीम रूप के साथ कंबाइंड हू
16:32सुप्रीम रूप मुझे रूप के बिना रह नहीं सकते
16:36और मैं भी सुप्रीम रू के बिना अलग नहीं हो सकता
16:39ऐसे हर सेकंड हजूर को हाजिर अनुभो करने से
16:43रूहानी खुश्बू में अभिनाशी और इक्रस रहेंगे
16:47ओम शांती
17:06ये समय है बड़ा वर्दानी